पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करने के बाद इंजीनियर कैसे बनें?

1 minute read
42 views
पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करने के बाद इंजीनियर कैसे बनें

पॉलिटेक्निक कोर्स के बारे में हम सब ने सुना है। एक प्रकार से देखें तो यह इंजीनियरिंग की पहली सीढ़ी के रूप में भी जाना जाता है। इन कोर्सेज का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उस विशेष क्षेत्र में प्रैक्टिकल स्किल्स प्रदान करना होता है, ताकि इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए आपको आसानी होगी। पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करने के बाद इंजीनियर कैसे बनें इसके बारे में इस ब्लॉग में विस्तार से बताया गया है।

इंजीनियर कौन होते हैं? 

इंजीनियर, इंजीनियरिंग के व्यवसायी के रूप में ऐसा प्रोफेशन हैं जो प्रैक्टिकलिटी,रेगुलेशन, सुरक्षा और लागत द्वारा लगाई गई सीमाओं पर विचार करते हुए कार्यात्मक उद्देश्यों और आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मशीनों, कॉम्प्लेक्स सिस्टम्स, स्ट्रक्चर, गैजेट्स और सामग्रियों का इन्वेंशन, डिजाइन, एनालिसिस, निर्माण और परीक्षण करते हैं।

इंजीनियर क्यों बनें?

इंजीनियर क्यों बनें इनके कुछ कारण नीचे दी गई है-

  • इंजीनियर बनने से अच्छा कम्युनिकेशन स्किल्स और टीम में काम करने की स्किल्स का विकास होता है।
  • बायोमेडिकल इंजीनियर के रूप में आपको बायोलॉजी तथा इंजीनियरिंग दोनों पढ़ने का मौका मिलेगा इस क्षेत्र में मेडिकल के फील्ड में जितने भी मशीन का इस्तेमाल होता है। वहीं एयरोनॉटिकल इंजीनियर के रूप में स्पेस या अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले रॉकेट मिसाइल एयरक्राफ्ट इत्यादि इन जैसे बड़े-बड़े मशीनों पर अध्ययन करने को मिलता है।
  • केमिकल इंजीनियरिंग में रसायनिक विज्ञान, फिजिक्स और मैथ की मदद से कच्चे माल को केमिकल का उपयोग करके उपयोगी प्रोडक्ट्स जैसे कपड़े, खाने-पीने की चीज़ें में कैसे बदला जाता है यह सीखने को मिलता है।
  • कम्युनिकेशन इंजीनियर उन प्रणालियों का समर्थन करते हैं जो सूचना को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करती हैं। कम्युनिकेशन इंजीनियर टेली कम्युनिकेशंस, इंटरनेट टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्किंग, ब्रॉडबैंड टेक्नोलॉजी और रेडियो कम्युनिकेशन सहित कई क्षेत्रों में काम करते हैं। जोकि एक अच्छा करियर ऑप्शन है।
  • इंजीनियरिंग में कई सारी जॉब प्रोफाइल्स हैं जिनमें से आप अपनी रुचि व सब्जेक्ट के अनुसार चुन सकते हैं और ना सिर्फ निजी क्षेत्रों में बल्कि सरकारी क्षेत्रों में भी में नौकरी का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

एक इंजीनियर क्या करता है?

इंजीनियर के कुछ महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में नीचे बताया गया है-

  • एक इंजीनियर कॉम्प्लेक्स समस्याओं को हल करने के लिए विज्ञान, टेक्नोलॉजी और गणित के संयोजन का उपयोग करता है। 
  • वे विभिन्न प्रकार के बुनियादी ढांचे, मशीनरी और डेटा सिस्टम के आविष्कार, डिजाइन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार हैं। 
  • वे नए प्रोडक्ट्स की टेस्टिंग, प्रोडक्शन और रखरखाव की प्रक्रिया में भी अत्यधिक शामिल हैं और नई संरचनाओं और मशीनरी के प्रोडक्शन और डिजाइन के लिए बड़े पैमाने पर कंप्यूटर का उपयोग करते हैं। 
  • इंजीनियर कई क्षेत्रों में काफी कुशल हैं और वे निर्माण से लेकर मानव जीनोम के कॉम्प्लेक्स मैप्स तक कई क्षेत्रों में काम कर सकते हैं। 

पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करने के बाद इंजीनियर बनने के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइड

पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करने के बाद इंजीनियर कैसे बनें इसके लिए छात्र के पास दो ही विकल्प हैं – या तो वो रेगुलर B Tech करें अथवा AIME करें। रेगुलर B Tech के साथ आप नौकरी नही कर सकते वहीं AIME ऐसा विकल्प है जिसमें आप पढ़ाई के साथ नौकरी भी कर सकते हैं। 

अपनी रुचि की इंजीनियरिंग शाखा चुनें

इंजीनियरिंग के कई क्षेत्र हैं और उनमें से प्रत्येक के अपने अलग फायदे और अवसर हैं। इसलिए अपने वांछित क्षेत्र की पहचान करना महत्वपूर्ण हो जाता है जो सिविल इंजीनियरिंग या ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग हो सकता है। एक ऐसा क्षेत्र चुनें जिसमें आपकी काफी रुचि हो और जिसमें नौकरी की कई संभावनाएं हों। इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि आप एक ऐसा क्षेत्र चुनते हैं जो आपको एक अच्छी आय अर्जित करने देता है। 

सही प्रोग्राम चुनें

इंजीनियरिंग डिग्री, सर्टिफिकेट, पॉलिटेक्निक, सहयोगी के साथ-साथ डिप्लोमा कोर्स की एक विविध श्रृंखला से भरा है। यदि आप 10वीं के बाद इंजीनियर बनना चाहते हैं, तो डिप्लोमा या पॉलिटेक्निक कोर्स का विकल्प चुनना बेहतर है या आप BiPC सब्जेक्ट के साथ साइंस स्ट्रीम चुन सकते हैं। इसके अलावा, 12वीं के बाद इंजीनियर बनने के लिए, आपको निम्नलिखित में से किसी भी प्रकार की इंजीनियरिंग डिग्री का विकल्प चुनना होगा-

सही विश्वविद्यालय का चयन करें

दुनिया भर में कई कॉलेज हैं जो इंजीनियरिंग की कुछ शाखाओं की पेशकश करते हैं। उनमें से कई में डिप्लोमा, PhD कोर्स, बीटेक और एमटेक कोर्स, बीई और एमई कोर्स, विभिन्न विशेषज्ञताओं में एमएससी और बीएससी कोर्स। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि आप सावधानीपूर्वक एक विश्वविद्यालय/कॉलेज चुनें जो आपकी वांछित विशेषज्ञता और कार्यक्रम सिखाए। इसके अलावा सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश करना मुश्किल है, इसलिए प्रवेश परीक्षा की पूरी तैयारी करना और एक मजबूत एप्लीकेशन रखना हमेशा बेहतर होता है। 

विदेश में प्रोग्राम खोजें

कई विकासशील देशों में इंजीनियरों की बहुत मांग है। यदि आपने भारत में अपनी ग्रेजुएट की डिग्री के लिए अध्ययन किया है, तो आप अंतरराष्ट्रीय योग्यता प्राप्त करने के लिए हमेशा विदेश में मास्टर प्रोग्राम का विकल्प चुन सकते हैं। इंजीनियरिंग के लिए शीर्ष देश संयुक्त राज्य अमेरिका, यूके, कनाडा, जर्मनी, दूसरों के बीच हैं, और ये सभी कई छात्रवृत्ति के साथ-साथ फाइनेंस पोषण के अवसरों के साथ विश्व स्तरीय इंजीनियरिंग कार्यक्रम प्रदान करते हैं।

इंटर्नशिप

इंटर्नशिप कौशल सीखने और कुछ व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का एक शानदार तरीका है। चूंकि इंजीनियरिंग एक बहुत ही व्यावहारिक क्षेत्र है जिसके लिए अनुभव की आवश्यकता होती है, अच्छी तरह से प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ इंटर्नशिप करना आपके लिए अच्छा हो सकता है। यह आपके रेज़्यूमे के लिए एक बढ़िया अतिरिक्त होगा और आपको भविष्य में आपके द्वारा की जाने वाली किसी भी नौकरी के लिए चुने जाने का एक बड़ा मौका देता है। इंजीनियरिंग क्षेत्रों में इंटर्नशिप ऑन-फील्ड परियोजनाओं को लेने और अनुभव हासिल करने का एक शानदार अवसर प्रदान कर सकती है। यहां आपके लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय इंटर्नशिप हैं!

वर्क शैडोइंग प्रोजेक्ट्स 

वर्क शैडोइंग या जॉब शैडोइंग में नौकरी की भूमिका की बेहतर समझ हासिल करने के लिए अपने विशेष क्षेत्र में एक प्रोफेशन को देखना शामिल है। छात्र प्रतिष्ठित कंपनियों या इन कंपनियों की एचआर टीमों से संपर्क कर सकते हैं और छायांकन के अवसरों के बारे में पूछताछ कर सकते हैं। जॉब शैडोइंग आपको नौकरी की भूमिका और उद्देश्य को बेहतर ढंग से समझने की अनुमति देता है और आपको एक इंजीनियर के दिन-प्रतिदिन के कामकाज की बेहतर समझ देता है। 

उपयुक्त नौकरियों के लिए आवेदन करें

अगला कदम प्रतिष्ठित फर्मों और कंपनियों के साथ नौकरियों के लिए आवेदन करना है। कभी-कभी, आपकी इंटर्नशिप को एक अच्छे वेतन पैकेज के साथ पूर्णकालिक नौकरियों में भी बदला जा सकता है यदि कंपनी आपके प्रदर्शन से खुश है। हालांकि, यदि आप स्वतंत्र रूप से या कैंपस साक्षात्कार के माध्यम से आवेदन कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपका रेज़्यूमे अपडेट किया गया है और आपके सभी कौशल और अनुभवों का उल्लेख है। कभी-कभी, नौकरी हासिल करना या प्रसिद्ध फर्मों के साथ साक्षात्कार भी मुश्किल हो सकता है। ऐसे मामलों में, आप हमेशा छोटी फर्मों में एक इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू कर सकते हैं और शीर्ष पर अपना रास्ता बना सकते हैं। जल्दी या बाद में, आपको अपने काम के लिए पहचान मिलेगी और प्रतिष्ठित कंपनियों से उत्कृष्ट प्रस्ताव प्राप्त होंगे। 

रेगुलर बीटेक और ए.एम.आई.ई. में अंतर 

रेगुलर बीटेक और ए.एम.आई.ई. के मध्य अन्तर नीचे बताए गए हैं-

  • पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करने के बाद इंजीनियर कैसे बनें इसके लिए आप किसी भी निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में सीधे द्वितीय वर्ष से एडमिशन ले सकते हैं, जबकि गवर्नमेंट कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए आपको 12वीं के बाद JEE mains या JEE Advance एंट्रेंस एग्ज़ाम देना होगा। इसके विपरीत यदि आप पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करने के बाद इंजीनियर करने के लिए ए.एम.आई.ई. को भी चुन सकते हैं। ए.एम.आई.ई.की परीक्षा द् इंस्टीटयूशन आफ इंजिनियर्स(इंडिया) द्वारा आयोजित की जाती है। परीक्षा जून व दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में होती हैं। डिप्लोमा होल्डर के लिये कुल 13 पेपर हैं – सेक्शन ए में 4 व सेक्शन बी मे 9 पेपर होते हैं।
  • रेगुलर बीटेक और ए.एम.आई.ई. दोनों में ही आप अपनी रूचि के अनुसार किसी भी ब्रांच (सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रीकल, इलेक्ट्रानिक्स, कंप्यूटर, कैमिकल, माइनिंग, टेक्सटाइल, प्रोडक्शन व मैटलर्जी) को चुन सकते हैं। बीटेक के लिए कई कॉलेज उपलब्ध हैं वहीं ए.एम.आई.ई. के पूरे भारत में कुल 69 स्थानों पर परीक्षायें होती हैं। भारत से बाहर भी परीक्षायें होती हैं- गल्फ देशों मे। वर्तमान में कुल 5 लाख से ज्यादा डिप्लोमा धारक ए.एम.आई.ई.कर रहें हैं। अगर आपने डिप्लोमा हिन्दी माध्यम से किया है तो आप ए.एम.आई.ई. हिन्दी माध्यम से भी कर सकते हैं लेकिन बीटेक इंग्लिश मीडियम से होती है।
  • बीटेक के लिए भारत में और विदेशों में कई सेंटर्स उपलब्ध हैं वहीं द् इंस्टीटयूशन आफ इंजिनियर्स(इंडिया) के पूरे भारत मे 125 से सेंटर हैं तथा भारत से भाहर गल्फ शहरों जैसे बहरीन, दोहा, दुबई, कुवैत, आबूधाबी इत्यादि मे भी सेंटर हैं।
  • ए.एम.आई.ई.परीक्षा देने से पूर्व सदस्यता लेनी होती है जिसका शुल्क मात्र INR 8,050 होता है। अतः संभवतः यह सबसे सस्ती डिग्री है। परीक्षा की तैयारी के लिये अच्छी पाठन सामग्री ए.एम.आई.ई.स्टडी सर्किल के पास उपलब्ध है। डिप्लोमा के बाद आप ए.एम.आई.ई.स्टडी सर्किल से एडमिशन पॅकेज भी ले सकते हैं। जबकि रेगुलर कॉलेज से बीटेक करने के लिए ऐसी कोई शर्त नहीं है।
  • ए.एम.आई.ई. के माध्यम से इंजीनियरिंग करना रेगुलर कॉलेज से बीटेक करने से ज्यादा सस्ता है। 
  • ए.एम.आई.ई. के बाद प्लेसमेंट की सुविधा भी उपल्ब्ध है। यह प्लेसमेंट द इंस्टीट्यूशन आफ इंजीनीयर्स के वार्षिक समारोह मे होता है। प्लेसमेंट की सुविधा रेगुलर कॉलेज से बीटेक करने पर भी उपलब्ध होती है। 

आप AI Course Finder की मदद से अपने पसंद के कोर्सेस और यूनिवर्सिटीज का चयन कर सकते हैं।

विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज़

इंजीनियर कैसे बनें इस सवाल के जवाब में एक जवाब सही यूनिवर्सिटीज का चुनाव है इसलिए कुछ विदेशी की टॉप यूनिवर्सिटीज नीचे दी गई हैं-

भारत की टॉप यूनिवर्सिटीज़

इंजीनियर कैसे बनें इस सवाल के जवाब में एक जवाब सही यूनिवर्सिटी का चुनाव है इसलिए कुछ भारतीय टॉप यूनिवर्सिटीज नीचे दी गई हैं-

यूनिवर्सिटी  सिटी
आई आई टी  चेन्नई
आई आई टी मुंबई
आई आई टी दिल्ली
आई आई टी कानपुर
आई आई टी खड़गपुर
आई आई टी रुड़की
आई आई टी गुवाहाटी
आई आई टी  हैदराबाद
अन्ना यूनिवर्सिटी  चेन्नई
आई आई टी  तिरुचिरापल्ली
आई आई टी  वाराणसी
इंस्टीट्यूट ऑफ़ केमिकल टेक्नोलॉजी मुंबई

योग्यता

यदि आप इस क्षेत्र में डिग्री प्राप्त करने के इच्छुक हैं, तो आपको अपने चुने हुए विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा। ये आवश्यकताएं कोर्सेज के स्तर के अनुसार भिन्न होती हैं, जैसे बैचलर, मास्टर या डिप्लोमा। इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आवश्यक योग्यता नीचे दी गई है–

  • इंजीनियरिंग में बैचलर्स डिग्री प्रोग्राम के लिए ज़रुरी है कि उम्मीदवारों ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से PCM (फिजिक्स, केमिस्ट्री, गणित) से 10+2 प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण किया हो।
  • भारत में इंजीनियरिंग में बैचलर्स के लिए कुछ कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में JEE mains, JEE Advanced जैसे प्रवेश परीक्षा के स्कोर अनिवार्य हैं। साथ ही कुछ कॉलेज और यूनिवर्सिटीज अपनी स्वयं की प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करतीं हैं। विदेश में इन कोर्सेज  के लिए यूनिवर्सिटी द्वारा निर्धारित आवश्यक ग्रेड आवश्यकताओं को पूरा करना जरुरी है, जो हर यूनिवर्सिटी और कोर्स के अनुसार अलग–अलग हो सकती है।
  • इंजीनियरिंग में PG प्रोग्राम के लिए संबंधित क्षेत्र में प्रथम श्रेणी के साथ बैचलर्स डिग्री होना आवाश्यक है। साथ ही कुछ यूनिवर्सिटीज प्रवेश परीक्षा के आधार पर भी एडमिशन स्वीकार करतीं हैं।
  • विदेश की अधिकतर यूनिवर्सिटीज बैचलर्स के लिए SAT और मास्टर्स कोर्सेज के लिए GRE स्कोर की मांग करते हैं।
  • विदेश की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए IELTS या TOEFL टेस्ट स्कोर, अंग्रेजी प्रोफिशिएंसी के प्रमाण के रूप में ज़रूरी होते हैं। जिसमे IELTS स्कोर 7 या उससे अधिक और TOEFL स्कोर 100 या उससे अधिक होना चाहिए।
  • विदेश यूनिवर्सिटीज में पढ़ने के लिए SOP, LOR, सीवी/रिज्यूमे और पोर्टफोलियो भी जमा करने की जरूरत होती है।

क्या आप IELTS/TOEFL/SAT/GRE में अच्छे अंक प्राप्त करना चाहते हैं? आज ही इन परीक्षाओं  की बेहतरीन तैयारी के लिए Leverage Live पर रजिस्टर करें और अच्छे अंक प्राप्त करें।

आवेदन प्रक्रिया 

विदेश के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • आपकी आवेदन प्रक्रिया का फर्स्ट स्टेप सही कोर्स चुनना है, जिसके लिए आप AI Course Finder की सहायता लेकर अपने पसंदीदा कोर्सेज को शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं। 
  • एक्सपर्ट्स से कॉन्टैक्ट के पश्चात वे कॉमन डैशबोर्ड प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई विश्वविद्यालयों की आपकी आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे। 
  • अगला कदम अपने सभी दस्तावेजों जैसे SOP, निबंध (essay), सर्टिफिकेट्स और LOR और आवश्यक टेस्ट स्कोर जैसे IELTS, TOEFL, SAT, ACT आदि को इकट्ठा करना और सुव्यवस्थित करना है। 
  • यदि आपने अभी तक अपनी IELTS, TOEFL, PTE, GMAT, GRE आदि परीक्षा के लिए तैयारी नहीं की है, जो निश्चित रूप से विदेश में अध्ययन करने का एक महत्वपूर्ण कारक है, तो आप Leverage Live कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। ये कक्षाएं आपको अपने टेस्ट में उच्च स्कोर प्राप्त करने का एक महत्त्वपूर्ण कारक साबित हो सकती हैं।
  • आपका एप्लीकेशन और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद, एक्सपर्ट्स आवास, छात्र वीज़ा और छात्रवृत्ति / छात्र लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे । 
  • अब आपके प्रस्ताव पत्र की प्रतीक्षा करने का समय है जिसमें लगभग 4-6 सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। ऑफर लेटर आने के बाद उसे स्वीकार करके आवश्यक सेमेस्टर शुल्क का भुगतान करना आपकी आवेदन प्रक्रिया का अंतिम चरण है।

आवदेन प्रक्रिया से सम्बन्धित जानकारी और मदद के लिए Leverage Edu के एक्सपर्ट्स से 1800572000 पर संपर्क करें

आवश्यक दस्तावेज

कुछ जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट नीचे दी गई है–

छात्र वीजा पाने के लिए भी Leverage Edu विशेषज्ञ आपकी हर सम्भव मदद करेंगे।

प्रवेश परीक्षाएं

कुछ प्रवेश परीक्षाएं नीचे दी गई है-

बेस्ट बुक्स

पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करने के बाद इंजीनियर कैसे बनें इसके लिए कुछ बेस्ट बुक्स नीचे दी गई हैं:

करियर स्कोप और टॉप रिक्रूटर्स

इंजीनियरिंग कई नौकरी के अवसरों और संभावनाओं से भरा है जो वर्तमान में और भविष्य में उच्च मांग में हैं। यूएस ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार, 2016-26 में रोजगार वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए इंजीनियरिंग के क्षेत्र में लगभग 140,000 नई नौकरियों की उम्मीद है। इंजीनियरिंग कोर्स खत्म करने के बाद, उम्मीदवार या तो उच्च शिक्षा प्राप्त करना चुन सकते हैं या अपनी पसंद के क्षेत्र में करियर की तलाश कर सकते हैं। कुछ करियर क्षेत्र हैं:

  • बैंकिंग
  • एयरलाइन्स
  • इंश्योरेंस
  • रेल्वेज
  • हॉस्पिटल
  • हॉस्पिटैलिटी
  • आईटी फील्ड
  • इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर
  • ऑटोमोबाइल
  • शिपयार्ड
  • माइनिंग
  • डिफेंस फोर्स
  • नेशनल हाईवेज
  • मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन

टॉप रिक्रूटर्स

इंजीनियर के रूप में आप नीचे दी गई कंपनियों में जॉब के लिए आवेदन कर सकते हैं, जैसे-

  • Aerotek (Allegis Group)
  • Adecco Group
  • Fircroft
  • Morson Group
  • NES Global Talent

जॉब प्रोफ़ाइल और सैलरी

एक इंजीनियर का औसत वेतन अक्सर योग्यता, स्थान और अनुभव के वर्षों के आधार पर भिन्न होता है। कंपनियां आमतौर पर प्रवेश स्तर के इंजीनियरों को कम वेतन देती हैं, जबकि अधिक जिम्मेदारी वाले सीनियर इंजीनियर औसत राशि से अधिक कमा सकते हैं। नीचे Payscale के अनुसार इंजीनियर की सैलरी दी गई है–

जॉब प्रोफ़ाइल  अनुमानित सालाना सैलरी (INR)
एनवायर्नमेंटल इंजीनियर INR 3-16 लाख 
मरीन इंजीनियर INR 7-15 लाख
औद्योगिक इंजीनियर INR 5-10 लाख
रोबोटिक्स इंजीनियर INR 5-10 लाख 
डाटा वैज्ञानिक INR 10-15 लाख 
ऑटोमोबाइल इंजीनियर INR 6.5-10 लाख
कम्युनिकेशन सिस्टम इंजीनियर  INR 13-20 लाख
लॉजिस्टिक्स इंजीनियर INR 8-10 लाख
इंस्ट्रुमेंटेशन इंजीनियर INR 5-10 लाख
एयरोस्पेस इंजीनियर INR 15-20 लाख
मैकेनिकल डिजाइन इंजीनियर INR 5-10 लाख

FAQs

मैं इंजीनियर कैसे बनूँ?

इंजीनियर बनने के लिए आपको 12वीं उत्तीर्ण फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स विषयों के साथ होना चाहिए। इसके अलावा, आपको आईआईटी और विभिन्न राज्य बोर्डों और विश्वविद्यालयों सहित विभिन्न इंस्टीट्यूशंस द्वारा प्रशासित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा देनी होगी।

भारत में इंजीनियर बनने में कितने साल लगते हैं?

भारत में इंजीनियरिंग कोर्स डिप्लोमा छात्रों के लिए तीन साल और बी.टेक या डिग्री हासिल करने वाले छात्रों के लिए चार साल तक चलता है। आईआईटी एक और विकल्प है। कार्यक्रम को जारी रखने के लिए, आपको प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।

पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करने के बाद इंजीनियर कैसे बनें?

पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करने के बाद इंजीनियर कैसे बनें इसके लिए छात्र के पास दो ही विकल्प हैं – या तो वो रेगुलर बी.टेक करे अथवा ए.एम.आई.ई.करें। रेगुलर बी.टेक के साथ आप नौकरी नही कर सकते वहीं ए.एम.आई.ई. ऐसा विकल्प है जिसमें आप पढ़ाई के साथ नौकरी भी कर सकते हैं।

उम्मीद है, पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करने के बाद इंजीनियर कैसे बनें से संबंधित सभी जानकारियां इस ब्लॉग में मिल गई होंगी। यदि आप इंजीनियर बनना चाहते हैं तो 1800572000 पर कॉल करके Leverage Edu एक्सपर्ट्स के साथ 30 मिनट का फ्री सेशन बुक करें और बेहतर गाइडेंस पाएं। 

प्रातिक्रिया दे

Required fields are marked *

*

*

15,000+ students realised their study abroad dream with us. Take the first step today. How-To guides
Talk to an expert