ऑप्टोमेट्री कोर्स: आवश्यक योग्यता, सिलेबस, कॉलेज और करियर स्कोप

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ऑप्टोमेट्री कोर्स एक एलाइड हेल्थ प्रोफेशन है, जिसे भारत में ‘नेशनल कमीशन फॉर अलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशंस’ (NCAHP) के तहत औपचारिक मान्यता मिली है। इस कोर्स में आँखों की दृष्टि जांच, रिफ्रैक्शन, कॉन्टैक्ट लेंस फिटिंग, लो-विजन केयर और प्राथमिक नेत्र देखभाल की वैज्ञानिक ट्रेनिंग दी जाती है। डिजिटल स्क्रीन के बढ़ते उपयोग, मायोपिया जैसी समस्याओं में वृद्धि और संगठित आई-केयर चेन के विस्तार के कारण प्रशिक्षित ऑप्टोमेट्रिस्ट की मांग लगातार बढ़ रही है। यह आंखों की देखरेख और इलाज से संबंधित एक ऐसा करियर है, जिसमें करियर की अपार संभावनाएं हैं। यदि आप आप्टोमेट्री कोर्स के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो यह लेख पूरा पढ़ें।

मापदंडकोर्स का विवरण
कोर्स का पूरा नामऑप्टोमेट्री कोर्स
कोर्स लेवलसर्टिफिकेट कोर्स इन ऑप्टोमेट्री
डिप्लोमा इन ऑप्टोमेट्री कोर्स
अंडरग्रेजुएट ऑप्टोमेट्री कोर्स (UG)
पोस्टग्रेजुएट ऑप्टोमेट्री कोर्स (PG)
कोर्स ड्यूरेशनसर्टिफिकेट कोर्स इन ऑप्टोमेट्री – 2-6 महीने
डिप्लोमा इन ऑप्टोमेट्री कोर्स – 1-3 वर्ष
अंडर ग्रेजुएट कोर्स (UG) – कुल 4 वर्ष (3 साल अकादमिक और 1 साल इंटर्नशिप/क्लिनिकल ट्रेनिंग)
पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स (PG) – 2 वर्ष
पीएचडी (PhD) इन ऑप्टोमेट्री – 3 से 5 वर्ष (रिसर्च एंड यूनिवर्सिटी पर निर्भर करता है।)
एडमिशन प्रोसेसमेरिट बेस्ड – एंट्रेंस बेस्ड (जैसे – UG: CUET, PG: CUET PG)
योग्यताडिप्लोमा इन ऑप्टोमेट्री कोर्स – 10वीं या 12वीं
अंडर ग्रेजुएट कोर्स (UG) – 12वीं में साइंस स्ट्रीम (फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी या मैथ्स)
पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स (PG) – बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री
करिकुलम स्ट्रक्चरसेमेस्टर वाइज थ्योरी, प्रोजेक्ट्स व लैब वर्क, क्लिनिकल इंटर्नशिप और हॉस्पिटल प्रैक्टिस
प्रमुख भारतीय कॉलेजअखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट (JIPMER), पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट (PGIMER) और भारती विद्यापीठ
प्रमुख जॉब प्रोफाइलऑप्टोमेट्रिस्ट, विज़न कंसलटेंट, क्लीनिकल ऑप्टोमेट्री प्रोफेशनल, लो विज़न स्पेशलिस्ट, ऑप्टिकल डिस्पेंसर, रिसर्च असिस्टेंट
करियर स्कोपआंखों के अस्पताल/क्लिनिक, ऑप्टिकल शोरूम, हेल्थकेयर कंपनियां, रिसर्च संस्थान
This Blog Includes:
  1. ऑप्टोमेट्री कोर्स क्यों करें?
  2. ऑप्टोमेट्री कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता
  3. ऑप्टोमेट्री कोर्स के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं 
  4. ऑप्टोमेट्री कोर्स के प्रकार और अवधि
  5. ऑप्टोमेट्री कोर्स के लिए सिलेबस
    1. यूजी ऑप्टोमेट्री सिलेबस
    2. पीजी ऑप्टोमेट्री सिलेबस
    3. डिप्लोमा ऑप्टोमेट्री सिलेबस
    4. सर्टिफिकेट ऑप्टोमेट्री सिलेबस
    5. पीएचडी ऑप्टोमेट्री सिलेबस
  6. ऑप्टोमेट्री कोर्स के लिए प्रमुख कॉलेज
    1. सरकारी संस्थान
    2. प्राइवेट संस्थान
  7. ऑप्टोमेट्री कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया
    1. ऑप्टोमेट्री कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज
  8. ऑप्टोमेट्री कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र 
  9. ऑप्टोमेट्री कोर्स के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी
  10. डिप्लोमा इन ऑप्टोमेट्री, बीएससी ऑप्टोमेट्री और एमएससी ऑप्टोमेट्री की तुलना
  11. FAQs 

ऑप्टोमेट्री कोर्स क्यों करें?

नीचे दिए गए बिंदुओं में एम फार्मेसी कोर्स करने के प्रमुख कारण बताए गए हैं:

  • ऑप्टोमेट्रिस्ट सर्जरी नहीं करते हैं, बल्कि वे दृष्टि परीक्षण और विज़न सुधार पर कार्य करते हैं। इस कोर्स को करने के बाद आपमें स्वतंत्र रूप से विज़न टेस्ट करने की स्किल डेवलप होती है।
  • इस कोर्स को करने के बाद आप चश्मा और कॉन्टैक्ट लेंस प्रिस्क्रिप्शन लिखने के साथ-साथ, आई-डिजीज़ की प्रारंभिक पहचान और रेफरल सिस्टम को समझने के योग्य बन पाते हैं।
  • इस कोर्स को करने से अस्पतालों और ऑप्टिकल स्टोर्स में करियर के कई अवसर खुलते हैं। इसके अलावा, इस कोर्स के माध्यम से आप अपनी प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं और ऑप्टिकल क्लिनिक खोल सकते हैं।
  • इस कोर्स के माध्यम से आपको हेल्थकेयर टीम में अपनी क्लिनिकल भूमिका को समझते हुए समाज में स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने का मौका मिलता है।

ऑप्टोमेट्री कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता

ऑप्टोमेट्री कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आपको कुछ जरुरी शर्तें पूरी करनी होती हैं, जैसे:

कोर्स प्रकारआवश्यक योग्यताअन्य शर्तें
बीएससी ऑप्टोमेट्री12वीं पास होना चाहिए प्राथमिक रूप से साइंस (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी)अधिकांश कॉलेज 50% के आसपास अंक मांगते हैं। हालाँकि कुछ CUET/AIPMCET जैसे एंट्रेंस से भी एडमिशन होता है।
बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (बी.ऑप्टोम.)12वीं (PCB/PCM)50% अंक या कॉलेज द्वारा निर्धारित मेरिट/एंट्रेंस परीक्षा। NEET अनिवार्य नहीं है। कई संस्थान CUET या अपने एंट्रेंस टेस्ट लेते हैं।
डिप्लोमा इन ऑप्टोमेट्री (D.Opt.)12वीं पास होना चाहिए विज्ञान स्ट्रीम में (PCB/PCM)कुछ कॉलेज में प्रवेश के लिए आपके अंक 45-50% होने चाहिए। साथ ही योग्य छात्रों की न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए। हालाँकि इसके लिए आपको आवेदन करने से पहले संस्थान की ऑफिसियल वेबसाइट पर जरूर चेक करनी चाहिए।
सर्टिफिकेट कोर्स12वीं साइंस पास होना चाहिए।इसके लिए हर संस्थान अलग मानदंड रख सकते हैं, जिसके लिए आप आवेदन करने से पहले इनकी जाँच कर सकते हैं।
मास्टर्स ऑफ ऑप्टोमेट्री (एम.ऑप्टोम.)B.Optom. / B.Sc. Optometry को पास करना अनिवार्यइसके लिए आपके 50% से ऊपर अंक होने चाहिए और इसके लिए कुछ कॉलेज इंटरव्यू/एंट्रेंस भी लेते हैं।

ऑप्टोमेट्री कोर्स के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं 

ऑप्टोमेट्री कोर्स में एडमिशन के लिए भारत की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की सूची इस प्रकार है:

परीक्षा का नामसंचालित संस्थापरीक्षा स्तर2026 में परीक्षा की संभावित तिथि
NEET-UGनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)राष्ट्रीय स्तर03 मई 2026 (नीट UG मुख्य परीक्षा)
CUET UGनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)राष्ट्रीय स्तरमई – जून 2026 (UG सत्र) – टेंटेटिव
AIIMS पैरामेडिकलऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS)राष्ट्रीय स्तर30 मई 2026 आधिकारिक घोषित (एप्लीकेशन अप्रैल 2026)
स्टेट/यूनिवर्सिटी लेवल CETs (जैसे WBJEE, MAKAUT CET, IUET आदि)स्टेट / यूनिवर्सिटी ऑथोरिटीजराज्य/यूनिवर्सिटी स्तरअप्रैल – मई 2026 (टेंटेटिव)

ऑप्टोमेट्री कोर्स के प्रकार और अवधि

ऑप्टोमेट्री में एडमिशन लेने से पहले कोर्स के प्रकार और उनकी ड्यूरेशन जानना जरूरी है, जो इस प्रकार हैं:

कोर्स का नाम अवधिफीसयोग्यता
बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्रीलगभग 3–4 साल तक।10,000 से 1.5 लाख रूपए प्रति वर्ष12वीं पास, विज्ञान स्ट्रीम (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलोजी/मैथ्स)
मास्टर्स ऑफ ऑप्टोमेट्रीलगभग 2 साल तक। 1 लाख लेकर 2 लाख रूपए प्रति वर्ष ।बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री
डिप्लोमा कोर्सलगभग 1–2 साल तक। 1 लाख प्रति वर्ष।12वीं पास, विज्ञान स्ट्रीम (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलोजी/मैथ्स)
सर्टिफिकेट कोर्सलगभग 6 महीनें – 1 सालतक।10,000 से 50,000 प्रति वर्ष12वीं पास किसी भी स्ट्रीम से
पीएचडीलगभग 3–5 साल तक। 1 लाख से लेकर 5 लाख प्रति वर्ष मास्टर्स डिग्री इन ऑप्टोमेट्री या संबंधित क्षेत्र;  कुछ संस्थान NET/Entrance परीक्षा भी मांगते हैं।

ध्यान दें: अलग-अलग कॉलेज और यूनिवर्सिटी में ऑप्टोमेट्री कोर्स की फीस और अवधि बदल सकती है। 

यह भी पढ़ें : डी फार्मा कोर्स डिटेल्स

ऑप्टोमेट्री कोर्स के लिए सिलेबस

भारत के विभिन्न संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में ऑप्टोमेट्री कोर्स का सिलेबस कुछ हद तक भिन्न हो सकता है। इसलिए आप एडमिशन से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम सिलेबस अवश्य जांच लें। नीचे हमने विभिन्न स्तरों के कोर्स जैसे स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और सर्टिफिकेट के बारे में विस्तार से बताया है:

यूजी ऑप्टोमेट्री सिलेबस

सेमेस्टरविषय / मॉड्यूल
सेमेस्टर 1मानव जीवविज्ञान, भौतिक प्रकाशिकी और व्यावहारिक ज्यामितीय प्रकाशिकी, बुनियादी जैव रसायन, नेत्र शरीर रचना विज्ञान और शरीर क्रिया विज्ञान
सेमेस्टर 2डिस्पेंसिंग ऑप्टिक्स I, बुनियादी नेत्र औषध विज्ञान, विकृति विज्ञान और सूक्ष्म जीव विज्ञान, नेत्र प्रकाशिकी, कंप्यूटर की बुनियादी बातें
सेमेस्टर 3दृश्य प्रकाशिकी, डिस्पेंसिंग ऑप्टिक्स II, नेत्र संबंधी उपकरण, नेत्र रोग
सेमेस्टर 4प्रकाशिकी और अपवर्तन, ऑप्टोमेट्रिक ऑप्टिक्स (LVA), ऑप्टोमेट्री जांच, अस्पताल प्रक्रियाएँ और मनोविज्ञान
सेमेस्टर 5कॉन्टैक्ट लेंस I, द्विनेत्री दृष्टि, नेत्र गतिशीलता, प्रणालीगत रोग और प्रमुख नेत्र रोग
सेमेस्टर 6पोषण और नेत्र, सार्वजनिक स्वास्थ्य और समुदाय, कॉन्टैक्ट लेंस II, उन्नत ऑर्थोटिक्स

पीजी ऑप्टोमेट्री सिलेबस

सेमेस्टरविषय / मॉड्यूल
सेमेस्टर 1उन्नत नेत्र शरीर रचना विज्ञान और शरीर क्रिया विज्ञान, क्लिनिकल ऑप्टोमेट्री I, दृश्य प्रकाशिकी, अनुसंधान क्रियाविधि
सेमेस्टर 2नेत्र रोग और चिकित्सा, कॉन्टैक्ट लेंस I, कम दृष्टि और पुनर्वास, नैदानिक प्रशिक्षण
सेमेस्टर 3दूरबीन दृष्टि और ऑर्थोप्टिक्स, कॉन्टैक्ट लेंस II, सामुदायिक ऑप्टोमेट्री, क्लिनिकल इंटर्नशिप
सेमेस्टर 4वैकल्पिक/विशेषज्ञता विषय, शोध प्रबंध/थीसिस कार्य, उन्नत नैदानिक इंटर्नशिप

डिप्लोमा ऑप्टोमेट्री सिलेबस

सेमेस्टरविषय / मॉड्यूल
सेमेस्टर 1मानव शरीर रचना विज्ञान और शरीर क्रिया विज्ञान, मूल भौतिकी और प्रकाशिकी, अंग्रेजी/संचार कौशल
सेमेस्टर 2नेत्र शरीर रचना विज्ञान, ऑप्टोमेट्रिक उपकरण, मूल अपवर्तन
सेमेस्टर 3दृश्य प्रकाशिकी, नेत्र रोग, फार्माकोलॉजी की मूल बातें
सेमेस्टर 4क्लिनिकल ऑप्टोमेट्री, अस्पताल की प्रक्रियाएँ, सामुदायिक ऑप्टोमेट्री
सेमेस्टर 5इंटर्नशिप/क्लिनिकल प्रैक्टिस (यदि 3-वर्षीय कार्यक्रम)
सेमेस्टर 6अंतिम मूल्यांकन, परियोजना (यदि लागू हो)

सर्टिफिकेट ऑप्टोमेट्री सिलेबस

मॉड्यूलविषय / विवरण
मॉड्यूल 1नेत्र शरीर रचना विज्ञान और दृष्टि विज्ञान का परिचय
मॉड्यूल 2अपवर्तन और दृश्य परीक्षण की मूल बातें
मॉड्यूल 3कॉन्टैक्ट लेंस की मूल बातें / चश्मा वितरण (फोकस के आधार पर)
मॉड्यूल 4रोगी संपर्क और ऑप्टिकल उपकरण

पीएचडी ऑप्टोमेट्री सिलेबस

चरणविषय / विवरण
पाठ्यक्रम चरणअनुसंधान पद्धति, जैव सांख्यिकी, साहित्य समीक्षा, अनुसंधान में नैतिकता
अनुसंधान चरणविषय का अंतिम रूप देना, प्रस्ताव प्रस्तुत करना, डेटा संग्रह
लेखन चरणडेटा विश्लेषण, थीसिस लेखन, प्रकाशन
अंतिम चरणथीसिस प्रस्तुति, मौखिक परीक्षा

ऑप्टोमेट्री कोर्स के लिए प्रमुख कॉलेज

भारत में मान्यता प्राप्त सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में ऑप्टोमेट्री कोर्स ऑफर किया जाता है। इसकी फीस संस्थान के प्रकार, राज्य, सीट श्रेणी और प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। सामान्यतः सरकारी कॉलेजों में फीस अपेक्षाकृत कम होती है, जबकि प्राइवेट संस्थानों में यह अधिक रहती है। नीचे दी गई तालिका में कुछ प्रमुख कॉलेजों के आधार पर ऑप्टोमेट्री कोर्स की अनुमानित फीस केवल एक सामान्य जानकारी के रूप में दी गई है:

सरकारी संस्थान

कॉलेज का नामस्थानप्रवेश का आधारअनुमानित वार्षिक फीस
AIIMS (नई दिल्ली)दिल्लीAIIMS बीएससी एंट्रेंसINR 1,000 – INR 2,000
PGIMERचंडीगढ़PGI एंट्रेंस एग्जामINR 5,000 – INR 8,000
JIPMERपुदुचेरीNEET / JIPMER एग्जामINR 6,000 – INR 12,000
BHU (IMS)वाराणसीCUET (UG)INR 10,000 – INR 15,000
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेजकोझिकोडKEAM / मेरिटINR 15,000 – INR 20,000

प्राइवेट संस्थान

कॉलेज का नामस्थानप्रवेश का आधारअनुमानित वार्षिक फीस
एलीट स्कूल ऑफ़ ऑप्टोमेट्रीचेन्नईESO एंट्रेंस टेस्टINR 1,50,000 – INR 2,50,000
L.V. प्रसाद आई इंस्टीट्यूटहैदराबादGAT / पर्सनल इंटरव्यूINR 2,00,000 – INR 3,00,000
मणिपाल अकेडमी (MAHE)मणिपालMET (मणिपाल एंट्रेंस टेस्ट)INR 1,80,000 – INR 2,20,000
एमिटी यूनिवर्सिटीनोएडाMerit / इंटरव्यूINR 1,40,000 – INR 1,80,000
जामिया हमदर्दनई दिल्लीNEET / मेरिटINR 1,20,000 – INR 1,50,000

नोट: दी गई जानकारी विभिन्न स्त्रोतों से ली गई है, इसलिए इसमें बदलाव संभव है। आपको सलाह दी जाती है कि चयनित संस्थान या कॉलेज में आवेदन करने से पहले उसकी ऑफिशियल वेबसाइट से फीस स्ट्रक्चर की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।

ऑप्टोमेट्री कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया

ऑप्टोमेट्री कोर्स में प्रवेश पाने के लिए आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करने होते हैं:

  • चयनित कोर्स में अप्लाई करने के लिए सबसे पहले संबंधित विश्वविद्यालय की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • विश्वविद्यालय की ऑफिशियल वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  • फिर वेबसाइट में साइन इन करने के बाद ‘ऑप्टोमेट्री कोर्स’ का चयन करें। 
  • अब शैक्षिक योग्यता, कैटेगिरी और पर्सनल डिटेल्स आदि के साथ एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
  • इसके बाद एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें और निर्धारित एप्लीकेशन फीस की पेमेंट करें। 
  • यदि एडमिशन, एंट्रेंस एग्जाम पर आधारित है तो पहले एंट्रेंस एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। एंट्रेंस एग्जाम के मार्क्स के आधार पर आपका सिलेक्शन किया जाएगा और फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी।
  • इसके बाद चयनित छात्रों को फीस जमा करनी होती है और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

ऑप्टोमेट्री कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज

यहां उन प्रमुख दस्तावेजों की सूची दी गई है, जो एडमिशन के समय आमतौर पर वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज/संस्थान द्वारा मांगे जाते हैं। अलग-अलग विश्वविद्यालयों के अनुसार इसमें थोड़ा बदलाव हो सकता है:

  • 10वीं और 12वीं की मार्कशीट तथा पासिंग सर्टिफिकेट
  • ऑप्टोमेट्री कोर्स ग्रेजुएशन या समकक्ष डिग्री और मार्कशीट 
  • फोटो आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड/पैन कार्ड)
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • निवास/डोमिसाइल प्रमाण पत्र (जहाँ आवश्यक हो)
  • माइग्रेशन सर्टिफिकेट (दूसरे बोर्ड/विश्वविद्यालय से आने पर)
  • ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) – कई कॉलेजों में अनिवार्य होता है
  • अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र (यदि कोई अतिरिक्त योग्यता हो)

यह भी पढ़ें: एयर होस्टेस कोर्स लिस्ट: योग्यता, अवधि और करियर स्कोप

ऑप्टोमेट्री कोर्स करने के बाद रोजगार के क्षेत्र 

आप संबंधित ऑप्टोमेट्री कोर्स पूरा करने के बाद इन प्रमुख क्षेत्रों में अपना करियर बना सकते हैं:

  • आई हॉस्पिटल
  • आई क्लिनिक
  • ऑप्टिकल शोरूम
  • कॉन्टैक्ट लेंस और विजन केयर इंडस्ट्री
  • रिसर्च संस्थान

ऑप्टोमेट्री कोर्स के बाद जॉब प्रोफाइल और सैलरी

चयनित ऑप्टोमेट्री कोर्स कंप्लीट करने के बाद सैलरी आपके पद, कार्यक्षेत्र, एक्सपीरियंस, सरकारी तथा प्राइवेट सेक्टर व शहर के अनुसार भिन्न हो सकती है। यहां कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल के साथ सैलरी रेंज AmbitionBox पर उपलब्ध डेटा के अनुसार नीचे दी गई है:

जॉब प्रोफाइलऔसत सैलरी (प्रति माह)
ऑप्टोमेट्रिस्टINR 15,000 – INR 30,000
विज़न टेक्नीशियनINR 12,000 – INR 25,000
रिसर्च असिस्टेंटINR 20,000 – INR 35,000
ऑप्टिकल मैनेजरINR 25,000 – INR 45,000
शिक्षक व ट्रेनरINR 20,000 – INR 40,000

डिप्लोमा इन ऑप्टोमेट्री, बीएससी ऑप्टोमेट्री और एमएससी ऑप्टोमेट्री की तुलना

नीचे दी गई तालिका में आप ऑप्टोमेट्री के डिप्लोमा, UG और PG कोर्सों के बीच अंतर देख सकते हैं:

कोर्स का नाम डिप्लोमा इन ऑप्टोमेट्रीबीएससी ऑप्टोमेट्रीएमएससी ऑप्टोमेट्री
स्तरडिप्लोमास्नातकस्नातकोत्तर
अवधि 2 वर्ष 3-4 वर्ष2 वर्ष
योग्यता 12वीं (साइंस स्ट्रीम)10+2 (PCB अनिवार्य)बीएससी ऑप्टोमेट्री या समकक्ष डिग्री 
प्रवेश परीक्षा  अधिकांश मेरिट बेस्ड CUET UG, UPCPMET, JENPAS, BCECECUET PG
करियर भूमिकाऑप्टिकल असिस्टेंट, टेक्नीशियन ऑप्टोमेट्रिस्ट (क्लिनिकल/प्राइवेट हॉस्पिटल)सीनियर ऑप्टोमेट्रिस्ट, रिसर्चर, लेक्चरर
हायर स्टडी बीएससीएमएससी ऑप्टोमेट्रीPhD/ रिसर्च

FAQs 

क्या ऑप्टोमेट्री कोर्स विदेश में किया जा सकता है?

हाँ, अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा जैसे देशों में UG और PG स्तर पर ऑप्टोमेट्री कोर्स उपलब्ध हैं।

ऑप्टोमेट्री कोर्स में एडमिशन के लिए न्यूनतम योग्यता क्या है?

ऑप्टोमेट्री कोर्स में एडमिशन के लिए 12वीं कक्षा (PCB/M) में कम से कम 50% अंक आवश्यक होते हैं। कुछ कॉलेज एडमिशन के लिए अपने एंट्रेंस टेस्ट भी कंडक्ट करवाते हैं।

क्या B.Optom में प्रवेश के लिए NEET अनिवार्य है?

नहीं। B.Optom के लिए NEET की आवश्यकता नहीं होती। अधिकांश कॉलेज मेरिट या अपने प्रवेश परीक्षा के आधार पर एडमिशन देते हैं।

क्या ऑप्टोमेट्री करने के बाद डॉक्टर कहलाते हैं?

ऑप्टोमेट्री करने वाले व्यक्ति आंखों की जांच और चश्मे का नंबर तय करने में विशेषज्ञ होते हैं। वे नेत्र शल्य चिकित्सा नहीं करते। उन्हें आंखों के डॉक्टर यानी नेत्र रोग विशेषज्ञ से अलग माना जाता है।

ऑप्टोमेट्री और नेत्र रोग विशेषज्ञ में क्या अंतर है?

ऑप्टोमेट्री विशेषज्ञ आंखों की जांच और दृष्टि सुधार में काम करते हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ मेडिकल ग्रेजुएशन और स्पेशिलिटी ट्रेनिंग प्राप्त डॉक्टर होते हैं, जो सर्जरी और गंभीर रोगों का इलाज करते हैं।

क्या ऑप्टोमेट्री में प्रवेश के लिए परीक्षा देनी पड़ती है?

कुछ विश्वविद्यालय अपनी प्रवेश परीक्षा लेते हैं, जबकि कई कॉलेज 12वीं के अंकों के आधार पर प्रवेश देते हैं। प्रवेश प्रक्रिया हर संस्थान में अलग हो सकती है, इसलिए आवेदन से पहले नियम देखना जरूरी है।

हमें आशा है कि आप इस लेख के माध्यम से ऑप्टोमेट्री कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर पाए होंगे। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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