कंप्यूटर इंजीनियर कैसे बनें?

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आज के समय मे दुनिया डिजीटलाइज़ेशन की ओर तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में अधिकतर युवा कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। विभिन्न देशों की सरकार डिजिटल एम्पावरमेंट को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में कंप्यूटर इंजीनियर की काफ़ी मांग है। यह एक बेहतरीन करियर विकल्प है। आइए विस्तार से जानते हैं कि computer engineer kaise bane।

This Blog Includes:
  1. कंप्यूटर इंजीनियर कौन होते हैं?
  2. कंप्यूटर इंजीनियर की जिम्मेदारियां
  3. कंप्यूटर इंजीनियर के लिए ज़रूरी स्किल
  4. कंप्यूटर इंजीनियर के प्रकार
    1. सॉफ्टवेयर इंजीनियर
    2. हार्डवेयर इंजीनियर
  5. कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइड
    1. स्टेप 1: एक बैचलर डिग्री कोर्स चुनें।
    2. स्टेप 2: इंटर्नशिप करें।
    3. स्टेप 3: मास्टर डिग्री कोर्स करें।
    4. स्टेप 4: सर्टिफिकेशन
    5. स्टेप 5: टेक्नोलॉजी के साथ बने रहें।
    6. स्टेप 6: अच्छी नौकरी की तलाश करें।
  6. टॉप कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्सेज
  7. कंप्यूटर इंजीनियरिंग में पढ़ाए जाने वाले विषय
  8. योग्यता
  9. कंप्यूटर इंजीनियरिंग के लिए दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज़
  10. कंप्यूटर इंजीनियरिंग के लिए भारत की टॉप यूनिवर्सिटीज़
  11. आवेदन प्रक्रिया 
  12. आवश्यक दस्तावेज 
  13. प्रवेश परीक्षाएं
  14. कंप्यूटर इंजीनियरिंग की जॉब के लिए बेस्ट कंपनियां
  15. कंप्यूटर इंजीनियर की सैलरी
  16. FAQs

कंप्यूटर इंजीनियर कौन होते हैं?

कंप्यूटर इंजीनियर विभिन्न क्षेत्र में काम करते हैं, जिनमें कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर की डेवलपिंग और मैनटैनिंग शामिल है। एक कंप्यूटर इंजीनियर स्पेशल सोल्युशन या न्यू टेक्नोलॉजी बनाने के लिए कंप्यूटर हार्डवेयर डिज़ाइन करता है। एक कंप्यूटर इंजीनियर की जॉब में मुख्य रूप से डिटेल रिसर्च और डिजाइनिंग शामिल हैं। उदाहरण के लिए Intel और Samsung जैसी कंपनियां फ़ोन, प्रोसेसर और राऊटर जैसे डिवाइस को डिजाइन करने के लिए कई कंप्यूटर इंजीनियर को अप्पोइंट करती हैं। 

कंप्यूटर इंजीनियर की जिम्मेदारियां

कंप्यूटर इंजीनियर की कुछ भूमिकाएं और जिम्मेदारियां होती हैं, जो इस प्रकार हैं।

  • कंपनी के डेटाबेस की सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और फ़ंक्शनेलिटी की देखरेख करना।
  • विभिन्न कंप्यूटर एप्लीकेशन, सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए कोड बनाना।
  • कस्टमर को टेक्निकल सपोर्ट प्रदान करना।
  • कंप्यूटर सिस्टम का आर्किटेक्चर और यूजर इंटरफ़ेस (UI) डिज़ाइन करना।
  • सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और कंप्यूटर सिस्टम या अन्य डिजिटल डिवाइस के लिए एप्लीकेशन बनाना। 
  • कंपनी के लिए रिसर्च कोऑर्डिनेशन, सर्वे करना, डाटा रिकॉर्ड और एनालाइज करना और इंटरनेट के माध्यम से इन्फॉर्मेशन कलेक्ट करना। 

कंप्यूटर इंजीनियर के लिए ज़रूरी स्किल

Computer engineer kaise bane के लिए महत्वपूर्ण स्किल ज़रूरी है। उनके कुछ उदाहरण यहां दिए गए हैं।

  • कोडिंग: कोडिंग वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के प्रोफ़ेशनल्स सॉफ्टवेयर और प्रोग्राम बनाते हैं। एक कंप्यूटर इंजीनियर को अपने करियर में सफल होने के लिए कोडिंग की जानकारी होनी चाहिए।
  • कम्युनिकेशन स्किल: कंप्यूटर इंजीनियर अक्सर सॉफ्टवेयर और डिबग प्रोग्राम विकसित करने के लिए टीमों में काम करते हैं। एक कंप्यूटर इंजीनियर को नए कर्मचारियों या अन्य इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने की भी आवश्यकता हो सकती है, जिसके लिए कम्युनिकेशन स्किल का होना जरूरी है।
  • प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल: अपने काम में कंप्यूटर इंजीनियर को बहुत सारी प्रॉब्लम का सामना करना पड़ता है। प्रोग्राम डिबग करना या गड़बड़ियों को खोज कर जल्द से जल्द ठीक करना उनकी जिम्मेदारी होती है। इसके लिए उन्हें सोल्युशन प्रस्तावित करने के लिए सक्षम होना जरूरी है।
  • रिसर्च स्किल: कोडिंग और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के बारे में अधिक सीखना रिसर्च से शुरू होता है। जब कंप्यूटर इंजीनियर को कुछ प्रॉब्लम का सामना करना पड़ता है, जैसे कि कौन से मेथड का उपयोग किया जाए, किस मेथड से सबसे अच्छा रिजल्ट मिल सकता है, तब उन्हें रिसर्च की अवश्यकता होती है। अतः कंप्यूटर इंजीनियर को जानकारी खोजने और एक्सप्लेन करने के लिए स्टेलर रिसर्च स्किल की आवश्यकता होती है।
  • रेसिलिएंस: कई बार ऐसा होता है जब एक कंप्यूटर इंजीनियर का सुझाव टीम द्वारा उपयोग की जाने वाली विधि नहीं हो सकती है। कंप्यूटर इंजीनियर के लिए टेक्निकल नॉलेज महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उन्हें असफलताओं के बाद भी महान विचार प्रदान करना जारी रखने की अनुमति देता है।
  • सिक्योरिटी: कंप्यूटर इंजीनियर के लिए साइबर सिक्योरिटी को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे अक्सर उन कंपनियों और व्यक्तियों के लिए प्रोग्राम और सॉफ्टवेयर कोडिंग करते हैं जो अपनी जानकारी को निजी रखना चाहते हैं। अतः कंप्यूटर इंजीनियर के पास साइबर सिक्योरिटी की समझ होना ज़रूरी है।

कंप्यूटर इंजीनियर के प्रकार

सामान्यत: कंप्यूटर इंजीनियर 2 प्रकार के होते हैं- सॉफ्टवेयर इंजीनियर और हार्डवेयर इंजीनियर।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर

सॉफ्टवेयर इंजीनियर वह होता है, जो कंप्यूटर से संबंधित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए सॉफ्टवेयर बनाता है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर कई तरह की प्रोग्रामिंग करके सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन बनाता है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर को कंप्यूटर की पूरी जानकारी के साथ कोडिंग और कंप्यूटर भाषा का पूरा ज्ञान होता है, जिसकी मदद से वे कई तरह के सॉफ्टवेयर बनाते हैं।

हार्डवेयर इंजीनियर

हार्डवेयर इंजीनियर को सभी प्रकार के कंप्यूटर पार्ट्स जैसे मदरबोर्ड, सीपीयू कीबोर्ड, माउस आदि पर अनुसंधान, डिजाइन, विकास, परीक्षण और नेटवर्किंग पर काम करना होता है।

कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइड

Computer engineer kaise bane के लिए हमने नीचे कुछ ज़रूरी पॉइंट्स बताएं हैं । आप उन्हें फॉलो करके एक अच्छे कंप्यूटर इंजीनियर के रूप में अपना करियर बना सकते हैं:

स्टेप 1: एक बैचलर डिग्री कोर्स चुनें।

कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए पहला कदम कंप्यूटर इंजीनियरिंग या कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग या इलेक्ट्रिक्ल इंजीनियरिंग में बैचलर्स डिग्री हासिल करना है। कोर्स वर्क में आमतौर पर कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, मैथेमेटिक्स, कैलकुलस, कंप्यूटर आर्किटेक्चर और हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर मैथेमेटिकल स्ट्रक्टर्स की शिक्षा दी जाती है। इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के लिए ऐक्रेडिटेशन बोर्ड (ABET) द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूलों की तलाश करें। यह स्टेप आपके करियर का सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है।

स्टेप 2: इंटर्नशिप करें।

कई कॉलेज बड़ी कंपनियों के लिए इंटर्नशिप प्रदान करते हैं, और यह एक अवसर है जिसका लाभ हर छात्र को उठाना चाहिए। इंटर्नशिप न केवल एक छात्र को कंप्यूटर इंजीनियरिंग एप्लीकेशन से परिचित कराती है, बल्कि यह कैंडिडेट को जॉब एक्सपीरियंस प्रदान करती है। जब नौकरी की तलाश करने का समय आता है, तो पोटेंशियल एम्प्लॉयर्स द्वारा एक्सपेरिएंस्ड कैंडिडेट पर विचार किए जाने की अधिक संभावना होती है। आप कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में पार्ट टाइम जॉब भी कर सकते हैं। 

स्टेप 3: मास्टर डिग्री कोर्स करें।

कई अच्छी कंपनी मास्टर डिग्री वाले कंप्यूटर इंजीनियर को प्राथमिकता देते हैं। अतः मास्टर्स कोर्स करना आपके करियर के लिए अच्छा साबित हो सकता है।

स्टेप 4: सर्टिफिकेशन

कंप्यूटर इंजीनियर को अपनी क्षेत्र के अलग-अलग आस्पेक्ट्स में सर्टिफिकेट प्राप्त करना चाहिए। इंस्टिट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (IEEE) निरंतर एजुकेशन क्रेडिट और प्रोफ़ेशनल डेवलपमेंट के अवसरों के साथ-साथ कंप्यूटर इंजीनियर के लिए सर्टिफिकेशन प्रदान करता है। प्रोफ़ेशनल लेवल पर, एसोसिएशन फॉर कंप्यूटिंग मशीनरी (ACM) में शामिल हो सकते हैं, जो साइंटिफिक कंप्यूटिंग में लगे लोगों के लिए सबसे बड़ा संगठन है। ABET मान्यता वाले कंप्यूटर इंजीनियर की मांग एम्प्लॉयर्स द्वारा की जाती है क्योंकि यह हाई स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन है।

स्टेप 5: टेक्नोलॉजी के साथ बने रहें।

सर्टिफिकेशन प्राप्त करने के साथ-साथ यह आवश्यक है कि कंप्यूटर इंजीनियर टेक्नोलॉजी में तेजी से हो रहे परिवर्तनों के साथ अप-टू-डेट रहें। अपनी स्किल्स पर मेहनत करते रहें और निरंतर प्रैक्टिस करते रहें।

स्टेप 6: अच्छी नौकरी की तलाश करें।

कंप्यूटर इंजीनियर कैंडिडेट की तलाश करने वाले एम्प्लॉयर्स के साथ आपके कॉलेज की अफिलिएशन होने की संभावना है। अपने कॉलेज के करियर सर्विस डिपार्टमेंट या किसी भी टेक्निकल जॉब फेयर का लाभ उठाए और एक अच्छी कंप्यूटर इंजीनियर की पोस्ट की तलाश करें।

टॉप कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्सेज

Computer engineer kaise bane में पढ़ाई के लिए कई कोर्सेज उपलब्ध हैं। कुछ टॉप कोर्सेज की लिस्ट नीचे दी गई है।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग में पढ़ाए जाने वाले विषय

कंप्यूटर इंजीनियरिंग में पढ़ाए जाने वाले कुछ विषयों की सूची नीचे दी गई है:

  • कंप्यूटर सिस्टम
  • प्रोग्रामिंग मैकेनिकल
  • कंप्यूटर आर्केटेक्चर
  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेज
  • डेटाबेस एंड फ़ाइल सिस्टम
  • सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग एंड आपरेटिंग सिस्टम
  • इन्फॉर्मेशन सिस्टम एंड सेक्युरिटी
  • कम्पाइलर सिस्टम
  • माइक्रोप्रोसेसर
  • एम्बेडेड सिस्टम
  • कंप्यूटर ग्राफ़िक्स
  • एडवांस सॉफ्टवेयर कोडिंग
  • ऑप्टिकल कॉम्युनिकेशन
  • नेचर लैन्वेज प्रोसेसिंग
  • आर्टिफिशियल एन्टीलेजेन्स
  • मल्टीमीडिया
  • वेब डेवलोपिंग
  • गेमिंग
  • एनालिसिस ऑफ डिज़ाइन एल्गोरिथ्म
  • सिस्टम सॉफ्टवेयर डेटाबेस
  • मोबाइल नेटवर्क
  • क्लाउड कंप्यूटर
  • सॉफ्टवेयर टेस्टिंग
  • डेटाबेस मैनेजमेंट
  • कंप्यूटर नेटवर्क

योग्यता

यदि आप इस क्षेत्र में डिग्री प्राप्त करने के इच्छुक हैं, तो आपको अपने चुने हुए विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा। ये आवश्यकताएं कोर्सेज के स्तर के अनुसार भिन्न होती हैं, जैसे बैचलर, मास्टर या डिप्लोमा। कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्सेज के लिए कुछ सामान्य पात्रता इस प्रकार हैं–

  • कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बैचलर्स डिग्री प्रोग्राम के लिए ज़रुरी है कि उम्मीदवारों ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से PCM (फिजिक्स, केमिस्ट्री, गणित) से 10+2 प्रथम श्रेणी से पास किया हो।
  • भारत में इंजीनियरिंग में बैचलर्स के लिए कुछ कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में JEE mains, JEE Advanced जैसे प्रवेश परीक्षा के स्कोर अनिवार्य हैं। साथ ही कुछ कॉलेज और यूनिवर्सिटीज अपनी स्वयं की प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करतीं हैं। विदेश में इन कोर्सेज  के लिए यूनिवर्सिटी द्वारा निर्धारित आवश्यक ग्रेड आवश्यकताओं को पूरा करना जरुरी है, जो हर यूनिवर्सिटी और कोर्स के अनुसार अलग–अलग हो सकती है।
  • कंप्यूटर इंजीनियरिंग में PG प्रोग्राम के लिए संबंधित क्षेत्र में प्रथम श्रेणी के साथ बैचलर्स डिग्री होना आवाश्यक है। साथ ही कुछ यूनिवर्सिटीज प्रवेश परीक्षा के आधार पर भी एडमिशन स्वीकार करतीं हैं।
  • विदेश की अधिकतर यूनिवर्सिटीज बैचलर्स के लिए SAT और मास्टर्स कोर्सेज के लिए GRE स्कोर की मांग करते हैं।
  • विदेश की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए IELTS या TOEFL टेस्ट स्कोर, अंग्रेजी प्रोफिशिएंसी के प्रमाण के रूप में ज़रूरी होते हैं। जिसमे IELTS स्कोर 7 या उससे अधिक और TOEFL स्कोर 100 या उससे अधिक होना चाहिए।
  • विदेश यूनिवर्सिटीज में पढ़ने के लिए SOP, LOR, सीवी/रिज्यूमे और पोर्टफोलियो भी जमा करने की जरूरत होती है।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग के लिए दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज़

Computer engineer kaise bane के लिए दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज़ की लिस्ट नीचे दी गई है।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग के लिए भारत की टॉप यूनिवर्सिटीज़

कम्प्यूटर इंजीनियरिंग के लिए भारत की टॉप यूनिवर्सिटीज़ की लिस्ट नीचे दी गई है।

  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), बैंगलोर
  • इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, हैदराबाद
  • इंद्रप्रस्थ इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, दिल्ली
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, हैदराबाद
  • बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, पिलानी।
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, बॉम्बे
  • एलएनएम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, जयपुर।
  • वेल्लोर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, वेल्लोर
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, त्रिची

आवेदन प्रक्रिया 

विदेश के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया इस प्रकार है–

  • आपकी आवेदन प्रक्रिया का फर्स्ट स्टेप सही कोर्स चुनना है, जिसके लिए आप AI Course Finder की सहायता लेकर अपने पसंदीदा कोर्सेज को शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं। 
  • एक्सपर्ट्स से कॉन्टैक्ट के पश्चात वे कॉमन डैशबोर्ड प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई विश्वविद्यालयों की आपकी आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे। 
  • अगला कदम अपने सभी दस्तावेजों जैसे SOP, निबंध (essay), सर्टिफिकेट्स और LOR और आवश्यक टेस्ट स्कोर जैसे IELTS, TOEFL, SAT, ACT आदि को इकट्ठा करना और सुव्यवस्थित करना है। 
  • यदि आपने अभी तक अपनी IELTS, TOEFL, PTE, GMAT, GRE आदि परीक्षा के लिए तैयारी नहीं की है, जो निश्चित रूप से विदेश में अध्ययन करने का एक महत्वपूर्ण कारक है, तो आप Leverage Live कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। ये कक्षाएं आपको अपने टेस्ट में उच्च स्कोर प्राप्त करने का एक महत्त्वपूर्ण कारक साबित हो सकती हैं।
  • आपका एप्लीकेशन और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद, एक्सपर्ट्स आवास, छात्र वीज़ा और छात्रवृत्ति/छात्र लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे । 
  • अब आपके प्रस्ताव पत्र की प्रतीक्षा करने का समय है जिसमें लगभग 4-6 सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। ऑफर लेटर आने के बाद उसे स्वीकार करके आवश्यक सेमेस्टर शुल्क का भुगतान करना आपकी आवेदन प्रक्रिया का अंतिम चरण है। 

भारत के विश्वविद्यालयों में आवेदन प्रक्रिया, इस प्रकार है–

  1. सबसे पहले अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट में जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  2. यूनिवर्सिटी की वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  3. फिर वेबसाइट में साइन इन के बाद अपने चुने हुए कोर्स का चयन करें जिसे आप करना चाहते हैं।
  4. अब शैक्षिक योग्यता, वर्ग आदि के साथ आवेदन फॉर्म भरें।
  5. इसके बाद आवेदन फॉर्म जमा करें और आवश्यक आवेदन शुल्क का भुगतान करें। 
  6. यदि एडमिशन, प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा के अंको के आधार पर आपका चयन किया जाएगा और लिस्ट जारी की जाएगी।

आवश्यक दस्तावेज 

कुछ जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट नीचे दी गई हैं–

प्रवेश परीक्षाएं

यहां उन सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रवेश परीक्षाओं की सूची दी गई है जिनका उपयोग भारत और विदेशों के विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग डिग्री के लिए छात्रों को प्रवेश देने के लिए करते हैं–

SAT (विदेश में बैचलर्स के लिए) GRE (विदेश में मास्टर्स के लिए)
JEE Mains JEE Advanced
AICET IMU CET
MERI Entrance Exam

कई एग्ज़ाम राज्य और यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर आयोजित करते हैं।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग की जॉब के लिए बेस्ट कंपनियां

कंप्यूटर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जॉब के लिए बेस्ट कंपनियों की सूची नीचे दी गई है:

  • Google
  • Microsoft
  • IBM
  • TCS
  • Adobe
  • Emphasis
  • Yahoo
  • Tech Mahindra
  • Aircel
  • Cisco
  • HCL
  • Sun microsystems
  • Accenture CTS
  • Wipro
  • Apple
  • Amazon
  • Flipkart
  • Snapdeal
  • LG
  • HP
  • Dell
  • Facebook
  • Mindtree
  • Mphasis
  • CGI

कंप्यूटर इंजीनियर की सैलरी

एक कंप्यूटर इंजीनियर की औसत सैलरी ₹5 से 7 लाख प्रति वर्ष होती है। एक कंप्यूटर इंजीनियर की सैलरी एंट्री लेवल पर ₹2- 3 लाख होती है। अनुभव के साथ कंप्यूटर इंजीनियर की औसत सालाना सैलरी ₹14 लाख से अधिक हो सकती है।

FAQs

भारत में एक कंप्यूटर इंजीनियर की शुरुआती सैलरी कितनी है?

भारत में कंप्यूटर इंजीनियर की शुरुआती सैलरी 2.5 से 3 लाख रू. प्रति वर्ष है।

क्या कंप्यूटर इंजीनियर को BTech के बाद अन्य सर्टिफिकेट कोर्स करना चाहिए?

सर्टिफिकेट कोर्स आपके रिज्यूमे को महत्व देते हैं और आप मल्टीप्ल रोल के लिए अप्लाई कर सकते हैं, इसलिए  यह एक अच्छा विकल्प है।

क्या कंप्यूटर इंजीनियरिंग एक अच्छा करियर विकल्प है?

कंप्यूटर इंजीनियरिंग अत्यधिक मांग है, चाहे वे किसी भी टेक्निकल क्षेत्र में काम करें, उनका वेतन इस बात को अच्छी तरह से दर्शाता है। अतः कंप्यूटर इंजीनियरिंग काफी अच्छा करियर विकल्प है।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग में कौन कौन से कोर्स होते हैं?

कंप्यूटर इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, बैचलर्स, मास्टर डिग्री कोर्स उपलब्ध है।

कंप्यूटर इंजीनियर का काम क्या होता है?

कंप्यूटर इंजीनियर कंप्यूटर और इसके पुर्जों को डिज़ाइन, टेस्टिंग और इम्प्लीमेंटेशन का कार्य करते हैं। इसके लिये उनको काफी रिसर्च और मेहनत करनी होती है। प्रोसेसर, सर्किट, मदरबोर्ड, राऊटर डिवाइस, मेमोरी, ऑपरेटिंग सिस्टम, मोबाइल डिवाइस आदि का निर्माण करते हैं।

हम आशा करते हैं कि अब आप जान गए होंगे कि computer engineer kaise bane। यदि आप कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई विदेश से करना चाहते हैं, तो बेहतर मार्गदर्शन लिए आज ही 1800572000 पर कॉल करके हमारे Leverage Edu के एक्सपर्ट के साथ 30 मिनट का फ्री सेशन बुक कीजिए। 

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