Civil Engineer कैसे बने

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Civil Engineering in Hindi

बचपन से ही अभिभावक और शिक्ष भविष्य बनाने का हौसला देते हैं। कुछ अभिभावक बच्चों को भविष्य में क्या पढ़ना चाहिए ? क्या बनना चाहिए वो उन्हें खुद करने देते हैं।जब बच्चे हाई स्कूल में होते हैं और थोड़े समझदार हो जाते हैं तो उन्हें भी ये समझ में आ जाता है की 12th के बाद क्या करना होगा अगर आप भी इंजीनियरिंग में अपना भविष्य बनाने की सोच रहे हैं और जानना चाहते हैं की Civil Engineering in Hindi Kya Hai?, सिविल इंजीनियर कैसे बने ?,सिविल इंजीनियरिंग जॉब्स in Hindi,सिविल इंजीनियर की सैलरी,सिविल इंजीनियर क्या काम करता है, Top Universities for Civil Engineering Courses in Hindi के बारे में इस ब्लॉग से आपको सारी जानकारी प्राप्त होगी

Civil Engineering in Hindi क्या है?

सिविल इंजीनियरिंग ये इंजीनियरिंग की प्रोफेशनल ब्रांच है जिसमे बुनियादी सुविधाएं यानी की infrastructure facilities की योजना , डिज़ाइन, निर्माण, और मेंटेनेंस के बारे में सिखाया जाता है ऐसा कहा  जाता है की मिलिट्री इंजीनियरिंग के बाद सिविल इंजीनियरिंग ये इंजीनियरिंग की सबसे पुरानी ब्रांच है।

यानी की किसी खाली प्लाट में घर कितने बड़े छेत्र में बनेगा उसका डिज़ाइन कैसा होगा,  कितने कमरे होंगे, बाथरूम, किचन और हाल कहाँ पर होगा ये सभी डिज़ाइन किया जाता है। डिज़ाइन के आधार मटेरियल जैसे ईंट, सीमेंट, बालू, सरिया मंगाया जाता है और इसके निर्माण का काम किया जाता ह।  इसको को पूरा करने में सिविल इंजीनियर का सबसे महत्वपूर्ण रोल होता है।  

Sub-Branches Of Civil Engineering

 आइए जाने विभिन्न प्रकार की सिविल इंजीनियरिंग शाखाओं के बारे में :

  1.  Structure engineering: Structure engineering में ढांचा जैसे की भवन, पुल, टावर, फ्लाईओवर, सुरंग, बांध, नहरें, गगनचुंबी इमारत, पुलिंदा, समुद्री संरचना, और other special structure के डिज़ाइन और विश्लेषण के बारे में सिखाया जाता है।  
  2. Water resource engineering: Water resource engineering में प्राकृतिक स्रोत से पानी  के संग्रह और प्रबंधन यानी collection and management के बारे में सिखाया जाता हैं। इस ब्रांच में जल आपूर्ति संरचना के डिजाइन और विश्लेषण के बारे मै भी समझाया जाता हैं।
  3. Environmental engineering:Environmental engineering मेंकेमिकल ट्रीटमेंट ऑफ़ वैस्ट ,थर्मल कचरे का जैविक उपचार, पानी की शुद्धि और वायु अपशिष्ट से निपटने के उपचार के बारे मै सिखाया जाता हैं।
  4. Geotechnical engineering: Geotechnical engineering में मिट्टी और चट्टान के व्यवहार को कैसे समझे ये सिखाया जाता हैं। मिट्टी से संबंधित संरचना जैसे की भूमिगत संरचना, बांध, नहरें ,आदि की  संरचना पर मिट्टी का व्यवहार के बारे में समझाया जाता हैं।
  5.  Construction engineering:Construction engineering में बिल्डिंग्स की  योजना और निर्माण का समावेश होता हैं।
  6.  Surveying:surveying में earth (जमीन) की topography को समझना, earth measurements and dimension, earth की levels (heights ) के बारे में सिखाया जाता है।
  7. Earthquake engineering: Earthquake engineering में भूकंपरोधी संरचना यानी earthquake-proof structure कैसे बनाये  उसके बारे में सिखाया जाता हैं। संरचना डिजाइन के बारे में सिखाया जाता है जिससे भूकंप के समय स्ट्रक्चर गिरे ना।
  8.  Transportation engineering:Transportation engineering में सड़कों, नहरों, राजमार्गों, रेलवे, हवाई अड्डों और अन्य परिवहन संरचना की योजना, डिजाइन और निर्माणके बारे में सिखाया जाता हैं।
  9. Urban engineering:Urban engineering में सड़कें, रास्ते, जल आपूर्ति नेटवर्क, सीवर लाइन, स्ट्रीट लाइटिंग, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सार्वजनिक पार्कों की योजना, डिजाइनिंग, निर्माण और रखरखावके बारे में सिखाया जाता है।
  10. Building materials engineering: Building materials engineering में निर्माण सामग्री के बारे में, मटेरियल  के लाभ  और नुकसान, उद्देश्य, और कैसे उपयोग करे उस के बारे मै समझाया जाता हैं। 

सिविल इंजीनियर कैसे बने?

सिविल इंजीनियर कैसे बने? ये सवाल हर नए छात्र  के लिए बहुत कन्फूशन भरा रहता हैं। इसलिए यहाँ में आपको सिंपल तरीके से बतायेगे की सिविल इंजीनियर कैसे बने।

सिविल इंजीनियर बनने के लिए हमें सिविल इंजीनियरिंग का ग्रेजुएशन कम्पलीट करना होता। मतलब हमें B-TECH ( Bachelor of technologies) or BE(  Bachelor of engineering)  डिग्री लेनी होगी।

B-Tech और BE की डिग्री कैसे प्राप्त करे?

 दो तरीको से हम B-TECH और BE की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं।

  1. 10th पास करके 
  2. 12th पास करके

10th पास करके

10th पास करने के बाद  हमें Civil Engineering in Hindi का डिप्लोमा कोर्स करना हैं। डिप्लोमा कोर्स करने के बाद हमें सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री (Bachelor of engineering और  Bachelor of technologies) में एडमिशन लेना होता हैं।यह डिग्री4 साल की  होती है। लेकिन  डिप्लोमा किये होने के कारण हमें सीधा  2nd year में एडमिशन मिलता हैं। जिससे यह डिग्री हम 3year में ही पूरी कर लेते हैं।

12th पास करके

Science (Phy+Chem+Math) के साथ १२वी पास करने के बाद IIT entrance exam में बैठ सकते है। इस में योग्यता के अनुसार B.E में एडमिशन मिलता है। एडमिशन मिलने के बाद  साल डिग्री प्रोग्राम ज्वाइन कर के Degree in Civil Engg प्राप्त कर सकते है। सफलतापूर्वक सिविल इंजीनियरिंग का डिग्री कोर्स पूरा कर लेने के बाद सरकारी, सह-सरकारी या प्राइवेट सेक्टर में जाके Engineer के पद पर जॉब ज्वाइन कर सकते हैं। इसके अलावा combined Engineering Services एग्जाम में पास कर के भारतीय सरकार के  में नौकरी ले सकते हैं।

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Eligibility Criteria

सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उपलब्ध लोकप्रिय courses के माध्यम से अपना रास्ता बनाने के लिए छात्रों के लिए कुछ आवश्यक आवश्यकताओं से गुजरना महत्वपूर्ण है जो आवश्यक हैं। नीचे उल्लेख किया गया Eligibility Criteria है जिसे किसी particular course को करने से पहले ध्यान में रखना चाहिए-

  • डिप्लोमा / सर्टिफिकेट कोर्स के लिए: किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से 10+2 की Formal education
  • UG Courses के लिए: किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से 10+2 की Formal education विज्ञान विषय के साथ background के रूप में
  • PG Courses के लिए: न्यूनतम आवश्यक GPA के साथ सिविल इंजीनियरिंग में BE या BTech  जैसी UG डिग्री
  • विदेशों में कुछ विश्वविद्यालय सिविल इंजीनियरिंग में UG / PG level courses  के लिए GRE Exam के स्कोर की मांग करते हैं
  •  IELTS , TOEFL या किसी अन्य अंग्रेजी भाषा proficiency परीक्षा में एक अच्छा स्कोर
  • निर्धारित format में LOR और SOP

सिविल इंजीनियरिंग जॉब्स

आइए हम कुछ सबसे लोकप्रिय जॉब प्रोफाइल की जाँच करें जिन्हें आप एक बेहतरीन विकल्प के रूप में मान सकते हैं:

  • Engineering Technicians
  • Environment Engineers
  • Regional and Urban Planners
  • Construction Engineers
  • Transportation Engineers
  • Building Control Surveyor
  • Quantity Surveyor
  • Site Engineer
  • Structural Engineer
  • Water Engineer
  • Engineering Geologist
  • Building Services Surveyor
  • Fire Risk Assessor
  • CAD Technician
  • Sustainability Consultant
  • Assistant Project Manager
  • Assistant Civil Engineer
  • Purchase and Quality control Executive
  • Planning and Design Officer
  • Project Manager
  • Survey Engineering

Assistant Project Manager

परियोजना प्रबंधक सहायक(Assistant Project Manager) परियोजना प्रबंधक को सहायता प्रदान करता है,किसी भी और परियोजनाओं से संबंधित परियोजना गतिविधियाँकी स्थिति के मुख्य कर्तव्यों को सुनिश्चित करता है सभी को  संचार के माध्यम से शुरू से अंत तक प्रत्येक परियोजना की निरंतरता और दक्षता देखता है  प्रोजेक्ट मैनेजर असिस्टेंट तेजी से कई प्रोजेक्ट्स को हैंडल करता है। 

Site Engineer

साइट इंजीनियर (Site Engineer) की जिम्मेदारियों में निर्माण परियोजनाओं के विभिन्न हिस्सों का प्रबंधन, चालक दल के सदस्यों की निगरानी, ​​समय और सामग्री लागत के अनुमान तैयार करना, गुणवत्ता आश्वासन पूरा करना, स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों का पालन करना और विभिन्न हितधारकों के लिए रिपोर्ट संकलित करना शामिल है। आपको विभिन्न पेशेवरों के साथ काम करने और समय सीमा को पूरा करने वाले कार्य शेड्यूल बनाने में सक्षम होना चाहिए।एक साइट इंजीनियर के रूप में सफल होने के लिए, आपको मजबूत विश्लेषणात्मक और तार्किक सोच कौशल का प्रदर्शन करना चाहिए। उत्कृष्ट उम्मीदवारों को एक शानदार कार्य नीति का प्रदर्शन करना चाहिए और दबाव में आगे बढ़ना चाहिए।

Assistant Civil Engineer

निर्माण परियोजनाओं(Assistant Civil Engineer) के डिजाइन, विकास और निष्पादन में सहायता करना।परियोजना विनिर्देश की समीक्षा करने और परियोजना योजना और डिजाइन शीट तैयार करने में परियोजना प्रबंधक के साथ काम करें।साइटों पर जाएँ, निर्माण चित्र तैयार करें और नमूने विकसित करें।निर्माण योजना विकसित करने में इंजीनियरिंग टीम के साथ काम करें।निर्माण परियोजना को निष्पादित करने के लिए बजट, अनुसूची, जनशक्ति और सामग्री और उपकरण आवश्यकताओं का निर्धारण करें।परियोजना प्रबंधक को सभी खर्चों की समय पर रिपोर्ट करें।परियोजनाओं के लिए गुणवत्ता आश्वासन मानकों को बनाए रखना।जरूरत पड़ने पर फील्ड स्टाफ को तकनीकी सहायता प्रदान करें।निर्माण समस्याओं का विश्लेषण करें और सुधारात्मक कार्रवाई की सिफारिश करें।कमी से बचने के लिए ऑर्डर और स्टॉक निर्माण सामग्री। 

Purchase and Quality control Executive

क्रय अधिकारी(Purchase and Quality control Executive)  नियोक्ता की ओर से दैनिक कार्यों में उपयोग की जाने वाली सामग्री, सामान और सेवाओं को स्रोत और खरीदते हैं। क्रय अधिकारी स्टॉक स्तर बनाए रखते हैं, और अनुसंधान भी कर सकते हैं, विक्रेताओं के साथ बातचीत कर सकते हैं और संभावित आपूर्तिकर्ताओं का साक्षात्कार कर सकते हैं।

Planning and Design Officer

योजना इंजीनियरों (Planning and Design Office)  एक निर्माण स्थल पर एक इंजीनियरिंग परियोजना के दौरान काम के सभी चरणों की निगरानी और समाधान प्रदान करने की अपेक्षा की जाती है। वे यह सुनिश्चित करने के लिए साइट मैनेजर, सर्वेयर और इंजीनियरों जैसे अन्य निर्माण पेशेवरों के साथ पूर्णकालिक काम करते हैं कि एक परियोजना समय पर चलती है और सामग्री और निर्माण उपकरण पर्याप्त हैं। वे गतिशील कार्य वातावरण में काम करने में सहज हैं।

Project Manager

Project Manage विभिन्न कई परियोजनाओं के लिए ग्राहकों के साथ सभी संचार का प्रबंधन करें और ग्राहकों को इंजीनियरिंग और तकनीकी सहायता प्रदान करें।सभी सिविल इंजीनियरिंग परियोजनाओं का प्रशासन, ड्राफ्ट तैयार करें और सभी शुल्क का अनुमान लगाएं और ग्राहकों को प्रस्तुत किए जाने वाले सभी प्रस्तावों का मसौदा तैयार करें और शेड्यूल और बजट का अनुपालन सुनिश्चित करें और सभी आवश्यकताओं को दस्तावेज करें।सभी इंजीनियरिंग कर्मचारियों के कुशल कामकाज का पर्यवेक्षण करना, सभी कार्यों का मूल्यांकन करना और सभी परियोजनाओं को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करना।सिविल परियोजनाओं के लिए सभी विपणन और विकास गतिविधियों की निगरानी करना।सभी प्रमुख प्रबंधन मुद्दों के लिए उपयुक्त रणनीतियों का विश्लेषण और अनुशंसा करें और सभी परियोजनाओं के दायरे के अनुसार विभिन्न उम्मीदवारों का साक्षात्कार करें।सभी निजी और नगरपालिका परियोजनाओं की देखरेख के लिए विभिन्न विभागों के साथ मूल्यांकन और समन्वय करना और सभी इंजीनियरिंग गतिविधियों के लिए आवश्यक तकनीकी रिपोर्ट तैयार करना और विभिन्न बैठकों में प्रस्तुतीकरण करना।सभी इंजीनियरिंग चित्र तैयार करें और सभी डिज़ाइन गणना करने में सहायता करें।विभिन्न परियोजनाओं के लिए सभी विकास और फर्म नीतियों और प्रक्रियाओं के कुशलतापूर्वक कार्यान्वयन का विश्लेषण करें।

Environmental Engineering

पर्यावरण इंजीनियरिंग(Environmental Engineering) कचरे और प्रदूषण को कम करके पर्यावरण की रक्षा करने पर केंद्रित है। पर्यावरण इंजीनियर प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग का अनुकूलन करते हैं, अक्षय ऊर्जा संसाधनों को विकसित करने में मदद करते हैं और मौजूदा सामग्रियों के उपयोग को अधिकतम करते हैं। वे प्रौद्योगिकियों और प्रक्रियाओं को डिजाइन करते हैं जो प्रदूषण को नियंत्रित करते हैं और प्रदूषण को साफ करते हैं।

Survey Engineering

सर्वेयर कानूनी(urvey Engineering ) संपत्ति की सीमा निर्धारित करते हैं। वे डेटा प्रदान करते हैं और कानूनी दस्तावेजों को संकलित करते हैं – जिन्हें सर्वेक्षण कहा जाता है – भवन, मानचित्र निर्माण और रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए। इस अनुशासन में काम करने वालों को भूमि, साइट या संपत्ति सर्वेक्षक कहा जा सकता है।

Structural Engineering

स्ट्रक्चरल इंजीनियर संरचनाओं को डिजाइन करते हैं जो मानव उपयोग और पर्यावरणीय परिस्थितियों के कारण तनाव और दबावों को सहन करना चाहिए। वे संरचनाओं को कॉन्फ़िगर करते हैं, उपयुक्त निर्माण सामग्री चुनते हैं, निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हैं, और इमारतों और संरचनाओं की संरचनात्मक सुदृढ़ता सुनिश्चित करते हैं।

Transportation engineering

परिवहन इंजीनियर सिविल इंजीनियर होते हैं जो राजमार्गों, हवाई अड्डों और रेलवे और बस प्रणालियों को डिजाइन करते हैं। वे सरकारी एजेंसियों के लिए काम करते हैं; परामर्श फर्मों के लिए जो सरकार के लिए समस्या निवारण करती हैं; और निजी फर्मों के लिए जो परिवहन में प्रयुक्त सामग्री और उपकरण का उत्पादन करती हैं। इंजीनियर कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षक और शोधकर्ता भी हैं।

Civil Engineering Salary in Hindi

प्राइवेट सेक्टर में किसी Civil Engineering in Hindi  को शुरुआती वक़्त में 25000 से 35000 तक की सैलरी मिल सकती है. कुछ सालो का अनुभव हो जाने के बाद उस आधार पर 3-4 साल में 100000 per month तक की कमाई कर सकते ह। इसके अलावा एक सिविल इंजीनियर अकेले  भी काम कर सकते हैं।

शहरों में अक्सर आप देखते होंगे की बड़े -बड़े प्रोजेक्ट्स को बनाने का काम बिल्डर्स और ठेकेदारों को दिया जाता है। अगर आप अपने काम में निपुण हैं और आप अपने हुनर के अनुसार काम माहिर हैं, तो उसक आधार पर आप को इन प्रोजेक्ट्स में काम मिल सकता हैं। इसके अलावा घरों के निर्माण करने वाले ठेकेदारों से  मिलकर आप अनेकों तरह के काम ले सकते हैं।

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Civil Engineering in Hindi: Top Universities

University QS University Rankings
2020 for Civil and Structural Engineering 
Score
Massachusetts Institute of Technology (MIT)  1 96.7
Delft University of Technology 2 95.5
University of Cambridge 3 93.9
University of California, Berkeley 4 93.5
Imperial College London  5 93.4
ETH Zurich – Swiss Federal Institute of Technology 6 93.3
Politecnico di Milano 7 92.8
EPFL 8 92.1
National University of Singapore (NUS)  9 92
Tsinghua University 10 91.1

Civil Engineering Courses

हमने प्रमुख undergraduate और graduate-level के courses की एक लिस्ट नीचे दी है , जिनमे में से आप चुन सकते हैं ।

Undergraduate Courses

  • सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक (Hons)
  • बिल्डिंग एनर्जी में स्नातक
  • वास्तुकला प्रौद्योगिकी और निर्माण प्रबंधन में कला स्नातक
  • सिविल और पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातक
  • सिविल और कंस्ट्रक्शनल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग
  • सिविल और इंफ्रास्ट्रक्चर में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग
  • बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी (सिविल)
  • सिविल इंजीनियरिंग इंफ्रास्ट्रक्चरल टेक्नोलॉजी में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी  

Graduate Courses

  • सस्टेनेबल क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में मास्टर ऑफ साइंस
  • सिविल इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ साइंस
  • सिविल और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर
  • सिविल और पर्यावरण इंजीनियरिंग में मास्टर
  • सिविल और भूवैज्ञानिक इंजीनियरिंग में मास्टर
  • सिविल और वास्तुकला इंजीनियरिंग में मास्टर  
  • भू-पर्यावरणीय इंजीनियरिंग में मास्टर
  • सिविल और इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग में मास्टर
  • सिविल और रेलवे इंजीनियरिंग में मास्टर 

Major Subjects

विभिन्न स्तर के सिविल इंजीनियरिंग courses के माध्यम से आपको क्या पढ़ाया जाएगा, यह समझने के लिए, यहाँ कुछ मुख्य विषय दिए गए हैं जो हमेशा इस क्षेत्र के कार्यक्रमों के curriculum का हिस्सा होते हैं- 

  • Design of Steel Structures
  • IT & CAD Applications
  • Soil Mechanics & Foundation Engineering
  • Design of RC Structures
  • Water Resources Engineering
  • Structural Analysis
  • Water and Waste Water Engineering
  • Solid Mechanics
  • Hydraulics
  • Transportation Engineering
  • Mathematics
  • Basic Electronics
  • Electrical Technology
  • Mechanics
  • Physics
  • Programming and Data Structure
  • Engineering Drawing and Graphics
  • Introduction to Manufacturing Processes

सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा

सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में 3 साल का प्रोफेशनल कोर्स है। इस course में public properties जैसे सड़क, भवन, पुल, नहर, पाइपलाइन आदि सहित man-made environments का निर्माण, डिजाइन और maintenance शामिल है। यह इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी शाखाओं में से एक है। छात्र सिविल इंजीनियरिंग में शामिल कई aspects जैसे structures, construction management, building practices, quality control, material testing आदि के बारे में सीखते हैं। छात्रों को creative methodologies की सहायता से विभिन्न निर्माण तकनीकों को डिजाइन करने और बनाने की प्रक्रिया को समझने को मिलता है। course उन्हें पर्याप्त ज्ञान और कौशल के साथ उद्योग में प्रवेश करने में मदद कर सकता है। course building structures को डिजाइन करने के मुख्य aspects, technologies पर प्राथमिक कार्य – उनके aspects और modifications पर केंद्रित है, उत्पादों का परीक्षण, निर्माण और विभिन्न संरचनाओं की calculation, डिप्लोमा course विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान करता है जैसे:

  • Constructional Engineering
  • Structural Engineering
  • Geotechnical Engineering
  • Earthquake Engineering
  • Surveying

Types of Civil Engineering

विभिन्न प्रकार की सिविल इंजीनियरिंग शाखाएं –

  • Construction and Management Engineering
  • Geotechnical Engineering
  • Structural Engineering
  • Transport Engineering
  • Water Engineering
  • Environmental Engineering
  • Coastal Engineering
  • Earthquake Engineering
  • Forensic Engineering
  • Highway Engineering
  • Civil Engineering with Architecture

Average Salary of Different Civil Engineering Fields

Job Average Salary in India(INR
Management and Construction Engineering 7 LPA
Structural Engineering 4.8 LPA
Transportation Engineering 4.2 LPA
Water Engineering 6.6 LPA
Geotechnical Engineering 5.6 LPA
Environmental Engineering 4.6 LPA
Coastal Engineering 6.7 LPA
Earthquake Engineering 5.18 LPA
Forensic Engineering 4.8 LPA
Highway Engineering 4.3 LPA

Civil Engineering as a Career

करियर के रूप में सिविल इंजीनियरिंग के कई फायदे हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

  • वेतन और अन्य metrics के मामले में सिविल इंजीनियरिंग एक rewarding career है। critical projects पर काम करने वाले इंजीनियर अच्छी और अच्छी कमाई करते हैं। चूंकि सिविल इंजीनियरिंग क्षेत्र कई प्रकार के होते हैं, इसलिए आपके पास चुनने के लिए कई प्रकार के विकल्प होते हैं।
  • यदि आपका रुझान रचनात्मक गतिविधियों की ओर है, तो यह क्षेत्र आपके लिए दिलचस्प है। आप creative infrastructure के रूप में अपना योगदान दे सकते हैं। आपको उन लोगों से भी सराहना मिलेगी जो आपके काम को देखेंगे।
  • सिविल इंजीनियरिंग आपको समाज में योगदान करने का एक शानदार मौका देती है। सिविल इंजीनियर infrastructure of a community के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जो इसके विकास की ओर ले जाता है। कुशल सिविल इंजीनियर building amazing infrastructure का निर्माण करके शहर के scenario को बदल सकते हैं।
  • सिविल इंजीनियरों की हमेशा उच्च मांग होती है क्योंकि समय-समय पर infrastructure को maintained और updated करने की आवश्यकता होती है। विकासशील देशों में इनकी अधिक आवश्यकता होती है, क्योंकि ये देश विकास की सुविधा के लिए infrastructure का निर्माण करना चाहते हैं।
  • आपको एक सिविल इंजीनियर के रूप में दुनिया का पता लगाने के लिए यात्रा के विभिन्न अवसर भी मिलेंगे। आपके काम को दोहराना मुश्किल होगा और यहां तक कि विश्व इतिहास में एक प्रमुख स्थान भी पा सकते हैं।

Scope of Civil Engineering in Government Sector

सिविल इंजीनियरिंग में massive career scope है क्योंकि BE/BTech सिविल इंजीनियरिंग graduates निजी क्षेत्र और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों में promising opportunities तलाश सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकारी क्षेत्र में सिविल इंजीनियरिंग की अपार संभावनाएं हैं जहां आप सिविल इंजीनियरिंग में निम्नलिखित सरकारी नौकरियों में काम कर सकते हैं:

  • ONGC
  • PWD
  • बिजली बोर्ड
  • Armed Forces
  • NHAI
  • भारतीय रेल
  • IOC
  • नगर नियोजन
  • BHEL

इन public-sector के organisations में, भारतीय रेलवे, ONGC, PWD और BHEL में कई vacancies उपलब्ध हैं और भारत में सिविल इंजीनियरिंग का सबसे अधिक दायरा प्रदान करती हैं!

सिविल इंजीनियरिंग नौकरियों के लिए सर्वश्रेष्ठ निजी कंपनियों की तलाश है? यहां भारत की top निजी कंपनियां हैं जो सिविल इंजीनियरिंग graduates को hire करती हैं:

  • Punj Lloyd , महाराष्ट्र
  • Akme Projects Ltd , नई दिल्ली
  • Bridge & Roof Co (India) Limited, कोलकाता
  • DLF Limited , हरियाणा
  • Coastal Projects Pvt Ltd (CPPL), हैदराबाद
  • CQRA , मुंबई
  • Gammon Infrastructure Projects Limited (GIPL) , मुंबई
  • Stewarts & Lloyds of India Ltd , कोलकाता
  • Arun Excello Group of Companies, तमिलनाडु
  • Conart Engineers Ltd , मुंबई
  • Essar Group , महाराष्ट्र

Top Universities in India

Colleges Location NIRF 2020 Rankings
IIT मद्रास चेन्नई 1
IIT दिल्ली दिल्ली 2
IIT बॉम्बे बॉम्बे 3
IIT कानपुर कानपुर 4
IIT खड़गपुर खड़गपुर 5
IIT रुड़की रुड़की 6
IIT गुवाहाटी गुवाहाटी 7
IIT हैदराबाद हैदराबाद 8
IIT त्रिची तिरुचिरापल्ली 9
IIT इंदौर इंदौर 10
IIT वाराणसी वाराणसी 1 1
IIT धनबाद धनबाद 12
National Institute of Technology कर्नाटक सूरतकल 13
College of Engineering Guindy, Anna University चेन्नई 14
Vellore Institute of Technology वेल्लोर 15

FAQ

सिविल इंजीनियरिंग कोर्स कितने साल का होता है?

यह कोर्स 3 साल का होता है।

सिविल इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है?

प्राइवेट सेक्टर में किसी  सिविल इंजीनियर  को शुरुआती वक़्त में 25000 से 35000 तक की सैलरी मिल सकती है। कुछ सालो का अनुभव हो जाने के बाद उस आधार पर 3-4 साल में 100000 per month तक की कमाई कर सकते है।

सिविल इंजीनियरिंग में क्या पढ़ाया जाता है?

सिविल इंजीनियरिंग ये इंजीनियरिंग की प्रोफेशनल ब्रांच है जिसमे बुनियादी सुविधाएं यानी की infrastructure facilities की योजना , डिज़ाइन, निर्माण, और मेंटेनेंस के बारे में सिखाया जाता है, यानी की किसी खाली प्लाट में घर कितने बड़े छेत्र में बनेगा उसका डिज़ाइन कैसा होगा,  कितने कमरे होंगे, बाथरूम, किचन और हाल कहाँ पर होगा ये सभी डिज़ाइन किया जाता है। 

इंजीनियरिंग में कौन सी ब्रांच अच्छी है?

इंजीनियरिंग में सभी ब्रांच अच्छी है, आप इनमे से कोई ब्रांच चुन सकते है  :
Structure engineering
Water resource engineering
Environmental engineering:
Geotechnical engineering
Construction engineering
Surveying
Earthquake engineering
Transportation engineering
Urban engineering
Building materials engineering

इंजीनियर में कौन कौन से कोर्स होते हैं?

इसमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, पैकेजिंग टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिकल ऐंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, अप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड इंस्ट्रूमेंटेशन, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी,माइनिंग इंजीनियरिंग, मेटलॉर्जिकल इंजीनियरिंग आदि होते है ।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियर का क्या काम होता है?

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (ईई) विद्युत चुंबकत्व, इलेक्ट्रॉनिक्स और बिजली और उनके अनुप्रयोगों का अध्ययन करती है। 

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