प्रोफेसर कैसे बनें?

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Professor kaise bane

एजुकेशन सेक्टर में सबसे प्रतिष्ठित पोस्ट प्रोफेसर की होती है। एक प्रोफेसर ही युवाओं को शिक्षा के लिए प्रेरित करता है और उनके करियर निर्माण में एक विशेष भूमिका निभाता है। क्या आप भी प्रोफेसर बनना चाहते हैं, लेकिन मन में सवाल है कि professor kaise bane? तो इसकी सारी जानकारी हम आपको इस ब्लॉग में देंगे। Professor kaise bane के बारे में विस्तार से जानने के लिए यह ब्लॉग पूरा पढ़ें।

प्रोफेसर किन्हें कहते हैं?

कॉलेज या यूनिवर्सिटी के सीनियर टीचर को सामान्य रूप से प्रोफ़ेसर कहते हैं। आमतौर पर एक प्रोफेसर अपने स्पेसिफिक क्षेत्र में एक्सपर्ट होते हैं। प्रोफेसर का काम केवल एक अच्छे कॉलेज या यूनिवर्सिटी में पढ़ाना नहीं है, एक प्रोफेसर छात्रों को पढ़ाना, रिसर्च करना, एडमिनिस्ट्रेटिव इशू को सोल्व करना आदि जैसे कई जिम्मेदारियां निभाते हैं। एक प्रोफेसर असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर करियर शुरू करते हैं फिर अनुभव के आधार पर ऊंची पोस्ट पर जाते हैं।

प्रोफेसर के प्रकार

प्रोफेसर कई प्रकार के होते है जिनके बारे में नीचे दिया गया है-

असिस्टेंट प्रोफेसर

असिस्टेंट प्रोफेसर एक एंट्री लेवल टीचिंग पोजीशन है। सभी प्रोफेसर एक असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में शुरुआत करते हैं और अनुभव बढ़ने के बाद प्रमोशन के द्वारा एक पूर्ण प्रोफेसर की पोजीशन को प्राप्त करते हैं।

एसोसिएट प्रोफेसर

एक असिस्टेंट प्रोफेसर, अनुभव के साथ एसोसिएट प्रोफेसर बन जाता है। पढ़ाना, छात्रों की देख–रेख करना, कांफ्रेंस अटेंड करना, प्रशासनिक मुद्दो को हल करना एक एसोसिएट प्रोफेसर की जिम्मेदारियां होती है।

हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट

एक HOD एसोसिएट प्रोफेसर को दी जाने वाली एक प्रेस्टीजियस पोजीशन है। डिपार्टमेंट के मैनेजमेंट की ज़िम्मेदारी HOD की होती है। 

विजिटिंग प्रोफेसर

एक विजिटिंग या गेस्ट प्रोफेसर, यूनिवर्सिटी का एक टेम्पररी स्टाफ मेंबर है। विजिटिंग प्रोफेसर एक कॉलेज या यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर होते हैं जिन्हें किसी अन्य कॉलेज या यूनिवर्सिटी में कुछ समय के लिए पढ़ाने के लिए बुलाया जाता है। 

एमेरिटस प्रोफेसर

आमतौर पर यह फ़ेलोशिप उन एक्सीलेंट प्रोफेसर को प्रदान की जाती है, जो भारत में ऑफिशियल रिटायरमेंट की आयु तक पहुँच चुके हैं, लेकिन फिर भी देश के अकादमिक कम्युनिटीज में अपना योगदान दे रहे हैं। इस प्रकार एमेरिटस प्रोफेसर अपनी संबंधित यूनिवर्सिटीज़ से जुड़े रहते हैं और एक स्पेशल होनोरारियम भी प्राप्त करते हैं जो रिटायरमेंट पेंशन और अन्य लाभों से अधिक है।

प्रोफेसर के कर्तव्य और जिम्मेदारियां

Professor kaise bane जानने के लिए प्रोफेसर की ज़िम्मेदारियों को जानना भी बेहद ज़रूरी है। एक प्रोफ़ेसर के कई कर्तव्य होते हैं। प्रोफेसर के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियों के बारे में नीचे बताया गया है-

  • प्रोफेसर लेक्चर, कोर्स करिकुलम तैयार करते हैं।
  • नई टीचिंग टेक्निक्स पर रिसर्च करते हैं और उनसे छात्रों को परिचित कराते हैं।
  • प्रोफेसर एग्जाम के लिए पैटर्न तैयार करते हैं।
  • छात्रों को सुपरवाइज़ करते हैं।
  • प्रोफेसर समिति, डिपार्टमेंटल, फैकल्टी मीटिंग और कांफ्रेंस में भाग लेते हैं।
  • एडमिशन, इंटरव्यू और अकादमिक काउन्सलिंग सेशंस के प्रमुख होते हैं।

प्रोफेसर बनने के लिए स्किल्स

प्रोफेसर बनने के लिए आपके पास स्पेसिफिक स्किल होना भी ज़रूरी है। प्रोफेसर बनने के लिए ज़रूरी स्किल नीचे दी गई है-

  1. एक अच्छे प्रोफेसर में क्रिएटिव थिंकिंग होनी चाहिए। ताकि वे टॉपिक को रोचक बना सकें और छात्र पढ़ाई के प्रति उत्साहित हों।
  2.  उनके पास अच्छी कम्युनिकेशन स्किल भी होनी चाहिए, ताकि वे अपने छात्रों के साथ कम्यूनिकेट कर सकें और बेहतर ढंग से उनके प्रश्नों को हल कर सकें।
  3. एक अच्छा प्रोफेसर बनने के लिए एक अच्छा स्पीकर होना ज़रूरी है। साथ ही आपकी प्रेजेंटेशन स्किल अच्छी होनी चाहिए ताकि छात्रों को कोई डाउट न रहे।
  4. एक अच्छे प्रोफेसर को टाइम मैनेजमेंट आना चाहिए, क्योंकि उनकी बहुत सारी जिम्मेदारियां होती हैं। जिसे सही समय पर किया जाना जरूरी है।

प्रोफेसर कैसे बनें?

यदि आप प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो स्टार्टिंग से ही आपको इसके लिए कड़ी मेहनत करने की ज़रुरत है। आइए जानें professor kaise bane के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइड-

  • स्टेप 1- हाई स्कूल: अगर आप एक प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो आप किसी भी विषय जिसमें आपकी विशेष रुचि हो, उसमें अच्छे अंकों के साथ 12वीं पास करें।
  • स्टेप 2- ग्रेजुएशन: अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब आपको जिस भी सब्जेक्ट का प्रोफेसर बनना है, उस विषय में बैचलर डिग्री कम से कम 55% अंकों के साथ पूरी करें
  • स्टेप 3- मास्टर डिग्री: आपको कम से कम 50%-55% के साथ मास्टर डिग्री में पास होना ज़रूरी है। मास्टर डिग्री में पास होने के बाद ही आप PhD के लिए योग्य साबित होते हैं। 
  • स्टेप 4- एंट्रेंस एग्जाम (NET और SLET): NET: National Eligibility Test (NET), UGC (University Grants Commission) द्वारा आयोजित की जाती है या कुछ राज्य स्तरीय परीक्षा TIFR, JRF-GATE, SLET पास करनी होगी। इस परीक्षा के लिए आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से कम से कम 55% अंकों के साथ मास्टर डिग्री होनी चाहिए। NET क्लियर करने के बाद आवेदक किसी भी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में एक असिस्टेंट प्रोफेसर की पोजीशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
  • स्टेप 5- M.Phil या PhD: प्रोफेसर बनने के लिए यह आखरी स्टेप है। पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद PhD या MPhil दोनों में से एक डिग्री पूरी करनी होगी तभी आप एक प्रोफेसर बन पाएंगे। एक पूर्ण या स्थायी प्रोफेसर और रिसर्चर बनने के लिए PhD की डिग्री अत्यंत जरूरी है। PhD करने के लिए कम से कम 55% अंकों के साथ मास्टर डिग्री अनिवार्य है।

आप AI Course Finder की मदद से भी अपने इंटरेस्ट के अनुसार अपनी पसंद के कोर्सेज और यूनिवर्सिटीज का चयन कर सकते हैं।

दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज़

PhD के लिए विश्व की कुछ टॉप यूनिवर्सिटीज़ इस प्रकार है:

  1. ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय
  2. स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय
  3. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी
  4. कैलिफोर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी
  5. मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी)
  6. कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय
  7. यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्केले
  8. येल विश्वविद्यालय
  9. प्रिंसटन विश्वविद्यालय
  10. शिकागो विश्वविद्यालय

भारत का सबसे बड़ा यूनिवर्सिटी फेयर UniConnect जहां आपको घर बैठे ही मिलेगा टॉप विश्वविद्यालयों के रिप्रेजेंटेटिव्स से मिलने का मौका। अभी रजिस्टर करें।

भारत में टॉप यूनिवर्सिटीज़  

भारत में PhD के लिए कुछ टॉप यूनिवर्सिटीज़ की लिस्ट नीचे दी गई है–

  • IIT, बॉम्बे
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़, बैंगलोर
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी
  • जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी
  • IIT, दिल्ली
  • IIT, मद्रास
  • हैदराबाद यूनिवर्सिटी
  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, पंजाब
  • एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा
  • सावित्री बाई फुले यूनिवर्सिटी

योग्यता  

प्रोफेसर बनने के लिए, कुछ सामान्य योग्यता इस प्रकार है:

  • आवेदक को 10+2 में कम से कम 50% अंकों के साथ पास होना आवश्यक है।
  • आवेदक को अच्छे अंकों के साथ अपनी बैचलर डिग्री पूरी करनी होगी।
  • PhD के लिए आपको संबंधित कोर्स में मास्टर डिग्री कम से कम 50%-55% अंकों के साथ पास करनी ज़रूरी है।
  • प्रोफेसर बनने के लिए आपके पास PhD की डिग्री होनी चाहिए।
  • भारत में PhD कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आपको UGC-NET, TIFR, JRF-GATE या स्टेट लेवल के एंट्रेंस परीक्षा पास करने होंगे।
  • विदेश में PhD करने के लिए कोई विशेष एंट्रेंस परीक्षा नहीं है, हालाँकि कुछ यूनिवर्सिटीज़ द्वारा एंट्रेंस परीक्षा संचालित करवाई भी जाती है।
  • आपकी अंग्रेजी में कुशलता को मापने के लिए एक अच्छा IELTS/ TOEFLस्कोर महत्व रखता है।
  • स्टेटमेंट ऑफ़ पर्पस यह एक लिखित स्टेटमेंट होती है जो आपके व्यक्तित्व को दर्शाती है।
  • अंग्रेजी में निबंध
  • लेटर ऑफ़ रिकमेन्डेशन या LORs
  • अपडेटेड प्रोफेशनल रिज्यूमे

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आवेदन प्रक्रिया 

विदेश के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • आपकी आवेदन प्रक्रिया का फर्स्ट स्टेप सही कोर्स चुनना है, जिसके लिए आप AI Course Finder की सहायता लेकर अपने पसंदीदा कोर्सेज को शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं। 
  • एक्सपर्ट्स से कॉन्टैक्ट के पश्चात वे कॉमन डैशबोर्ड प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई विश्वविद्यालयों की आपकी आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे। 
  • अगला कदम अपने सभी दस्तावेजों जैसे SOP, निबंध (essay), सर्टिफिकेट्स और LOR और आवश्यक टेस्ट स्कोर जैसे IELTSTOEFLSATACT आदि को इकट्ठा करना और सुव्यवस्थित करना है। 
  • यदि आपने अभी तक अपनी IELTSTOEFLPTEGMATGRE आदि परीक्षा के लिए तैयारी नहीं की है, जो निश्चित रूप से विदेश में अध्ययन करने का एक महत्वपूर्ण कारक है, तो आप Leverage Live कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। ये कक्षाएं आपको अपने टेस्ट में उच्च स्कोर प्राप्त करने का एक महत्त्वपूर्ण कारक साबित हो सकती हैं।
  • आपका एप्लीकेशन और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद, एक्सपर्ट्स आवास, छात्र वीजा और छात्रवृत्ति / छात्र लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे । 
  • अब आपके प्रस्ताव पत्र की प्रतीक्षा करने का समय है जिसमें लगभग 4-6 सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। ऑफर लेटर आने के बाद उसे स्वीकार करके आवश्यक सेमेस्टर शुल्क का भुगतान करना आपकी आवेदन प्रक्रिया का अंतिम चरण है। 

आकर्षक SOP और LOR में मदद के लिए Leverage Edu एक्सपर्ट्स से संपर्क करें, ताकि आपकी एप्लीकेशन बिना किसी परेशानी के जल्दी सेलेक्ट कर ली जाए।

भारत के विश्वविद्यालयों में आवेदन प्रक्रिया, इस प्रकार है–

  1. सबसे पहले अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट में जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  2. यूनिवर्सिटी की वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  3. फिर वेबसाइट में साइन इन के बाद अपने चुने हुए कोर्स का चयन करें जिसे आप करना चाहते हैं।
  4. अब शैक्षिक योग्यता, वर्ग आदि के साथ आवेदन फॉर्म भरें।
  5. इसके बाद आवेदन फॉर्म जमा करें और आवश्यक आवेदन शुल्क का भुगतान करें। 
  6. यदि एडमिशन, प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा के अंको के आधार पर आपका चयन किया जाएगा और लिस्ट जारी की जाएगी।

आवश्यक दस्तावेज 

कुछ जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट नीचे दी गई है–

छात्र वीजा पाने के लिए भी Leverage Edu विशेषज्ञ आपकी हर सम्भव मदद करेंगे।

एम्प्लॉयमेंट सेक्टर

नीचे दी गई एम्प्लॉयमेंट सेक्टर के अंतर्गत प्रोफेसर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं–

  • निजी संस्थान
  • सरकारी संस्थान
  • कोचिंग संस्थान
  • ऑनलाइन कोचिंग पोर्टल
  • शोध आधारित संस्थान

प्रोफेसर की सैलरी

प्रोफेसर की सैलरी उनके अनुभव पर निर्भर करती है। प्रोफेसर की औसत मासिक सैलरी नीचे टेबल में दी गई है–

जॉब प्रोफाइल औसत मासिक सैलरी (INR)
असिस्टेंट प्रोफेसर 30,000–60,000
एसोसिएट प्रोफेसर 60,000–1 लाख
गेस्ट प्रोफेसर 21,217 – 30,000
हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट 1–2 लाख

FAQs

प्रोफेसर की औसत सैलरी कितनी होती है?

एक प्रोफेसर की औसत सैलरी INR 3-5 लाख सालाना होती है।

प्रोफसर किन क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं?

नीचे दी गई एम्प्लॉयमेंट सेक्टर के अंतर्गत प्रोफेसर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं–
1. निजी संस्थान
2. सरकारी संस्थान
3. कोचिंग संस्थान
4. ऑनलाइन कोचिंग पोर्टल
5. रिसर्च आधारित संस्थान

क्या बिना PhD डिग्री के प्रोफेसर बन सकते हैं?

मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद NET क्लियर करके आप किसी भी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में एक असिस्टेंट प्रोफेसर की पोजीशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। लेकिन पूर्ण प्रोफेसर बनने के लिए PhD करना अनिवार्य है।

प्रोफेसर किसे कहते हैं?

कॉलेज या यूनिवर्सिटी के सीनियर टीचर को सामान्य रूप से प्रोफ़ेसर कहते हैं। आमतौर पर एक प्रोफेसर अपने स्पेसिफिक क्षेत्र में एक्सपर्ट होते हैं। प्रोफेसर का काम केवल एक अच्छे कॉलेज या यूनिवर्सिटी में पढ़ाना नहीं है, एक प्रोफेसर छात्रों को पढ़ाना, रिसर्च करना, एडमिनिस्ट्रेटिव इशू को सोल्व करना आदि जैसे कई जिम्मेदारियां निभाते हैं। एक प्रोफेसर असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर करियर शुरू करते हैं फिर अनुभव के आधार पर ऊंची पोस्ट पर जाते हैं।

प्रोफेसर और लेक्चरर में क्या अंतर हैं?

एक लेक्चरर वह व्यक्ति होता है जो अपने अकादमिक करियर की शुरुआत में होता है जबकि एक प्रोफेसर किसी विश्वविद्यालय में सर्वोच्च शैक्षणिक पद पर होता है।

उम्मीद है, आपको Professor kaise bane इसके लिए सभी महत्वपूर्ण जानकारी मिली गई होगी। यदि आप प्रोफेसर बनने के लिए विदेश में पढ़ाई करना चाहते है तो आज ही Leverage Edu एक्सपर्ट्स को 1800572000 पर कॉल करके 30 मिनट का फ्री सेशन बुक करें।

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