सिविल सेवा एग्जाम को क्लियर करने के लिए काफी मे लगती है। यूपीएससी की तैयारी में सोशियोलाॅजी सब्जेक्ट उन कैंडिडेट्स के लिए इंपोर्टेंट है जिन्होंने मेंस में ऑप्शनल के तौर पर इसके चुना है। ऑप्शनल में बेस्ट स्कोर करने के लिए कैंडिडेट्स को सोशियोलाॅजी को अच्छे से समझना चाहिए, इसलिए इस ब्लाॅग में Sociology Optional Syllabus for UPSC in Hindi, एग्जाम पैटर्न और इसकी तैयारी के लिए बेस्ट बुक्स जानेंगे।
IAS एग्जाम कंडक्टिंग बॉडी | यूपीएससी |
एग्जाम मोड | ऑफलाइन |
IAS एग्जाम के लिए आयुसीमा | (21 से 32 साल) अलग-अलग निर्धारित है। |
IAS एग्जाम के लिए योग्यता | किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन पास। |
सोशियोलाॅजी ऑप्शनल सब्जेक्ट | पेपर I और पेपर II |
मार्क्स | प्रत्येक पेपर के लिए 250 अंक |
टाइम | 3 घंटा |
IAS एग्जाम पैटर्न | प्रीलिम्स (MCQs), मेन्स (डिस्क्रिप्टिव पेपर) |
IAS एग्जाम- प्रीलिम्स 2023 | रविवार- 28th May 2023 |
IAS एग्जाम- मेन्स 2023 | 15 सितंबर 2023 से। |
ऑफिशियल वेबसाइट | upsc.gov.in |
This Blog Includes:
- UPSC क्या है?
- UPSC में सोशियोलॉजी ऑप्शनल सब्जेक्ट की कितनी वेटेज होती है?
- Sociology Optional Syllabus for UPSC in Hindi क्या है?
- UPSC सोशियोलॉजी ऑप्शनल सिलेबस इन हिंदी PDF
- UPSC में सोशियोलॉजी ऑप्शनल का एग्जाम पैटर्न क्या है?
- UPSC में सोशियोलाॅजी की तैयारी के लिए बेस्ट बुक्स
- UPSC के लिए योग्यता क्या है?
- FAQs
UPSC क्या है?
UPSC सिविल सेवा परीक्षा (CSE) परीक्षा आयोजित करती है। UPSC उम्मीदवारों को सिविल सेवाओं के साथ-साथ रक्षा सेवाओं दोनों में भर्ती करती है। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा प्रत्येक वर्ष भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी के पद पर भर्ती परीक्षा आयोजित की जाती है।
यह भी पढ़ें- यूपीएससी क्या है?
UPSC में सोशियोलॉजी ऑप्शनल सब्जेक्ट की कितनी वेटेज होती है?
यूपीएससी मेंस एग्जाम में यदि कैंडिडेट्स ऑप्शनल सब्जेक्ट में सोशियोलाॅजी सब्जेक्ट चुनते हैं तो कैंडिडेट्स को सोशियोलाॅजी का पेपर देना होगा। मेंस एग्जाम में सोशियोलाॅजी यानी समाजशास्त्र के 2 क्वालीफाइंग पेपर होते हैं। कैंडिडेट्स को दोनों पेपर क्वालीफाई करने होते हैं। सोशियोलाॅजी का सिलेबस मेंस एग्जाम में जीएस पेपर 1 (भारतीय समाज खंड) के साथ ओवरलैप करता है और यह जीएस 2, जीएस 3 और निबंध पेपर की तैयारी में भी मदद करता है।
Sociology Optional Syllabus for UPSC in Hindi क्या है?
किसी भी एग्जाम को क्लियर करने से पहले उसका सिलेबस जानना जरूरी है। यूपीएससी में सोशियोलाॅजी ऑप्शनल सब्जेक्ट है। इसलिए कैंडिडेट को इसकी तैयारी करने से पहले पूरा सिलेबस जानना चाहिए। Sociology Optional Syllabus for UPSC in Hindi विस्तार से बताया गया है।
UPSC मेंस के लिए सोशियोलॉजी ऑप्शनल पेपर 1 का सिलेबस
UPSC मेंस में पेपर 1 के लिए Sociology Optional Syllabus for UPSC in Hindi इस प्रकार हैः
समाजशास्त्र के मूल सिद्धांत (FUNDAMENTALS OF SOCIOLOGY) | सिलेबस |
समाजशास्त्र – अनुशासन | यूरोप में आधुनिकता एवं सामाजिक परिवर्तन तथा समाजशास्त्र का उद्भव, विषय का दायरा और अन्य सामाजिक विज्ञानों के साथ तुलना, समाजशास्त्र और सामान्य ज्ञान। |
विज्ञान के रूप में समाजशास्त्र | विज्ञान, वैज्ञानिक पद्धति एवं समालोचना, अनुसंधान पद्धति के प्रमुख सैद्धांतिक पहलू, सकारात्मकता और इसकी आलोचना, तथ्य मूल्य और निष्पक्षता, गैर-प्रत्यक्षवादी पद्धतियां। |
अनुसंधान के तरीके और विश्लेषण | गुणात्मक और मात्रात्मक तरीके, डेटा संग्रह की तकनीकें, वैरिएबल्स, नमूनाकरण, परिकल्पना, विश्वसनीयता और वैधता। |
समाजशास्त्रीय विचारक | कार्ल मार्क्स – ऐतिहासिक भौतिकवाद, उत्पादन का तरीका, अलगाव, वर्ग संघर्ष।एमिल दुर्खटीम – श्रम विभाजन, सामाजिक तथ्य, आत्महत्या, धर्म और समाज।मैक्स वेबर – सामाजिक कार्रवाई, आदर्श प्रकार, अधिकार, नौकरशाही, प्रोटेस्टेंट नैतिकता और की भावना पूंजीवाद।टैलकोल्ट पार्सन्स – सामाजिक व्यवस्था, पैटर्न चर।रॉबर्ट के. मेर्टन – अव्यक्त और प्रकट कार्य, अनुरूपता और विचलन, संदर्भ समूह।मीड – स्वयं और पहचान। |
स्तरीकरण और गतिशीलता (Stratification and Mobility) | अवधारणाएं- समानता, असमानता, पदानुक्रम, बहिष्करण, गरीबी और अभाव।सामाजिक स्तरीकरण के सिद्धांत – संरचनात्मक कार्यात्मक सिद्धांत, मार्क्सवादी सिद्धांत, वेबेरियन सिद्धांत।आयाम – वर्ग, स्थिति समूह, लिंग, जातीयता और नस्ल का सामाजिक स्तरीकरण।सामाजिक गतिशीलता – खुली और बंद प्रणालियां, गतिशीलता के प्रकार, गतिशीलता के स्रोत और कारण। |
कार्य और आर्थिक जीवन | विभिन्न प्रकार के समाज में कार्य का सामाजिक संगठन – दास समाज, सामंती समाज, औद्योगिक, पूंजीवादी समाज, कार्य का औपचारिक और अनौपचारिक संगठन, श्रम और समाज। |
राजनीति और समाज | शक्ति के समाजशास्त्रीय सिद्धांत। सत्ता अभिजात वर्ग, नौकरशाही, दबाव समूह और राजनीतिक दल। राष्ट्र, राज्य, नागरिकता, लोकतंत्र, नागरिक समाज, विचारधारा। विरोध, आंदोलन, सामाजिक आंदोलन, सामूहिक कार्रवाई, क्रांति। |
धर्म और समाज | धर्म के समाजशास्त्रीय सिद्धांत, धार्मिक प्रथाओं के प्रकार: जीववाद, अद्वैतवाद, बहुलवाद, संप्रदाय, पंथ। आधुनिक समाज में धर्म: धर्म और विज्ञान, धर्मनिरपेक्षता, धार्मिक पुनरुत्थानवाद, मौलिक सिद्धांत, तावीज़। |
रिश्तेदारी की प्रणाली | परिवार, गृहस्थी, विवाह, परिवार के प्रकार और रूप। वंश और वंश। पितृसत्ता और श्रम का यौन विभाजन। समकालीन रुझान। |
आधुनिक समाज में सामाजिक परिवर्तन | सामाजिक परिवर्तन के समाजशास्त्रीय सिद्धांत, विकास और निर्भरता। सामाजिक परिवर्तन के एजेंट। शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन। विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सामाजिक परिवर्तन। |
UPSC मेंस के लिए सोशियोलॉजी ऑप्शनल पेपर 2 का सिलेबस
UPSC मेंस में पेपर 2 के लिए Sociology Optional Syllabus for UPSC in Hindi इस प्रकार हैः
भारतीय समाज: संरचना और परिवर्तन (INDIAN SOCIETY : STRUCTURE AND CHANGE) | सिलेबस |
भारतीय समाज का परिचय | भारतीय समाज के अध्ययन पर परिप्रेक्ष्य:इंडोलॉजी (जी.एस. घूरे)। संरचनात्मक कार्यात्मकता (एम. एन. श्रीनिवास)। मार्क्सवादी समाजशास्त्र (ए.आर.देसाई)। भारतीय समाज पर औपनिवेशिक शासन का प्रभाव:भारतीय राष्ट्रवाद की सामाजिक पृष्ठभूमि। भारतीय परंपरा का आधुनिकीकरण। औपनिवेशिक काल के दौरान विरोध और आंदोलन। सामाजिक सुधार। |
सामाजिक संरचना | ग्रामीण और कृषि संबंधी सामाजिक संरचना:भारतीय गाँव और गाँव के अध्ययन का विचार। कृषि सामाजिक संरचना- भूमि कार्यकाल प्रणाली का विकास, भूमि सुधार। जाति व्यवस्था: जाति व्यवस्था के अध्ययन पर परिप्रेक्ष्य: जी.एस. घुर्ये, एम.एन. श्रीनिवास, लुईस ड्यूमॉन्ट, आंद्रे बेटेइल। जाति व्यवस्था की विशेषताएं। अस्पृश्यता-रूप और परिप्रेक्ष्य। भारत में जनजातीय समुदाय: परिभाषिक समस्याएं। भौगोलिक प्रसार। औपनिवेशिक नीतियां और जनजातियाँ। एकीकरण और स्वायत्तता के मुद्दे। भारत में सामाजिक वर्ग: कृषि वर्ग संरचना। औद्योगिक वर्ग संरचना। भारत में मध्य वर्ग। भारत में रिश्तेदारी की प्रणालियाँ: भारत में वंश और वंश। रिश्तेदारी प्रणालियों के प्रकार। भारत में परिवार और विवाह। परिवार के घरेलू आयाम। पितृसत्ता, अधिकार और श्रम का लैंगिक विभाजन। धर्म और समाज: भारत में धार्मिक समुदाय। धार्मिक अल्पसंख्यकों की समस्याएं। |
भारत में सामाजिक परिवर्तन | भारत में सामाजिक परिवर्तन के दृष्टिकोण: विकास योजना और मिश्रित अर्थव्यवस्था का विचार। संविधान, कानून और सामाजिक परिवर्तन। शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन। भारत में ग्रामीण और कृषि परिवर्तन: ग्रामीण विकास के कार्यक्रम, सामुदायिक विकास कार्यक्रम, सहकारी समितियाँ, गरीबी, राहत योजनाएं। हरित क्रांति और सामाजिक परिवर्तन। भारतीय कृषि में उत्पादन के बदलते तरीके। ग्रामीण श्रम, बंधन, प्रवासन की समस्याएं। भारत में औद्योगीकरण और शहरीकरण: भारत में आधुनिक उद्योग का विकास। भारत में शहरी बस्तियों का विकास। श्रमिक वर्ग: संरचना, विकास, वर्ग लामबंदी। अनौपचारिक क्षेत्र, बाल श्रम। शहरी क्षेत्रों में मलिन बस्तियाँ और अभाव। राजनीति और समाज: राष्ट्र, लोकतंत्र और नागरिकता। राजनीतिक दल, दबाव समूह, सामाजिक और राजनीतिक अभिजात वर्ग। क्षेत्रवाद और सत्ता का विकेंद्रीकरण। धर्मनिरपेक्षीकरण। आधुनिक भारत में सामाजिक आंदोलन: किसान और किसान आंदोलन। महिला आंदोलन। पिछड़ा वर्ग और दलित आंदोलन। पर्यावरण आंदोलन। जातीयता और पहचान आंदोलन। जनसंख्या में गतिशीलता : जनसंख्या का आकार, वृद्धि, संरचना और वितरण। जनसंख्या वृद्धि के घटक: जन्म, मृत्यु, प्रवासन। जनसंख्या नीति और परिवार नियोजन। उभरते मुद्दे: उम्र बढ़ना, लिंग अनुपात, बाल और शिशु मृत्यु दर, प्रजनन स्वास्थ्य। सामाजिक परिवर्तन की चुनौतियाँ: विकास का संकट: विस्थापन, पर्यावरणीय समस्याएं और स्थिरता। गरीबी, अभाव और असमानताएँ। महिलाओं के खिलाफ हिंसा। जाति संघर्ष। जातीय संघर्ष, सांप्रदायिकता, धार्मिक पुनरुत्थानवाद। शिक्षा में निरक्षरता और असमानताएँ। |
UPSC सोशियोलॉजी ऑप्शनल सिलेबस इन हिंदी PDF
Sociology Optional Syllabus for UPSC in Hindi PDF आप इस लिंक के द्वारा डायरेक्ट देख सकते हैं। यदि आप ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर पीडीएफ डाउनलोड करना चाहते हैं तो आप निम्न स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:
- कैंडिडेट्स को सबसे पहले यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट www.upsc.gov.in पर जाना होगा।
- अब “UPSC Syllabus PDF” पर क्लिक करना होगा।
- विंडो ओपन होते ही यूपीएससी का सिलेबस आपके सामने आएगा।
- अब आप सिलेबस डाउनलोड कर सकते हैं।
UPSC में सोशियोलॉजी ऑप्शनल का एग्जाम पैटर्न क्या है?
Sociology Optional Syllabus for UPSC in Hindi के लिए एग्जाम पैटर्न इस प्रकार हैः
- सोशियोलाॅजी यूपीएससी मेंस एग्जाम में ऑप्शनल सब्जेक्ट्स में लोकप्रिय माना जाता है।
- इस विषय के 250-250 अंकों के 2 पेपर होते हैं।
- प्रत्येक पेपर के लिए 3 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
UPSC में सोशियोलाॅजी की तैयारी के लिए बेस्ट बुक्स
Sociology Optional Syllabus for UPSC in Hindi की तैयारी के लिए बेस्ट बुक्स की लिस्ट नीचे दी गई है-
बुक्स | राइटर-पब्लिशर | लिंक |
Samajik Sarvekshan Avam Anusandhan | Ram Ahuja | यहां से खरीदें |
समाजशास्त्र | Dr. G.K. Agarwal | यहां से खरीदें |
भारतीय समाज और संस्कृति | G.K. Agarwal | यहां से खरीदें |
Parivartan avam Vikas ka Samajshastr | Dr. G.R. Madan | यहां से खरीदें |
समाजशास्त्र का परिचय | Prof. M.L. Gupta | यहां से खरीदें |
जनजातीय समाज का समाजशास्त्र | Prof. M.L. Gupta | यहां से खरीदें |
UPSC के लिए योग्यता क्या है?
किसी भी एग्जाम के लिए जरूरी योग्यताएं होती हैं। यूपीएससी के एग्जाम के लिए निम्न योग्यताएं होनी चाहिएः
- कैंडिडेट्स के पास किसी भी मान्यता प्राप्त काॅलेज या यूनिवर्सिटी से किसी भी स्ट्रीम में बैचलर डिग्री होनी चाहिए।
- कैंडिडेट्स जो लास्ट एटेम्पट दे रहे हैं और परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं, वे प्रीलिम्स एग्ज़ाम के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
- सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के लिए उपस्थित होने के लिए बैचलर डिग्री पास करने का प्रूफ देना चाहिए।
- मेनस एग्ज़ाम के लिए आवेदन के साथ डिग्री अटैच करनी होगी।
- जनरल और EWS के पास 6 अटेम्प्ट्स होते हैं, OBC के पास 9, SC/ST के पास (आयु सीमा तक)
- IAS परीक्षा में बैठने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष है, वहीं अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष है।
FAQs
यूपीएससी के लिए समाजशास्त्र की तैयारी बुक्स से शुरू कर सकते हैं।
यूपीएससी में जीएस पेपर के साथ ही वैकल्पिक विषय के रूप में समाजशास्त्र को महत्वपूर्ण माना जाता है।
यूपीएससी की तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स को समाजशास्त्र को कवर करने में 3 से 5 माह तक का समय लग जाता है।
यूपीएससी में 1 ऑप्शनल सब्जेक्ट सेलेक्ट किया जा सकता है।
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उम्मीद है कि इस Sociology Optional Syllabus for UPSC in Hindi ब्लाॅग में आपको यूपीएससी में सोशियोलाॅजी सिलेबस की पूरी जानकारी मिल गई होगी, जिससे आपको UPSC परीक्षा क्लियर करने में मदद मिलेगी। ऐसे ही UPSC से जुड़े ब्लॉग पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।