फिजियोथेरेपिस्ट कैसे बनें?

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भारत में, फिजियोथेरेपिस्ट को एक डॉक्टर के रूप में जाना जाता है। फिजियोथैरेपिस्ट फिजियोथैरेपी के द्वारा शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के उपचार, रोकथाम और रिहैबिलिटेशन से संबंधित विज्ञान के बारे में ज्ञान प्राप्त करते है। फिजियोथेरेपी को एक पुराना तरीके का विज्ञान माना जाता है, जो व्यक्तियों को ठीक करने के लिए शारीरिक गतिविधियों का उपयोग करता है। फिजियोथैरेपी की पढ़ाई चिकित्सा के क्षेत्र में ही आती है, परंतु यह चिकित्सा के अन्य भागों इतना कठिन नहीं है इसलिए यह छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करता है। अगर आप भी फिजियोथैरेपी के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो यह ब्लॉग आपके लिए मददगार साबित होगा। 

कोर्स टाइप  यूजी, पीजी, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स उपस्थित है।
कोर्स ड्यूरेशन यूजी के लिए 4 साल, पीजी के लिए 2 साल, सर्टिफिकेट के लिए 2 साल।
एकेडमिक कैलेंडर  सेमेस्टर वाइज
स्वीकृत परीक्षा CET, AIMEE, JIPMER, LPUNEST, TOEFL, IELTS
आवश्यक दस्तावेज लेटर ऑफ रिकमेंडेशन, स्टेटमेंट ऑफ पर्पस
रिक्रूटिंग एरिया  फिटनेस सेंटर, स्पोर्ट ट्रेनिंग फैसिलिटी, हैल्थ इंस्टीट्यूशंस, एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूशन आदि।
एवरेज सैलेरी 4-5 लाख रुपए सालाना

फिजियोथेरेपिस्ट कौन होता है? 

फिजियोथेरेपिस्ट वह व्यक्ति होता है जो फिजियोथैरेपी की सहायता से मरीजों का इलाज करता है। फिजियोथैरेपिस्ट शारीरिक पुनर्वास, चोट, स्वास्थ्य और फिटनेस जैसी चीजों का ध्यान रखते हैं। फिजियोथैरेपी एक ऐसा विषय है जो रोगी को ठीक करने, बनाए रखने और ठीक करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपचार से संबंधित है। फिजियोथेरेपी एक ऐसा कोर्स है जो शारीरिक गति के तरीकों को लागू करने से संबंधित है। फिजियोथेरेपिस्ट की नौकरी में प्रोफेशनल्स के लक्षण होते हैं जो प्रीवेंटिव, रेस्टोरेटिव और रिहैबिलेटिव के रूप में काम करता है। वह हेल्थ सेंटर या वैलनेस सेंटर में ट्रेनर के रूप में अपनी भू्मिका निभाता है। इसके अलावा अपने सामने की परिस्थितियों के आधार पर विभिन्न रोल में अपनी सेवाएं देता है। 

फिजियोथैरेपी कोर्स को क्यों चुनें?

चिकित्सा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने की चाह रखने वाले छात्रों को फिजियोथैरेपी कोर्स क्यों चुनना चाहिए इसके बारे में नीचे बताया गया है-

  • फिजियोथैरेपी कोर्स एक पैरामेडिकल कार्यक्रम का ही एक ब्रांच है, जो उम्मीदवारों को उनकी गतिशीलता और शारीरिक कार्य करने के लिए रोगियों के उपचार करने की अनुमति देता है।
  • यह पाठ्यक्रम विभिन्न स्तरों जैसे सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, यूजी और पीजी में उपलब्ध हैं। यूजी स्तर पर उम्मीदवारों द्वारा अपनाए जाने वाले कुछ सामान्य फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रम बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (बीपीटी), बीएससी फिजियोथेरेपी, फिजियोथेरेपी में डिप्लोमा आदि हैं।
  • फिजियोथेरेपी कोर्स का औसत शुल्क 1 लाख रुपए-5 लाख रुपए प्रति वर्ष के बीच है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर 10,000 लोगों पर एक फिजियोथेरेपिस्ट होना चाहिए। दूसरी ओर, भारत में मुश्किल से लगभग 5000 रजिस्टर्ड फिजियोथेरेपिस्ट हैं। नतीजतन, भारत में WHO द्वारा अनिवार्य 95,000 फिजियोथेरेपिस्ट की कमी है।
  • फिजियोथेरेपी शिक्षा पूरी करने के बाद, सामान्य सैलरी 3 लाख से 8.5 लाख रुपए सालाना तक होती है।

फिजियोथेरेपिस्ट बनने के लिए स्किल्स

फिजियोथैरेपिस्ट बनने के लिए कुछ स्किल्स की आवश्यकता होती है, जिसके बारे में नीचे बताया गया है-

  • इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन-रोगी, टीम के सदस्यों और संगठन के अन्य सदस्यों के साथ कुशलता से संवाद करने के लिए व्यक्ति के पास यह स्किल होना चाहिए।
  • टीमवर्क स्किल-व्यक्ति के पास टीमवर्क स्किल होनी चाहिए ताकि उन्हें टीम में काम करने में आसानी हो।
  • टोलरेंस एंड पेशेंस-व्यक्ति को सहनशील और धैर्यवान होना चाहिए व शांत रहना चाहिए और उचित उपचार से रोगी के रोग का निदान करना चाहिए।
  • गुड टाइम मैनेजमेंट-व्यक्ति के पास यह कौशल होना चाहिए क्योंकि उन्हें समय पर निर्णय लेने और रोगी को समय पर उपचार प्रदान करने की आवश्यकता होती है।
  • वर्क अंडर प्रेशर-व्यक्ति को दबाव में काम करने में सक्षम होना चाहिए क्योंकि कई ऐसे समय होते हैं जब रोगी को तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है। 

फिजियोथेरेपिस्ट बनने के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइड

फिजियोथैरेपिस्ट कैसे बने इसे जानने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को पढ़ें-

  • स्टेप 1: विज्ञान विषय से 12वीं की पढ़ाई पूरी करें – जो विद्यार्थी फिजियोथैरेपिस्ट बनने की चाह रखता है, उसे यह बात जान लेना चाहिए कि फिजियोथैरेपी कोर्स भी मेडिकल के ही क्षेत्र में आता है और एक फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टर ही होता है। अतः उन्हें विज्ञान विषय की अच्छी समझ होनी चाहिए खासकर जीव विज्ञान की।
  • स्टेप 2: फिजियोथैरेपी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करें – फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अपना करियर देखने वाले आवेदक को 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद फिजियोथैरेपी कोर्स के अंतर्गत ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करना चाहिए।
  • स्टेप 3: कोर्स कंप्लीट होने पर इंटर्नशिप करें – फिजियोथैरेपी का कोर्स 4 साल का होता है जब कोर्स पूरा हो जाए तो विद्यार्थी को चाहिए कि वह किसी क्लीनिक में हॉस्पिटल में इंटर्नशिप करें। इंटर्नशिप के माध्यम से वह अपने स्किल्स को और इंप्रूव कर सकता है।
  • स्टेप 4: मास्टर डिग्री करने के बारे में सोचना – अच्छे जॉब करियर और अच्छी सैलरी प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी अगर चाहे तो इस कोर्स में आगे मास्टर्स की डिग्री प्राप्त कर सकता है। मास्टर्स की डिग्री वाले व्यक्ति की सैलरी ग्रेजुएट व्यक्ति से औसतन ज्यादा होती है।

फिजियोथेरेपिस्ट बनने के लिए कोर्सेज

फिजियोथैरेपी के क्षेत्र में किए जाने वाले कोर्स नीचे दिए गए हैं-

बैचलर इन फिजियोथैरेपी कोर्स

मास्टर्स इन फिजियोथैरेपी कोर्स

  • Sampling distributions
  • Research Methodology
  • EMG
  • Level of Healthcare and Fitness
  • Maternal and child care physiotherapy, etc.

फिजियोथैरेपी में सर्टिफिकेट कोर्स

  • Anatomy
  • First Aid
  • Pathology
  • Exercise therapy
  • Orthopedics
  • Applications of Physiotherapy

आप  AI Course Finder की सहायता से विदेश में पढ़ाई करने के लिए विभिन्न कोर्स का चयन कर सकते हैं।

फिजियोथेरेपिस्ट कोर्स में लगने वाला शुल्क

फिजियोथेरेपिस्ट कोर्स में लगने वाला शुल्क नीचे टेबल में मेंशन किया गया है :-

कोर्स गवर्नमेंट सेक्टर कोर्स शुल्क प्राइवेट सेक्टर कोर्स शुल्क
यूजी  8.20 हजार रुपए-24.33 लाख रुपए 22.50 हजार रुपए-3.69 लाख
पीजी 30 हजार रुपए-24.75 लाख रुपए 18.40 हजार रुपए-2.60 लाख रुपए
डॉक्टरेट 1.58 लाख रुपए-18 लाख रुपए 79.40 हजार रुपए-3.74 लाख रुपए
डिप्लोमा 12.12 हजार रुपए-5.30 लाख रुपए 4.70 हजार रुपए-9 हजार रुपए

विदेश के कॉलेज

जो छात्र विदेश से फिजियोथैरेपी का कोर्स करना चाहते हैं उनके लिए कुछ कॉलेज नीचे दिए गए हैं-

भारतीय कॉलेज

फिजियोथैरेपी के भारतीय कॉलेज की सूची नीचे दी गई है-

  • गुरुग्राम यूनिवर्सिटी, गुड़गांव
  • स्टारेक्स यूनिवर्सिटी, गुड़गांव
  • जीडी गोयंका यूनिवर्सिटी, गुड़गांव
  • इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ
  • सीएमसी वेल्लोर
  • अन्नामलाई विश्वविद्यालय, चिदंबरम
  • नंदा कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी, इरोड
  • महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी
  • आईएएस अकैडमी कोलकाता
  • टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी कोलकाता

फिजियोथेरेपिस्ट बनने के लिए योग्यता

फिजियोथेरेपिस्ट बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए उसके बारे में नीचे दिया गया है-

अंडरग्रेजुएशन के लिए

  • बैचलर इन फिजियोथैरेपी कोर्स में आवेदन करने के योग्य होने के लिए, आवेदक को अनिवार्य विषयों के रूप में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान में कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ अपना 10+2 पूरा करना होगा।
  • इसके अलावा, बैचलर इन फिजियोथैरेपी कोर्स के लिए, आवेदक को कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET), GGSIPUT CET और अन्य जैसे प्रवेश परीक्षाओं को पास करना होगा।
  • आवेदक कक्षा 12वीं की परीक्षा में अपने प्रदर्शन के आधार पर फिजियोथेरेपी में बीएससी के लिए आवेदन कर सकते हैं। बीएससी में प्रवेश के लिए कोई प्रवेश परीक्षा नहीं है।

पोस्टग्रेजुएशन के लिए

  • मास्टर्स इन फिजियोथैरेपी कोर्स में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को मास्टर्स इन फिजियोथैरेपी में न्यूनतम 50% अंक अर्जित करना होगा और प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।
  • ऑल इंडिया पोस्ट ग्रेजुएट फिजियोथेरेपी एंट्रेंस टेस्ट, मास्टर प्रोग्राम के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट और JIPMER ऑल इंडिया एंट्रेंस एग्जाम जैसी परीक्षाएं उपलब्ध हैं।
  • इसके अतिरिक्त, मास्टर्स इन फिजियोथैरेपी कोर्स के लिए योग्य होने के लिए उम्मीदवारों को इस पेशे में एक इंटर्न के रूप में न्यूनतम छह महीने पूरे करने होंगे।
  • फिजियोथेरेपी कार्यक्रम में एमएससी में प्रवेश विश्वविद्यालय के ग्रेजुएशन और एमएससी प्रवेश परीक्षाओं के प्रदर्शन पर आधारित है।
  • पीएचडी कार्यक्रमों के लिए उम्मीदवारों को अपने पोस्ट ग्रेजुएशन कार्यक्रम में उत्कृष्ट ग्रेड प्राप्त करना होगा और प्रवेश परीक्षा और फेलोशिप साक्षात्कार पास करना होगा।

आवेदन प्रक्रिया

फिजियोथैरेपी कोर्स के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है इसके बारे में सारी जानकारी नीचे दी गई है-

  • फिजियोथैरेपी कोर्स के लिए उम्मीदवार एडमिशन प्रवेश परीक्षा के द्वारा प्राप्त कर सकते हैं।
  • प्रवेश परीक्षा में उम्मीदवार के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें चुना जाता है। 
  • प्रवेश परीक्षा के लिए उपस्थित होने के लिए, उम्मीदवारों को पहले व्यक्तिगत, संपर्क और शैक्षणिक जैसे कुछ बुनियादी विवरण भरकर आवेदन पत्र भरना होगा। 
  • आवेदक को इस बात का ज्ञान होना चाहिए कि आवेदन करने की अंतिम तिथि कब तक की है, क्योंकि इस आवेदन करने की समय सीमा सीमित होती है। 
  • केवल वे उम्मीदवार जो अंतिम तिथि से पहले आवेदन पत्र जमा करेंगे, वे परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। 
  • आवेदन करने के लिए उम्मीदवार खुद को पहले रजिस्टर कराएं और फिर प्राप्त लॉगइन आईडी और पासवर्ड के द्वारा लॉगिन करके एप्लीकेशन फॉर्म भरे।
  • सभी रजिस्टर्ड उम्मीदवार एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। 
  • उम्मीदवारों को परीक्षा के दिन परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड ले जाना होगा। 
  • आवेदन पत्र भरने से पहले, उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे आवश्यक योग्यता को पूरा करते हैं। 
  • अधिकारी प्राप्त अंकों के आधार पर एक मेरिट सूची तैयार करते हैं। 
  • यह प्रवेश प्रक्रिया सामान्य है और उस संस्थान या विश्वविद्यालय के अनुसार भिन्न हो सकती है जिसके लिए छात्र आवेदन कर रहा है। 

आवेदन प्रक्रिया

यूके फिजियोथैरेपी कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया निम्नलिखित है :-

  • यूके में फिजियोथैरेपी कोर्स के लिए आवेदन यूनिवर्सिटी के कॉमन पोर्टल के द्वारा या फिर UCAS के द्वारा किया जा सकता है।
  • आवेदक आवेदन करने के लिए पहले खुद को रजिस्टर्ड कर लॉगइन करके फॉर्म को भर सकते हैं।
  • फॉर्म के साथ आवेदन के लिए बताए गए आवश्यक दस्तावेजों को जोड़कर शुल्क के साथ जमा करना होता है।
  • जो विद्यार्थी विदेश के विश्वविद्यालय से फिजियोथैरेपी की पढ़ाई करने में रुचि रखता है, परंतु अधिक जानकारी ना होने के कारण एडमिशन लेने में असमर्थ है तो, वह Leverage Edu के विशेषज्ञों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।  हमारे विशेषज्ञ आप की आवेदन प्रक्रिया से लेकर वीजा आवेदन तक सहायता करेंगे। 

आवश्यक दस्तावेज़

फिजियोथैरेपी कोर्स से जुड़े कुछ आवश्यक दस्तावेज़ नीचे दिए गए हैं

  • कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट
  • लेटर आफ रिकमेंडेशन(LOR)
  • स्टेटमेंट आफ परपस(SOP)
  • CET, GGSIPUT CET,JIPMER के स्कोर
  • TOEFL और IELTS

प्रवेश परीक्षाएं

फिजियोथैरेपी कोर्स करने के लिए कुछ प्रवेश परीक्षाएं देनी होती है जिसकी सूची नीचे दी गई है-

फिजियोथेरेपिस्ट के लिए करियर स्कोप

बदलते वक्त और कामकाज के परिणामस्वरूप भारत में लोगों की जीवन शैली बदल गई है। आज के अधिकांश युवाओं के कॉर्पोरेट क्षेत्र में प्रवेश करने के साथ, तनाव का स्तर आसमान छू गया है। नतीजतन, योग्य फिजियोथेरेपिस्ट की मांग बढ़ रही है। निजी आर्थोपेडिक क्लीनिकों, अस्पतालों, रिहैबिलिटेशन केंद्रों, फिटनेस केंद्रों, खेल सुविधाओं और रक्षा प्रतिष्ठानों में फिजियोथेरेपिस्ट की आवश्यकता होती है। उच्च योग्य फिजियोथेरेपिस्ट अपने स्वयं के क्लीनिक भी खोल सकते हैं और अपने रोगियों की ज़रूरतों की देखभाल कर सकते हैं।

टॉप रिक्रूटर्स

फिजियोथैरेपिस्ट को रिक्रूट करने वाले कुछ संस्थान के नाम नीचे दिए गए हैं-

  • Fortis 
  • Max Healthcare 
  • Indian council of medical research 
  • Apollo Hospital 
  • sports team  
  • Educational Institution 

जॉब और सैलरी

फिजियोथैरेपि की डिग्री प्राप्त करने के बाद आप इन जॉब प्रोफाइल्स में अप्लाई कर सकते हैं। हमने आपकी सहूलियत के लिए प्रोफ़ाइल के साथ उसकी प्रति वर्ष सैलरी भी मेंशन की है :-

जॉब  सैलेरी प्रति वर्ष 
फिजियोथैरेपिस्ट 2-7 लाख रुपए 
रिसर्च  3-7 लाख रुपए 
लेक्चरर 2-6 लाख रुपए
होम केयर फिजियोथैरेपिस्ट 2-4 लाख रुपए
स्पोर्ट्स फिजियो रिहैबिलिटेटर 4-7 लाख रुपए
थेरेपी मैनेजर 3-8 लाख रुपए 

FAQs

इस कोर्स की अवधि क्या है?

उत्तर – फिजियोथेरेपी में ग्रेजुएशन की अवधि 04 वर्ष है, जबकि फिजियोथेरेपी में मास्टर्स की अवधि 02 वर्ष है और फिजियोथेरेपी में सर्टिफिकेट कोर्स की अवधि भी 02 वर्ष है।

क्या फिजियोथेरेपी कोर्स ऑनलाइन सीख सकते हैं?

उत्तर- हां, Coursera, Udemy, edX पर कुछ फिजियोथेरेपी कोर्स ऑनलाइन सीख सकते हैं।

क्या फिजियोथेरेपी सर्टिफिकेट कोर्स करने के लिए छात्रवृत्ति मिलती है?

उत्तर-हाँ, कुछ ऑनलाइन सर्टिफिकेशन प्रदाताओं के पास वित्तीय सहायता होती है। विभिन्न प्रदाताओं के लिए चयन मोड और वित्तीय सहायता की राशि अलग-अलग होगी।

आशा करते हैं कि फिजियोथैरेपिस्ट से जुड़े आपके हर सवाल के जवाब आपको प्राप्त हो गए होंगे इस विषय में आपको पूरी जानकारी प्राप्त हो गई होगी। अगर आप भी विदेश के विश्वविद्यालय से फिजियोथैरेपी की पढ़ाई करना चाहते है तो Leverage Edu के विशेषज्ञों से 1800 572 000 पर कॉल कर आज ही 30 मिनट का फ्री सेशन बुक कीजिए।

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