एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग कैसे करें?

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लगातार बढ़ते प्रदूषण से निजात पाने के लिए एनवायर्नमेंटल इंजीनियरों की मांग बढ़ती जा रही है, ताकि वह इस बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए योजना बना सके और उसे इम्प्लीमेंट कर सके। आज हर देश इसके लिए कारगर उपाय कर रहा है। यदि आप एनवायर्नमेंटल इंजीनियर के रूप में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो Environmental engineering in Hindi आपके आपके लिए बेहतर विकल्प है। आइए इस ब्लॉग के द्वारा विस्तार में जानते हैं Environmental engineering in Hindi के बारे में। 

एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग क्या है?

एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग क्षेत्र का एक लोकप्रिय डिसिप्लिन है, जो पूरी तरह से पर्यावरण से सम्बंधित है। एनवायर्नमेंटल इंजीनियर प्रदुषण और अन्य पर्यावरणीय मुद्दों के उपाय के लिए एनर्जी के नए सोर्स खोजने का काम करता है। वह रूरल और अर्बन क्षेत्र में वेस्ट और वॉटर मैनेजमेंट बेहतर करने के लिए, प्रदूषण से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए डिवाइस बनाते हैं। एनवायर्नमेंटल इंजीनियर, टेक्नोलॉजी में हो रहे विकास से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करते हैं जैसे: ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण, वर्षा की कमी, एसिड रेन आदि। 

एनवायर्नमेंटल इंजीनियर की जिम्मेदारियां  

एनवायर्नमेंटल इंजीनियर पर पर्यावरण को सुरक्षा प्रदान कर पृथ्वी और मनुष्य जाति को सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी होती है। पर्यावरण को सुरक्षा प्रदान करने के प्रति एनवायर्नमेंटल इंजीनियर की कुछ जिम्मेदारियां नीचे दी गई है:

  • एनवायर्नमेंटल रिपोर्ट तैयार करना और उसे एनालिसिस करना। 
  • पर्यावरण सुरक्षा के लिए योजना बनाना और उसकी डिज़ाइन तैयार करना। 
  • पर्यावरण प्रदूषण को रोकने वाले प्रोजेक्ट की क्वालिटी और सेफ्टी की जाँच करना। 
  • एनवायर्नमेंटल इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम की प्रोग्रेस को मॉनिटर करना। 
  • एनवायरनमेंट इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम, परमिट्स और ऑपरेटिंग प्रोसीजर को अपडेट और मैंटेन करना।  

एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग विषय  

एनवायरनमेंट इंजीनियर, पर्यावरण में सुधार करने, मनुष्य और अन्य जीवों के लिए साफ जल, वायु और ज़मीन प्रदान करने और प्रदूषित स्थानों को सुधारने के लिए साइंस और इंजीनियरिंग की थ्योरीज का उपयोग करते हैं। Environmental engineering in Hindi में पढ़ाये जाने वाले विषयों की लिस्ट नीचे दी गई है :

कम्प्यूटेशनल मेथड नाड प्रोबेबिलिटी स्टेटिस्टिक्स रिसर्च मेथोडोलॉजी एयर एंड नॉइज़ पॉल्यूशन
वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट एनवायर्नमेंटल एकाउंटिंग जियो-एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग
डिजास्टर मैनेजमेंट हज़ार्डस वेस्ट मैनेजमेंट क्लाइमेट चेंज एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट
क्लाइमेटोलॉजी ग्राउंडवाटर कंटैमिनेशन एंड रेमेडिएशन एनवायर्नमेंटल रिमोट सेंसिंग
वॉटर ट्रीटमेंट एंड सप्लाई सिस्टम बिल्डिंग एनवायर्नमेंटल एंड सर्विस सिस्टम एनालिसिस एंड मैनेजमेंट
एनवायर्नमेंटल केमिस्ट्री एनवायर्नमेंटल जियोलॉजी अर्थ एंड एनवायरनमेंट
माइक्रोबायोलॉजी वॉटर सप्लाई सिस्टम एनवायरनमेंट लॉ

एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग में स्पेशलाइजेशन

Environmental engineering in Hindi में छात्रों के लिए स्पेशलाइजेशन का भी विकल्प है, जिसकी लिस्ट नीचे दी गई है:

  • कोस्टल इंजीनियरिंग
  • जियोफिजिकल इंजीनियरिंग
  • ओसियन इंजीनियरिंग
  • सॉलिड वेस्ट इंजीनियरिंग
  • इकोलॉजिकल इंजीनियरिंग
  • वॉटर रिसोर्स इंजीनियरिंग
  • ग्राउंडवॉटर हाइड्रोलॉजी
  • एनवायर्नमेंटल केमो डायनामिक्स
  • क्लाइमेटोलॉजी
  • जियोमोर्फोलॉजी
  • कलेक्शन सिस्टम डिज़ाइन
  • एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट

दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज़

Environmental engineering in Hindi की पढ़ाई करवाने वाली कई यूनिवर्सिटीज़ है, लेकिन उसमें से सही यूनिवर्सिटी का चयन करना महत्वपूर्ण है। दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज़ की लिस्ट नीचे दी गई है:

भारत की टॉप यूनिवर्सिटीज़  

भारत की टॉप यूनिवर्सिटीज़ की लिस्ट नीचे दी गई है :

  • सभी IIT
  • लखनऊ प्रौद्योगिकी संस्थान, लखनऊ
  • इंडस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, ऊना
  • रूंगटा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, भिलाई
  • मेडी-कैप्स विश्वविद्यालय, इंदौर
  • विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जयपुर
  • दिल्ली इस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली
  • नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, सुरथकाली
  • एपीजी शिमला विश्वविद्यालय, शिमला
  • नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, भुवनेश्वर
  • इस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, निरमा विश्वविद्यालय, अहमदाबाद
  • अखिल भारतीय श्री शिवाजी मेमोरियल सोसाइटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे
  • विग्नन विश्वविद्यालय, गुंटुरी
  • सविता स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, चेन्नई

योग्यता

एनवायर्नमेंटल इंजीनियर बनने के लिए आपको नीचे योग्यता को पूरा करना आवश्यक है। 

  • एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग में बैचलर्स कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आपको 10+2 साइंस स्ट्रीम में न्यूनतम 50% अंकों के साथ पास करना ज़रूरी है।
  • मास्टर डिग्री में एडमिशन लेने के लिए आपको 4 साल की बैचलर्स डिग्री को पास करना ज़रूरी है।
  • अगर आप PhD के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो आपको संबंधित कोर्स में मास्टर डिग्री को पास करना ज़रूरी है।
  • भारत में PhD कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आपको UGC-NET, TIFR,JRF-GATE या राज्य स्तर के एंट्रेंस एग्ज़ाम पास करने होंगे। 
  • भारत में एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए आपको JEE Mains, JEE Advanced जैसे एंट्रेंस एग्ज़ाम पास करने होंगे । विदेश में बैचलर्स डिग्री कोर्सेज के लिए SAT और ACT एग्ज़ाम पास करना होगा। 
  • एक अच्छा IELTS/ TOEFL स्कोर इंग्लिश प्रोफिसिएंसी के रुप में होना आवश्यक है। 
  • विदेश में एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्रोग्राम में एडमिशन लेने के लिए आपके पास एक अच्छा GMAT/GRE स्कोर होना चाहिए। 
  • विदेश में कुछ यूनिवर्सिटीज़ मास्टर डिग्री के लिए 2 वर्ष के कार्य अनुभव की भी मांग करती है, जिसका समय यूनिवर्सिटी के लिए अलग अलग भी हो सकता है । 

आवेदन प्रक्रिया 

विदेश के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया इस प्रकार है–

  • आपकी आवेदन प्रक्रिया का फर्स्ट स्टेप सही कोर्स चुनना है, जिसके लिए आप AI Course Finder की सहायता लेकर अपने पसंदीदा कोर्सेज को शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं। 
  • एक्सपर्ट्स से कॉन्टैक्ट के पश्चात वे कॉमन डैशबोर्ड प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई विश्वविद्यालयों की आपकी आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे। 
  • अगला कदम अपने सभी दस्तावेज़ों जैसे SOP, निबंध, सर्टिफिकेट्स और LOR और आवश्यक टैस्ट स्कोर जैसे IELTS, TOEFL, SAT, ACT आदि को इकट्ठा करना और सुव्यवस्थित करना है। 
  • यदि आपने अभी तक अपनी IELTS, TOEFL, PTE, GMAT, GRE आदि परीक्षा के लिए तैयारी नहीं की है, जो निश्चित रूप से विदेश में अध्ययन करने का एक महत्वपूर्ण कारक है, तो आप Leverage Live कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। ये कक्षाएं आपको अपने टेस्ट में उच्च स्कोर प्राप्त करने का एक महत्त्वपूर्ण कारक साबित हो सकती हैं।
  • आपका एप्लीकेशन और सभी आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने के बाद, एक्सपर्ट्स आवास, छात्र वीज़ा और छात्रवृत्ति/छात्र लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे । 
  • अब आपके प्रस्ताव पत्र की प्रतीक्षा करने का समय है जिसमें लगभग 4-6 सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। ऑफर लैटर आने के बाद उसे स्वीकार करके आवश्यक सेमेस्टर शुल्क का भुगतान करना आपकी आवेदन प्रक्रिया का अंतिम चरण है। 

भारत के विश्वविद्यालयों में आवेदन प्रक्रिया, इस प्रकार है–

  • सबसे पहले अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट में जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • यूनिवर्सिटी की वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूज़र नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  • फिर वेबसाइट में साइन इन के बाद अपने चुने हुए कोर्स का चयन करें जिसे आप करना चाहते हैं।
  • अब शैक्षिक योग्यता, वर्ग आदि के साथ आवेदन फॉर्म भरें।
  • इसके बाद आवेदन फॉर्म जमा करें और आवश्यक आवेदन शुल्क का भुगतान करें। 
  • यदि एडमिशन, प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा के अंको के आधार पर आपका चयन किया जाएगा और लिस्ट जारी की जाएगी।

आवश्यक दस्तावेज़  

कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ों की लिस्ट नीचे दी गई हैं–

प्रवेश परीक्षाएं

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स में एडमिशन के लिए अलग-अलग संस्थानों द्वारा अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं, जिनमें से कुछ यहां दी गई हैं :

एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग के बाद जॉब प्रोफाइल एंड सैलरी  

Environmental engineering in Hindi के क्षेत्र में आप INR 5 से 50 लाख तक कमा सकते हैं। यह सैलरी आपकी स्किल्स और एक्सपीरियंस के अनुसार बढ़ती रहती है। एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग में कुछ लोकप्रिय जॉब प्रोफाइल और उनकी औसत सैलरी glassdoor.co.in के अनुसार नीचे दी गई है:

जॉब प्रोफाइल औसत सालाना सैलरी INR
प्रोफेसर ₹12-15 लाख  
प्रोसेस ऑपरेटर ₹3-5 लाख
रिसर्च असिस्टेंट ₹4-8 लाख
वॉटर इंजीनियर ₹13-15 लाख
ड्रिलिंग पर्सनेल ₹16-20 लाख
बायो रिसर्च असिस्टेंट ₹4-6 लाख
टेक्निकल टेस्ट इंजीनियर ₹5-7 लाख
एयर क्वालिटी स्पेशलिस्ट ₹8-10 लाख
एनवायर्नमेंटल ऑफिसर ₹4-8 लाख
लीड प्रोजेक्ट इंजीनियर ₹10-15 लाख
ROV तकनीशियन ₹14-15 लाख

FAQ

एक एनवायर्नमेंटल इंजीनियर का क्या काम होता है?

एनवायर्नमेंटल इंजीनियर पर्यावरण को प्रदुषण मुक्त रखने के लिए काम करते हैं जैसे- रीसाइक्लिंग, वेस्ट डिस्पोजल, पब्लिक हेल्थ, वॉटर एंड एयर पॉल्यूशन कण्ट्रोल।

एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग में कौनसे विषय शामिल किये गए है?

एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग में शामिल किये गए विषय नीचे दिए गए हैं:
1. केमिस्ट्री
2. इकोलॉजी
3. जियोलॉजी
4. हाइड्रोलिक
5. हाइड्रोलॉजी
6. मैथेमेटिक्स
7. बायोलॉजी

एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आप सालाना कितना कमा सकते हैं?

एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आप भारत में सालाना ₹3 से ₹16 तक कमा सकते हैं, वहीँ UK में सालाना £25,330 से £84,597 तक कमा सकते हैं। यह सैलरी आपकी स्किल्स और अनुभव के अनुसार बढ़ती रहती है। 

उम्मीद है, कि इस ब्लॉग ने आपको Environmental engineering in Hindi के बारे में पूरी जानकारी प्रदान की है। यदि आप भी विदेश में एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं तो हमारे Leverage Edu एक्सपर्ट्स के साथ 30 मिनट का फ्री सेशन 1800 572 000 पर कॉल कर बुक करें।

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