गैर उपसर्ग से शब्द, अर्थ और वाक्य में प्रयोग

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गैर उपसर्ग से शब्द

इस पोस्ट के माध्यम से आप ‘गैर उपसर्ग से शब्द’ के बारे में जान पाएंगे, जो कि आपके ज्ञान में विस्तार करेगा। गैर उपसर्ग से शब्द के बारे में जानने के लिए इस पोस्ट को अंत तक अवश्य पढ़ें।

उपसर्ग किसे कहते है?

शब्दांश या अव्यय जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ बनाते हैं, उन्हें उपसर्ग कहा जाता है। आसान भाषा में समझा जाए तो यह कुछ इस प्रकार होगा कि वह अव्यय जो शब्द के पहले लगकर उसका अर्थ बदल देते हैं, उपसर्ग कहलाते हैं।  या इसको इस प्रकार भी समझा सकता है, उपसर्ग = उप (समीप) + सर्ग (सृष्टि करना) का अर्थ है- किसी शब्द के साथ जुड़कर नया शब्द बनाना।

गैर उपसर्ग से शब्द

गैर उपसर्ग से शब्द की सूची नीचे दी गई है:

  • गैरइनसाफी
  • गैरजिम्मेदार
  • गैरमुल्क
  • गैरइलाका
  • गैरजिम्मेदारी
  • गैरमुकम्मल
  • गैरमुनासिब
  • गैरमुमकिन
  • गैरमामूली
  • गैरमजहब
  • गैरमर्द
  • गैरकानूनी
  • गैरमिसिल
  • गैरज़मानती
  • गैरज़रूरी
  • गैरहाज़िर
  • गैरमतलब
  • गैरसरकारी
  • गैरमौजूदगी
  • गैरवाजिब इत्यादि।

गैर उपसर्ग से बनने वाले शब्दों का अर्थ

गैर उपसर्ग से बनने वाले शब्दों के अर्थ निम्नवत हैं:

  • गैरइनसाफी : गैरइनसाफी का अर्थ ‘अन्याय’ होता है।
  • गैरमुल्क : गैरमुल्क का अर्थ ‘पराया मुल्क’ होता है।
  • गैरजिम्मेदार : गैरजिम्मेदार का अर्थ ‘लापरवाह’ होता है।
  • गैरइलाका : गैरइलाका का अर्थ ‘दूसरे का इलाका’ होता है।
  • गैरमुनासिब : गैरमुनासिब का अर्थ ‘अनुचित’ होता है।
  • गैरमुकम्मल : गैरमुकम्मल का अर्थ ‘जो पूर्ण न हो’ होता है।
  • गैरमुमकिन : गैरमुमकिन का अर्थ ‘जो संभव न हो’ होता है।
  • गैरमजहब : गैरमजहब का अर्थ ‘पराया धर्म’ होता है।

गैर उपसर्ग से बनने वाले शब्दों का वाक्य प्रयोग

गैर उपसर्ग से बनने वाले शब्दों का वाक्य प्रयोग निम्नलिखित है:

  • किसी के साथ दगा करके मिलने वाली कामयाबी गैरमुनासिब होती है। 
  • गैरमुल्क में रोजगार की तलाश में गई हीना ने बहुत सी तकलीफों का सामना किया।
  • गैरइलाका आते ही अली का अहंकार मिट्टी में मिल गया।
  • जो कभी गैरमुकम्मल था, आज मुकम्मल हो चुका है।
  • ज़िन्दगी में यदि कोई काम ईमानदारी से किया जाए, तो कुछ भी गैरमुमकिन नहीं है।

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FAQs 

गैर उपसर्ग क्या है?

गैर उपसर्ग गैरमुकम्मल, गैरमुमकिन, गैरइलाका, गैरजिम्मेदार इत्यादि हैं।

गैरमुल्क में उपसर्ग क्या है?

गैरमुल्क में ‘गैर’ उपसर्ग होता है।

22 उपसर्ग कौन कौन से हैं?

संस्कृत भाषा में 22 उपसर्ग प्र, परा, अप, सम्, अनु, अव, निस्, निर्, दुस्, दुर्, वि, आङ् (आ), नि, अधि, अपि, अति, सु, उत्, अभि, प्रति, परि, उप इत्यादि।

आशा है कि गैर उपसर्ग से शब्द आपके लिए फायदेमंद होंगे। ऐसे ही अन्य उपसर्ग के बारे में पढ़ने के Leverage Edu के साथ बने रहिए।

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