क्या MBBS के बाद MBA करना अच्छा विकल्प है?

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MBBS के बाद MBA

कॉमर्स के छात्र, अक्सर इंजीनियरिंग के छात्रों को टॉप बिजनेस स्कूलों में MBA के मुकाबले को अधिक कठिन बनाने के दोषी ठहराते हैं। किसने सोचा था कि डॉक्टर भी MBA के क्षेत्र में आकर इस लड़ाई को और रोमांचक बना देंगे? क्या ऐसा मुमकिन है? और क्या इसका कोई मतलब भी है? हां, यह मायने रखता है। आजकल MBBS के बाद MBA के जबरदस्त कॉन्बिनेशन की लोकप्रियता बढ़ गई है। क्या आप अभी सोच रहे हैं कि हम इस बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं? हमें तो लगा था कि हमारे आपसी ट्रस्ट इश्यू अब तक खत्म हो चुके हैं। खैर, कोई बात नहीं, इस आर्टिकल को पढ़ें और खुद जान लें!

MBBS के बाद MBA क्यों करें?

अक्सर मेडिकल छात्र 5-6 साल तक MBBS की शिक्षा पूरी करने के बाद MBA का विकल्प चुनने के बारे में सोचते हैं। MBBS के बाद MBA अधिक आशाजनक और नए व मॉडर्न करियर अवसरों के दरवाजे खोलता है, जो बेहतर-तनख्वाह और संतुष्टि देते हैं। यहाँ कुछ कारण दिए गए हैं, जो आपको सही फैसला करने में सहायता कर सकते हैं:

  • मेडिको-मैनेजमेंट या हेल्थ केयर मैनेजमेंट सिस्टम का मुआयना कराएं
  • अपने व्यवसाय कौशल को जांचें
  • अपने करियर में तरक्की करें
  • अपनी सोच और विश्लेषणात्मक कौशल को बेहतर बनाएं
  • प्रैक्टिस या पोस्ट ग्रेजुएशन में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा से बचें
  • PG पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के साथ-साथ अभ्यास के लिए मेडिकल प्रवेश परीक्षा से बचें

Eligibility

MBBS के बाद MBA की योजना बनाते समय आपको पहले MBA कोर्स में एडमिशन के लिए आवश्यक एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया की जानकारी होनी जरूरी है। हालांकि, यूनिवर्सिटी और कॉलेज के आधार पर यह पात्रता भिन्न हो सकती है, MBBS के बाद MBA की कुछ सामान्य पात्रता नीचे बताई गई हैं:

  • MBA कोर्स के लिए, उम्मीदवारों को बैचलर्स डिग्री पूरी करनी होती है। MBBS ग्रेजुएट के लिए सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि उनकी मेडिकल डिग्री किसी रिकॉग्नाइज्ड मेडिकल एसोसिएशन, जैसे भारत में MCI द्वारा मान्यता प्राप्त होनी चाहिए।
  • MBA के लिए MAT, XAT, CAT, GMAT, आदि जैसी विभिन्न प्रकार की प्रेवश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं, जिन्हें आपको चुनी गई यूनिवर्सिटी की आवश्यकता के अनुसार क्वालीफाई करना होगा। आमतौर पर, भारतीय यूनिवर्सिटीज में GMAT, CAT, XAT, MAT, आदि के स्कोर स्वीकार किए जाते हैं, जबकि कुछ दूसरे कॉलेज और एकेडमिक संस्थानों में MBA प्रोग्राम के लिए खुद की प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं।

यदि आप विदेश में MBA करना चाहते हैं तो कुछ अतिरिक्त आवश्यकताएं हैं, जिन्हें आपको पूरा करना होगा। विदेशों में MBA की पेशकश करने वाली यूनिवर्सिटी आमतौर पर जीमैट स्कोर स्वीकार करते हैं, जबकि कई संस्थानों द्वारा आवेदकों का JRE स्कोर भी स्वीकार किया जाता है। आपको प्रवेश निबंध, SOP और LORs के साथ-साथ IELTS / TOEFL / PTE, आदि जैसी भाषा प्रोफिशिएंसी परीक्षा के स्कोर भी सबमिट करने होंगे।

MBBS के बाद MBA करने के Steps

मेडिसिन की लम्बे समय तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद किस MBA प्रोग्राम का चयन करें, यह फैसला करना बहुत मुश्किल होता है। मेडिकल स्टूडेंट के नाते, आपने स्कूल स्तर पर BiPC विषय पढ़े होंगे। इसलिए, आप करियर में बदलाव के तरीके से अवगत होंगे। Leverage Edu के एक्सपर्ट्स इस मामले में सही फैसला करने में आपकी मदद के लिए उपलब्ध हैं। यहां, कुछ बेसिक स्टेप्स बताए जा रहे हैं, जो आपको सही दिशा में मार्गदर्शन करेंगे।

  • ऐसा MBA स्पेशलाइजेशन चुनें, जो आपकी रुचि, कौशल और भविष्य के लक्ष्य से मेल खाता है।
  • अपने चुने हुए प्रोग्राम के लिए जानी-मानी यूनिवर्सिटी का चयन करें।
  • यदि आप भारतीय यूनिवर्सिटी का चयन करते हैं, तो आपको स्कूल के अनुसार मैनेजमेंट की प्रवेश परीक्षा देनी होगी।
  • यदि आप विदेश में शिक्षा प्राप्त करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको अपना एप्लीकेशन प्लान चुनने और JRE परीक्षा देने की आवश्यकता होगी। 

MBBS के बाद MBA के कोर्स

कोई भी MBA करने से आप हेल्थकेयर सेक्टर के बिजनेस का हर पहलू गहराई से समझ सकेंगे और हर तरह की चुनौतियों को बेहतरीन तरीके से हल करने के काबिल हो जाएंगे। हालांकि, कुछ विशेष कोर्स हैं, जिन्हें MBBS के बाद MBA करने की योजना बनाते समय ध्यान में रखना अच्छा होता है:

  • हेल्थकेयर में MBA
  • अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य प्रबंधन में MBA
  • स्वास्थ्य प्रबंधन में MBA
  • अस्पताल और स्वास्थ्य प्रबंधन में MBA
  • हॉस्पिटल मैनेजमेंट में PGD
  • हेल्थ मैनेजमेंट में PGD
  • हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन में PGD

MBA के बेहतरीन Specialization

क्या आप MBBS के बाद सही स्पेशलिटी ढूंढ रहे हैं? यहां MBBS के बाद MBA के लिए कुछ पॉपुलर और टॉप स्पेशलाइजेशंस दी गई हैं:

MBBS के बाद MBA की स्पेशलाइजेशन अवधि
हेल्थ केयर में MBA 2 वर्ष
हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर और हेल्थ केयर मैनेजमेंट में MBA 2 वर्ष
हेल्थ केयर मैनेजमेंट मैं MBA 2 वर्ष
हॉस्पिटल और हेल्थकेयर मैनेजमेंट में MBA 2 वर्ष
हॉस्पिटल मैनेजमेंट में PGD 1 से 2 वर्ष
हेल्थ मैनेजमेंट में PGD 1 से 2 वर्ष
हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन में PGD 1 से 2 वर्ष

टॉप यूनिवर्सिटीज

आमतौर पर, MBA 2-वर्षीय प्रोग्राम होता है। जबकि, कुछ यूनिवर्सिटीज में 1 साल का MBA कोर्स भी होता है। भविष्य में शानदार अवसरों के लिए उम्मीदवारों को दुनिया के बेहतरीन कॉलेज से MBA करना अच्छा होता है। यहां, MBBS के बाद MBA के लिए सबसे अच्छी यूनिवर्सिटी की लिस्ट दी गई है: 

भारत में MBA के बेहतरीन कॉलेज

भारत में MBBS कॉलेज स्थान
IIMs अहमदाबाद, बेंगलुरु, कोलकाता, इंदौर, लखनऊ, कोझीकोड, आदि
इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस मोहाली और हैदराबाद
XLRI जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट जमशेदपुर
IITs खड़कपुर, दिल्ली, मुंबई आदि
SP जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च मुंबई
फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज दिल्ली
SVKM`s नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज मुंबई
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड दिल्ली
NIT तिरुचिरापल्ली
जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज मुंबई

करियर

शुक्र है कि हम उस समय में नहीं रहते, जहां MBBS के बाद 2 ही विकल्प होते थे। या तो आप MD कर सकते थे या आपको अपनी पढ़ाई वहीं खत्म करनी होती थी। आजकल, MBBS की डिग्री के साथ MBA करके एक शानदार करियर बनाया जा सकता है। MBBS के बाद, MBA करके आप अपना खुद का बिजनेस खोल सकते हैं, हेल्थ केयर कंपनी से जुड़ सकते हैं या कंसलटिंग कंपनियों का हिस्सा बन सकते हैं। करियर के बहुत से विकल्पों में यहां बताई गई शानदार नौकरियां भी प्राप्त की का सकती हैं: 

  • हेल्थ केयर लाइसेंस के लिए सलाहकार
  • क्लिनिकल रिसर्च में फेलो
  • आपातकालीन विशेषज्ञ
  • अस्पताल प्रशासक
  • अस्पताल मैनेजर
  • स्वास्थ्य सूचना मैनेजर
  • फार्मास्युटिकल प्रोजेक्ट मैनेजर
  • हेल्थकेयर सलाहकार
  • मेडिकल सुविधा CFO
  • मेडिकल मैनेजर
  • नीति विश्लेषक या रिसर्चर
  • चिकित्सा डायरेक्टर

इसके अलावा, आप ‘मेडिको-मैनेजमेंट’ प्रोफेशनल स्वास्थ्य सेवा से संबंधित प्रोडक्ट डेवलपमेंट और मैनेजमेंट का हिस्सा भी बन सकते हैं।

एमबीबीएस डॉक्टर की सैलरी

भारत में दो तरह के सरकारी डॉक्टर होते हैं। एक केंद्र सरकार के अधीन होते हैं और एक राज्य सरकार के अधीन होते हैं। लेकिन दोनों की सैलरी में ज्यादा फर्क नहीं होता हैं। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के डॉक्टरों का ग्रेड पे लगभग एक जैसा ही होता हैं। सरकारी MBBS डॉक्टर को 60 हजार रुपये प्रतिमाह, विशेषज्ञ डॉक्टर को एक लाख और विशेषज्ञ (डिग्री) वाले सरकारी डॉक्टर को एक लाख 25 हजार दिए जाने का प्रावधान है। वर्तमान में MBBS/MD डॉक्टरों का सैलरी 15600-39100 जबकि ग्रेड पे 5400 है। वहीं प्रमोशन होने के बाद सैलरी 15600-39100 और ग्रेड वेतन 6600 हैं।

यदि आप सोच रहे हैं, कि MBBS के बाद MBA की क्या तनख्वाह होती है, तो यहां हमने कुछ विशेष कोर्स और उनके वेतन व स्कोप की जानकारी दी है:

कोर्स करियर स्कोप वेतन
MBBS के बाद MBA हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर, हॉस्पिटल मैनेजर,
हेल्थ इंफॉर्मेशन मैनेजर, फार्मास्युटिकल प्रोजेक्ट
मैनेजर, हेल्थकेयर सलाहकार
₹60,000 से ₹2.5 लाख रुपये प्रति माह
MBBS के बाद MD या एमएस मेडिकल स्पेशलिस्ट, स्पेशलिस्ट डॉक्टर,
सर्जन, रिसर्च फेलो
₹25,000 रुपये से 3 लाख रुपये  प्रति माह
हैल्थ एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स (MHA) कैट एडमिनिस्ट्रेटर, मेडिकल मैनेजर,
फार्मास्युटिकल रिप्रेजेंटेटिव, आदि
2 से 3 लाख रुपये प्रति माह
मेडिकल और क्लीनिक रिसर्च रिसर्च एसोसिएट शुरुआती वेतन के रूप में ₹20,000 से ₹25,000 प्रति माह

डॉ चारू अरोड़ा से मिले जिन्होंने MBBS के बाद MBA किया

जहां, बहुत से छात्र MBBS (बैचलर ऑफ मेडिसिन, बैचलर ऑफ सर्जरी) के बाद MD (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) की शिक्षा प्राप्त करते हैं और मरीजों की खिदमत करके विनम्रता का सबूत देते हैं, वहीं कुछ चुनिंदा छात्र हेल्थकेयर सेक्टर को बेहतर बनाने के लिए MBA का विकल्प चुनते हैं।

ऐसा ही हमारी Leverage Edu की मेंटोर, डॉ चारु अरोड़ा ने किया, जो Jio हेल्थ हब में सीनियर प्रोडक्ट मैनेजर हैं। उन्होंने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से MBBS और इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से क्लीनिकल कार्डियोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा पूरा करने के बाद बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने में जुट गईं। उन्होंने हेल्थकेयर इंडस्ट्री में को बेहतर बनाने के लिए कार्डियोलॉजिस्ट और फिजिशियन का रोल पीछे छोड़कर इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस और हैस स्कूल ऑफ बिजनेस, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से (एक्सचेंज स्टूडेंट के रूप में) MBA की शिक्षा प्राप्त की। वह हेल्थकेयर क्षेत्र की टेक्नोलॉजी, नवाचार और व्यावसायिक साइट के बारे में अत्यधिक भावुक हैं। साथ ही, मरीजों के अनुभव में सुधार लाने और स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रथाओं की बेहतरी के लिए लगातार काम कर रही हैं। फिलहाल, वह Jio हेल्थ हब में सीनियर प्रोडक्ट मैनेजर के रूप में, भारत की स्वास्थ्य सेवा में बदलाव लाने की कोशिश में लगी हुई हैं।

है न प्रेरणा के काबिल? MBBS के बाद MBA डॉक्टरों को नए और उत्तेजित करने वाले करियर की ओर ले जाता है।

इसके बाद हर नए क्लीनिक और हर नए अस्पताल, हर नई दवा और हेल्थकेयर सेक्टर में हर नई तरक्की, इलाज को बेहतर बनाने के मौके देती है। MBBS के बाद MBA करने से डॉक्टरों को हॉस्पिटल सिस्टम, हेल्थ केयर डिलीवरी और इलाज प्रक्रिया की बेहतर समझ मिलती है और वो विकसित रूप से इलाज करने में सफल होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या MBBS के बाद MBA अच्छा विकल्प है?

मैनेजमेंट क्षेत्र में दाखिले के लिए MBA सबसे बेहतरीन रास्ता है। MBBS के बाद MBA उन छात्रों के लिए बेहतरीन है, जो हॉस्पिटल मैनेजमेंट या एडमिनिस्ट्रेशन में कम करना चाहते हैं। इसके बाद, आपको बड़े स्वास्थ्य संगठन जैसे GE हेल्थ केयर, Abbott, फिलिप्स हेल्थकेयर, आदि के साथ काम करने का अवसर भी मिल सकता है।

2. डॉक्टर MBA क्यों करते हैं?

आजकल, बहुत से डॉक्टर MBA के लिए अप्लाई करते हैं, ताकि उन्हें मेडिकल विशेषज्ञता के साथ-साथ प्रबंधकीय कौशल और बिजनेस ज्ञान मिल सके। MBA के बाद डॉक्टरों के लिए करियर खुलते हैं। साथ ही, उन्हें अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए अच्छी व्यावसायिक समझ भी मिलती है।

3. MBBS बेहतर है या MBA?

MBBS और MD में कोई तुलना नहीं की जा सकती क्योंकि MBBS अंडर ग्रैजुएट कोर्स है और MBA पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम। MBBS के बाद MBA एक बेहतरीन विकल्प है क्योंकि इसके बाद मेडिकल सेक्टर में मेडिकल एडमिनिस्ट्रेटर, फार्मास्युटिकल सेल्स मैनेजर आदि जैसी शानदार वेतन वाली नौकरियां मिलती हैं।

4. ज्यादा कौन कमाता है MBBS या MBA?

किसी डॉक्टर या MBA की कमाई उनके पेशेवर कौशल और काम के प्रति रवैये पर निर्भर करती है। आमतौर पर, MBA और डॉक्टर दोनों की कमाई अच्छी होती है। जबकि, सही अवसर मिलने पर MBA ज्यादा पैसे कमा सकते हैं।

5. क्या कोई भी MBBS के बाद MBA कर सकता है?

हां, कोई भी MBA कर सकता है। अगर आप अपने मेडिकल करियर को दिलचस्प मोड़ देना चाहते हैं और शानदार करियर की संभावना बढ़ाना चाहते हैं, तो MBA आपके लिए जबरदस्त विकल्प है। अस्पताल प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन क्षेत्रों में प्रवेश के अवसर देता है। इसके अलावा, MBBS के बाद MBA करने से टॉप मेडिकल कंपनियों जैसे फिलिप्स हेल्थकेयर, GE हेल्थकेयर, मेडट्रोनिक, आदि में नौकरी के मौके मिलते हैं। बुनियादी मेडिकल ज्ञान के साथ विदेश के बाद MBA आपकी कौशल को बढ़ाता है और आपको विभिन्न अवसर देकर करियर में नई ऊंचाइयों को छूने की अनुमति देता है।

6. MBBS के बाद MBA का क्या स्कोप है?

MBA का स्कोप बहुत ज्यादा है। MBBS के बाद MBA करने पर आपको मेडिसिन फील्ड में करियर में नए-नए ऑप्शन चुनने का मौका मिलता है, जो MD एमएस में नहीं मिलता। इसकी शानदार जॉब प्रोफाइल में स्वास्थ्य सूचना मैनेजर, मेडिकल डायरेक्टर, हॉस्पिटल मैनेजर, मेडिकल फैसिलिटी CFO, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर, इमरजेंसी स्पेशलिस्ट आदि शामिल हैं। MBBS के बाद MBA करने से आप हेल्थ केयर कंपनी ज्वाइन कर सकते हैं, कंसल्टिंग फर्म का हिस्सा बन सकते हैं, या अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

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