भारत के चौथे प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का जीवन परिचय – Morarji Desai Biography in Hindi

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Morarji Desai Biography in Hindi

Morarji Desai Biography in Hindi: इस वर्ष फरवरी माह के अंतिम दिन यानी 28 फरवरी, 2025 को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की 129वीं जयंती मनाई जाएगी। हालांकि उनका जन्मदिन 29 फरवरी को होता है जो कि लीप ईयर है।

मोरारजी देसाई भारत के दिग्गज राजनेता व स्वतंत्रता सेनानियों में से थे जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया था। वहीं इस दौरान उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा। बता दें कि मोरारजी देसाई वर्ष 1952 में बंबई के मुख्यमंत्री बने थे। इसके अलावा उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में केंद्रीय वित्त मंत्री, उप प्रधानमंत्री और भारत के चौथे प्रधानमंत्री (1977-79) का अहम पद संभाला था। 

अपने सराहनीय कार्यों के लिए उन्हें वर्ष 1991 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” (Bharat Ratna) से नवाजा गया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोराजी देसाई भारत के एकमात्र पूर्व प्रधानमंत्री हैं जिन्हें वर्ष 1990 में पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “निशान-ए–पाकिस्तान” (Nishan-e-Pakistan) से सम्मानित किया गया। आइए अब हम भारत के चौथे प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का जीवन परिचय (Morarji Desai Biography in Hindi) और उनकी उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानते हैं। 

नाम मोरारजी देसाई (Morarji Desai)
जन्म 29 फरवरी, 1896
जन्म स्थान भदेली गाँव, बुलसर जिला, गुजरात 
शिक्षा स्नातक 
पेशा राजनीतिज्ञ, स्वतंत्रता सेनानी  
पत्नी का नाम श्रीमती  गुजराबेन
पद भारत के चौथे प्रधानमंत्री (1977-79)
राजनीतिक पार्टी जनता पार्टी
सम्मान “भारत रत्न”, “निशान-ए–पाकिस्तान”
निधन 10 अप्रैल, 1995
समाधि स्थल अभय घाट, अहमदाबाद, गुजरात

गुजरात के बुलसर जिले में हुआ था जन्म – Morarji Desai Biography in Hindi

महान स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ मोराजी देसाई का जन्म 29 फरवरी, 1896 को गुजरात के बुलसर जिले के भदेली गाँव में हुआ था। उनके पिता एक स्कूल शिक्षक थे और माता गृहणी थीं। मोराजी देसाई ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ‘सेंट बुसर हाई स्कूल’ से प्राप्त की थी। इसके बाद तत्कालीन बंबई प्रांत के ‘विल्सन सिविल सेवा’ से वर्ष 1918 में स्नातक की डिग्री हासिल करने बाद उन्होंने 12 वर्षों तक डिप्टी कलेक्टर के रूप में कार्य किया।

सरकारी नौकरी से दिया त्यागपत्र 

ये वो दौर था जब राष्ट्रपिता ‘महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन के लिए शुरू किया गया ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ अपने मध्य में था। उस दौरान ब्रिटिश हुकूमत की न्याय व्यवस्था के खिलाफ मोरारजी देसाई का विश्वास उठ चुका था। इसलिए उन्होंने अपनी नौकरी से त्यागपत्र देकर पूर्ण रूप से आजादी की लड़ाई में भाग लेने का फैसला किया। वहीं स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने के कारण उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा। 

मोरारजी देसाई का राजनीति में प्रवेश  

आजादी के संग्राम में मोरारजी देसाई वर्ष 1931 में ‘अखिल भारतीय कांग्रेस समिति’ के सदस्य बने और वर्ष 1937 तक ‘गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी’ के सेक्रेटरी का पद संभाला। इसके बाद जब पहली कांग्रेस सरकार ने वर्ष 1937 में कार्यभार संभाला तब मोरारजी देसाई राजस्व, कृषि, वन एवं सहकारिता मंत्रालय के मंत्री बने।

इसके बाद महात्मा गांधी द्वारा शुरू किए गए ‘सत्याग्रह आंदोलन’ में अन्य नेताओ के साथ मोरारजी को भी ब्रिटिश हुकूमत द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। वर्ष 1941 में जेल से रिहाई के बाद उन्हें वर्ष 1942 में ‘भारत छोड़ो आंदोलनमें भाग लेने के लिए दोबारा गिरफ्तार कर लिया। वर्ष 1945 में जेल से रिहा होने के बाद वह वर्ष 1946 राज्य विधानसभा के चुनावों के बाद मुंबई में गृह एवं राजस्व मंत्री बने। वहीं इसके बाद वे वर्ष 1952 में बंबई के मुख्यमंत्री बने।

उप-प्रधानमंत्री पद से दिया इस्तीफा

वर्ष 1967 में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडल में मोरारजी देसाई उप-प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्रालय के प्रभारी मंत्री के रूप में शामिल हुए। किंतु वैचारिक मतभेद होने के कारण उन्होंने वर्ष 1969 में  भारत के उप-प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 

आपातकाल के दौरान हुए गिरफ्तार 

वर्ष 1975 में आपातकाल के खिलाफ जब अन्‍य विरोधी पार्टियां लामबंद हुईं तो इनसे बनी ‘जनता पार्टी’ (Janata Party) का मोरारजी देसाई ने समर्थन किया। लेकिन आपातकाल घोषित होने के समय 26 जून 1975 को उन्हें हिरासत में ले लिया गया। जिसके कारण उन्हें कुछ वर्ष जेल में रहना पड़ा किंतु वर्ष 1977 में रिहा होने के बाद उन्होंने देश भर में अभियान चलाया और छठी लोकसभा के लिए आयोजित आम चुनाव में जनता पार्टी ने जबरदस्‍त जीत हासिल की। 

भारत के चौथे प्रधानमंत्री बने 

इस आम चुनाव में मोरारजी देसाई गुजरात के सूरत निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने गए थे। इसके बाद उन्हें सर्वसम्मति से संसद में जनता पार्टी के नेता के रूप में चुना गया एवं 24 मार्च 1977 को उन्होंने भारत के चौथे प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।

99 वर्ष की आयु में हुआ निधन 

मोरारजी देसाई को उनके अभूतपूर्व कार्यों के लिए भारत और पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्‍न” और “निशान-ए–पाकिस्तान” से सम्मानित किया गया था। 10 अप्रैल 1995 को 99 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया किंतु उनके सराहनीय कार्यों के लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है। 

पढ़िए भारत के महान राजनीतिज्ञ और साहित्यकारों का जीवन परिचय 

यहाँ भारत के चौथे प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का जीवन परिचय (Morarji Desai Biography in Hindi) के साथ ही भारत के महान राजनीतिज्ञ और साहित्यकारों का जीवन परिचय की जानकारी भी दी जा रही हैं। जिसे आप नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:-

के.आर. नारायणनडॉ. एपीजे अब्दुल कलाममहात्मा गांधी
पंडित जवाहरलाल नेहरूसुभाष चंद्र बोस बिपिन चंद्र पाल
गोपाल कृष्ण गोखलेनामवर सिंह सरदार वल्लभभाई पटेल
चन्द्रधर शर्मा गुलेरी मुंशी प्रेमचंद रामधारी सिंह दिनकर 
सुमित्रानंदन पंतअमरकांत आर.के. नारायण
मृदुला गर्ग अमृता प्रीतम मन्नू भंडारी
मोहन राकेशकृष्ण चंदरउपेन्द्रनाथ अश्क
फणीश्वर नाथ रेणुनिर्मल वर्माउषा प्रियंवदा
हबीब तनवीरमैत्रेयी पुष्पा धर्मवीर भारती
नासिरा शर्माकमलेश्वरशंकर शेष
असग़र वजाहतसर्वेश्वर दयाल सक्सेनाचित्रा मुद्गल
ओमप्रकाश वाल्मीकिश्रीलाल शुक्लरघुवीर सहाय
ज्ञानरंजनगोपालदास नीरजकृष्णा सोबती
रांगेय राघवसच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’माखनलाल चतुर्वेदी 
दुष्यंत कुमारभारतेंदु हरिश्चंद्रसाहिर लुधियानवी
जैनेंद्र कुमारभीष्म साहनीकाशीनाथ सिंह
विष्णु प्रभाकरसआदत हसन मंटोअमृतलाल नागर 
राजिंदर सिंह बेदीहरिशंकर परसाईमुनव्वर राणा

FAQs 

मोरारजी देसाई का जन्म कहाँ हुआ था?

उनका जन्म 29 फरवरी, 1896 को गुजरात के बुलसर जिले के भदेली गाँव में हुआ था। 

मोरारजी देसाई भारत के प्रधानमंत्री कब बने?

24 मार्च 1977 को मोरारजी देसाई ने भारत के चौथे प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

मोरारजी देसाई की पत्नी का नाम क्या था?

उनकी पत्नी का नाम श्रीमती गुजराबेन है।

किस प्रधानमंत्री का जन्मदिन 4 साल में एक बार आता है?

बता दें कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का जन्मदिन चार वर्ष में एक बार 29 फरवरी को आता है। 

मोरारजी देसाई का निधन कब हुआ था?

मोरारजी देसाई का 10 अप्रैल 1995 को 99 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था। 

मोरारजी देसाई के बाद भारत का प्रधानमंत्री कौन बना? 

मोरारजी देसाई के बाद “चौधरी चरण सिंह” भारत के प्रधानमंत्री बने थे। 

मोरारजी देसाई के समाधि स्थल का क्या नाम है?

अभय घाट (Abhay Ghat), गुजरात के अहमदाबाद शहर में है। बताना चाहेंगे यह स्वर्गीय प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का समाधि स्थल है। 

मोरारजी देसाई ने प्रधानमंत्री के रूप में कितने वर्षों तक सेवा की?

मोरारजी देसाई का प्रधानमंत्रीत्व 24 मार्च, 1977 से 28 जुलाई 1979 तक रहा।

मोरारजी देसाई किस पार्टी से थे

मोरारजी देसाई “जनता पार्टी” (Janata Party) से थे। 

आशा है कि आपको भारत के चौथे प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का जीवन परिचय (Morarji Desai Biography in Hindi) पर हमारा यह ब्लॉग पसंद आया होगा। ऐसे ही अन्य प्रसिद्ध कवियों और महान व्यक्तियों के जीवन परिचय को पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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