बायोमेडिकल इंजीनियरिंग क्या है?

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इंजीनियरिंग अध्ययन का एक व्यापक क्षेत्र है जिसने मेडिकल साइंस के साथ में  इंडस्ट्री में अपनी जड़ें फैला ली हैं। बायोमेडिकल इंजीनियरिंग एक ऐसा क्षेत्र है जिसने 12 वीं विज्ञान के बाद इंजीनियरिंग कोर्सेज की सूची में अपना नाम दर्ज कराया है। इसे “बायोमेड” या “बायोइंजीनियरिंग” के रूप में भी जाना जाता है। इस कोर्स की अवधि बैचलर लेवल पर 3-4 साल और पोस्ट ग्रेजुएट लेवल पर 1-2 साल की है। हमने आपके लिए इस ब्लॉग में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग और इसके दायरे से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी एकत्र की है।

कोर्स का नामबायोमेडिकल इंजीनियरिंग 
बैचलर डिग्री की अवधि 3 से 4 वर्ष
मास्टर डिग्री की अवधि 1 से 2 वर्ष
टॉप विदेशी यूनिवर्सिटीज ब्राउन यूनिवर्सिटी
डार्टमाउथ कॉलेज
द यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न
टॉप भारतीय यूनिवर्सिटीज -VIT वेल्लोर
-NIT रोउरकेला
-JNTU हैदराबाद
जॉब प्रोफाइल -टीचर
-केमिकल इंजीनियर
-बायोकेमिस्ट
-एग्रीकल्चरल इंजीनियर
-बायोमेडिकल साइंटिस्ट
टॉप कंपनीज-Siemens Healthcare
-Johnson & Johnson
-GE Healthcare
-Dräger

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग क्या होती है?

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग बायोलॉजी और चिकित्सा के लिए इंजीनियरिंग के सिद्धांतों और समस्या-समाधान टेक्निक्स का अनुप्रयोग है। बायोमेडिकल इंजीनियरिंग मुख्यत: उन प्रगतियों पर केंद्रित है जो सभी स्तरों पर ह्यूमन हेल्थ और स्वास्थ्य देखभाल में सुधार करती हैं। यह कोर्स आपको आर्टिफिशियल अंगों, सर्जिकल रोबोट, एडवांस्ड प्रोस्थेटिक्स, नई दवा दवाओं के डिजाइन और विकास से संबंधित ज्ञान और कौशल की जानकारी उपलब्ध करेगा। इसके साथ ही किडनी डायलिसिस के बारे में भी जाता है।

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग क्यों करें?

आज के समय में विद्यार्थियों को बायोमेडिकल इंजीनियरिंग करने के कई फायदे हैं, जिनमे से मुख्य नीचे दिए गए हैं-

  • यूनिवर्सिटीज़ क्वालिटी एजुकेशन और एक्सीलेंट एजुकेशन पर जोर देती हैं, जिससे प्रैक्टिकल नॉलेज और एक्सपीरियंस में बढ़ोतरी होती है।
  • बायोमेडिकल इंजीनियरिंग से जुड़े सैंडविच कोर्स भी उपलब्ध हैं। जहां छात्र पढ़ाई के साथ काम भी कर सकते हैं।
  • बायोमेडिकल इंजीनियरिंग चिकित्सा समस्याओं के लिए इंजीनियरिंग सिद्धांतों और विधियों को लागू करके मानव स्वास्थ्य में सुधार करता है। आपको भी इस क्षेत्र में अधिक महारथ हासिल होगी। 
  • क्या आप गणित और विज्ञान जैसे विषयों में इंट्रेस्ट रखते हैं और चिकित्सा में रुचि रखते हैं तो आपके लिए यह फील्ड उपयोगी हो सकते है। 

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के सबडिविजन

प्रयोगशाला में बायोमटेरियल्स को डिजाइन करने और मेडिकल इमेजिंग टूल्स पर शोध करने से लेकर सर्जिकल उपकरण बनाने और शरीर के तंत्रिका तंत्र पर प्रोस्थेटिक टूल्स के प्रभावों को समझने तक, ऐसे कई क्षेत्र हैं जिन्हें आप इस क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त कर सकते हैं। नीचे बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के कुछ सबसे सामान्य सबडिविजन हैं:

  • बायोमेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स
  • बायोमेटिरियल्स 
  • मेडिकल इमेजिंग
  • सेल्यूलर, टिश्यू, एंड जेनेटिक इंजीनियरिंग
  • कंप्यूटेशनल बायोलॉजी
  • ऑर्थोपेडिक बायोइंजीनियरिंग
  • बायोनेनोटेक्नोलॉजी

स्किल्स

बायोमेडिकल इंजीनियरों के लिए इंपोर्टेंट की स्किल्स निम्न है-

  • केयरफुल मेजरमेंट 
  • एनालिटिकल स्किल्स
  • डिटेल्स की ओर अटेंशन 
  • डिजाइन के लिए एक अच्छी परख
  • डिजाइनों को उत्पादों में बदलने की क्रिएटिव और टेक्निकल एबिलिटी
  • रोगियों के साथ सहानुभूति रखने की एबिलिटी
  • कम्युनिकेशन स्किल्स 
  • टीमवर्किंग स्किल्स

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्सेज

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के लिए कोर्सेज का नीचे दिए गए हैं जिनमें से आप अपने लिए किसी कोर्स को चुन सकते हैं-

लेवल कोर्सेज
बैचलर्सBachelor of Science in Biomedical Engineering
-BSc in Mechanical Engineering – Biomedical Engineering (Co-op)
-BEng (Hons) Bioengineering [With a Year in Industry]
Bachelor of Engineering in Biomedical Engineering (Engineering Innovation and Entrepreneurship)
-Bachelor of Applied Science in Biomedical Mechanical Engineering
-BE Biomedical and Electrical Engineering
मास्टर्स-MEng (Biomedical)
Master of Science in Biomedical Engineering
-Masters Degree (Coursework) Engineering Science – Sustainable Systems
-MSc in Electrical and Computer Engineering (Biomedical Engineering) – Thesis-based
डॉक्टरेटDoctor of Philosophy in Biomaterials Engineering and Nanomedicine
-PhD in Bioengineering
-PhD in Comparative Biomedical Science
-PhD in Experimental and Molecular Medicine – Biomedical Physiology and Immunotherapy

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग सिलेबस

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के लिए अधिकतर यूनिवर्सिटीज में बैचलर डिग्री के लिए जो सिलेबस होता है वो निम्न प्रकार से है-

बायोमेडिकल सिग्नल प्रोसेसिंगमेडिकल इंस्ट्रूमेंटेशनसिग्नल्स एंड सिस्टम्समैटेरियल साइंस 
ह्यूमन फिजियोलॉजी एंड डिसीजिस लीनियर इंटीग्रेटेड सर्किट्स एनवायरमेंट साइंसबायोमेकेनिक्स
डिजिटल इमेज प्रोसेसिंगबेसिक्स ऑफ सिविल एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग कंप्यूटर प्रोग्राम्सइंजीनियरिंग मैकेनिक्स
बायो इनफॉर्मेटिक्स जेनोमिक्सइलेक्ट्रिक सर्किट एनालिसिसबायोकेमिस्ट्रीथर्मोडायनामिक्स
एंबेडेड सिस्टम्स इन मेडिसिनडायनामिक्स ऑफ बायोफ्लूइड्सप्रिंसिपल्स ऑफ़ डायग्नोस्टिक्स एंड थेराप्यूटिक इक्विपमेंटस्विचिंग थिअरी एंड लॉजिकल डिजाइन
प्रिंसिपल्स ऑफ़ रेडियोलॉजिकल इक्विपमेंटहॉस्पिटल सेफ्टी एंड मैनेजमेंटबायोटेलेमेट्रीबायोमेटिरियल्स 
माइक्रो प्रोसेसर एंड इट्स एप्लीकेशंसमेडिकल फिजिक्सएडवांस्ड बायोमेडिकल इंस्ट्रूमेंटेशनC++ एंड डाटा स्ट्रक्चर

टॉप विदेशी यूनिवर्सिटीज

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के लिए टॉप विदेशी यूनिवर्सिटीज के नाम नीचे दिए गए हैं-

टॉप भारतीय यूनिवर्सिटीज

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के लिए टॉप भारतीय यूनिवर्सिटीज के नाम निम्न प्रकार से हैं-

  • VIT वेल्लोर
  • NIT रोउरकेला
  • JNTU हैदराबाद
  • NIT रायपुर
  • BVDU पुणे
  • कारूण्य इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज कोयंबटूर
  • सत्यभामा इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज, चेन्नई
  • MIT उडुपी
  • SRM इंजीनियरिंग कॉलेज कांचीपुरम
  • थापर इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला

योग्यता

विदेश के शीर्ष विश्वविद्यालयों से बायोमेडिकल इंजीनियरिंग का कोर्स करने के लिए, आपको कुछ पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा। हालांकि योग्यता मानदंड एक विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय में भिन्न हो सकते हैं, यहां कुछ सामान्य शर्तें दी हैं-

  • आवेदक के बारहवीं में अंक कम से कम 50% से अधिक होने अनिवार्य हैं।
  • मास्टर्स डिग्री कोर्स के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या कॉलेज से बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में  बैचलर्स डिग्री प्राप्त की हो।
  • मास्टर्स कोर्स में एडमिशन के लिए कुछ विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं इसके बाद ही आप इन कोर्सेजके लिए एलिजिबल हो सकते हैं। विदेश की कुछ यूनिवर्सिटीज़ में मास्टर्स के लिए GRE स्कोर की अवश्यकता होती है।
  • साथ ही विदेश के लिए आपको ऊपर दी गई आवश्यकताओं के साथ IELTS या TOEFL स्कोर की भी आवश्यकता होती है।

क्या आप IELTS/TOEFL/SAT/GRE में अच्छे अंक प्राप्त करना चाहते हैं? आज ही इन टेस्ट की बेहतरीन तैयारी के लिए Leverage Live पर रजिस्टर करें और अच्छे अंक प्राप्त करें।

विदेशी यूनिवर्सिटीज के लिए आवेदन प्रक्रिया

कैंडिडेट को आवदेन करने के लिए नीचे दी गई प्रक्रिया को पूरा करना होगा-

  • आपकी आवेदन प्रक्रिया का फर्स्ट स्टेप सही कोर्स चुनना है, जिसके लिए आप हमारे AI Course Finder की सहायता लेकर अपने पसंदीदा कोर्सेज को शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं। 
  • अगला कदम अपने सभी दस्तावेजों जैसे SOP, निबंध (essay), सर्टिफिकेट्स और LOR और आवश्यक टेस्ट स्कोर जैसे IELTS, TOEFL, SAT, ACT आदि को इकट्ठा करना और सुव्यवस्थित करना है। 
  • यदि आपने अभी तक अपनी IELTS, TOEFL, PTE, GMAT, GRE आदि परीक्षा के लिए तैयारी नहीं की है, जो निश्चित रूप से विदेश में अध्ययन करने का एक महत्वपूर्ण कारक है, तो आप हमारी Leverage Live कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। ये कक्षाएं आपको अपने टेस्ट में उच्च स्कोर प्राप्त करने का एक महत्त्वपूर्ण कारक साबित हो सकती हैं।
  • आपका एप्लीकेशन और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद, एक्सपर्ट्स आवास, छात्र वीज़ा और छात्रवृत्ति / छात्र लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे । 
  • अब आपके प्रस्ताव पत्र की प्रतीक्षा करने का समय है जिसमें लगभग 4-6 सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। ऑफर लेटर आने के बाद उसे स्वीकार करके आवश्यक सेमेस्टर शुल्क का भुगतान करना आपकी आवेदन प्रक्रिया का अंतिम चरण है। 

आवदेन प्रक्रिया से सम्बन्धित जानकारी और मदद के लिए Leverage Edu के एक्सपर्ट्स से 1800 572 000 पर संपर्क करें।

भारतीय यूनिवर्सिटीज के लिए आवेदन प्रक्रिया 

भारतीय यूनिवर्सिटीज़ द्वारा आवेदन प्रक्रिया नीचे मौजूद है-

  • सबसे पहले अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट में जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • यूनिवर्सिटी की वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  • फिर वेबसाइट में साइन इन के बाद अपने चुने हुए कोर्स का चयन करें जिसे आप करना चाहते हैं।
  • अब शैक्षिक योग्यता, वर्ग आदि के साथ आवेदन फॉर्म भरें।
  • इसके बाद आवेदन फॉर्म जमा करें और आवश्यक आवेदन शुल्क का भुगतान करें। 
  • यदि एडमिशन, प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा के अंको के आधार पर आपका चयन किया जाएगा और लिस्ट जारी की जाएगी।

आवश्यक दस्तावेज़

आपको निम्न आवश्यक दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी-

छात्र वीज़ा पाने के लिए भी हमारे Leverage Edu विशेषज्ञ आपकी हर सम्भव मदद करेंगे।

प्रवेश परीक्षा 

अलग-अलग कॉलेजों में एडमिशन प्राप्त करने के लिए प्रवेश परीक्षाएं अलग प्रकार की होती है लेकिन कुछ ऐसी सामान्य परीक्षाएं है जो अधिकतर सभी कॉलेज या यूनिवर्सिटीज़ के द्वारा मान्य होती हैं उनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

विदेशी प्रवेश परीक्षाएं

भारतीय प्रवेश परीक्षाएं 

  • MCAER CET
  • OUAT ET
  • ICAR AIEEA (PG)
  • CUCET
  • IPU CET 
  • KIITEE BCA
  • LUCSAT BCA
  • BU MAT
  • RUET
  • NMU UG CET
  • GSAT
  • LUCSAT
  • AIMA UGAT

लैंग्वेज रिक्वायरमेंट

बेस्ट बुक्स

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के लिए बेस्ट बुक्स के नाम नीचे दिए गए हैं-

बुक का नामलेखक का नामयहां से खरीदें 
इंट्रोडक्शन टू बायोमेडिकल इंजीनियरिंगजॉन एंडरले, जोसेफ ब्रोंजेनोयहां से खरीदें
कंप्यूटेशनल फ्लूइड एंड पार्टिकल डायनामिक्स इन द ह्यूमन रेस्पिरेटरी सिस्टम जियुआन तू, कियाओ इंठावोंगयहां से खरीदें
मेडिकल डिवाइसेज एंड ह्यूमन इंजीनियरिंगजोसेफ ब्रोंजिनो, डोनाल्ड आर पीटरसनयहां से खरीदें
फिजिक्स विद इलस्ट्रेटिव एग्जांपल्स फ्रोम मेडिसिन एंड बायोलॉजी जॉर्ज बी, बेनेडेकयहां से खरीदें
बायोमेडिकल इमेज अंडरस्टैंडिंग: मेथड्स एंड एप्लिकेशंस जो व्ही लिम, सिम हैंग ओंग यहां से खरीदें
प्रॉब्लम्स एंड सॉल्यूशंस इन मेडिकल फिजिक्स: डायग्नोस्टिक इमेजिंग फिजिक्सक्वान हूंग, जीनी हसी डिंग वोंग यहां से खरीदें

करियर स्कोप

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हांसिल करने के बाद कई टॉप इंडस्ट्रीज में काम कर सकते हैं। कुछ टॉप इंडस्ट्रीज और टॉप रिक्रूटर्स की लिस्ट नीचे दी गई है-

टॉप इंडस्ट्रीज

  • क्लीनिकल डाटा एनालिस्ट
  • मेडिकल कोडर
  • क्लीनिकल रिसर्च कोऑर्डिनेटर
  • क्लीनिकल स्पेशलिस्ट
  • लैब मैनेजर
  • बायोमेडिकल साइंटिस्ट
  • रिसर्च असिस्टेंट
  • मेडिकल इक्विपमेंट डिज़ाइनर
  • इमेजिंग रिसर्च साइंटिस्ट
  • आर एंड डी एग्जीक्यूटिव
  • ननोटेक्नोलॉजिस्ट
  • टीचर
  • केमिकल इंजीनियर
  • बायोकेमिस्ट
  • एग्रीकल्चरल इंजीनियर

टॉप रिक्रूटर्स

  • Siemens Healthcare
  • Johnson & Johnson
  • GE Healthcare
  • Dräger
  • Fresenius Medical Care AG & Co. KGAA
  • Wipro GE Medical System
  • Recorders & Medicare Systems (P) Ltd.
  • BPL Healthcare
  • Electrocare System & Services Pvt. Ltd.
  • Philips Healthcare
  • Samsung Healthcare
  • B. Braun
  • Smiths Medical
  • Skanray Healthcare
  • Zimmer Biomet
  • Toshiba Medical Systems
  • Blue Star Ltd. 
  • TransAsia Biomedical Ltd. 

सैलरी पैकेज

Pay scale और glassdoor के अनुसार किसी विदेशी यूनिवर्सिटी से बायोमेडिकल इंजीनियरिंग करने के बाद एक फ्रेशर को £24,907-30,615 (INR 25–30 लाख) तक सालाना सैलरी मिल सकती हैं। इस इंडस्ट्री में अनुभव बढ़ने के साथ-साथ यह £38,890-44,503 (INR 39–44 लाख) तक सालाना कमा सकते हैं। 

FAQs

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री कोर्स करने में कितना समय लगता है?

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री कोर्स करने में 3 से 4 वर्षों का समय लगता है।

क्या बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के कोर्स के बाद डॉक्टर बन सकते हैं?

जी हाँ, आप बायोमेडिकल इंजीनियरिंग करने के बाद डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल से जुड़ी कोई भी पढ़ाई कर सकते हैं।

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग करने के लिए बेस्ट देश कौन कौन से हैं?

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग करने के लिए बेस्ट देश हैं:
1. अमेरिका
2. यूके
3. कनाडा
4. ऑस्ट्रेलिया
5. इंडिया
6. स्विट्जरलैंड
7. नीदरलैंड्स
8. फिनलैंड

उम्मीद है बायोमेडिकल इंजीनियरिंग क्या है? इस संदर्भ में हमारा यह ब्लॉग आपको पसंद आया होगा। यदि आप भी किसी विदेशी यूनिवर्सिटी से बायोमेडिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करना चाहते हैं तो आज ही 1800 572 000 पर कॉल करके हमारे Leverage Edu के एक्सपर्ट्स के साथ 30 मिनट का फ्री सेशन बुक करें। वे एक उचित मार्गदर्शन के साथ आवेदन प्रक्रिया में भी आपकी मदद करेंगे।

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