डेटा साइंटिस्ट कैसे बनें: छात्रों के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

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Data Scientist Kaise Bane
लेख का सारांश
  • डेटा साइंटिस्ट रॉ डेटा को बिजनेस इनसाइट्स में बदलने वाला प्रोफेशनल होता है, जो Python, SQL, स्टैटिस्टिक्स और मशीन लर्निंग की मदद से डेटा क्लीनिंग, एनालिसिस, मॉडलिंग और विज़ुअलाइजेशन करके कंपनियों को बेहतर निर्णय लेने में सहायता करता है।
  • डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए डिग्री से ज्यादा स्किल्स और प्रैक्टिकल अनुभव अहम हैं, जहां Python, SQL, बेसिक स्टैटिस्टिक्स, मशीन लर्निंग, डेटा विज़ुअलाइजेशन टूल्स और रियल-वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स एक मजबूत फाउंडेशन बनाते हैं, चाहे बैकग्राउंड IT हो या नॉन-IT।
  • डेटा साइंटिस्ट बनने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया में सीखना, प्रोजेक्ट्स, पोर्टफोलियो और एंट्री-लेवल रोल शामिल हैं, और भारत में AmbitionBox 2026 के अनुसार इसकी औसत सैलरी लगभग INR 15–17 लाख प्रति वर्ष है, जो अनुभव और स्किल्स के साथ बढ़ती है।

आज की डेटा-उन्मुख दुनिया में हर बड़ी कंपनी और सरकारी संगठन के पास असीमित मात्रा में जानकारी होती है, लेकिन इसी डेटा को समझना और उसका सही इस्तेमाल करना सबसे बड़ी चुनौती है। यही काम करता है डेटा साइंटिस्ट- जो रॉ डेटा में छिपी इनसाइट्स को पहचानकर बिजनेस डिसीजन, स्ट्रेटेजी और भविष्य की योजनाओं को आकार देता है। आज टेक स्टार्टअप, हेल्थकेयर, बैंकिंग एंड फाइनेंस, ई-कॉमर्स, टेलीकॉम, मैन्युफैक्चरिंग और सरकारी एजेंसियों जैसी विविध इंडस्ट्रीज में डेटा साइंटिस्ट की मांग लगातार बढ़ रही है।

एक डेटा साइंटिस्ट न केवल रॉ डेटा को प्रोसेस करता है, बल्कि भविष्य के ट्रेंड और जरूरतों की पहचान करके संगठनों को कॉम्पिटेटिव ग्रोथ दिलाता है। इस कारण यह प्रोफेशन आज छात्रों के लिए सबसे पॉपुलर और तेजी से बढ़ता करियर ऑप्शन बन गया है। अगर आप भी डेटा साइंस में करियर बनाने की योजना बना रहे हैं, तो इस लेख में डेटा साइंटिस्ट बनने की पूरी प्रक्रिया को सरल रूप में बताया गया है। इस गाइड में आप डेटा साइंटिस्ट की भूमिका समझने से लेकर आवश्यक स्किल्स, प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स और जॉब के लिए आवेदन करने तक की पूरी स्टेप बाय स्टेप रोडमैप जान पाएंगे।

This Blog Includes:
  1. डेटा साइंटिस्ट कौन होता है?
  2. डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए योग्यता
  3. डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए कौनसे स्किल्स चाहिए?
    1. टेक्निकल स्किल्स
    2. सॉफ्ट स्किल्स
  4. डेटा साइंटिस्ट कैसे बनें – स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस 
    1. स्टेप 1: भूमिका और जिम्मेदारियों को समझें
    2. स्टेप-2: बेसिक एजुकेशनल फाउंडेशन बिल्ड करें 
    3. स्टेप-3: डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखें
    4. स्टेप-4: स्टेटिस्टिक्स और डेटा एनालिसिस कॉन्सेप्ट्स समझें  
    5. स्टेप-5: मशीन लर्निंग के बेसिक्स सीखें
    6. स्टेप-6: डेटा विज़ुअलाइज़ेशन और टूल्स पर काम करें
    7. स्टेप-7: रियल प्रोजेक्ट्स और पोर्टफोलियो बनाएं
    8. स्टेप-8: इंटर्नशिप, एंट्री-लेवल रोल या प्रैक्टिस से शुरू करें
    9. स्टेप-9: डेटा साइंटिस्ट जॉब के लिए आवेदन कैसे करें
    10. स्टेप-10: अपनी स्किलस अपग्रेड करें
  5. डेटा साइंटिस्ट की सैलरी कितनी होती है?
  6. डेटा साइंटिस्ट के लिए जॉब ऑपर्च्युनिटी 
  7. डेटा साइंटिस्ट बनने में आम गलतियाँ
  8. FAQs

डेटा साइंटिस्ट कौन होता है?

डेटा साइंटिस्ट एक एनालिटिकल एक्सपर्ट होता है जो बड़ी मात्रा में रॉ डेटा को समझकर बिजनेस डिसीजन, प्रोडक्ट इम्प्रूवमेंट और रणनीतिक फैसलों के लिए उपयोगी इनसाइट्स में बदलता है। यह सिर्फ डेटा पढ़ने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि डेटा को संग्रहित, प्रोसेस, मॉडल और एक्सप्लेन्ड करके बिजनेस के लिए निर्णायक समाधान प्रदान करता है। डेटा साइंटिस्ट टेक्निकल स्किल्स (जैसे Python, R, SQL) स्टेटिस्टिक्स, मशीन लर्निंग और व्यवसायिक समझ को मिलाकर डेटा से रियल प्रैक्टिकल सॉल्यूशन निकालता है, जिससे कंपनियां बेहतर डिसीजन ले सकें और अपनी प्रतिस्पर्धा बनाए रख सकें। 

रोजमर्रा के काम में डेटा साइंटिस्ट डेटा क्लीनिंग, एनालिसिस, पैटर्न पहचानने और इनसाइट्स को बिजनेस टीम के सामने सरल तरीके से प्रस्तुत करने जैसे कार्य करता है। ध्यान दें कि डेटा साइंटिस्ट, डेटा एनालिस्ट और मशीन लर्निंग इंजीनियर से अलग होता है। जहाँ डेटा एनालिस्ट मुख्य रूप से रिपोर्टिंग और ट्रेंड एनालिसिस पर काम करता है, वहीं मशीन लर्निंग इंजीनियर मॉडल डेवलपमेंट पर फोकस करता है। इसके बीच डेटा साइंटिस्ट का रोल डेटा से समस्या की पहचान और समाधान की दिशा तय करना होता है।

आमतौर पर डेटा साइंटिस्ट उन समस्याओं पर काम करता है जहाँ बड़ी मात्रा में डेटा उपलब्ध होता है, लेकिन उसके आधार पर सही निर्णय निकालना चुनौतीपूर्ण होता है। इसी वजह से डेटा साइंटिस्ट को बिजनेस और टेक्निकल टीम के बीच सेतु माना जाता है।

डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए योग्यता

हालांकि अधिकांश डेटा साइंटिस्ट के पास कंप्यूटर साइंस, मैथ्स, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, IT या संबंधित क्षेत्रों में बैचलर डिग्री होती है, लेकिन इस प्रोफेशन में डिग्री से अधिक महत्वपूर्ण स्किल्स और प्रैक्टिकल अनुभव माने जाते हैं।

कई लोग नॉन-IT या अलग अकादमिक बैकग्राउंड से भी डेटा साइंस में सफल करियर बनाते हैं, बशर्ते उनके पास आवश्यक तकनीकी और विश्लेषणात्मक कौशल हों। इसके बाद आप काम करते हुए मास्टर्स की डिग्री के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं। भारत में कुछ यूनिवर्सिटीज डेटा साइंस में MTech प्रोग्राम ऑफर करती हैं, हालांकि डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से उपलब्धता यूनिवर्सिटी और प्रोग्राम पर निर्भर करती है।

इसलिए डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए मजबूत शैक्षिक आधार के साथ-साथ निरंतर स्किल डेवलपमेंट भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।

डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए कौनसे स्किल्स चाहिए?

डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए टेक्निकल और सॉफ्ट स्किल्स दोनों का संतुलन होना जरूरी होता है। फ्रेशर्स के लिए शुरुआत में Python, SQL और बेसिक स्टैटिस्टिक्स पर फोकस करना पर्याप्त होता है। नीचे दिए गए बिंदुओं के माध्यम से आप उन प्रमुख स्किल्स को समझ सकते हैं, जिनकी इस प्रोफेशन में सबसे अधिक आवश्यकता होती है।

टेक्निकल स्किल्स

डेटा साइंटिस्ट का मुख्य काम डेटा को समझना, उसका विश्लेषण करना और उससे व्यावसायिक निर्णयों के लिए उपयोगी इनसाइट निकालना होता है। इसके लिए निम्नलिखित टेक्निकल स्किल्स महत्वपूर्ण मानी जाती हैं:

  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेज: Python, R और SQL का उपयोग डेटा मैनिपुलेशन, एनालिसिस और मॉडलिंग के लिए किया जाता है।
  • स्टैटिस्टिक्स और मैथ्स: प्रोबेबिलिटी, स्टैटिस्टिक्स और लीनियर अलजेब्रा डेटा पैटर्न समझने और मशीन लर्निंग मॉडल्स की लॉजिक को समझने में मदद करते हैं।
  • मशीन लर्निंग: सुपरवाइज्ड और अनसुपरवाइज्ड एल्गोरिदम, रिग्रेशन, क्लासिफिकेशन और क्लस्टरिंग जैसी तकनीकों की बुनियादी समझ जरूरी होती है।
  • डेटा विज़ुअलाइजेशन: Tableau, Power BI, Matplotlib और Seaborn जैसे टूल्स की मदद से डेटा को ग्राफ और चार्ट के माध्यम से आसानी से समझाया जाता है।
  • बिग डेटा और क्लाउड टूल्स: Hadoop, Spark और AWS जैसे टूल्स बड़े डेटा सेट्स को प्रोसेस और मैनेज करने में सहायक होते हैं।
  • डेटा बेसिक स्किल्स: डेटा क्लीनिंग, डेटा प्री-प्रोसेसिंग और ETL प्रोसेसेस डेटा साइंस के फाउंडेशन माने जाते हैं।

सॉफ्ट स्किल्स

टेक्निकल स्किल्स के साथ-साथ एक डेटा साइंटिस्ट के लिए सॉफ्ट स्किल्स भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती हैं, क्योंकि डेटा से निकली इनसाइट्स को सही तरीके से समझाना और लागू करना इसी पर निर्भर करता है। इसमें शामिल हैं:

  • क्रिटिकल थिंकिंग
  • प्रॉब्लम सॉल्विंग एप्रोच
  • कम्युनिकेशन स्किल्स
  • टीमवर्क और कोलैबोरेशन
  • क्यूरीओसिटी और निरंतर सीखने की क्षमता

डेटा साइंटिस्ट कैसे बनें – स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस 

छात्रों के लिए डेटा साइंटिस्ट बनने की पूरी प्रक्रिया को आसान स्टेप्स में नीचे समझाया गया है। यहां दिए गए स्टेप्स एक सख्त क्रम नहीं हैं, बल्कि एक सामान्य रोडमैप हैं। अक्सर कोर्स, स्किल्स और प्रोजेक्ट्स एक साथ, समानांतर रूप से विकसित होते हैं।

स्टेप 1: भूमिका और जिम्मेदारियों को समझें

आप डेटा साइंटिस्ट की भूमिका को निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझ सकते हैं:

  • डेटा कलेक्शन एंड प्रिपरेशन: विभिन्न स्रोतों से डेटा कलेक्ट करना, उसे प्रोसेस करना और एनालिसिस के लिए तैयार करना। 
  • डेटा एनालिसिस और पैटर्न रिकॉग्निशन: डेटा का विश्लेषण करके ट्रेंड, पैटर्न और महत्वपूर्ण इनसाइट्स निकालना।
  • मॉडलिंग और मशीन लर्निंग: भविष्यवाणी और व्यवसायिक समस्याओं के समाधान के लिए एल्गोरिदम और मॉडल डेवलप करना।
  • डेटा विज़ुअलाइजेशन और बिजनेस इनसाइट: जटिल डेटा और निष्कर्षों को चार्ट, ग्राफ या डैशबोर्ड के माध्यम से समझाना और निर्णय प्रक्रिया में योगदान देना।
  • स्टेकहोल्डर और टीम कम्युनिकेशन: तकनीकी निष्कर्षों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना और व्यवसायिक टीमों के साथ मिलकर स्ट्रेटेजी तैयार करना।
  • स्ट्रक्चर्ड डेटा प्रोसेसिंग: स्ट्रक्चर्ड डेटा वो होता है जो स्पष्ट रूप से रो और कॉलम में व्यवस्थित होता है और आसानी से डेटाबेस में स्टोर किया जा सकता है। इसमें आमतौर पर नंबर, तारीख, नाम जैसी जानकारी होती है। उदाहरण के लिए ‘बैंकिंग सेक्टर’ में एक डेटा साइंटिस्ट कस्टमर के ट्रांज़ैक्शन डेटा (जैसे अकाउंट का बैलेंस, जमा राशि, निकासी की तारीख) का एनालिसिस करके फ्रॉड पैटर्न पहचान सकता है और ऐसे अकाउंट्स की निगरानी कर सकता है जिनमें धोखाधड़ी होने का खतरा है।
  • अनस्ट्रक्चर्ड डेटा प्रोसेसिंग: अनस्ट्रक्चर्ड डेटा वो होता है जो किसी निश्चित फॉर्मेट में व्यवस्थित नहीं होता। इसमें टेक्स्ट, वीडियो, इमेज, सोशल मीडिया पोस्ट आदि शामिल होते हैं। उदाहरण के लिए ‘एक मीडिया कंपनी’ में डेटा साइंटिस्ट कस्टमर रिव्यू, यूट्यूब कमेंट्स और सोशल मीडिया पोस्ट का एनालिसिस करके यह पता लगा सकता है कि किसी नए टीवी शो या फिल्म को दर्शकों ने कैसा रिस्पॉन्स दिया। इसके आधार पर मार्केटिंग और कंटेंट रणनीति बनाई जा सकती है।

स्टेप-2: बेसिक एजुकेशनल फाउंडेशन बिल्ड करें 

डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए सही कोर्स चुनना आपकी शिक्षा और करियर की दिशा तय करता है। भारत में 12वीं के बाद आप B.Sc in Data Science, B.Sc Computer Science with Data Science या B.Sc in Applied Mathematics जैसे अंडरग्रेजुएट कोर्स कर सकते हैं, जो डेटा साइंस, प्रोग्रामिंग और सांख्यिकी का ठोस आधार देते हैं।

ग्रेजुएशन के बाद ‘पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन डाटा साइंस’, ‘पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन डाटा साइंस एंड इंजीनियरिंग, MBA इन डेटा साइंस एंड एनालिटिक्स, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन बिजनेस एनालिटिक्स जैसे पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स उद्योग-मानक कौशल सिखाते हैं और नौकरी के अवसर बढ़ाते हैं। इन कोर्सों में मशीन लर्निंग, बिग डेटा, डेटा एनालिटिक्स और विज़ुअलाइजेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण शामिल होता है।

स्टेप-3: डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखें

डेटा साइंस के प्रोफेशन में Python और SQL सबसे जरूरी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज मानी जाती हैं। Python सीखना आसान है और इसमें डेटा क्लीनिंग, डेटा एनालिसिस, विज़ुअलाइजेशन और मशीन लर्निंग के लिए Pandas, NumPy और Scikit-learn जैसी उपयोगी लाइब्रेरीज़ उपलब्ध हैं। इन टूल्स की मदद से जटिल डेटा साइंस से जुड़े काम आसानी से किए जा सकते हैं। इसी वजह से Python को डेटा साइंस की सबसे लोकप्रिय और स्टैंडर्ड भाषा माना जाता है।

वहीं, SQL का मुख्य उपयोग डेटाबेस से डेटा निकालने, उसे क्वेरी करने और मैनेज करने में होता है। क्योंकि अधिकतर बिजनेस डेटा रिलेशनल डेटाबेस में होता है, इसलिए SQL डेटा साइंटिस्ट के लिए एक जरूरी स्किल है। शुरुआत में पहले SQL सीखना बेहतर रहता है, ताकि डेटा को समझने और निकालने का कॉन्सेप्ट क्लियर हो सके ताकि बाद में Python सीखकर एनालिसिस और मशीन लर्निंग पर काम किया जा सके।

स्टेप-4: स्टेटिस्टिक्स और डेटा एनालिसिस कॉन्सेप्ट्स समझें  

डेटा साइंस में स्टेटिस्टिक्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि यह डेटा से अर्थपूर्ण जानकारी निकालने के लिए गणितीय सिद्धांत और मॉडलिंग प्रदान करती है। स्टेटिस्टिक्स की मदद से डेटा साइंटिस्ट पैटर्न रिकॉग्निशन, एवरेज/डेविएशन जैसे मान निकालते हैं और जाँचते हैं कि कौनसी जानकारी विश्वसनीय है। वहीं डेटा क्लीनिंग वह प्रक्रिया है जिसमें गलत, अधूरा या असंगत डेटा हटाया या सुधारा जाता है ताकि विश्लेषण सही हो और मॉडल बेहतर काम करें। 

स्टेप-5: मशीन लर्निंग के बेसिक्स सीखें

मशीन लर्निंग (ML) डेटा साइंस में ऐसी एडवांस्ड तकनीक है जिससे कंप्यूटर बिना स्पष्ट कोड दिए डेटा से सीखकर डिसीजन या प्रिडिक्शन कर सकता है। इसका उपयोग डेटा साइंटिस्ट्स प्रिडिक्शन करने, पैटर्न पहचानने और डिसीजन स्पोर्ट सिस्टम बनाने के लिए करते हैं। उदारहण के लिए, ई‑मेल को स्पैम या नॉन‑स्पैम के रूप में पहचानना।

स्टेप-6: डेटा विज़ुअलाइज़ेशन और टूल्स पर काम करें

डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए डेटा विज़ुअलाइजेशन इसलिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह जटिल आंकड़ों को आसान, स्पष्ट और उपयोगी रूप में प्रस्तुत करता है। विज़ुअलाइज़ेशन डेटा में छिपे पैटर्न, ट्रेंड और संबंधों को जल्दी पहचानने और समझने में मदद करता है, जो रॉ डेटा से आसान नहीं होता।

Excel, Tableau और Power BI जैसे टूल्स चार्ट, ग्राफ और डैशबोर्ड बनाकर डेटा को विज़ुअल रूप में दिखाते हैं, जिससे निर्णय-निर्माण तेज़ और प्रभावी होता है। यह प्रक्रिया डेटा-स्टोरीटेलिंग भी सक्षम बनाती है, जिससे टीम और प्रबंधन डेटा में छिपे इनसाइट्स को समझकर रणनीति तय कर सकते हैं। इन वजहों से विज़ुअलाइज़ेशन डेटा साइंटिस्ट के काम का अनिवार्य हिस्सा है।

स्टेप-7: रियल प्रोजेक्ट्स और पोर्टफोलियो बनाएं

डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए प्रोजेक्ट्स और GitHub पोर्टफोलियो डिग्री जितने ही महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये आपके वास्तविक स्किल, कोडिंग और मॉडलिंग एक्सपीरियंस को दिखाते हैं। रियल‑वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स सीखने और एक्सपीरियंस हासिल करने का अवसर देते हैं, जबकि GitHub पोर्टफोलियो कोड व्यवस्थित करने और क्लीन प्रेजेंटेशन के साथ नियोक्ताओं को आपके स्किल दिखाने में मदद करता है, जिससे फ्रेशर्स के लिए नौकरी पाने में आसानी होती है।

वहीं फ्रेशर्स के लिए यह आवश्यक है कि वे फेक एक्सपीरियंस से दूर रहें और केवल वास्तविक प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप या फ्रीलांस अनुभव के माध्यम से अपने स्किल्स को प्रदर्शित करें, जिससे उनके प्रोफाइल की विश्वसनीयता बढ़े।

स्टेप-8: इंटर्नशिप, एंट्री-लेवल रोल या प्रैक्टिस से शुरू करें

डेटा साइंटिस्ट के शुरुआती करियर में इंटर्नशिप, जॉब और फ्रीलांसिंग सभी महत्वपूर्ण हैं। फ्रेशर्स के लिए इंटर्नशिप या जूनियर जॉब सबसे रियलिस्टिक ऑप्शन हैं, क्योंकि ये रियल प्रोजेक्ट एक्सपीरियंस और नेटवर्किंग का मौका देते हैं। वहीं फुल‑टाइम जॉब से स्टेबिलिटी, सैलरी और फ्यूचर ग्रोथ मिलती है, जिससे आपका करियर स्थिर रूप से बढ़ता है। जबकि फ्रीलांसिंग फ्लेक्सिबल और पोर्टफोलियो विस्तार में मदद करता है। 

स्टेप-9: डेटा साइंटिस्ट जॉब के लिए आवेदन कैसे करें

डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए एंट्री‑लेवल जॉब टाइटल जैसे ‘जूनियर डेटा साइंटिस्ट’, ‘डेटा एनालिस्ट’, ‘बिजनेस इंटेलिजेंस एनालिस्ट’, ‘डेटा साइंस ट्रेनी’ आदि पर ध्यान देना चाहिए ताकि फ्रेशर्स के लिए सही अवसर मिलें। जब आप अपना रिज़्यूमे कंपनी में सबमिट करें, तो इसे ‘एप्लिकेंट ट्रेकिंग सिस्टम’ (ATS)‑फ्रेंडली बनाने के लिए Python, SQL, डेटा क्लीनिंग, EDA और डेटा विज़ुअलाइज़ेशन जैसे कीवर्ड्स शामिल करें ताकि आपका प्रोफाइल स्क्रीनिंग में पास हो सके। इसके साथ ही रेफरल और नेटवर्किंग भी बहुत महत्वपूर्ण हैं; LinkedIn पर प्रोफेशनल नेटवर्क बनाना, डेटा साइंस ग्रुप्स में शामिल होना और कनेक्शंस से रेफरल मिलना नौकरी पाने की संभावना को बढ़ाता है।

स्टेप-10: अपनी स्किलस अपग्रेड करें

डेटा साइंस एक तेज़ी से बदलता क्षेत्र है, इसलिए यहां सीखना कभी खत्म नहीं होता। नए टूल्स, तकनीक और ट्रेंड्स जैसे AI, बिग डेटा प्लेटफ़ॉर्म और विज़ुअलाइजेशन टूल्स लगातार आते रहते हैं, जिन्हें फॉलो करना जरूरी है। इसके लिए ब्लॉग, ऑनलाइन कोर्स और इंडस्ट्री रिपोर्ट्स मददगार होते हैं। सतत सीखने से आप करियर ग्रोथ हासिल कर सकते हैं। 

यह भी पढ़ें: साइंटिस्ट कैसे बनें?

डेटा साइंटिस्ट की सैलरी कितनी होती है?

विभिन्न जॉब पोर्टल्स के अनुसार, भारत में डेटा साइंटिस्ट की सैलरी अनुभव और भूमिका के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। AmbitionBox 2026 के अनुसार, औसत सैलरी लगभग INR 15.2 से 16.8 लाख प्रति वर्ष है। वहीं अनुभवी प्रोफेशनल्स 20 लाख से अधिक भी कमा सकते हैं जबकि बड़े संगठनों में अनुभव के साथ यह और बढ़ सकती है। 

डेटा साइंटिस्ट के लिए जॉब ऑपर्च्युनिटी 

भारत और दुनियाभर में डेटा साइंटिस्ट की नौकरी की मांग लगातार बढ़ रही है, क्योंकि कंपनियाँ डेटा-ड्रिवन निर्णय लेने पर तेजी से जोर दे रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डेटा साइंस से जुड़ी भूमिकाएँ कई उद्योगों जैसे IT, ई-कॉमर्स, हॉस्पिटल और हेल्थकेयर, ऑयल एंड गैस, मैन्युफैक्चरिंग, बैंकिंग, बीमा, टेलीकॉम, ट्रांसपोर्टेशन और फाइनेंस सेक्टर में व्यापक रूप से उपलब्ध हैं। इसके साथ ही टेक्नोलॉजी कंपनियों में भी डेटा साइंटिस्ट की संख्या लगातार बढ़ रही है।

यह समझना जरूरी है कि डेटा साइंस में जॉब ऑपर्च्युनिटीज डिग्री से अधिक स्किल्स, प्रोजेक्ट्स और प्रैक्टिकल अनुभव पर आधारित होती हैं। डेटा साइंस में पहली नौकरी पाने में समय लग सकता है, इसलिए लगातार आवेदन करने के साथ-साथ स्किल-बिल्डिंग और प्रोजेक्ट्स पर काम करना भी जरूरी होता है।

डेटा साइंटिस्ट बनने में आम गलतियाँ

डेटा साइंस में करियर शुरू करते समय कई उम्मीदवार कुछ सामान्य गलतियाँ कर बैठते हैं, जो उनकी सीखने की प्रक्रिया और जॉब सर्च को अनावश्यक रूप से कठिन बना देती हैं। इन गलतियों से समय रहते बचना जरूरी होता है।

  • फाउंडेशन को नजरअंदाज करना: Python, SQL और बेसिक स्टैटिस्टिक्स को मजबूत किए बिना सीधे एडवांस मशीन लर्निंग या बिग डेटा टूल्स पर जाना अक्सर कन्फ्यूजन बढ़ा देता है।
  • केवल सर्टिफिकेट्स पर निर्भर रहना: कई फ्रेशर्स यह मान लेते हैं कि ज्यादा कोर्स करने से जॉब मिल जाएगी, जबकि कंपनियाँ वास्तविक प्रोजेक्ट्स और प्रैक्टिकल अनुभव को अधिक महत्व देती हैं।
  • रियल-वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स पर काम न करना: बिना प्रोजेक्ट्स के प्रोफाइल अधूरी लगती है और इंटरव्यू में स्किल्स को साबित करना मुश्किल हो जाता है।
  • जल्दबाज़ी में सैलरी और टाइटल पर फोकस करना: डेटा साइंस में पहली नौकरी पाने में समय लग सकता है, और शुरुआती रोल्स मुख्य रूप से सीखने और अनुभव बढ़ाने के लिए होते हैं।
  • बिजनेस अंडरस्टैंडिंग और कम्युनिकेशन स्किल्स को नजरअंदाज करना: केवल टेक्निकल स्किल्स पर्याप्त नहीं होतीं; डेटा से निकली इनसाइट्स को सही तरीके से समझाना और प्रस्तुत करना भी उतना ही जरूरी है।

इन गलतियों से बचकर, धीरे-धीरे मजबूत फाउंडेशन बनाना और लगातार सीखते रहना डेटा साइंटिस्ट बनने की जर्नी को ज्यादा इफेक्टिव और प्रैक्टिकल बना सकता है।

FAQs

क्या डेटा साइंटिस्ट और डेटा एनालिस्ट में करियर ग्रोथ अलग होती है?

हाँ, दोनों की करियर ग्रोथ अलग दिशा में जाती है। डेटा एनालिस्ट का फोकस मुख्य रूप से डेटा को समझने, रिपोर्ट बनाने और बिजनेस इनसाइट देने पर होता है, जबकि डेटा साइंटिस्ट भविष्यवाणी, मॉडलिंग और एडवांस एनालिटिक्स पर काम करता है। अनुभव बढ़ने के साथ डेटा एनालिस्ट सीनियर एनालिस्ट या एनालिटिक्स मैनेजर बन सकता है, वहीं डेटा साइंटिस्ट ML इंजीनियर, सीनियर डेटा साइंटिस्ट या लीड रोल तक जा सकता है। हालांकि, स्किल्स मजबूत हों तो दोनों प्रोफाइल्स के बीच ट्रांजिशन संभव है।

क्या बिना महंगे कोर्स किए डेटा साइंटिस्ट बनना संभव है?

हाँ, बिना महंगे कोर्स किए भी डेटा साइंटिस्ट बनना संभव है, लेकिन इसके लिए डिसिप्लिन और सेल्फ-लर्निंग जरूरी होती है। आज ऑनलाइन फ्री और लो-कॉस्ट रिसोर्सेज, ओपन-सोर्स टूल्स और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स आसानी से उपलब्ध हैं। कंपनियाँ अक्सर कोर्स के नाम से ज्यादा आपकी स्किल्स, प्रोजेक्ट्स और प्रॉब्लम-सॉल्विंग एप्रोच को महत्व देती हैं। सही दिशा में सीखना, लगातार प्रैक्टिस करना और पोर्टफोलियो बनाना यहां ज्यादा मायने रखता है।

डेटा साइंस में सबसे ज्यादा फ्रेशर्स कहाँ अटकते हैं?

अधिकांश फ्रेशर्स डेटा साइंस में टूल्स और कोर्स के पीछे भागते हुए अटक जाते हैं। वे Python, SQL या स्टैटिस्टिक्स की बुनियादी समझ मजबूत करने के बजाय हर नई टेक्नोलॉजी सीखने लगते हैं। इसके अलावा, रियल-वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स पर काम न करना और केवल सर्टिफिकेट पर निर्भर रहना भी एक बड़ी समस्या होती है। डेटा साइंस में आगे बढ़ने के लिए फाउंडेशन, प्रैक्टिकल अप्रोच और धैर्य सबसे जरूरी होते हैं।

क्या हर किसी को मशीन लर्निंग एक्सपर्ट बनना जरूरी है?

नहीं, हर डेटा साइंटिस्ट को मशीन लर्निंग एक्सपर्ट बनना जरूरी नहीं होता। शुरुआती स्तर पर मशीन लर्निंग की बेसिक समझ और उसके उपयोग-केस जानना पर्याप्त होता है। कई डेटा साइंस रोल्स में डेटा एनालिसिस, विज़ुअलाइजेशन और बिजनेस इनसाइट ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। अनुभव बढ़ने के साथ, आपकी भूमिका के अनुसार मशीन लर्निंग की गहराई अपने-आप तय होती जाती है। इसलिए शुरुआत में ओवर-इंजीनियरिंग करने की जरूरत नहीं होती।

डाटा साइंटिस्ट बनने में कितने साल लगते हैं?

डाटा साइंटिस्ट बनने में आमतौर पर 3 से 5 साल लग जाते हैं, जिसमें पढ़ाई और काम का अनुभव दोनों शामिल होते हैं।

12वीं के बाद डाटा साइंटिस्ट कैसे बने?

अगर आपने 12वीं पास की है, तो आप डाटा साइंटिस्ट बनने के लिए कॉलेज में पढ़ाई शुरू कर सकते हैं और साथ में डाटा एनालिसिस और प्रोग्रामिंग सीख सकते हैं।

क्या नॉन-आईटी बैकग्राउंड से डेटा साइंटिस्ट बन सकता है?

नॉन-आईटी बैकग्राउंड से भी कोई व्यक्ति डाटा साइंटिस्ट बन सकता है, बशर्ते वह प्रोग्रामिंग, स्टैटिस्टिक्स और मशीन लर्निंग सीखें।

क्या गणित कमजोर होने पर डेटा साइंटिस्ट बनना संभव है?

गणित कमजोर होने पर भी डेटा साइंटिस्ट बनना संभव है, लेकिन स्टैटिस्टिक्स और एनालिटिकल स्किल पर ज्यादा मेहनत करनी होगी।

हमें उम्मीद है कि इस लेख से आपको डेटा साइंटिस्ट बनने की प्रक्रिया को समझने में मदद मिली होगी। यदि आप करियर से जुड़े ऐसे ही उपयोगी लेख पढ़ना चाहते हैं, तो Leverage Edu पर उपलब्ध अन्य हिंदी करियर गाइड्स भी देख सकते हैं।

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8 comments
  1. आपकी पोस्ट में डाटा साइंस से सम्बंधित बहुत ही रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी दी गयी है में आपके प्रयास की सराहना करता हूं।

    1. आपका हार्दिक धन्यवाद, ऐसे ही हमारी वेबसाइट पर बने रहिए।

  2. Your information are very informative for me…thanks a lot
    But there are some words in hindii… which I can not understand because I am a English medium student…
    I suggest u that please write the words of English in English language

    1. आपके कमेंट और सुझाव के लिए धन्यवाद, यह हमें हमेशा और भी बेहतर होने के लिए प्रेरित करते हैं। आप इसी टॉपिक पर हमारा इंग्लिश ब्लॉग भी पढ़ सकती हैं https://leverageedu.com/blog/how-to-become-a-data-scientist/ और अपने सुझाव कमैंट्स में छोड़ सकती हैं।

    1. डेटा इंजीनियर बनने के लिए भारत और विदेश दोनों में ही स्कोप है।

  3. सर आपकी यह पोस्ट बहुत अच्छी है और हमें आपकी सारी पोस्ट पढ़ कर बहुत कुछ सीखने को मिलता है और मैं चाहता हूं कि आप ऐसी और भी अच्छी अच्छी पोस्ट लाते रहे जिससे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता रहे धन्यवाद

    1. डेटा इंजीनियर बनने के लिए भारत और विदेश दोनों में ही स्कोप है।

  1. सर आपकी यह पोस्ट बहुत अच्छी है और हमें आपकी सारी पोस्ट पढ़ कर बहुत कुछ सीखने को मिलता है और मैं चाहता हूं कि आप ऐसी और भी अच्छी अच्छी पोस्ट लाते रहे जिससे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता रहे धन्यवाद