BA साइकोलॉजी के बाद क्या करें?

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अगर आपको लगता है कि मनोविज्ञान में करियर बनाना एक बेहतर विकल्प है, तो आप एकदम सही सोच रहे हैं। अक्सर छात्र इसमें करियर बनाने की शुरुआत तो कर देते हैं, लेकिन कंफ्यूज हो जाते हैं कि BA psychology ke baad kya kare, कैसे अपने करियर को आगे बढ़ाएं। इसके लिए उपलब्ध कोर्सेज की जानकारी नीचे दी है, जिन्हें आप BA साइकोलॉजी के बाद चुन सकते हैं। BA psychology ke baad kya kare के बारे में विस्तार से जानने के लिए यह ब्लॉग पूरा पढ़ें। 

This Blog Includes:
  1. बीए साइकोलॉजी क्या है?
  2. बीए साइकोलॉजी क्यों करें?
  3. बीए साइकोलॉजी के बाद कौन-कौन से कोर्स कर सकते हैं?
  4. B.Ed. (बैचलर ऑफ़ एजुकेशन)
  5. M.A in Psychology (मास्टर्स इन साइकोलॉजी)
  6. MBA (मास्टर ऑफ बिजनेस)
  7. MSc in Psychology (मास्टर्स इन साइकोलॉजी)
  8. बीए साइकोलॉजी करने के बाद डिप्लोमा कोर्सेज
  9. बीए साइकोलॉजी के बाद ऑनलाइन कोर्सेज 
  10. बीए साइकोलॉजी के बाद शॉर्ट टर्म कोर्सेज 
  11. बीए साइकोलॉजी के बाद मास्टर डिग्री कोर्सेज
  12. बीए साइकोलॉजी करने के बाद करियर ऑप्शन क्या-क्या होते हैं?
  13. टॉप विदेशी विश्वविद्यालय 
  14. टॉप भारतीय विश्वविद्यालय 
  15. योग्यता
  16. आवेदन प्रक्रिया 
  17. आवश्यक दस्तावेज़  
  18. बीए साइकोलॉजी करने के बाद टॉप रिक्रूटर
  19. जॉब प्रोफाइल्स व सैलरी
  20. FAQs

बीए साइकोलॉजी क्या है?

BA साइकोलॉजी 3 वर्षीय बैचलर प्रोग्राम है। इसमें मानसिक प्रक्रियाओं, मस्तिष्क के कार्यों, मनुष्यों और जानवरों के व्यवहार और विभिन्न परिस्थितियों में समाज में लोगों के व्यवहार का अध्ययन कराया जाता है। चिकित्सा विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और शिक्षा से जुड़े होने के कारण इसे आमतौर पर ‘Hub Science ‘ माना जाता है। देश, विश्वविद्यालय और कोर्स के आधार पर, कार्यक्रम की अवधि अलग-अलग होती है। आमतौर पर कोर्स में शामिल किए जाने वाले विषय नीचे सूचीबद्ध हैं: 

  • साइकोलॉजिकल प्रोसेस 
  • स्टडी ऑफ़ बिहेवियर 
  • डेवलपमेंटल साइकोलॉजी 
  • एजुकेशनल साइकोलॉजी 
  • सोशल साइकोलॉजी 
  • इंडस्ट्रियल साइकोलॉजी 
  • सायकोसिस 
  • गाइडेंस एंड काउन्सलिंग 
  • प्रोजेक्ट वर्क 
  • फील्ड वर्क 
  • फॉरेंसिक साइकोलॉजी 
  • एनवायर्नमेंटल साइकोलॉजी 
  • स्पोर्ट साइकोलॉजी 

बीए साइकोलॉजी क्यों करें?

BA साइकोलॉजी की पढ़ाई क्यों करें, इससे जुड़े पॉइंट नीचे बताए गए हैं:

  • नौकरी की संभावनाओं के मामले में मनोविज्ञान के क्षेत्र में आकर्षक अवसर हैं।
  • उम्मीदवारों को मानव स्वभाव के बारे में गहराई से जानकारी मिलेगी।
  • स्कूलों और कॉलेजों में मनोविज्ञान के अकादमिक करियर में अच्छे अवसर उपलब्ध है।
  • प्रैक्टिकल और थ्योरेटिकल समस्याओं को हल करने में रुचि रखने वाले उम्मीदवार इसे अपने करियर के रूप में चुन सकते हैं।
  • जो उम्मीदवार समाज की मदद करने के लिए भावुक हैं और सामुदायिक सेवाओं के इच्छुक हैं, वे मनोविज्ञान में बीए कर सकते हैं, इससे उन्हें करियर बनाने में मदद मिलेगी ।
  • मनोविज्ञान में बीए का चयन करने वाले उम्मीदवार कई प्रकार के रिसर्च का विकल्प भी चुन सकते हैं जिसके माध्यम से वे डेटा को व्यवस्थित और रिसर्चं कर सकते हैं।

बीए साइकोलॉजी के बाद कौन-कौन से कोर्स कर सकते हैं?

अगर आपने अपनी BA साइकोलॉजी की पढ़ाई पूरी कर ली है और आपको समझ नहीं आ रहा है कि अब आप कौन सा कोर्स चुनें, तो हम आपको इस ब्लॉग में बतायेंगे की BA psychology ke baad kya kare:

  1. MA in Psychology 
  2. B.Ed 
  3. MBA 
  4. Diploma 

B.Ed. (बैचलर ऑफ़ एजुकेशन)

अगर आपकी रुचि टीचिंग में है और आप इसी में अपना करियर बनाना चाहते हैं और आपको बच्चों को पढ़ाना पसंद है तो आप इस कोर्स को कर सकते हैं। इसे करने के लिए आपके पास बैचलर डिग्री होना ज़रूरी है तथा यह 2 साल का कोर्स होता है। 

M.A in Psychology (मास्टर्स इन साइकोलॉजी)

एमए, BA के बाद किया जाने वाला सबसे पसंदीदा कोर्स में से एक है। यह एक पोस्ट ग्रैजुएट डिग्री लेवल प्रोग्राम हैं जो B.A. साइकोलॉजी के बाद किया जाता है। MA किसी एक सब्जेक्ट में अपना प्रोफेशन बनाने के लिए किया जाता है इंडिया में लगभग सभी यूनिवर्सिटीज में यह कोर्स कराया जाता है। 

MBA (मास्टर ऑफ बिजनेस)

यह BA के बाद सबसे ज्यादा पसंद किये जाने वाला कोर्स हैं जिसमें छात्रों को बिजनेस से जुड़ी समस्याओं को हल करना और बिजनेस करने के तरीके सिखाए जाते है। यह कोर्स 2 साल का होता है। इस कोर्स को करने के बाद आप किसी भी प्राइवेट या पब्लिक सेक्टर में नौकरी कर सकते हैं इसमें काफी अच्छी सैलरी दी जाती है। 

MSc in Psychology (मास्टर्स इन साइकोलॉजी)

यह एक मास्टर डिग्री कोर्स होता है जो बैचलर डिग्री के बाद किया जाता है। यह 2 साल का ग्रेजुेएशन प्रोग्राम होता है, इसमें आपको रिसर्च के बारे में सिखाया जाता है। इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आपके पास BA साइकोलॉजी की डिग्री होनी आवश्यक है। 

बीए साइकोलॉजी करने के बाद डिप्लोमा कोर्सेज

मनोविज्ञान के क्षेत्र कई उपक्षेत्र हैं जिनमें कई विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। साइकोलॉजी में डिप्लोमा के लिए, आप या तो एक सामान्य कोर्स कर सकते हैं या इस क्षेत्र में पेश की जाने वाली कई विशेषज्ञताओं में से एक चुन सकते हैं। BA psychology ke baad kya kare में उपलब्ध डिप्लोमा कोर्सेज की सूची नीचे दी गई है:

  • Diploma in Criminal Psychology
  • Diploma in Applied Psychology
  • Diploma in Behavioral Sciences
  • Diploma in Cognitive Neuroscience
  • Diploma in Behavior Analysis
  • Diploma in Clinical Psychology
  • Diploma in Family Psychology
  • Diploma in Child Psychology
  • Diploma in Cognitive sciences
  • Diploma in Counseling
  • Diploma in Cognitive Behavioral Therapy
  • Diploma in Behavior Support

बीए साइकोलॉजी के बाद ऑनलाइन कोर्सेज 

कई ऐसे प्लेटफार्म उपलब्ध है, जो साइकोलॉजी में ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स भी करवाते हैं, जिनकी सूची नीचे दी गई है: 

  • Diploma in Emotional Intelligence by Allison
  • Applied Psychology by NPTEL on Allison
  • Diploma in Psychology by XSIQ on Allison
  • Online Course in Counseling and Psychology by International Career Institute, London
  • Online Course in Cognitive Behavioral Therapy by Adler, Canada
  • Introduction of Psychology by Monash University
  • Diploma in Community Psychology from Allison
  • Introduction to Psychology by Yale University on Coursera
  • Buddhism and Modern Psychology by Princeton University on Coursera
  • Social Psychology by Wesleyan University on Coursera

बीए साइकोलॉजी के बाद शॉर्ट टर्म कोर्सेज 

BA psychology ke baad kya kare के लिए कई प्रकार के शार्ट टर्म कोर्सेज उपलब्ध है, जिनकी जानकरी नीचे दी गई: 

  • Certificate in Arts – Psychology
  • Graduate Certificate in Forensic Behavioral Science
  • Graduate Diploma in Clinical Psychology
  • Graduate Certificate/Diploma in Brain and Mind Sciences
  • Graduate Certificate in Alcohol, Tobacco, and Other Drug Studies
  • Graduate Diploma in Sexology
  • PG Diploma in Criminology and Criminal Psychology
  • PG Diploma in Health Psychology
  • PG Diploma in Child and Family Psychology
  • PG Diploma in Rehabilitation Psychology

बीए साइकोलॉजी के बाद मास्टर डिग्री कोर्सेज

आमतौर पर दो साल तक चलने वाले, मास्टर स्तर के साइकोलॉजी कोर्स छात्रों को एक विशेषज्ञता चुनने की अनुमति देते हैं जो न केवल गहन नॉलेज प्राप्त करने में मदद करता है बल्कि कौशल विकास में भी मदद करता है। BA psychology ke baad kya kare में उपलब्ध मास्टर डिग्री कोर्सेज की सूची नीचे दी गई है:

  • MA Psychology
  • MSc Psychology
  • MSc Organizational Psychology
  • MSc Clinical Psychology
  • Master of Psychology
  • MA Counseling Psychology
  • MSc Behavioral Science
  • MSc Developmental Psychopathology
  • MA Developmental Psychology (Research Methods)
  • MA Ed Curriculum, Instructional and Educational Psychology

बीए साइकोलॉजी करने के बाद करियर ऑप्शन क्या-क्या होते हैं?

BA साइकोलॉजी के बाद छात्रों के लिए विभिन्न प्रकार के करियर विकल्प उपलब्ध है, जिनकी सूची नीचे दी गई है:

  • साइकोथेरेपिस्ट 
  • ऑक्यूपेशनल साइकोलॉजिस्ट 
  • ह्यूमन रिसोर्स मैनेजर 
  • ओर्गनइजेशनल साइकोलॉजिस्ट  
  • फॉरेंसिक साइकोलॉजिस्ट  
  • क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट 
  • फैमिली सर्विस वर्कर 
  • प्रोफेसर 
  • रिहैबिलिटेशन काउंसलर 
  • बिज़नेस इंटेलिजेंस मैनेजर 

टॉप विदेशी विश्वविद्यालय 

दुनिया में ऐसे कई विश्वविद्यालय हैं, जो साइकोलॉजी में डिप्लोमा से लेकर मास्टर डिग्री तक विभिन्न प्रकार के कोर्सेज उपलब्ध करवाते हैं, उनमें से कुछ टॉप विश्वविद्यालयों की सूची नीचे दी गई है:

टॉप भारतीय विश्वविद्यालय 

साइकोलॉजी में पढ़ाई करवाने वाले भारत कुछ टॉप विश्वविद्यालयों की सूची नीचे दी गई है:

  • क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बैंगलोर
  • प्रेसीडेंसी कॉलेज, चेन्नई
  • माउंट कार्मेल कॉलेज, बैंगलोर
  • सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर विमेन, हैदराबाद
  • बेथ्यून कॉलेज, कोलकाता
  • निम्स विश्वविद्यालय, जयपुर
  • रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकेट्री एंड एलाइड साइंस (RINPAS)
  • बॉन सिकोर्स कॉलेज, तंजावुरी
  • CMR विश्वविद्यालय
  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय
  • नेताजी सुभाष मुक्त विश्वविद्यालय (NSOU)

योग्यता

यदि आप इस क्षेत्र में डिग्री प्राप्त करने के इच्छुक हैं, तो आपको अपने चुने हुए विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित योग्यताओं को पूरा करना होगा। ये आवश्यकताएं कोर्सेज के स्तर के अनुसार भिन्न होती हैं, जैसे बैचलर, मास्टर या डिप्लोमा।

  • डिप्लोमा या बैचलर्स डिग्री प्रोग्राम के लिए ज़रुरी है कि उम्मीदवारों ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 प्रथम श्रेणी से पास किया हो।
  • PG डिप्लोमा या मास्टर डिग्री प्रोग्राम के लिए संबंधित क्षेत्र में प्रथम श्रेणी के साथ बैचलर्स डिग्री होना आवाश्यक है। साथ ही कुछ यूनिवर्सिटीज प्रवेश परीक्षा के आधार पर भी एडमिशन स्वीकार करतीं हैं।
  • विदेश की अधिकतर यूनिवर्सिटीज बैचलर्स के लिए SAT और मास्टर्स कोर्सेज के लिए GRE स्कोर की मांग करते हैं।
  • विदेश की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए IELTS या TOEFL टेस्ट स्कोर, अंग्रेजी प्रोफिशिएंसी के प्रमाण के रूप में ज़रूरी होते हैं।
  • विदेश यूनिवर्सिटीज में पढ़ने के लिए SOP, LOR, सीवी/रिज्यूमे और पोर्टफोलियो भी जमा करने की ज़रूरत होती है।

आवेदन प्रक्रिया 

विदेश के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया इस प्रकार है–

  • आपकी आवेदन प्रक्रिया का फर्स्ट स्टेप सही कोर्स चुनना है, जिसके लिए आप AI Course Finder की सहायता लेकर अपने पसंदीदा कोर्सेज को शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं। 
  • एक्सपर्ट्स से कॉन्टैक्ट के पश्चात वे कॉमन डैशबोर्ड प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई विश्वविद्यालयों की आपकी आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे। 
  • अगला कदम अपने सभी दस्तावेज़ों जैसे SOP, निबंध, सर्टिफिकेट्स और LOR और आवश्यक टेस्ट स्कोर जैसे IELTS, TOEFL, SAT, ACT आदि को इकट्ठा करना और सुव्यवस्थित करना है। 
  • यदि आपने अभी तक अपनी IELTS, TOEFL, PTE, GMAT, GRE आदि परीक्षा के लिए तैयारी नहीं की है, जो निश्चित रूप से विदेश में अध्ययन करने का एक महत्वपूर्ण कारक है, तो आप Leverage Live कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। ये कक्षाएं आपको अपने टेस्ट में उच्च स्कोर प्राप्त करने का एक महत्त्वपूर्ण कारक साबित हो सकती हैं।
  • आपका एप्लीकेशन और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद, एक्सपर्ट्स आवास, छात्र वीज़ा और छात्रवृत्ति / छात्र लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे । 
  • अब आपके प्रस्ताव पत्र की प्रतीक्षा करने का समय है जिसमें लगभग 4-6 सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। ऑफर लेटर आने के बाद उसे स्वीकार करके आवश्यक सेमेस्टर शुल्क का भुगतान करना आपकी आवेदन प्रक्रिया का अंतिम चरण है। 

भारत के विश्वविद्यालयों में आवेदन प्रक्रिया, इस प्रकार है–

  • सबसे पहले अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट में जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • यूनिवर्सिटी की वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूज़र नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  • फिर वेबसाइट में साइन इन के बाद अपने चुनें हुए कोर्स का चयन करें जिसे आप करना चाहते हैं।
  • अब शैक्षिक योग्यता, वर्ग आदि के साथ आवेदन फॉर्म भरें।
  • इसके बाद आवेदन फॉर्म जमा करें और आवश्यक आवेदन शुल्क का भुगतान करें। 
  • यदि एडमिशन, प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा के अंको के आधार पर आपका चयन किया जाएगा और लिस्ट जारी की जाएगी।

आवश्यक दस्तावेज़  

कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ों की लिस्ट नीचे दी गई हैं–

बीए साइकोलॉजी करने के बाद टॉप रिक्रूटर

BA साइकोलॉजी की पढ़ाई करने के बाद भर्ती करने वाले टॉप रिक्रूटर की सूची नीचे दी गई है:

  • Vcare Counseling Center
  • Medanta
  • Veda Rehab and Wellness Private Limited
  • The Mind Clinic
  • Fortis
  • Mind Care center for counseling
  • Apollo
  • Institute Of Psychiatry
  • Delhi University
  • Jamia Millia Islamia University
  • Over a Cup of Tea – Psychological Wellness Center
  • Central Institute of Psychiatry
  • T & A Solutions
  • ACRO
  • AIIMS
  • Public Health Foundation of India
  • Defense Institute of Psychological Research

जॉब प्रोफाइल्स व सैलरी

छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि BA psychology ke baad kya kare। BA साइकोलॉजी के बाद निजी, कॉर्पोरेट या सरकारी क्षेत्र में करियर के विभिन्न अवसर उपलब्ध है, जिनकी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:

जॉब प्रोफ़ाइल विस्तृत वर्णन  सालाना औसत सैलरी
करियर काउंसलर करियर काउंसलर की भूमिका किसी व्यक्ति के करियर पथ को समझना और उसे एक उज्ज्वल करियर की ओर मार्गदर्शन करना है। INR 2.5- 3 लाख 
सामाजिक कार्यकर्ता एक सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका समुदाय या समूह की मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं का मूल्यांकन करके उनकी मदद करना है। INR 1.2- 6.3 लाख 
शिक्षक  एक मनोविज्ञान ग्रेजुएट आसानी से किसी स्कूल या कॉलेज में नौकरी पा सकता है। रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए उनके पास केवल बी.एड डिग्री होनी चाहिए। कॉलेज में अध्यापक/प्रोफेसर/लेक्चरर बनने के लिए आपका NET एग्ज़ाम क्लियर होना चाहिए और आपके पास PhD की डिग्री होनी चाहिए।  INR 3- 6 लाख 
विज्ञापन एजेंट इस क्षेत्र में कार्यरत एक व्यक्ति को पता होना चाहिए कि अपने ज्ञान को कौशल में कैसे बदला जाए और विज्ञापन क्षेत्र के विकास के लिए इसका उपयोग किया जाए। INR 5- 6 लाख 
सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव  एक मनोविज्ञान ग्रेजुएट विभिन्न पारस्परिक कौशल सीखता है, जिसका उपयोग वह आगे विभिन्न मार्केटिंग या बिक्री क्षेत्रों में कर सकता है INR 2- 6 लाख 

FAQs

भारत में एक मनोवैज्ञानिक की सालाना औसत सैलरी कितनी है?

भारत में एक मनोवैज्ञानिक की सालाना औसत सैलरी 2.5 लाख रुपये से 3.5 लाख रुपये तक है।

मनोविज्ञान ग्रेजुएट के लिए रोज़गार के सबसे आम क्षेत्र कौन से हैं?

अस्पताल, स्कूल, विश्वविद्यालय, क्लीनिक, रिसर्च सेंटर, मनोविज्ञान में ग्रेजुएट छात्रों के लिए अच्छे रोज़गार विकल्प है। 

क्या मनोविज्ञान में एम.फिल. या PhD मनोविज्ञान में एमएससी के बाद एक बेहतर विकल्प है?

MSc मनोविज्ञान के बाद एम.फिल. या PhD अपनी हायर स्टडी को आगे बढ़ाने का बेहतर विकल्प है। 

उम्मीद है कि हमारे आज के ब्लॉग से आपको BA psychology ke baad kya kare के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी मिल गई होगी। यदि आप भी विदेश से पढ़ाई करना चाहते हैं, तो आज ही 1800 572 000 पर कॉल करके हमारे Leverage Edu के विशेषज्ञों के साथ 30 मिनट का फ्री सेशन बुक करें। वे आपको उचित मार्गदर्शन प्रदान करने में मदद करेंगे।

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