मानव शरीर में मस्कुलर सिस्टम क्या होता है ?

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Muscular System

मानव शरीर का अधिकांश भाग मॉस पेशियों (मसल) से ढका होता है। मॉस पेशियाँ शरीर के कुल भार का लगभग 40% भाग बनाती है। अधिकतर जंतुओं मे इनका संबंध संचालन या गति से होता है। यह अंगों मे गति उत्पन्न करता है। शरीर का ऊपरी हिस्सा पूर्ण रूप से मांसपेशियों से ढका रहता है। इसी कारण शरीर सुंदर व सुडौल दिखाई देता है। मस्कुलर सिस्टम एक ऑर्गन सिस्टम है जो स्केलेटल, विस्केरल व कार्डियक मसल का बना होता है। मॉस पेशियाँ लंबी कोशिकाओं से बनी होती है जिन्हे मसल फाइबर कहते है। मॉस पेशियों मे कॉन्ट्रेक्टिलिटी व एकसाईटेबिलिटी का गुण होता है। ये शरीर को स्ट्रेंथ, बैलेंस, पोस्चर मूवमेंट व हीट प्रदान करती है। मानव शरीर मे 600 से अधिक मसल होती है। चलिए जानते हैं Muscular System in Hindi के बारे में।

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मस्कुलर सिस्टम

मानव शरीर का अधिकांश भाग मॉस पेशियों से ढका होता है। मॉस पेशियाँ शरीर के कुल भार का लगभग 40% भाग बनाती है। अधिकतर जंतुओं मे इनका संबंध संचालन या गति से होता है। यह अंगों मे गति उत्पन्न करता है।

शरीर का ऊपरी हिस्सा पूर्ण रूप से मांसपेशियों से ढका रहता है, इसी कारण शरीर सुंदर व सुडौल दिखाई देता है, मासपेशीय तंत्र एक ऑर्गन सिस्टम है जो कंकालीय, आंत व हृदय संबंधी मसल का बना होता है।

पेशियाँ लंबी कोशिकाओं से बनी होती है जिन्हे मसल फाइबर कहते हैं। पेशियों मे संकुचनशीलता व उत्तेजना का गुण होता है। ये शरीर को स्ट्रेंग्थ,बैलेंस, पोस्चर मूवमेंट व हीट प्रदान करती है, मानव शरीर मे 600 से अधिक मसल होती है।पेशीतंत्र में केवल ऐच्छिक पेशियों की गणना की जाती है, जो अस्थियों पर लगी हुई हैं तथा जिनके कॉन्ट्रैक्शन से अंगों की गति होती है और शरीर कँपाना तथा चल सकता है।                              

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विभिन्न प्रकार की मांसपेशियां

पेशियाँ त्वचा के नीचे का माँस होती है, यह अंगों में गति उत्पन्न करता है एवं शरीर को स्ट्रांग बनाती हैं, मॉस पेशियाँ प्रेरक उपकरण का सक्रिय भाग है, इनके संकुचन के फलस्वरूप विभिन्न गतिविधियाँ होती हैं, लम्बे समय तक कठोर कार्य के पश्चात् मांसपेशियों में थकान का अनुभव लैक्टिक अम्ल के संचय के कारण होता है, कार्य के आधार पर पेशियों को दो वर्गों में विभाजित किया गया है, ये हैं-

वॉलंटरी मसल

यह रेखित पेशियाँ टिश्यू से बनी होती है तथा मनुष्य के इच्छानुसार संकुचित हो जाती है, यह सिर, कांड तथा फोरआर्म्स में पाई जाती है, यह शरीर के कुछ आन्तरिक अंगों जैसे जिह्वा, कण्ठ आदि में भी पाई जाती है।

इन्वॉलन्ट्री मसल

यह अरेखित (चिकनी) पेशियाँ ऊतक (Tissue) की बनी होती हैं, इन पेशियों का संकुचन मनुष्य के इच्छानुसार नियंत्रित नहीं होता है, ये आन्तरिक (Internal) अंगों, रुधिर वाहिकाओं तथा त्वचा की दीवारों में पायी जाती हैं। तीन मुख्य प्रकार की मांसपेशियों (Muscle Tissue) में शामिल है

कंकाल की मांसपेशी

विशेष टिश्यू जो हड्डियों से जुड़ा होता है और गति की अनुमति देता है। साथ में, कंकाल स्केलेटल की मांसपेशियों और हड्डियों को मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम (जिसे लोकोमोटर सिस्टम भी कहा जाता है) कहा जाता है।

सामान्यतया, Muscular System in Hindi में कंकाल की मांसपेशी को ऊपरी बांह के आगे और पीछे बाइसेप्स और ट्राइसेप्स जैसे विरोधी जोड़े में बांटा जाता है। कंकाल की मांसपेशियां हमारे सचेत नियंत्रण (Conscious Control) में होती हैं, यही वजह है कि उन्हें स्वैच्छिक मांसपेशियां भी कहा जाता है। एक अन्य शब्द धारीदार (Striped) मांसपेशियां हैं, क्योंकि माइक्रोस्कोप के नीचे देखने पर ऊतक धारीदार दिखता है।

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चिकनी (Smooth) पेशी

 विभिन्न आंतरिक संरचनाओं (Structures) में स्थित होती है जिसमें पाचन तंत्र, गर्भाशय और रक्त वाहिकाएं जैसे धमनियां शामिल हैं। चिकनी पेशी परतदार (Flaky) चादरों में व्यवस्थित होती है जो संरचना की लंबाई के साथ तरंगों (Waves) में सिकुड़ती है। एक अन्य सामान्य शब्द अनैच्छिक पेशी है, क्योंकि चिकनी पेशी की गति हमारी सचेत (Conscious) जागरूकता के बिना होती है।

हृदय (Cardiac) की मांसपेशी

 हृदय (Heart) के लिए विशिष्ट मांसपेशी। हृदय हमारी सचेत जागरूकता के बिना सिकुड़ता (Shrinking) और शिथिल (Loose) होता है।

शरीर की महत्वपूर्ण मांसपेशियां – Important Muscles of the Body

मासेटर टेम्पोरल बोन (जो पक्षों और खोपड़ी के आधार का हिस्सा बनता है) से निचले जबड़े (Mandible) तक चलता है यह मुंह को बंद करने के लिए निचले जबड़े को ऊपर उठाता है। मासेटर आपके शरीर की सबसे मजबूत मांसपेशी है।

अस्थायी

टेम्पोरलिस खोपड़ी की दो हड्डियों पर शुरू होता है, सामने (Frontal) और किनारे और आधार (Temporal) पर। यह निचले जबड़े (अनिवार्य) के शीर्ष तक चलता है। मासेटर की तरह, टेम्पोरलिस मुंह को बंद करने में मदद करता है।

त्रिभुजाकार

डेल्टोइड्स कंधे की त्रिकोणीय मांसपेशियां हैं। Muscular System in Hindi में यह सबसे मजबूत बिंदु केंद्रीय खंड है, जो हाथ को बग़ल में उठाता है। पेशी के आगे और पीछे के हिस्से हाथ को मोड़ते हैं। Deltoid ग्रीक शब्द deltoeides से आया है, जिसका अर्थ है एक (नदी) डेल्टा के आकार का, जो त्रिकोणीय है।

अंसपेशी मेजर

(PEC) पेक्टोरलिस मेजर एक बड़ी, पंखे के आकार की मांसपेशी है। यह सामने के ऊपरी हिस्से को कवर करता है, जो ब्रेस्टबोन (या स्टर्नम) से शुरू होता है, जिसमें दूसरी से छठी पसली भी शामिल है।

वहां से, पेक्टोरलिस मेजर कॉलर बोन (या हंसली) से जुड़ जाता है और कंधे के ठीक नीचे ऊपरी बांह की हड्डी (या ह्यूमरस) में परिवर्तित हो जाता है। यह पेशी हाथ को पूरे शरीर में घुमाती है

योजक लोंगस

एडिक्टर लॉन्गस भीतरी जांघ पर स्थित होता है। जोड़ का अर्थ है हिलना, इसलिए यह पेशी जांघ की हड्डी (Femur) को अंदर की ओर और बगल की ओर ले जाने की अनुमति देती है।

Soleus

निचले पैर में स्थित, एकमात्र निचले पैर की हड्डियों (टिबिया और फाइबुला) से एड़ी (Calcaneus) तक चलता है। एकमात्र मांसपेशी पैर को टखने पर घुमाकर पैर को फ्लेक्स करती है, यह रक्त को वापस सिर की ओर पंप करके परिसंचरण में भी मदद करता है।

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पेशी प्रणाली के मुख्य कार्य – Main Functions of the Muscular System in Hindi

पेशी (Muscle) प्राणियों का आकुंचित होने वाला (contractile) ऊतक है। इनमें आंकुंचित होने वाले सूत्र होते हैं जो कोशिका का आकार छोटा और बड़ा कर सकता हैं। पेशी कोशिकाओं द्वारा निर्मित उस ऊतक को पेशी ऊतक कहा जाता है जो समस्त अंगों में गति उत्पन्न करती है। इसके मुख्य रूप से कई प्रकार है जो नीचे दिए गए हैं।

1. गतिशीलता – Mobility

  • पेशी (Muscle) प्रणाली का मुख्य कार्य गति की अनुमति देना है, जब मांसपेशियां सिकुड़ती हैं, तो वे सकल और ठीक गति में योगदान करती हैं।
  • सकल (Gross) गति बड़े समन्वित गतियों को संदर्भित करता है और इसमें शामिल हैं: घूमना, दौड़ना, तैराकी
  • फाइन मूवमेंट में छोटे मूवमेंट शामिल होते हैं, जैसे: लिख रहे हैं, बोला जा रहा है, चेहरे के भाव
  • इस प्रकार की क्रिया के लिए आमतौर पर छोटी कंकाल (Skeletal) की मांसपेशियां जिम्मेदार होती हैं।
  • शरीर की अधिकांश मांसपेशियों की गति सचेत नियंत्रण (Conscious control) में होती है। हालांकि, कुछ हलचलें रिफ्लेक्टिव होती हैं, जैसे कि गर्मी के स्रोत से हाथ हटाना।

2. स्थिरता – Stability

  • स्नायु टेंडन जोड़ों (Joints) पर खिंचाव करते हैं और संयुक्त स्थिरता में योगदान करते हैं, घुटने के जोड़ और कंधे के जोड़ में स्नायु कण्डरा (Muscle tendon) स्थिरीकरण में महत्वपूर्ण हैं।
  • मुख्य मांसपेशियां पेट, पीठ और श्रोणि में होती हैं, और वे शरीर को स्थिर भी करती हैं और वजन उठाने जैसे कार्यों में सहायता करती हैं।

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3. आसन – Posture

  • जब कोई बैठा या खड़ा होता है तो कंकाल की मांसपेशियां शरीर को सही स्थिति में रखने में मदद करती हैं। इसे आसन (Posture) के रूप में जाना जाता है।
  • अच्छी मुद्रा (Posture) मजबूत, लचीली मांसपेशियों पर निर्भर करती है, कठोर, कमजोर या तंग मांसपेशियां शरीर के खराब मुद्रा और गलत संरेखण में योगदान करती हैं।
  • लंबे समय तक, खराब मुद्रा से कंधे, पीठ, गर्दन और अन्य जगहों पर जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द (Pain) होता है।

4. परिसंचरण – Circulation

  • हृदय (Heart) एक मांसपेशी है जो पूरे शरीर में रक्त पंप करती है। हृदय की गति चेतन नियंत्रण से बाहर होती है, और विद्युत संकेतों द्वारा उत्तेजित (Excited) होने पर यह स्वतः ही सिकुड़ जाता है।
  • धमनियों और शिराओं में चिकनी पेशी (smooth muscle) शरीर के चारों ओर रक्त के संचलन में एक और भूमिका निभाती है। ये मांसपेशियां खून की कमी या डिहाइड्रेशन की स्थिति में ब्लड प्रेशर और सर्कुलेशन को बनाए रखती हैं।
  • तीव्र व्यायाम (Exercise) के समय जब शरीर को अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, तो वे रक्त प्रवाह को बढ़ाने के लिए फैलते हैं।

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5. श्वसन – Respiration

  • श्वास में डायाफ्राम पेशी का उपयोग शामिल है।
  • डायाफ्राम एक गुंबद (Dome) के आकार की मांसपेशी है जो फेफड़ों के नीचे स्थित होती है। जब डायाफ्राम सिकुड़ता है, तो यह नीचे की ओर धकेलता है, जिससे छाती (Chest) की गुहा बड़ी हो जाती है, फिर फेफड़े (Lungs) हवा से भर जाते हैं। जब डायाफ्राम की मांसपेशी आराम करती है, तो यह फेफड़ों से हवा को बाहर निकालती है।
  • जब कोई अधिक गहरी सांस लेना चाहता है, तो उसे पेट, पीठ और गर्दन सहित अन्य मांसपेशियों की मदद की आवश्यकता होती है।

6. पाचन – Digestion

  • पेशीय तंत्र (Muscular system) शरीर के भीतर गति की अनुमति देता है, उदाहरण के लिए, पाचन या पेशाब के दौरान।
  • जठरांत्र (Gastrointestinal) या जीआई पथ में चिकनी मांसपेशियां पाचन को नियंत्रित करती हैं। जीआई ट्रैक्ट मुंह से गुदा तक फैला होता है।
  • भोजन पाचन तंत्र (Digestive System) के माध्यम से एक तरंग जैसी गति के साथ चलता है जिसे पेरिस्टलसिस कहा जाता है। खोखले अंगों की दीवारों में मांसपेशियां सिकुड़ती हैं और आराम करती हैं, जिससे यह गति होती है, जो भोजन को अन्नप्रणाली (Esophagus) के माध्यम से पेट में धकेलती है।
  • पेट की ऊपरी पेशी भोजन को प्रवेश करने के लिए आराम देती है, जबकि निचली मांसपेशियां भोजन के कणों (Particles) को पेट के एसिड और एंजाइम के साथ मिलाती हैं।
  • पचा हुआ भोजन पेरिस्टलसिस द्वारा पेट से आंतों में जाता है, यहां से, अधिक मांसपेशियां शरीर से भोजन को मल के रूप में बाहर निकालने के लिए सिकुड़ती हैं।

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7. पेशाब – Urine

  • मूत्र प्रणाली(Urinary system) में चिकनी और कंकाल की मांसपेशियां शामिल हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं: मूत्राशय, गुर्दे, लिंग या योनि, पौरुष ग्रंथि, मूत्रवाहिनी, मूत्रमार्ग
  • मूत्र संबंधी समस्याएं, जैसे कि खराब मूत्राशय नियंत्रण या मूत्र का प्रतिधारण (Retention), मांसपेशियों को संकेत ले जाने वाली नसों को नुकसान के कारण होता है।

8. प्रसव – Childbirth

गर्भाशय में चिकनी मांसपेशियां (Smooth muscles) बच्चे के जन्म के दौरान फैलती और सिकुड़ती हैं। ये हरकतें बच्चे को योनि के माध्यम से धकेलती हैं। साथ ही, पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां बच्चे के सिर को बर्थ कैनाल से नीचे लाने में मदद करती हैं।

9. विजन – Vision

  • आंख के चारों ओर छह कंकाल की मांसपेशियां इसकी गतिविधियों (Activities) को नियंत्रित करती हैं। ये मांसपेशियां जल्दी और ठीक से काम करती हैं, और आंख को इसकी अनुमति देती हैं:
  • एक स्थिर छवि बनाए रखें, आसपास के क्षेत्र को स्कैन करें, चलती वस्तुओं को ट्रैक करें
  • अगर किसी को अपनी आंखों की मांसपेशियों को नुकसान होता है, तो यह उनकी दृष्टि (Vision) को खराब कर सकता है।

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10. अंग सुरक्षा – Organ Protection

  • धड़ की मांसपेशियां शरीर के आगे, बाजू और पीछे के आंतरिक अंगों की रक्षा (Defence) करती हैं। रीढ़ और पसलियों की हड्डियां आगे सुरक्षा प्रदान करती हैं।
  • मांसपेशियां भी झटके को अवशोषित करके और जोड़ों में घर्षण (Friction) को कम करके हड्डियों और अंगों की रक्षा करती हैं।

11. तापमान विनियमन – Temperature Regulation

  • शरीर के तापमान (Temperature) को सामान्य बनाए रखना पेशीय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण कार्य है। एक व्यक्ति अपने शरीर में पैदा होने वाली गर्मी का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा सिकुड़ती (Shrinking) मांसपेशियों से आता है।
  • जब शरीर की गर्मी इष्टतम (Optimum) स्तर से नीचे गिरती है, तो कंकाल की मांसपेशियां गर्मी बनाने के लिए अपनी गतिविधि बढ़ा देती हैं। कंपकंपी (Shiver) इस तंत्र का एक उदाहरण है। रक्त वाहिकाओं में मांसपेशियां भी शरीर की गर्मी बनाए रखने के लिए सिकुड़ती हैं।
  • रक्त वाहिकाओं (Blood vessels) में चिकनी मांसपेशियों को आराम देकर शरीर के तापमान को सामान्य सीमा के भीतर वापस लाया जा सकता है। यह क्रिया रक्त प्रवाह को बढ़ाती है और त्वचा के माध्यम से अतिरिक्त गर्मी छोड़ती है।
Source: STUDY 91

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