Sound Engineer कैसे बने?

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Sound Engineer कैसे बने

सिनेमैटॉग्रफर और कैमरामैन की तरह साउंड इंजिनियरों को भी डायरेक्टर की कल्पना को इलेक्ट्रॉनिक व मकैनिकल उपकरणों की मदद से असल रूप देने में महारत हासिल होती है। इसी कारण से म्यूजिक, मूवी और थिअटर की रिकॉर्डिंग, मिक्सिंग, एडिटिंग और प्रॉडक्शन (प्री व पोस्ट दोनों) से जुड़ी जानकारियां अब इस क्षेत्र से जुड़े संस्थानों में भी पढ़ाई जाने लगी हैं। जिस तरह की फिल्में आजकल बनाई जा रही हैं, उसमें साउंड की एक अहम भूमिका रहती है। दरअसल फिल्म रिलीज के पहले से ही उसका बैकग्राउंड साउंड व म्यूजिक ऑनलाइन, टीवी, रेडियो और बड़े परदे पर अलग-अलग तरह से लोगों को लुभाता है। और इस तरह से फिल्म का म्यूजिक हिट होने से फिल्म को भी बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार एंट्री मिल जाती है। चलिए जानते हैं Sound Engineer कैसे बने विस्तार से।

साउंड इंजीनियरिंग क्या है? (What is Sound Engineering in Hindi)

Sound Engineering एक ऐसी शाखा (branch) है, जिसके अंदर sound को समझने, सुधारने तथा एक नयी क़िस्म की sound तैयार करने के लिए किया जाता है। इसमें आपको sound की कला (उतार-चढ़ाव) को समझने की आवश्यकता होती है। इसमें music, movies, theater, recording, mixing, reproduction से संबंधित चीज़ें सिखायी और पढ़ाई जाती है। इसमें music, speech और studio के sound को quality को बेहतर बनाना होता है। इसके लिए फिल्मों, रेडियो, और टेलीविज़न में कई तरह के technical instruments का प्रयोग किया जाता है। यह एक कला है, जो किसी भी प्रकार के sound को समझने, उन्हें record और produce करने के लिए विभिन्न electronic उपकरणों का उपयोग किया जाता है, जिसे हम प्रायः Audio Mixing के नाम से भी जानते हैं। Sound Engineering में छात्रों को बेसिक से लेकर post production तक की पूरी कला सिखाई जाती है।

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Sound Engineer कैसे बने ?

साउंड इंजीनियर बनने के लिए आपका music industry में रूचि होना बहुत ज़रूरी है। यदि आप भी हमेशा music गुनगुनाते रहते है तो यह आपके लिए यह काफी बेहतर career साबित हो सकता है। वैसे तो यह एक कला है, इसके लिए आपको किसी degree की ज़रूरत नहीं पड़ती। आप साधारण रूप से practice करके भी साउंड इंजीनियर बन सकते हो। लेकिन यदि आपको sound engineer की डिग्री हासिल हो जाये तो यह आपके career में चार चाँद लगा सकते हैं। जिससे आप कही भी sound engineering की job पा सकते हैं; वो भी अच्छे package के साथ।

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कार्य

साउंड इंजीनियर अपना कार्य दो स्तरों पर करता है-प्रोडक्शन लेवल तथा दूसरा पोस्ट प्रोडक्शन लेवल पर। प्रोडक्शन लेवल पर साउंड इंजीनियर का कार्य मेकेनिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइसेस के द्वारा तरह-तरह की आवाजें बनाना तथा उन्हें रिकॉर्ड करना होता है। पोस्ट प्रोडक्शन लेवल पर उनको एडिट व मिक्स करके एक नई साउंड में तब्दील किया जाता है।

साउंड इंजीनियरिंग के लिए योग्यता 

साउंड इंजीनियर बनने के लिए आपका science group से 12th या समकक्ष पास होना जरुरी है। जिससे आप sound engineering में डिग्री हासिल कर सकते है। यदि आप Mass Communication में ग्रेजुएट हैं तो आप इसमें अपना career बना सकते हैं। यदि आपका mass communication से ग्रेजुएशन नहीं है तो आपको साउंड इंजीनियर बनने के लिए साउंड इंजीनियर का diploma या audio और music production की डिग्री होना जरुरी है। यह काम बहुत ही technical है, इसलिए आपका कंप्यूटर के साथ-साथ बेहतर skills और electronic instruments चलाने का बेहतर अनुभव जरुरी है। क्योंकि एक professionals के लिए high quality ऑडियो प्रोडक्शन के लिए video editor, performer और director के बीच का तालमेल समझना ज़रूरी है।

Note:- एक sound engineer किसी भी वीडियो या ऑडियो मिक्सिंग के फाइनल प्रोडक्ट रिजल्ट में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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साउंड इंजीनियर के कर्तव्य 

ठीक है, तो एक साउंड इंजीनियर वास्तव में क्या करता है? विशिष्ट दृश्य एक विशाल साउंडबोर्ड के सामने किसी का है जिसके सभी लीवर, डायल और पैनल हैं। वह इसका हिस्सा है। दरअसल, साउंडबोर्ड पर बैठा व्यक्ति साउंड इंजीनियर या ऑडियो इंजीनियर हो सकता है। भूमिकाएं समान हैं, लेकिन एक ऑडियो इंजीनियर की तुलना में एक साउंड इंजीनियर की परियोजना की सफलता के लिए अधिक जिम्मेदारी होती है। वास्तव में, एक ऑडियो इंजीनियर के रूप में समय बिताना एक साउंड इंजीनियर बनने के लिए एक कदम हो सकता है।  एक साउंड इंजीनियर रिकॉर्डिंग या लाइव प्रदर्शन के तकनीकी पक्ष के लिए जिम्मेदार होता है। साउंड इंजीनियर ध्वनि स्तर और आउटपुट को डिजाइन और प्रबंधित करता है, और भौतिक ध्वनि उपकरण, जैसे एम्प्स और माइक्रोफोन को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। 

जब एक साउंड इंजीनियर रिकॉर्डिंग पर काम कर रहा होता है, तो जिम्मेदारी प्रदर्शन को रिकॉर्ड करने के कार्य के साथ समाप्त नहीं होती है। साउंड इंजीनियर तब ट्रैक को संपादित करने, मिश्रण करने और उसमें महारत हासिल करने के लिए जिम्मेदार होता है ताकि वे कलाकार की दृष्टि के अनुरूप सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन प्रस्तुत करें। “रिकॉर्डिंग” क्या है, हर किसी को बहुत कुछ मिलता है। आइए इन अन्य चरणों के बारे में अधिक सटीक जानकारी प्राप्त करें: 

  • ट्रैक का “संपादन” वह प्रक्रिया है जो रिकॉर्ड की गई चीज़ों को व्यवस्थित करती है। रिकॉर्ड किए गए प्रदर्शन शायद ही कभी एक बार खेले जाते हैं, पूरे के माध्यम से।
  •  इसके बजाय, विभिन्न आंदोलनों और मार्ग को बार-बार किया जाएगा। संपादन सर्वश्रेष्ठ टुकड़ों का चयन करने और उन्हें एक एकल, सुसंगत प्रदर्शन में एक साथ रखने की प्रक्रिया है। 
  • वास्तव में, प्रत्येक कलाकार को एक ही समय में रिकॉर्ड भी नहीं किया जा सकता है। 
  • एक ट्रैक “मिक्सिंग” संपूर्ण रिकॉर्डिंग के माध्यम से ध्वनि स्तरों को समायोजित करने का तकनीकी कार्य है।
  •  इसलिए यदि शूबर्ट के सेरेनेड की रिकॉर्डिंग में पियानो ट्रैक सेलो ट्रैक से आगे निकल जाता है , तो साउंड इंजीनियर मिक्सिंग स्टेज के दौरान इसे ठीक कर सकता है। 
  • “मास्टरिंग” ऑडियो पोस्ट-प्रोडक्शन का अंतिम चरण है। यह मूल रूप से सभी तकनीकी कार्य हैं जिन्हें वितरण के लिए एक रिकॉर्डिंग तैयार करने के लिए करने की आवश्यकता है। 
  • अधिकांश रिकॉर्डिंग में कई गाने और प्रदर्शन शामिल होते हैं, और रिकॉर्डिंग में महारत हासिल करने से उन सभी में ध्वनि के स्तर और गुणवत्ता में स्थिरता आती है। 
  • रिकॉर्डिंग में महारत हासिल करने से यह समाप्त हो जाता है। रिकॉर्डिंग में महारत हासिल करना भी वह चरण है जहां साउंड इंजीनियर तकनीकी रूप से रिकॉर्डिंग को पुन: प्रस्तुत, निर्मित और डाउनलोड करने के लिए तैयार करता है।
  •  प्रकाशक रिकॉर्डिंग को कैसे वितरित करना चाहते हैं, इसके आधार पर आवश्यक कदम अलग-अलग होते हैं।

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व्यक्तिगत गुण

इस क्षेत्र में सफल होने के लिए म्यूजिक व साउंड के प्रति गहरी रुचि आवश्यक है। यह फील्ड क्रिएटिविटी तथा टेक्नोलॉजी की जुगलबंदी है, इसलिए इलेक्ट्रॉनिक व मैकेनिकल म्यूजिकल उपकरणों की समझ जरूरी है। इसके अलावा अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स, पेशंस, एकाग्रता तथा टीम में काम करने की योग्यता होनी चाहिए।

Sound Engineering का भविष्य

  • आज का युग पूरी तरह से digital होती जा रही है। Bollywood Industry में आये दिन music और video की quality बढ़ती जा रही है, जिससे साउंड इंजीनियर की मांग बढ़ती जा रही है। क्योंकि यह passion और professional दोनों से जुड़ा है।
  • आज internet की आसान पहुँच और इस्तेमाल से YouTube video, OTT platform, online music streaming, news clipping, और WhatsApp की बढ़ती लोकप्रियता के चलते साउंड इंजीनियर की demand दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
  • आज कई Bollywood Production House संचालित हो रहे है, जिससे expert sound engineer की मांग बढ़ती जा रही है। आप यह अनुमान नहीं लगा सकते कि रोज़ाना कितने TV Series, Media Platform, Event Management Production हो रहे हैं।
  • आज हर production house expert की तलाश में रहते है। तो ऐसे में एक expert sound engineer के लिए भविष्य में बहुत अच्छा मौका है।

आशा करते हैं कि Sound Engineer कैसे बने का ब्लॉग अच्छा लगा होगा। हमारे Leverage Edu में आपको ऐसे कई प्रकार के ब्लॉग मिलेंगे जहां आप अलग-अलग विषय की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ।

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