साइंटिस्ट कैसे बनें?

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किसी भी देश के विकास और रिसर्च में साइंटिस्ट्स अहम किरदार निभाते हैं। शायद कम लोग ही जानते होंगे कि साइंटिस्ट कई प्रकार के होते हैं। Easierwithpractice.com के अनुसार साइंटिस्ट्स 50 प्रकार के होते हैं। भारत के साथ-साथ विदेश में साइंटिस्ट बनने के लिए कोर्सेज मौजूद हैं। आइए और विस्तार से जानते हैं कि scientist kaise bane।

साइंटिस्ट कौन होते हैं?

कोई भी व्यक्ति जो ज्ञान प्राप्ति के लिए सिस्टेमेटिक रूप से कार्यरत हो उसे वैज्ञानिक (साइंटिस्ट) कहा जा सकता है। एक सीमित परिभाषा के अनुसार वैज्ञानिक विधि को करते हुए किसी क्षेत्र में सीखने वाले व्यक्ति को आम तौर से वैज्ञानिक कहते हैं।

साइंटिस्ट के प्रकार

Scientist kaise bane जानने से पहले वैज्ञानिकों के प्रकार के नीचे दिए गए हैं-

  • एग्रोनॉमिस्ट
  • एस्ट्रोनॉमर
  • बॉटनिस्ट
  • केमिस्ट
  • साइटोलॉजिस्ट
  • इकोलॉजिस्ट
  • एपिडेमियोलॉजिस्ट
  • एथोलोजिस्ट
  • जेनेटिसिस्ट
  • जियोलॉजिस्ट
  • जियोग्राफर
  • मरीन बायोलॉजिस्ट
  • माइक्रोबायोलॉजिस्ट
  • प्लेनटॉलोजिस्ट
  • फिजिसिस्ट
  • सीस्मोलॉजिस्ट
  • जूलॉजिस्ट

साइंटिस्ट वैज्ञानिक बनने के लिए ज़रूरी स्किल्स

जानने के लिए उनकी स्किल्स से भी परिचित होना ज़रूरी है, जो नीचे दी गई हैं-

  • लगन: सिर्फ वैज्ञानिकों में ही नहीं परंतु जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उसमें लगन होना बहुत ही जरूरी है। अपने लक्ष्य को पाने के लिए, सभी तरह के प्रयास करें। वैज्ञानिक बनने के लिए अपने अंदर एक जुनून होना बहुत ही अनिवार्य है, लक्ष्य को पाने के लिए तब तक मेहनत करें जब तक अपनी मंजिल को नहीं पा लेते।
  • विज्ञान में  रुचि: वैज्ञानिक बनने के लिए बचपन से ही विज्ञान में रुचि होनी चाहिए। विज्ञान में रुचि होने से अपने लक्ष्य को और  सपनों को पूरा कर सकता है।
  • प्रैक्टिकल नॉलेज: किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज होना बहुत ही जरूरी है। वैज्ञानिक बनने के लिए अलग-अलग और नई नई चीजों का संशोधन करना होता है, उसकी खोज करनी होती है। अगर आपने प्रैक्टिकल नॉलेज होगा तो आप नए नए प्रयोग कर सकते हैं।
  • कारण खोजें: किसी भी चीज ,वस्तु, मशीन के पीछे का कारण खोजें। उदाहरण तरीके मान लीजिए: आपके सामने पंखा घूम रहा है। इसके पीछे का कारण खोजें , पता लगाने की कोशिश करें कि पंखा कैसे घूम रहा है। इसके बारे में जानकारी प्राप्त करें शायद आप कुछ ऐसी खोज कर ले जिसे के बारे में आज तक किसी ने की ना हो।
  • भाषा: अपनी मातृभाषा के अलावा अन्य भाषा में भी ज्ञान  हो ना उतना ही जरूरी है। अगर आपके पास अन्य भाषाओं का ज्ञान होगा तो आप दूसरे देश के साइंटिस्ट के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं साथ ही आपको उसके बारे में जानने में कठिनाइयां नहीं होगी। आप उसके बारे में अच्छे से और आसानी से समझ सकते हैं।
  • रिसर्च को पढ़ें: हमारे देश में कहीं सारे देश- विदेश के महान वैज्ञानिक रिसर्च करके गए हैं। उनके रिसर्च के बारे में पढ़ें, रिसर्च के बारे में पढ़ने से आपको लक्ष्य को प्राप्त करने में काफी ज्यादा मदद होगी साथी आपको नई जानकारी भी मिलेगी।

साइंटिस्ट बनने के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइड

साइंटिस्ट बनने के लिए चरण दर चरण प्रक्रिया नीचे दी गई है-

  • ग्रेजुएशन पूरी करें: विज्ञान या इसके बराबर में ग्रेजुएशन डिग्री प्राप्त करें। संबंधित विज्ञान के क्षेत्र में ग्रेजुएशन डिग्री के पूरा होने पर, मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री या किसी अन्य प्रासंगिक मास्टर डिग्री के लिए आगे बढ़ें। आपको मास्टर डिग्री के पूरा होने पर पीएचडी के लिए रजिस्ट्रेशन करने पर भी विचार करना चाहिए।
  • फाउंडेशन कोर्स के लिए जाएं: आगे के प्रशिक्षण के लिए फाउंडेशन डिग्री प्रोग्राम के लिए नामांकन करें। यह कोर्स प्रोफेशनल विकास के साथ विज्ञान प्रोफेशनल्स को प्रदान करता है।
  • सर्टीफिकेशन्स भी चुन सकते हैं: मृदा (soil) विज्ञान- APSS प्रमाणन, पर्यावरण विज्ञान- CES परीक्षा, प्रयोगशाला पशु प्रौद्योगिकीविद् प्रमाणन, रोगविज्ञानी- ASCP प्रमाणन बोर्ड और IT प्रमाणन- MCPD जैसे प्रासंगिक प्रमाणपत्र प्राप्त करें।

साइंटिस्ट कैसे बनें : कैसे करे तैयारी?

बहुत सारे लोगों के जीवन में वैज्ञानिक बनने का सपना होता है, परंतु बहुत कम लोग इसे सफलतापूर्वक हकीकत में बदल देते हैं। साइंटिस्ट बनने के लिए बहुत सारी मेहनत करनी पड़ती है ‌। भारत में वैज्ञानिक बनना बहुत ही मुश्किल है ,परंतु कड़ी मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करने से आप निश्चित रूप से अच्छे  साइंटिस्ट बन सकते हैं। दसवीं क्लास के बाद छात्रों को यह निर्णय करना चाहिए कि उसे आगे करियर कौन सी फील्ड में बनाना है। 

दसवीं क्लास के बाद क्या करें?

10वीं के बाद साइंटिस्ट बनने के लिए साइंस स्ट्रीम को चुनने की ज़रूरत होती है। साइंस स्ट्रीम में पीसीएम (फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स) का होना बेहद ज़रूरी है। साथ में पीसीबी (फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी) वाले छात्र भी साइंटिस्ट बनने के लिए चुन सकते हैं।

12वीं के बाद साइंटिस्ट कैसे बनें?

12वीं साइंस के बाद छात्रों को साइंटिस्ट बनने की प्रक्रिया के बारे में नॉलेज हो जाती है। छात्र 12वीं साइंस के बाद गणित, बायोलॉजी, फिजिक्स, जियोलोजी, एस्ट्रोनॉमी या अन्य विषयों का चयन करके ग्रेजुएट प्रोग्राम को चुन सकते हैं। इसके अलावा फिर अपनी रुचि के हिसाब से BSc, B Tech, BPharma या आदि जैसे विषयों में पढ़ाई कर सकते हैं।

साइंटिस्ट कैसे बने?

दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज

साइंटिस्ट बनने के लिए दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज के नाम इस प्रकार हैं:

यूनिवर्सिटीज सालाना ट्यूशन फीस
मेसाचुसेट्स प्रौद्योगिक संस्थान यूएसडी 48,760 (INR 36.57 लाख)
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी यूएसडी 47,386 (INR 35.54 लाख)
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय यूएसडी 17,760 (INR 13.32 लाख)
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय जीबीपी 25,710 (INR 25.71 लाख)
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय जीबीपी 33,270 (INR 33.27 लाख)
प्रिंसटन विश्वविद्यालय यूएसडी  44,666 (INR 33.50 लाख)
टोक्यो विश्वविद्यालय येन 25.71 लाख (INR 17 लाख)
म्यूनिख लुडविग मैक्सिमिलियंस विश्वविद्यालय यूरो 14,252 (INR 12.40 लाख)
पीकिंग विश्वविद्यालय युआन 33,748 (INR 4 लाख)
टोरंटो विश्वविद्यालय 32,500 (INR 19.50 लाख)

टॉप भारतीय कॉलेज

साइंटिस्ट बनने के लिए टॉप भारतीय कॉलेज की लिस्ट नीचे दी गई है-

  • मिरांडा हाउस
  • हिंदू कॉलेज
  • सेंट स्टीफंस
  • सेंट जेवियर्स कॉलेज
  • हंसराज कॉलेज
  • स्टेला मैरिस कॉलेज
  • जैन विश्वविद्यालय
  • क्राइस्ट यूनिवर्सिटी
  • कलिंग विश्वविद्यालय
  • विल्सन कॉलेज
  • जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय

IIST ( Indian Institute of Space Science and Technology ) मैं Admission आपकी इसरो में इंजीनियर के रूप से काम करने का सपना पूरा हो सकता है। IIT का एग्जाम निकालकर IIST मैं बीटेक BTech का 4 साल का कोर्स करना होता है। आईआईटी, एनआईटी और दूसरे अन्य रेपुटेड सरकारी और प्राइवेट संस्थानों से ग्रेजुएट इंजीनियरिंग तो इसरो भर्ती करता है। डिग्री को पूरा करने के बाद ऐसे कोर्स करें जिससे आपको फील्ड के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारियां मिले और आपको आगे फायदेमंद हो।

साइंटिस्ट बनने के लिए एलिजिबिलिटी

साइंटिस्ट बनने के लिए नीचे पात्रता मानदंड दिए गए हैं-

  • 10वीं के बाद साइंस स्ट्रीम में पीसीएम (फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स) का होना बेहद ज़रूरी है। साथ में पीसीबी (फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी) वाले छात्र भी साइंटिस्ट बनने के लिए चुन सकते हैं।
  • छात्रों को उसके बाद किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन उत्तीण करना ज़रूरी है।
  • ग्रेजुएशन उत्तीण करने के बाद छात्रों को उन्हीं विषयों में पोस्टग्रेजुएशन भी करना ज़रूरी होता है।
  • भारत में साइंटिस्ट बनने के लिए कोई उम्र सीमा नहीं होती है।
  • विदेश में पढ़ने के लिए इंग्लिश भाषा टेस्ट जैसे IELTS/TOEFL/PTE के अंक।
  • कुछ यूनिवर्सिटीज छात्रों से रिसर्च प्रोपोज़ल्स की मांग भी करती हैं।

आवेदन प्रक्रिया

Scientist kaise bane जानने के लिए आवेदन प्रक्रिया का जानना ज़रूरी, जो इस प्रकार है:

  • मेरिट के आधार पर: देश की टॉप यूनिवर्सिटीज छात्रों को उनकी 12वीं की मेरिट के आधार अपनी-अपनी कट ऑफ के अनुसार एडमिशन प्रदान करती हैं।
  • एंट्रेंस एग्जाम: देश की यूनिवर्सिटीज अपनी-अपनी प्रवेश परीक्षाएं हर साल आयोजित करती हैं जैसे- JNUEE, TISS NET, GATE आदि।

सभी यूनिवर्सिटीज का अलग-अलग एप्लीकेशन प्रोसेस होता है और Leverage Edu इसमें छात्रों की मदद करता है।

साइंटिस्ट बनने के लिए प्रवेश परीक्षाएं

साइंटिस्ट बनने के लिए कोर्सेज के हिसाब से होने वाली प्रवेश परीक्षाएं इस प्रकार हैं-

BSc

  • JET
  • NPAT
  • BHU UET
  • SUAT
  • CUCET

मास्टर्स

  • JNUEE
  • BHU PET
  • BITSAT
  • TISS NET
  • DUET

PhD

  • UGC NET
  • CSIR UGC NET
  • GATE

जॉब प्रोफाइल्स और सैलरी

अमेरिका में साइंटिस्ट की एवरेज सालाना सैलरी यूएसडी 95,000 (INR 71.25 लाख) और यूके में जीबीपी 35,838 (INR 35.83 लाख) होती है। वहीं भारत में वैज्ञानिक बनने के बाद आप इन जॉब प्रोफाइल और सैलरी को प्राप्त कर सकते हैं- (डाटा glassdoor.co.in के मुताबिक)

जॉब प्रोफाइल सालाना सैलरी (लाख/INR)
रिसर्च साइंटिस्ट 8.3-8.9
मैकेनिकल इंजीनियर 5.45-6.05
सिविल इंजीनियर 5.05-5.80
डिज़ाइन इंजीनियर 4.12-4.86
रिसर्च साइंस स्कॉलर 3.95-4.20

टॉप रिक्रूटर्स

Scientist kaise bane जानने के बाद अब टॉप भर्तीकर्ता संस्थानों की लिस्ट दी गई है-

  • Indian Airforce
  • Ministry of Mines
  • National Aeronautics and Space Administration (NASA)
  • Indian Space Research Organization (ISRO)
  • Archaeological Survey of India (ASI)
  • Indian Institute of Science Education and Research (IISER)
  • International Flavors & Fragrances India Ltd
  • National Centre For Cell Science (NCCS)
  • Institute for Stem Cell Biology and Regenerative Medicine (InStem)
  • Aeronautical Development Agency (ADA)

ISRO साइंटिस्ट कैसे बनें?

इसरो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र संगठन है, इसका हेड क्वार्टर कर्नाटक के बेंगलुरु में है। हमारे देश के जितने भी स्पेस के प्रोग्राम और अतिरिक्त स्थलीय अनुसंधान होते हैं उन सभी के जिम्मेदार इसरो होता है। एक संगठन को चलाने के लिए उन्हें अच्छे दिमाग वाले वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग की जरूरत होती है। वैज्ञानिक का काम होता है कि वह अपने ज्ञान का इस्तेमाल करके नए नए आविष्कारों की खोज करें। सब साइंटिस्ट अपना दिमाग लगाकर किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान निकालते है। 

ICRB की परीक्षा उत्तीण करना

ICRB (ISRO Centralised Recruitment Bangalore) द्वारा आयोजित एग्जाम उत्तीण करना होगा। यह परीक्षा आप कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद दे सकते हैं। जो भी छात्र की इंजीनियरिंग की ब्रांच से नाता रखता है उसे एग्जाम में उसी अनुसार सवाल पूछे जाते हैं। छात्रा को अपने इंजीनियरिंग करियर में कम से कम 65% या उससे अधिक नंबर लाने अनिवार्य है। जो भी उम्मीदवार  M Tech की डिग्री कर रहा है और उसके नीचे निम्नलिखित की डिग्री हो, जिसमें फिजिक्स और मैक्स का विषय आता हो। वह छात्रा सीधा वैज्ञानिक जॉब के लिए अप्लाई कर सकता है।

  • रिमोट सेंसिंग
  • जियोइंफॉर्मेटिक्स
  • जियोग्राफी
  • इंस्ट्रूमेंटेशन
  • व्यावहारिक गणित
  • जियोफिजिक्स

सिलेक्शन के लिए दो प्रोसेस होते हैं

  • रिटन एग्जाम
  • इंटरव्यू

यह दोनों प्रोसेस क्लियर करने के बाद, इसरो में जूनियर रिसर्च फेलो, वैज्ञानिक या इंजीनियरिंग के तौर पर अपॉइंटमेंट दिया जाता है। इसके अंदर वैज्ञानिक अलग-अलग रूप से शोध करते हैं ,इसके अंदर स्क्रीनिंग प्रोसेस बहुत कठिन होती है। साइंटिस्ट बनने के लिए उम्मीदवार के अंदर व्हिज्डम, प्रोजेक्ट टेबल माइंड, बेस्ट नॉलेज और  शांत स्वभाव होना बहुत ही आवश्यक हैं। 

FAQs

साइंटिस्ट कितने प्रकार के होते हैं?

साइंटिस्ट के कुछ प्रकार नीचे दिए गए हैं-
1. एग्रोनॉमिस्ट
2. एस्ट्रोनॉमर
3. बॉटनिस्ट
4. केमिस्ट
5. साइटोलॉजिस्ट
6. इकोलॉजिस्ट

भारत के सर्वप्रथम वैज्ञानिक कौन थे?

भारत के सर्वप्रथम वैज्ञानिक श्री चंद्रशेकर वेंकट रमण थे।

साइंटिस्ट बनने के लिए कौन सा सब्जेक्ट लेना पड़ता है?

साइंटिस्ट बनने के लिए आपको 10th के बाद फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, मैथ्स जैसे विषयो का चयन करना होता है। इसके बाद इन्हीं विषयों में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन जैसे एम एससी, एम फिल, पीएचडी, इंजीनियरिंग आदि कर सकते है। अगर आप इसमें सफल होते है तो आप वैज्ञानिको के पदों के लिए आवेदन कर सकते है।

आशा करते हैं कि scientist kaise bane के इस ब्लॉग से आपको जानकारी मिली होगी। यदि आप विदेश में पढ़ना चाहते हैं तो हमारे Leverage Edu एक्सपर्ट्स से 1800 572 000 पर कॉल कर आज ही 30 मिनट का फ्री सेशन बुक कीजिए।

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