पैथोलॉजिस्ट बनने का मतलब है बीमारियों की पहचान और कारणों को वैज्ञानिक तरीके से समझना। यह एक ऐसी मेडिकल स्पेशलिटी है जिसमें मरीज का प्रत्यक्ष इलाज कम होता है, लेकिन सही डायग्नोसिस के बिना इलाज संभव नहीं होता। भारत में पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए एक स्पष्ट, लेकिन लंबी और प्रतिस्पर्धी शैक्षणिक प्रक्रिया होती है। यदि आप मेडिकल लाइन में अपने करियर की शुरुआत करना चाहते हैं तो पैथोलॉजिस्ट बनना आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
इस लेख में भारत में पैथोलॉजिस्ट बनने की योग्यता, स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस, आवश्यक कोर्स, स्किल्स, करियर विकल्प और सैलरी की वास्तविक स्थिति को विस्तार से समझाया गया है।
This Blog Includes:
- पैथोलॉजिस्ट कौन होता है?
- पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए प्रमुख कोर्स
- आवश्यक योग्यता
- पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम्स
- पैथोलॉजिस्ट कैसे बनें – स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
- स्टेप 1: 12वीं कक्षा PCB (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) के साथ पूरी करें
- स्टेप 2: NEET-UG पास करके MBBS में प्रवेश लें
- स्टेप 3: MBBS के बाद NEET-PG या INI-CET की तैयारी करें
- स्टेप 4: MD पैथोलॉजी या DNB पैथोलॉजी में एडमिशन लें
- स्टेप 5: वैकल्पिक फेलोशिप या सब-स्पेशलाइजेशन करें
- स्टेप 6: NMC रजिस्ट्रेशन और प्रोफेशनल प्रैक्टिस शुरू करें
- पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए कॉलेज
- पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए आवश्यक स्किल्स
- पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए करियर स्कोप
- पैथोलॉजिस्ट को मिलने वाला वेतन
- FAQs
पैथोलॉजिस्ट कौन होता है?
पैथोलॉजिस्ट वह मेडिकल डॉक्टर होता है जो बीमारियों की पहचान शरीर के सैंपल्स जैसे रक्त, मूत्र, ऊतक (टिश्यू), बोन मैरो आदि की प्रयोगशाला जांच के माध्यम से करता है। पैथोलॉजिस्ट माइक्रोस्कोपिक जांच, बायोकेमिकल टेस्ट, इम्यूनोलॉजी और हिस्टोपैथोलॉजी जैसी तकनीकों का उपयोग कर बीमारी का कारण और स्वरूप निर्धारित करता है।
सरल शब्दों में, पैथोलॉजिस्ट इलाज से पहले डायग्नोसिस की नींव तैयार करता है। कैंसर, एनीमिया, संक्रमण, हार्मोनल डिसऑर्डर और कई जटिल बीमारियों की पहचान में पैथोलॉजी की भूमिका निर्णायक होती है। यही कारण है कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में पैथोलॉजी का महत्व और भी बढ़ गया है।
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पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए प्रमुख कोर्स
NMC MD curriculum के अनुसार, पैथोलॉजी मेडिकल साइंस का वो हिस्सा है जहाँ आप रोगों की जड़ तक पहुँचकर रिपोर्ट बनाते हो। पैथोलॉजिस्ट के रूप में करियर बनने के लिए आप निम्नलिखित कोर्स को चुन सकते हैं, जिनके साथ-साथ टेबल में न्यूनतम योग्यता और कोर्स अवधि की जानकारी भी दी गई है –
| क्रम संख्या | कोर्स का स्तर | कोर्स का नाम | अवधि (लगभग) | विवरण और योग्यता |
| 1 | स्नातक मेडिकल डिग्री | MBBS (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी) | 5.5 वर्ष + 1 साल इंटर्नशिप | योग्यता: 10+2 साइंस स्ट्रीम (भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान) में न्यूनतम 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए और NEET (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। |
| 2 | पोस्ट-ग्रेजुएशन | MD (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) in Pathology | 3 वर्ष | योग्यता: NMC/NBEMS दस्तावेज़ों के अनुसार, MBBS की डिग्री पूरी करने के बाद NEET PG (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा – पोस्ट ग्रेजुएट) उत्तीर्ण करना और पैथोलॉजी में विशेषज्ञता का चयन करना आवश्यक है। |
| 3 | सुपर-स्पेशलाइजेशन (वैकल्पिक) | DM (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) या DrNB | 2-3 वर्ष | MD पैथोलॉजी के बाद किसी विशिष्ट क्षेत्र, जैसे हिस्टोपैथोलॉजी, हेमेटोपैथोलॉजी या मॉलिक्यूलर पैथोलॉजी में विशेषज्ञता हासिल की जा सकती है। |
आवश्यक योग्यता
यह स्पष्ट समझना जरूरी है कि MBBS के बिना भारत में पैथोलॉजिस्ट नहीं बना जा सकता। साथ ही पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए छात्रों के पास निम्नलिखित आवश्यक योग्यताओं का होना भी जरूर होता है –
- सबसे पहले छात्र को कक्षा 12वीं (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) विषयों के साथ पूरी करनी होती है।
- पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए NEET-UG (MBBS) और NEET-PG या INI-CET (MD Pathology) दोनों जरूरी हैं।
- MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक 3 वर्ष का MD Pathology या DNB Pathology जैसे पोस्टग्रेजुएट कोर्स करना आवश्यक होता है।
- भारत में आप MD पैथोलॉजी तभी कर सकते हो जब MBBS NMC मान्यता प्राप्त कॉलेज से हुआ हो। इसमें आपको एनाटॉमी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री और क्लिनिकल पैथोलॉजी जैसे विषयों का गहराई से ज्ञान प्राप्त करना होता है।
- भारत में पैथोलॉजिस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन NMC (National Medical Commission) से प्राप्त करना अनिवार्य है।
पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम्स
यहाँ पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम्स की जानकारी दी गई है –
- NEET PG
- INI CET
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पैथोलॉजिस्ट कैसे बनें – स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
यहाँ भारत में पैथोलॉजिस्ट बनने की पूरी प्रक्रिया को स्टेप-बाय-स्टेप गाइड के रूप में दिया गया है, जिससे स्टूडेंट्स को रणनीति बनाने में मदद मिल सकती है –
स्टेप 1: 12वीं कक्षा PCB (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) के साथ पूरी करें
पैथोलॉजिस्ट बनने की प्रक्रिया 12वीं कक्षा से शुरू होती है। इसके लिए छात्र को फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों के साथ 12वीं पास करनी होती है। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि आगे MBBS में प्रवेश इन्हीं विषयों के आधार पर होता है। 12वीं में अच्छे अंक लाना जरूरी है, क्योंकि मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा में कट-ऑफ हर साल हाई रहती है। इस स्तर पर छात्रों को मेडिकल फील्ड की वास्तविकता समझकर ही आगे बढ़ना चाहिए।
स्टेप 2: NEET-UG पास करके MBBS में प्रवेश लें
12वीं के बाद पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए NEET-UG परीक्षा पास करना अनिवार्य है। NEET के माध्यम से सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीट मिलती है। MBBS की कुल अवधि लगभग 5.5 वर्ष होती है, जिसमें एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होती है। MBBS के दौरान छात्र को एनाटॉमी, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकैमिस्ट्री जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं, जो आगे पैथोलॉजी स्पेशलाइजेशन की नींव बनते हैं।
स्टेप 3: MBBS के बाद NEET-PG या INI-CET की तैयारी करें
MBBS पूरा करने के बाद पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए पोस्टग्रेजुएशन जरूरी होती है। इसके लिए छात्रों को NEET-PG या INI-CET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में शामिल होना पड़ता है। किस परीक्षा के माध्यम से प्रवेश मिलेगा, यह संस्थान पर निर्भर करता है। इस चरण में प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक होती है, इसलिए MBBS के अंतिम वर्षों से ही पैथोलॉजी विषय पर फोकस्ड तैयारी करना जरूरी माना जाता है।
स्टेप 4: MD पैथोलॉजी या DNB पैथोलॉजी में एडमिशन लें
एंट्रेंस परीक्षा क्वालिफाई करने के बाद छात्र MD पैथोलॉजी या DNB पैथोलॉजी कोर्स में प्रवेश लेते हैं। यह कोर्स लगभग 3 वर्ष का होता है। इस दौरान छात्रों को हिस्टोपैथोलॉजी, हेमेटोलॉजी, साइटोलॉजी और क्लिनिकल पैथोलॉजी में गहन प्रशिक्षण दिया जाता है। यहीं से छात्र एक सामान्य MBBS डॉक्टर से स्पेशलिस्ट पैथोलॉजिस्ट बनने की दिशा में आगे बढ़ते हैं। MD और DNB दोनों डिग्रियाँ भारत में मान्य हैं।
स्टेप 5: वैकल्पिक फेलोशिप या सब-स्पेशलाइजेशन करें
MD या DNB पैथोलॉजी के बाद कुछ पैथोलॉजिस्ट किसी विशेष क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए फेलोशिप करते हैं। इसमें हेमेटोपैथोलॉजी, फोरेंसिक पैथोलॉजी, साइटोपैथोलॉजी या मॉलिक्यूलर पैथोलॉजी जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं। यह चरण अनिवार्य नहीं है, लेकिन इससे स्किल्स बेहतर होती हैं और कुछ विशेष जॉब प्रोफाइल के लिए अवसर बढ़ते हैं।
स्टेप 6: NMC रजिस्ट्रेशन और प्रोफेशनल प्रैक्टिस शुरू करें
पैथोलॉजिस्ट के रूप में काम शुरू करने से पहले नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) में रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। इसके बाद आप सरकारी या निजी अस्पताल, डायग्नोस्टिक लैब, मेडिकल कॉलेज या रिसर्च संस्थान में काम कर सकते हैं। भारत में किसी पैथोलॉजी लैब की रिपोर्ट पर साइन करने के लिए MD/DNB पैथोलॉजी अनिवार्य होती है। इस स्टेप के बाद आप पूरी तरह से एक प्रोफेशनल पैथोलॉजिस्ट माने जाते हैं।
पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए कॉलेज
पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए NEET परीक्षा देना अनिवार्य होता है। छात्र परीक्षा की रैंकिंग के अनुसार अपनी संबंधित यूनिवर्सिटी या संस्थान में एडमिशन ले सकते हैं। इसके लिए कुछ प्रमुख कॉलेज की जानकारी निम्नलिखित है –
| क्रम संख्या | कॉलेज/संस्थान का नाम | स्थान | प्रवेश प्रक्रिया |
| 1 | अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) | नई दिल्ली | NEET PG (AIIMS में प्रवेश के लिए अपना एंट्रेंस होता था, पर अब NEET PG/INI CET के माध्यम से होता है) |
| 2 | संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGIMS) | लखनऊ, उत्तर प्रदेश | NEET PG / INI CET |
| 3 | जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER) | पुदुचेरी | NEET PG / INI CET |
| 4 | राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS) | बेंगलुरु, कर्नाटक | NEET PG / INI CET |
| 5 | स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (PGIMER) | चंडीगढ़ | NEET PG / INI CET |
| 6 | मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) | नई दिल्ली | NEET PG |
| 7 | वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) और सफदरजंग अस्पताल | नई दिल्ली | NEET PG |
| 8 | क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC) | वेल्लोर, तमिलनाडु | NEET PG (संस्थान का अपना चयन प्रक्रिया भी हो सकती है) |
| 9 | ग्रांट मेडिकल कॉलेज (GMC) और सर जमशेदजी जीजीभोय अस्पताल | मुंबई, महाराष्ट्र | NEET PG |
| 10 | किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) | लखनऊ, उत्तर प्रदेश | NEET PG |
पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए आवश्यक स्किल्स
पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए आप में निम्नलिखित स्किल्स का होना जरूरी है:
- माइक्रोस्कोपिक ऑब्जर्वेशन और एनालिटिकल स्किल
- मेडिकल रिपोर्ट इंटरप्रिटेशन
- क्लिनिकल कोरिलेशन की समझ
- लैब क्वालिटी कंट्रोल और एथिक्स
- लगातार अपडेटेड मेडिकल नॉलेज
पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए करियर स्कोप
पैथोलॉजिस्ट के रूप में आप अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लैब्स, मेडिकल कॉलेजों, और दवा कंपनियों में काम कर सकते हैं, या अपना खुद का डायग्नोस्टिक सेंटर खोल सकते हैं। इसके साथ ही आप अस्पतालों और डायग्नोस्टिक लैब्स में नीचे दी गई जॉब्स में अपना करियर बना सकते हैं। साथ ही आपको फोरेंसिक पैथोलॉजी या हेमेटोपैथोलॉजी जैसी विशेषज्ञताओं में काम करने के अवसर भी उपलब्ध होते हैं।
- पैथोलॉजिस्ट
- क्लिनिकल पैथोलॉजिस्ट
- फोरेंसिक पैथोलॉजिस्ट
- हेमेटोपैथोलॉजिस्ट
- साइटोपैथोलॉजिस्ट
- हेमेटोपैथोलॉजिस्ट
- ब्रैस्ट पैथोलॉजी
- साइटोपैथोलॉजी
- डेमाटोपैथोलॉजी
- फोरेंसिक पैथोलॉजी
- गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल पैथोलॉजी
- गेनिटोरिनेरी पैथोलॉजी
- गयनेकोलॉजिक पैथोलॉजी
- हेमेटोपैथोलॉजी
- न्यूरोपैथोलॉजी
- पीडिएट्रिक पैथोलॉजी
- पुल्मोनरी पैथोलॉजी
पैथोलॉजिस्ट को मिलने वाला वेतन
पैथोलॉजिस्ट को मिलने वाला अनुमानित सालाना सैलरी Ambitionbox.com और Glassdoor के अनुसार नीचे दी गई तालिका में दर्शाई गई है, ये अनुमानित सैलरी कम-ज्यादा होती रहती है। वास्तविक सैलरी आपके अनुभव, कौशल और परफॉर्मेंस के आधार पर इससे अधिक भी हो सकती है।
| जॉब्स | अनुमानित औसतन सालाना सैलरी (INR) |
| पैथोलॉजिस्ट | INR 7 लाख – 12 लाख |
| क्लिनिकल पैथोलॉजिस्ट | INR 17.2 लाख – 18.8 लाख |
| फोरेंसिक पैथोलॉजिस्ट | INR 3 लाख – 12 लाख |
| हिस्टोपैथोलॉजिस्ट | INR 17 लाख – 36 लाख |
| साइटोपैथोलॉजिस्ट | INR 17 लाख – 34 लाख |
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FAQs
पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए सबसे पहले आपको 12वीं कक्षा में विज्ञान विषय के साथ जीवविज्ञान लेना होता है। इसके बाद एमबीबीएस की पढ़ाई करनी होती है और फिर पैथोलॉजी में पोस्टग्रेजुएशन डिग्री यानी एमडी पैथोलॉजी करनी जरूरी होती है।
पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए कुल मिलाकर लगभग 8.5 साल का समय लगता है, जिसमें MBBS (5.5 वर्ष) + MD Pathology (3 वर्ष) = कुल 8.5 वर्ष का समय निर्धारित होता है।
पैथोलॉजिस्ट एक डॉक्टर होता है जो बीमारियों की पहचान और जांच करता है जबकि पैथोलॉजी लैब टेक्नीशियन केवल टेस्ट और सैंपल की जांच तकनीकी स्तर पर करता है। पैथोलॉजिस्ट बनने के लिए एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई करनी पड़ती है।
पैथोलॉजिस्ट को हिंदी में रोगविज्ञानी या विकृतिविज्ञानी कहते हैं।
हमें आशा है कि आप इस लेख में जान पाए होंगे पैथोलॉजिस्ट कैसे बनें, साथ ही ये जानकारी आपके लिए सहायक साबित होगी। करियर से सम्बंधित अन्य लेख पढ़ने के Leverage Edu के साथ जुड़े रहें।
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