C V Raman, जिनकी खोज ने देश का बढ़ाया मान!

Rating:
4.2
(24)
C.V. Raman

जब भी भारत में महान हस्तियों की बात आती है तो उसमें CV Raman का नाम हमेशा list में सबसे ऊपर आता है। 20th century के सबसे प्रभावशाली वैज्ञानिकों में से एक थे CV Raman। Raman की जिज्ञासा और सीखने की खोज ने उन्हें क्रांतिकारी खोजों की ओर हमेशा motivate किया जो modern science में सबसे ऊपर हैं। विज्ञान के क्षेत्र में उनका योगदान महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, वह देश के ज्यादातर research institutes की स्थापना का हिस्सा भी रहे थे। आइए, CV Raman biography in Hindi में जानिए इस महान वैज्ञानिक के बारे में।

सरकारी जॉब और प्राइवेट जॉब, किसका है ज्यादा फायदा

शुरुआती जीवन

source: Pinterest

7 नवंबर, 1888 को Tamil Nadu के Tiruchirappalli शहर में जन्मे चंद्रशेखर वेंकट रमन आठ बच्चों में से दूसरे number के थे। उनके पिता चंद्रशेखरन रामनाथन अय्यर mathematics और physics के teacher थे। उनकी मां पार्वती अम्मल को उनके पति ने पढ़ना-लिखना सिखाया था। रमन के जन्म के समय, परिवार financially unstable था, लेकिन जब Raman चार साल के थे, तो उनके पिता एक lecturer बन गए, जिससे उनके रहने की स्थिति में सुधार हुआ और वे Visakhapatnam (अब Vizag) चले गए। बहुत छोटी उम्र से ही CV Raman की शिक्षा extraordinary रही थी। Raman का हमेशा से ही science की ओर ज्यादा interest था।

जैसे-जैसे Raman बड़े हुए, उन्होंने अपने पिता की किताबें पढ़ना शुरू किया। बहुत ही कम उम्र में Raman को पढ़ने का महत्व समझ में आ गया था, वह अपने दोस्तों से mathematics और physics पर किताबें अक्सर उधार ले लिया करते थे। College में अपने पढ़ने के दौरान, academic excellence CV Raman की विशेषता बन गई। संभवतः 20वीं सदी के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक CV Raman को independence के बाद भारत के पहले national professor के रूप में चुना गया था।

100 Motivational Quotes in Hindi

C V Raman Education

Source: Pinterest

सीवी रमन की शिक्षा स्कूल में शुरू नहीं हुई थी, लेकिन उस समय उन्हें विज्ञान के प्रति अपने प्यार का एहसास हुआ। 11 साल की उम्र में, उन्होंने अपनी matriculation की पढ़ाई पूरी की और 14 साल की उम्र में, रमन ने 1903 में Presidency college में अपनी bachelor degree शुरू की। 1904 में, उन्होंने physics और English में medal जीतकर, एक topper के रूप में उभरकर अपनी degree पूरी की।

हालांकि उनके professors ने उन्हें UK में अपने masters की पढ़ाई करने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने अपनी health के चक्कर में यह idea drop कर दिया। वे भारत में रहे और उसी कॉलेज से higher education प्राप्त की। 1907 में, Presidency college से masters degree हासिल करने के बाद, उन्होंने finance department में एक accountant के रूप में काम किया। 1917 में, वे Calcutta university में physics के professor बने जहाँ उन्होंने अपनी research को आगे बढ़ाया और विभिन्न पदार्थों में ‘scattering of light’ की पढ़ाई की, जिससे उन्हें बहुत प्रशंसा मिली।

Personality Development Tips in Hindi

C V Raman Biography in Hindi

CV Raman Biography in Hindi
Source – Good Morning Science

CV Raman का करियर काफी शानदार रहा। उनके जीवन में उन्होंने वो मुकाम हासिल किया जिसके वे हकदार थे। उन्होंने अपने करियर में कई सफलता हासिल की, इसी की बदौलत उनको Nobel prize से नवाजा गया। वहीं करियर के शुरुआत में Raman के टीचरों ने उनके पिता को सलाह दी कि वह उनको higher education के लिए England भेंज दें लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण वह उच्च शिक्षा के लिए विदेश नहीं जा सके।

इस परीक्षा में Raman ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और सरकार के financial department में officer appoint हो गये। Raman Kolkata में assistant accountant general की post पर appoint हुए और अपने घर में ही एक छोटी-सी lab बनाई। Kolkata में उन्होंने  ‘Indian Association for Cultivation of Science (IACS)’ के lab में अपनी research जारी रखी। हर सुबह वो दफ्तर जाने से पहले council की lab में पहुँच जाते थे। वो Sunday को भी सारा दिन lab में गुजारते और अपने experiments में व्यस्त रहते थे।

ऐसे कई सालों तक चलता रहा लेकिन जब उनको लगा कि वह नौकरी के साथ अपनी lab को समय नहीं दे पा रहे है तो Raman ने वर्ष 1917 में सरकारी नौकरी छोड़ दी और IACS के अंतर्गत physics में palit chair स्वीकार कर ली। सन 1917 में Calcutta university के physics के professor के तौर पर वह appoint हुए।

  • ‘Opticus’ के क्षेत्र में उनके योगदान के लिये वर्ष 1924 में Raman को London की ‘Royal Society’ का सदस्य बनाया गया और यह किसी भी वैज्ञानिक के लिये बहुत सम्मान की बात थी।
  • ‘Raman Effect’ की खोज 28 February 1928 को हुई। रमन ने इसकी घोषणा अगले ही दिन foreign press में कर दी थी। प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका ‘नेचर’ ने उसे प्रकाशित किया। उन्होंने 16 मार्च, 1928 को अपनी नयी खोज के ऊपर Bangalore स्थित South Indian Science Association में भाषण दिया। इसके बाद धीरे-धीरे विश्व की सभी labs में ‘Raman Effect’ पर research होनी शुरू हो गई।
  • वर्ष 1929 में CV Raman Indian science congress के president भी थे। वर्ष 1930 में light के scattering और Raman Effect की खोज के लिए उन्हें physics के क्षेत्र में prestigious Nobel Prize से सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 1934 में रमन को Bangalore स्थित Indian Institute of Science (IIS) का director बनाया गया। उन्होंने still की spectrum nature, still dynamics के basic मुद्दे, diamond structure और qualities और अनेक colored substances के optical conduction पर भी research की। उन्होंने ही पहली बार तबले और मृदंगम के harmonic की प्रकृति की खोज की थी। वर्ष 1948 में वो IIS से retired हुए। इसके बाद उन्होंने Bangalore में Raman Research Institute की स्थापना की।

Non Cooperation Movement : सुविधाएँ, कारण और परिणाम

पुरस्कार और सम्मान

चंद्रशेखर वेंकट रमन को विज्ञान के क्षेत्र में योगदान के लिए अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

  • वर्ष 1924 में रमन को लन्दन की ‘रॉयल सोसाइटी’ का सदस्य बनाया गया
  • ‘रमन प्रभाव’ की खोज 28 फ़रवरी 1928 को हुई थी। इस महान खोज की याद में 28 फ़रवरी का दिन भारतमें हर वर्ष ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है
  • वर्ष 1929 में भारतीय विज्ञान कांग्रेस की अध्यक्षता की
  • वर्ष 1929 में नाइटहुड दिया गया
  • वर्ष 1930 में प्रकाश के प्रकीर्णन और रमण प्रभाव की खोज के लिए उन्हें भौतिकी के क्षेत्र में प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार मिला।
  • 1932 Spain में CV Raman और Suri Bhagavantam ने photon quantum की खोज की थी. इस खोज में दोनों ने एक दुसरे को सहयोग किया था।
  • 1947 में भारत सरकार द्वारा CV Raman राष्ट्रीय व्याख्याता (national lecturer) के post से सम्मानित किया गया था।
  • 1948 में The American Chemical Society और Indian Association for the Cultivation of Science द्वारा international chemical farming science में भी उन्हें पुरस्कार मिला था।
  • वर्ष 1954 में भारत रत्न से सम्मानित
  • वर्ष 1957 में लेनिन शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया

सी वी रमन की खोज

CV Raman Biography in Hindi
Source – IndiaTimes

सन 1928 को महान वैज्ञानिक और Nobel prize winner Sir CV Raman ने अपने मशहूर रमन प्रभाव (Raman Effect) की खोज की थी। इस खोज से न सिर्फ इस बात का पता चला कि समुद्र का पानी नीले रंग का क्यों होता है, यह भी पता चला कि जब भी कोई light किसी transparent माध्यम से होकर गुजरती है तो उसके nature और behavior में बदलाव आ जाता है। इससे भी ज्यादा खास बात ये है कि ये पहली बार था जब किसी भारतीय को science में Nobel prize मिला था। इसी कारण 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day) मनाया जाता है।

Personal Life

CV Raman की शादी 6 मई 1907 को लोकसुंदरी अम्मल से हुई थी। उनके दो पुत्र थे – चंद्रशेखर और राधाकृष्णन। लोकसुंदरी अम्मल का निधन 1980 को Bengaluru में 88 साल की उम्र में हुआ था।

निधन

21 November 1970 को CV Raman का 82 वर्ष की उम्र में Bengaluru में हुआ था। October 1970 में CV को heart attack आने पर हॉस्पिटल में admit कराया गया था।

सी वी रमन पर निबंध

प्रस्तावना

CV Raman का जन्म 7 November 1888 को South India के Tamil Nadu के Tiruchirappalli शहर के ब्राह्मण परिवार में हुआ था। CV Raman का पूरा नाम Chandrasekhara Venkata Raman था। इनके पिता का नाम Chandrashekhar Iyer था जो physics, science एवं mathematics के teacher थे।  इनके माता का नाम Parvati था। CV Raman के पिता को पढ़ने का बहुत शौक था, इसलिए अपनें घर में ही छोटी सी library बना रखी थी। रमन जब 4 साल के थे, तभी से वे Vizag में रहते थे। CV Raman का कम उम्र में ही science और English की पुस्तकों से परिचय हो गया था। संगीत के प्रति उनका लगाव था, आगे चलकर उनकी scientific discoveries का विषय बना।

चंद्रशेखर वेंकट रमन की शिक्षा

CV की primary education Vizag में हुई थी। 12 साल की उम्र में मैट्रिक की परीक्षा और 13 साल की उम्र में intermediate exam pass की। इसके बाद higher education के लिए Chennai चले गए । सन 1903 में Chennai के Presidency college में BA में उन्होंने प्रथम स्थान हासिल करके gold medal प्राप्त किये थे । सन 1907 में MA maths में first class high marks के साथ pass हुए परंतु उन्हें physics में gold medal दिया गया।

Importance of Value Education (मूल्य शिक्षा का महत्व)

Motivational Quotes

CV Raman के यह quotes आपको अपने जीवन में एक नई राह देने का काम करेंगे, जो इस प्रकार हैं।

मौलिक विज्ञान के बारे में अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि मुझे मौलिक विज्ञान में पूरा विश्वास है, और इसको किसी भी औधोगिक, अनुदेशात्मक, सरकारों के साथ ही किसी भी सैन्य बल से प्रेरित नहीं किया जाना चाहिए।

आधुनिक भौतिक विज्ञान के बारे में उन्होंने कहा कि आधुनिक भौतिक विज्ञान को पूरी तरह से परमाणु संविधान की मूल भुत परिकल्पना पर बनाया गया है।

अपने महान अनुभव के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि 1921 में जब गर्मियों में वो Europe गए, तब उन्हें पहला अवसर भूमध्य सागर के विचित्र नीले रंग के बदलने का अवलोकन प्राप्त हुआ।

सफलता और असफलता के बारे में उन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा है कि हम अपनी असफलता के खुद ही जिम्मेवार है। अगर हम असफल नहीं होंगे तो हम कभी भी कुछ भी सीख नहीं पायेंगे. असफलता से ही सफलता पाने के लिए प्रेरित होते है।

ज्ञान की खोज के बारे में उन्होंने कहा है कि हम अक्सर यह अवसर तलासते रहते है कि खोज कहा से की जाये, लेकिन हम यह देखते है प्राकृतिक घटना के प्रारंभिक बिंदु में ही एक नई शाखा का विकास छुपा हुआ है।

किसी भी सवाल से नहीं डरता अगर सवाल सही किया जाये तो प्राकृतिक रूप से उसके लिए सही जवाब के दरवाजे खुल जायेंगें।

आप ये हमेशा नहीं चुन सकते की कौन आपके जीवन में आएगा, लेकिन जो भी हो आप उनसे हमेशा शिक्षा ले सकते हो वो हमेशा आपको एक सीख ही देगा।

अगर कोई मुझसे सही से पेश आये तो हमेशा एक सही दिशा में सफलता को देखेगा, अगर मुझसे गलत तरीके से पेश आये तब तुम्हारी गर्त निश्चित है।

अगर कोई आपके बारे में अपने तरीके से सोचता है, तो वह अपने दिमाग के सबसे अच्छे जगह को बर्बाद करता है और यह उनकी समस्या हो सकती है, आपकी नहीं।

मुझे ऐसा लगता है और ये अहसास भी होता है कि अगर भारत की महिलाएं विज्ञान और विज्ञान की प्रगति में अपनी रूचि दिखाए, तो आज तक जो भी पुरुष हासिल करने में नाकाम रहे है वो वह सब कुछ वे प्राप्त कर सकती है।

Unknown Facts

देश के गौरव, CV Raman से जुड़े unknown facts इस प्रकार हैं।

  • 1928 में CV Raman को physics के Nobel prize के लिए nominate किया गया था, लेकिन वे मशहूर British physicist Owen Richardson से हार गए थे।
  • 1929 में भीं CV Raman France के मशहूर physicist Louis de Broglie से physics में Nobel prize हार गए थे।
  • CV Raman science में Nobel prize पाने वाले पहले Asian और पहले non-white व्यक्ति थे।
  • 1943 में में CV Raman ने Travancore Chemical और Manufacturing Co. Ltd companies शुरू की थी, जिसने match industry के लिए potassium chlorate का निर्माण किया।

FAQs

CV Raman की माता का क्या नाम था?

CV Raman की माता का नाम Parvathi Ammal था।

CV Raman ने किसका आविष्कार किया?

CV Raman ने 20 फरवरी 1928 को physics के क्षेत्र में एक खोज की थी। इस खोज को रमन प्रभाव (Raman Effect) के नाम से जाना जाता है। Physics के क्षेत्र में इस खोज के लिए उन्हें साल 1930 में Nobel Prize से सम्मानित किया गया था। CV Raman Nobel Prize हासिल करने वाले पहले Asian थे।

CV Raman की मृत्यु कब हुई थी?

CV Raman की मृत्यु 21 नवंबर 1970 को हुई थी।

CV Raman को भारत रत्न से किस वर्ष में सम्मानित किया गया था?

CV Raman को भारत रत्न 1954 में दिया गया था।

CV Raman का जन्म कब और कहां हुआ था?

CV Raman का जन्म  Thiruvanaikoil, Tiruchirappalli (Tamil Nadu) में हुआ था।

उम्मीद करते हैं कि आपको C V Raman biography in Hindi के ब्लॉग से प्रेरणा मिली होगी। यदि आप विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं, तो आज ही हमारे Leverage Edu experts से 1800 572 000 पर कॉल कर 30 मिनट का free session बुक करें।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

10,000+ students realised their study abroad dream with us. Take the first step today.

+91
Talk to an expert for FREE

You May Also Like

Motivational Quotes in Hindi (1)
Read More

200+ Motivational Quotes in Hindi

हिंदी मोटिवेशनल कोट्स (Motivational quotes in Hindi)  आपको अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मजबूत करते हैं,…