डॉक्टर कैसे बने?

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how to become a doctor

जीवन में हर कोई सक्सेसफुल या महान इंसान बनना चाहता है पढ़ लिख कर आगे बढ़ना चाहते हैं । हर कोई किसी न किसी तरीके से लाइफ में आगे बढ़ते हैं जैसे डॉक्टर बनकर, इंजीनियरिंग बनकर या वकील बनकर । परंतु उन्हें रास्ता ही नहीं पता होता कि हम हमारे जीवन में  अपने उद्देश्य को  कैसे प्राप्त करें । 

डॉक्टर कैसे बने पढ़ लिख कर,  उस का क्या तरीका है इस आर्टिकल में उसकी पूरी जानकारी दी जाएगी । डॉक्टर बनना हर किसी की बात नहीं है इसलिए हमें कड़ी मेहनत और ध्यान से पढ़ाई करनी पड़ती है मन लगाकर जिससे हम सक्सेसफुल डॉक्टर बन सकते हैं साथ ही साथ हमें पढ़ाई का ख़र्चा भी ना पड़ता है। 

डॉक्टर कैसे बने डॉक्टर बनने के लिए कुछ चीजें जरूरी है जैसे आपके पास पीसीबी सब्जेक्ट होना जरूरी है 12वीं कक्षा में कम से कम 50 पर सेंट मार्क्स होना जरूरी है, साथ ही साथ अंग्रेजी भाषा भी अच्छी होनी चाहिए और सबसे ज्यादा  हार्ड वर्क होना काफी ज्यादा जरूरी है ।

नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आप अच्छे डॉक्टर बन सकते हैं। 

1) जब आप दस वीं पास करते हैं उसके बाद ११वीं और १२वीं कक्षा में आपको साइंस के अंदर बॉयोलॉजी सब्जेक्ट का चुनाव करना होगा तभी आप डॉक्टर बन सकते हैं। बॉयोलॉजी के साथ-साथ फ़िज़िक्स और केमिस्ट्री की पढ़ाई भी अच्छे से करें।  12 क्लास के बाद कॉलेज में प्रवेश के लिए आपको एंट्रेंस एग्जाम भी क्लियर करना होगा एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करने के बाद अब डॉक्टर बन सकते हैं , हालांकि एंट्रेंस एग्जाम बहुत ही कठिन होती है इसमें बहुत सारे बच्चे भाग लेते हैं । इसकी तैयारी आपको पहले से ही शुरू करनी होगी नहीं तो आप एंट्रेंस एग्जाम अच्छे से पास नहीं हो पाएंगे।

डॉक्टर कैसे बने यह जानने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें

Credits – Study Buddy Club

2) एंट्रेंस एग्जाम में बैठने के लिए 12वीं में कम से कम 5०% मार्क्स होना जरूरी है सब्जेक्ट को रट्टा ना मारे समझे क्योंकि एंट्रेंस एग्जाम में 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ाई गए विषय के अधीन ही एग्जाम में सवाल तैयार किए जाते हैं। एग्जाम की तैयारी 11वीं से ही शुरु कर दे इसके लिए आप कोचिंग क्लास भी जा सकते हैं जहां आपको टिप्स दी जाती है एग्जाम की तैयारी करने के लिए । डॉक्टर कैसे बने ? अगर आपके पास फ़ीस के लिए पैसे नहीं है तो आप घर बैठे इंटरनेट के माध्यम के द्वारा एग्जाम की तैयारी भी कर सकते हैं । 

नीट एग्जाम का पैटर्न – डॉक्टर कैसे बने

परीक्षा लेने का माध्यम ऑफलाइन परीक्षा
कौन सी भाषाओं में दे सकते हैं अंग्रेजी, हिन्दी, बंगाली, तमिल, तेलुगू, मराठी, गुजराती और असमी
अंक सही जवाब देने पर 4 अंक मिलते हैं
गलत जवाब हर एक गलत जवाब पर एक अंक काटा जाता है

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पूछे जाने वाले विषय और उनके अंक

नंबर विषय
1 फिजिक्स Physics
2 जूलॉजी  Zoology
3 बॉटनी Botany
4 केमिस्ट्री Chemistry
कुल 180

एमबीबीएस एम्स एग्जाम का पेपर पैटर्न 

यह एम्स की एग्जाम दिल्ली द्वारा आयोजित की जाती है ‌।

  प्रश्नों 200
माध्यम कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी)
समय 3 ½ घंटे
भाषा हिन्दीअंग्रेजी
अंक सही जवाब देने पर एक अंक मिलता है
गलत जवाब गलत जवाब देने पर 1/3 मार्क्स काटा जाता है
नंबर विषय
1 केमिस्ट्री
2 बायोलॉजी
3 फिजिक्स
4 सामान्य ज्ञान
कुल (720 ) ७२०

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3) अच्छे मार्क्स से पास होने के बाद और एग्जाम की तैयारी होने के बाद आप फॉर्म भर सकते हैं एंट्रेंस एग्जाम के लिए या फिर अब जब फाइनल एग्जाम मैं हो 12वीं कक्षा में तब आप स्टेट लेवल ऑल इंडिया मेडिकल एग्जाम का फॉर्म भर सकते हैं । 

डॉक्टर कैसे बने ? परीक्षा खंड में बैठने के लिए आपकी आयु 17 से लेकर 25 वर्ष तक होनी चाहिए । रिजल्ट डि क्लेयर होने पर काउंसिलिंग होती है उसके  आधार पर रैंक निकलता है , अच्छे मार्क्स प्राप्त करने पर आपको गवर्नमेंट कॉलेज में भी एड मिशन मिल सकता है वहां फीस बहुत कम लगती है। एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करने के बाद कॉलेज में एड मिशन मिलने पर आपको वहां मन लगाकर अच्छे से ४.५ साल तक पढ़ाई करनी होगी इससे आप सफल डॉक्टर बन सकते हैं , फिर १ साल के लिए आपको मेडिकल कॉलेज में इंटर शिप भी करनी होगी फिर आप एमबीबीएस डॉक्टर बन सकते हैं । 

मतलब आप ५.५ साल तक पढ़ाई करने के बाद आप एमबीबीएस डॉक्टर बन सकते हैं । किसी भी अस्पताल में डॉक्टर बनने के लिए एमसीआई मेडिकल काउंसलिंग ऑफ इंडिया की डिग्री होना जरूरी है । अगर आपको आगे और पढ़ाई करनी हो तो आप पोस्ट ग्रेजुएशन कर सकते हैं किसी भी फ़ील्ड में स्पेशलिस्ट बन सकते हैं । 

आर्मी में डॉक्टर कैसे बनें

आर्मी में डॉक्टर बनने के लिए या तो आप दूसरे कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद आर्मी जॉइन कर सकते हैं या फिर अपना एमबीबीएस का कोर्स ओएफ़एमसी (आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज) से कर सकते हैं। आर्मी में रिक्रूटमेंट या तो परमानेंट कमीशन (पीसी) से होता है या शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) से। 50% जो पास आउट्स होते हैं एएफ़एमसी के उनको डायरेक्टली परमानेंट कमीशन मिलती है और बाक़िओं को शॉर्ट सर्विस कमीशन ऑफर होती है। जो डॉक्टर सिविल मेडिकल कॉलेज से आते हैं उनको एंट्री एसएससी में मिलती है। एसएससी का कार्यकाल 5 साल का होता है जो और 9 साल तक के लिए बढ़ सकता है, दो भागों में – पहला 5 साल का और दूसरा 4 साल का। कुल मिलाकर एसएससी का कार्यकाल 14 साल तक का होता है। जो एएफ़एमसी वाले ग्रेजुएट्स होते है जिनको एसएससी ऑफर होता है उनको कम से कम 7 साल के लिए सर्वे करना होता है जो और 7 साल के लिए बढ़ सकता है।

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डॉक्टर के प्रकार

डॉक्टर  अलग प्रकार के होते हैं जैसे 

  • एमबीबीएस का पूरा नाम ( बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी ), 
  • बी डीएस का पूरा नाम( बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी ),
  • बीए एमएस का पूरा नाम ( बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी ) ,
  • बीएचएमएस  का पूरा नाम   ( बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी ) ,
  • बीएससी नर्सिंग का पूरा नाम( बैचलर ऑफ साइंस इन नर्सिंग )
  • एमडी का पूरा नाम( डॉक्टर ऑफ़ मेडिसिन )

 यह सबसे बड़ी डिग्री है डॉक्टर की, जो 3 वर्ष का कोर्स है। डी एम ( डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन )इसके बाद पढ़ाई की जाती है । 

डॉक्टर बनने के लिए कितने साल का कोर्स होता है

डॉक्टर कैसे बने? नाइन सेमेस्टर एमबीबीएस कोर्स में होते हैं, 541 कॉलेज है भारत में , इसमें 82926 सीट एमबीबीएस मेडिकल की होती है । सरकारी सीट 278 और निजी संस्थान की  236 सीट होती है ।

कॉलेज की फ़ीस – डॉक्टर कैसे बने

 नीचे दी गई फ़ीस सरकारी कॉलेज की है जिसमें एमबीबीएस का कोर्स पढ़ाया जाता है । १००० रुपया के आसपास फ़ीस एम्स की है, 4 से 7००० रुपए दिल्ली की फ़ीस है, 20 से 3०००० रुपए यूपी और आई पी यूनिवर्सिटी की है, 5 से 6 लाखों रुपए  अन्य कुछ विद्यालयों की 1 साल की फ़ीस है । 

डॉक्टर कैसे बनेसैलरी

एमबीबीएस डॉक्टर की सैलरी इंस्टिट्यूट के आधार पर होती है ।

एमबीबीएस डॉक्टर बनने के बाद

एमबीबीएस डॉक्टर बनने के बाद आप एडवांस कोर्स कर सकते हैं। 

  • डॉक्टर ऑफ मेडिसिन  (एमडी)
  • मास्टर ऑफ सर्जरी (एमएस)

डॉक्टर बनने के बाद कौन सी जॉब कर सकता है

  • रिसर्च इंस्टीट्यूट
  • हॉस्पिटल
  • मेडिकल कॉलेज
  • मेडिकल ट्रस्ट
  • फार्मास्युटिकल और बायो टेक्नोलॉजी कंपनियां  ,आदि ।

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RMP डॉक्टर कैसे बनते हैं

भारत में RMP डॉक्टर यानी “Registered Medical Practitioner Doctor”बनने के लिए डॉक्टरी में आपकी कुछ वर्षों का काम का अनुभव होना चाहिए। वहीं अगर बात की जाएं की आऱएमपी डॉक्टर बनने की शुरूआत कैसे हुई तो इंडियन मेडिकल काउंसिल (संशोधन) अधिनियम 1956 के अनुसार, बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस) एक पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर (आरएमपी) बनने के लिए बुनियादी योग्यता मानी जाती है। RMP Doctor के रूप में रजिस्ट्रेशन करने के लिए, आपके पास एलोपैथिक, यूनानी, होम्योपैथी या आयुर्वेदिक संबंधित चिकित्सा पद्धति में आवश्यक योग्यता होनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के पास यह आवश्यक योग्यता है तो वह इसके लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में RMP डॉक्टर बनने के लिए आवेदन कर सकता है।

आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बने

आयुर्वेदिक डॉक्टर के बारे में वैसे तो काफी कम लोगों को ही पता होता हैं। लेकिन प्राचीन काल में आयुर्वेदिक डॉक्टर की काफी ज्यादा भूमिका थी। प्राचीन काल के दौरान आयुर्वेदिक डॉक्टर पेड़-पौधों की जड़ी – बूटियों से बनी दवाओं का प्रयोग करके लोगों का इलाज करते थे। अब जमाना बदल गया है। अब बहुत कम ही लोग इस आयुर्वेदिक डॉक्टर बनते हैं। लेकिन आज भी भारत में ऐसे कई लोग है जिनका आयुवेद पर पूरा भरोसा है और वे अपनी बीमारी का इलाज आज भी आयुर्वेदिक दावाओं के प्रयोग से करते हैं। इसके अलावा कई लोगों का ये भी मानना है कि एलोपैथिक दवाओं के बढ़ते दुष्प्रभाव से बचने के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर से इलाज कराते हैं। आयुर्वेदिक डॉक्टर आयुर्वेदिक दवाइयों का प्रयोग करते है जिनका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है। इससे लोगों के शरीर पर कोई भी दुष्प्रभाव नही पड़ता है।

आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए योग्यता

आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए आपको बीएएमएस की डिग्री प्राप्त करनी होगी। तब जाकर आपको इसकी उपाधि मिलेगी। BAMS full form होता है Bachelor Of Ayurvedic Medicine & Surgery। यह कोर्स कुल 5 साल 6 महीने का होता है। बीएएमएस की कुल अवधि 1 साल की इंटर्नशिप के साथ-साथ साढ़े 5 साल की होती है। जो छात्र इस कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं, उनके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता Physics, Chemistry and Biology के साथ 12वीं पास होना चाहिए। कई प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से इस कोर्स में दाखिले की योग्यता बनती है। एमबीबीएस कर चुके छात्र भी आयुर्वेद में Postgraduate course में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

कम पैसे में डॉक्टर कैसे बने

एमबीबीएस की पढ़ाई कराने के लिए अब काबिल छात्रों के मां-बाप को कर्ज या बैंक लोन लेना की जरूरत नहीं होगी। अब महीने में छह से सात हजार रुपए कमाने वाला मजदूर व कर्मचारी भी अपने बच्चे को डॉक्टर बना सकेगा। ऐसा इसलिए संभव हो सकेगा क्योंकि जल्द ही ईएसआईसी मेडिकल कालेज शुरू होने वाले है। इसमें ईएसआई कार्डधारक कर्मचारी के बच्चे के लिए एमबीबीएस की सीटें आरक्षित रखी गई हैं। इसमें वे बेहद कम रेट पर अपने बच्चों की डाक्टरी की पढ़ाई करा सकते।

कौन ले सकते है दाखिला

मेडिकल कालेज के पहले सत्र में एमबीबीएस की कुल सौ सीटें होंगी। 15 प्रतिशत सीटों पर डिस्ट्रीब्यूशन सेंट्रल गवर्नमेंट करेगी। बाकी बची 85 प्रतिशत सीटों में से 43 प्रतिशत राज्य के छात्रों के लिए व 42 प्रतिशत सीटें ईएसआई कार्ड धारकों के बच्चों के लिए रिजर्व होंगी। अगर ईएसआई कार्ड धारकों के लिए रिजर्व सीटें खाली रह जाती हैं तो उन पर राज्य के छात्रों को एडमिशन दिया जाएगा।

नहीं लेना पड़ेगा कर्ज

एक मजदूर अपने बच्चे को एमबीबीएस की पढ़ाई करवाने के बारे में बेहद कम सोचता है। क्योंकि एमबीबीएस में ही 30 से 40 लाख रुपए से अधिक का खर्च आता है। अगर किसी का बच्चा पढ़ाई में बेहद अच्छा है तो भी उस मजदूर को उसकी पढ़ाने के लिए मोटा कर्ज लेना पड़ता है। इससे मजदूर को अपने बच्चे को डाक्टर बनाने के लिए कोई कर्ज लेना पड़ेगा।

होम्योपैथी डॉक्टर कैसे बनें

होम्‍योपैथी एक ऐसी पद्धति है जिसमें उपचार में तो समय लगता है लेकिन यह किसी भी बीमारी को जड़ से खत्म कर देती है। यही वजह है जिसके कारण यह पद्धति तेजी से लोकप्रिय हो रही है। अगर आप चाहें तो इस क्षेत्र में अपना भविष्य देख सकते हैं। इस क्षेत्र की खासियत यह है कि यह आर्थराइटिस, डायबिटीज, थायरॉइड और अन्य तमाम गंभीर मानी जाने वाली बीमारियों का प्रभावी इलाज करती है और वह भी बिना किसी साइड इफेक्ट के। आमतौर पर यह धारणा है कि होम्‍योपैथी दवाईयों का असर बहुत देर से होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। दरअसल, यह पद्धति केवल पुरानी और गंभीर बीमारियों को पूरी तरह ठीक करने में थोड़ा समय लेती है, अन्यथा बुखार, सर्दी-खांसी या अन्य मौसमी या छोटी-मोटी बीमारियों में होम्‍योपैथिक दवाएँ उतनी ही तेजी से असर करती हैं, जितनी कि अन्य पद्धतियों की दवाएँ।

कैसे हुई होम्योपैथी की शुरुआत

भारत में होम्‍योपैथी शिक्षा की शुरुआत 1983 में ग्रेजुएट लेवल और डिप्लोमा कोर्स से हुई। इस समय देश में 186 होम्‍योपैथिक मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें से 35 सरकारी कॉलेज हैं। शेष निजी संस्थाओं द्वारा संचालित हैं। होम्‍योपैथी डॉक्टर बनने के लिए कई कोर्स हैं। इनमें सबसे आरंभिक कोर्स है – बैचलर ऑफ होमियोपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी यानी बीएचएमएस। इनमें प्रवेश के लिए आपको फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और अंग्रेजी विषयों के साथ कम से कम 45 प्रतिशत अंकों से 12वीं पास होना आवश्यक है।

आशा करते हैं कि डॉक्टर कैसे बने इसकी जानकारी आपको अच्छे से मिली और उपयोगी रही होगी । जितना हो सके उतना इसे अपने परिवार और दोस्तों को बताइए और शेयर कीजिए ताकि उनको भी जीवन में लाभ हो। हमारे Leverage Edu  के एक्सपर्ट्स आपको सभी जानकारी देंगे और आपकी सहायता करेंगे। 

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