बीकॉम करने के क्या फायदे हैं?

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बीकॉम

बीकॉम एक पॉपुलर कोर्स है छात्र इस कोर्स को करने में काफी दिलचस्पी रखते हैं, हर विद्यार्थी के पढ़ाई करने का अलग-अलग मकसद होता है जैसे-जैसे उनकी पढ़ाई आगे बढ़ती है वैसे-वैसे वे अपने लक्ष्य तक पहुंच जाते हैं और कुछ समय बाद पढ़ाई पूरा करके अपने लक्ष्य को प्राप्त करके अपने जीवन में एक सफल इंसान बन जाते हैं। बी कॉम कोर्स, कॉमर्स के पसंदीदा कोर्सेज में से एक है। वर्तमान में जो छात्र कॉमर्स विषय से अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं। उन्हें पढ़ाई पूरी करते ही कई परामर्श मिलने लगते हैं की उन्हें आगे क्या करना चाहिए और कैसे करना चाहिए। ऐसे में छात्र कंफ्यूज हो जाते हैं कि उन्हें जीवन में करना क्या चाहिए। कॉमर्स विषय को चुनने के बाद आगे उनका करियर क्या हो, क्या 12वीं के बाद बीकॉम करना चाहिए, क्या बीकॉम कोर्स से एक शानदार करियर बनाया जा सकता है, ऐसे बहुत से सवाल अवश्य ही छात्रों के मन में आते हैं। जिन सभी का जवाब इस ब्लॉग में विस्तार से दिया गया है, तो यदि आप भी बीकॉम व कॉमर्स से जुड़े सभी सवालों को दूर करना चाहते हैं, और एक शानदार करियर बनाना चाहते हैं तो बीकॉम के इस ब्लॉग को पूरा पढ़ें।

This Blog Includes:
  1. बीकॉम क्या है?
  2. बीकॉम क्यों करें?
  3. बीकॉम के लिए स्किल्स
  4. बीकॉम के प्रकार
  5. बीकॉम स्पेशलाइज़ेशन लिस्ट
  6. बीकॉम और बीकॉम ऑनर्स कोर्स के बीच अंतर
  7. बीकॉम में कितने सब्जेक्ट होते हैं?
  8. बीकॉम कितने साल का होता है?
  9. बीकॉम में कितने सेमेस्टर होते हैं?
    1. पहला सेमेस्टर का सिलेबस
    2. दूसरा सेमेस्टर का सिलेबस
    3. तीसरे सेमेस्टर का सिलेबस
    4. चौथे सेमेस्टर का सिलेबस
    5. पांचवे सेमेस्टर का सिलेबस
    6. छठवें सेमेस्टर का सिलेबस
  10. बीकॉम इंटीग्रेटेड कोर्सेज
  11. बीकॉम के लिए प्रसिद्ध विदेशी विश्वविद्यालय
  12. बीकॉम के लिए भारतीय विश्वविद्यालय
  13. बीकॉम के लिए योग्यता
  14. विदेशी विश्वविद्यालय के लिए आवेदन प्रक्रिया
  15. आवश्यक दस्तावेज़
  16. भारत में आवेदन प्रक्रिया
  17. करियर स्कोप
  18. जॉब प्रोफाइल और सैलरी
    1. प्राइवेट सेक्टर जॉब
    2. गवर्नमेंट सेक्टर जॉब
  19. टॉप रिक्रूटर्स
  20. FAQs

बीकॉम क्या है?

बी कॉम का पूरा नाम बैचलर ऑफ कॉमर्स होता है। यह एक अंडर ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स है। बीकॉम 12th पास करने के बाद किया जा सकता है। बीकॉम में आपको एकाउंटिंग कोर्स, बैंकिंग,फाइनेंस तथा इनकम, टैक्स, बिजनेस संबंधित पाठ पढ़ाया जाता है बीकॉम एक प्रोफेशनल डिग्री कोर्स है। यह 3 साल और 6 सेमेस्टर में विभाजित होता है। हर सेमेस्टर के लिए एग्जाम पास करना होता है। इस कोर्स को करने के लिए 12वीं उत्तीर्ण होना जरूरी है। इसके बाद आपको किसी बीकॉम कॉलेज में एडमिशन लेना होगा, और रेगुलर पढ़ाई करके इस कोर्स को पास कर सकते हैं। उसके बाद फाइनेंस बैंक बिजनेस या किसी बिजनेस स्टार्टअप में अपना करियर बना सकते हैं। यदि आप बिजनेस मैनेजमेंट या बिजनेस लॉ के बारे में पढ़ाई करना चाहते हैं तो यह एक बेहतरीन कोर्स है आप अपने लक्ष्य को पाने के लिए इस कोर्स को कर सकते हैं।

बीकॉम क्यों करें?

बी कॉम क्यों करना चाहिए इसके लिए महत्वपूर्ण पॉइंट्स नीचे दिए गए हैं-

  • व्यापक अवसर: फाइनेंशियल मार्केट, बैंकिंग क्षेत्र, एकाउंटिंग फर्म आदि में नौकरी के अवसरों में तेजी आई है। ये उद्योग हर दिन बढ़ रहे हैं और इस प्रकार नौकरी का दायरा बीकॉम कोर्स ग्रेजुएट्स के लिए बढ़ता रहता है।
  • उच्च शिक्षा का दायरा: बीकॉम कोर्स पूरा करने के बाद, अच्छी तरह से भुगतान करने वाली फर्मों में अपने स्किल्स और GIR के अवसरों को एडवांस करने के लिए उच्च अध्ययन भी कर सकते हैं। बीकॉम कोर्स पूरा करने के बाद कुछ उच्च अध्ययन विकल्पों में CMA, CS, CA और MBA आदि शामिल हैं।
  • हाई सैलरी पैकेज: बीकॉम कोर्स पूरा करने के बाद, ग्रेजुएट्स अपनी स्किल्स के आधार पर INR 3-6 लाख के बीच कमा सकते हैं।
  • एंटरप्रेन्योरशिप लिए विकल्प: बीकॉम कोर्स पूरा करने के बाद, व्यक्तियों के पास अपनी डिग्री और अर्जित कौशल का उपयोग स्वतंत्र रूप से अभ्यास करने और अपना खुद का व्यवसाय या फर्म शुरू करने का विकल्प भी होता है।

बीकॉम के लिए स्किल्स

बी कॉम में करियर बनाने के लिए मैनेजमेंट के जानकारी अच्छी तरह होनी चाहिए। जो भी काम हम करते हैं उसको बेहतर बनाने के लिए स्किल्स की जरूरत होती है, इसलिए मैनेजमेंट की जानकारी अच्छी तरह से होनी चाहिए ताकि पर किसी भी क्षेत्र में उस कार्य को अच्छी तरह संपादित कर सके, क्योंकि हमारी फ्यूचर प्लान हमारे स्किल्स की बदौलत ही पूरे होते हैं। आइए नजर डालें इस लगातार बढ़ते हुए क्षेत्र मैं एक सफल करियर बनाने के लिए प्रमुख स्किल्स क्या चाहिए:

  • महत्वपूर्ण विचार करने की स्किल्स 
  • समस्या समाधान करने के स्किल्स 
  • अकाउंटिंग, मार्केटिंग, फाइनेंस, बिजनेस मैनेजमेंट आदि का गहन ज्ञान 
  • आर्गेनाइजेशन के हुनर 
  • तकनीकी स्किल्स 
  • क्रिएटिविटी
  • कम्युनिकेशन स्किल्स

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बीकॉम के प्रकार

बी कॉम दो प्रकार का होता है:

  1. बीकॉम जनरल
  2. बीकॉम ऑनर्स 

बी कॉम ऑनर्स में बीकॉम जनरल के ही सब्जेक्ट पढ़ाए जाते हैं, लेकिन बीकॉम ऑनर्स में आपको किसी एक सब्जेक्ट में स्पेशलाइजेशन करना होता है। इसलिए आप किसी भी सब्जेक्ट जैसे- अकाउंटिंग और फाइनेंस, इकोनॉमिक इन्वेस्टमेंट, मैनेजमेंट , बैंकिंग एंड फाइनेंशियल मार्केट, मार्केटिंग जैसे इत्यादि सब्जेक्ट में से किसी एक में स्पेशलाइजेशन करना होता है, जिसमें  आपको ज्यादा डिटेल से पढ़ा जाता है, तो इसमें आपको ज्यादा मेहनत करनी होती है। बीकॉम ऑनर्स का कटऑफ भी हाई होता है और मार्केट वैल्यू भी बीकॉम ऑनर्स की ज्यादा होती है।

बी कॉम जनरल मोड में तो आपको सब्जेक्ट सारे वही पढ़ाए जाते हैं, लेकिन इसमें आपको कोई भी स्पेशलाइजेशन नहीं करना होता है, तो इस तरीके से बीकॉम जनरल, बी कॉम ऑनर्स से थोड़ा आसान होता है, लेकिन बीकॉम ऑनर्स की मार्केट वैल्यू ज्यादा होती है, बीकॉम जनरल की मार्केट वैल्यू कम होती है।

बीकॉम स्पेशलाइज़ेशन लिस्ट

बी कॉम के स्पेशलाइज़ेशन लिस्ट नीचे दिए गए हैं- 

  •  बीकॉम एप्लाइड इकोनॉमिक्स
  •  बीकॉम अर्थशास्त्र
  •  बीकॉम मार्केटिंग
  •  बीकॉम अकाउंटेंसी
  •  बीकॉम फाइनेंस
  •  बीकॉम एकाउंटिंग और फाइनेंस
  •  बीकॉम बैंकिंग और फाइनेंस
  •  बीकॉम बैंकिंग मैनेजमेंट
  •  बीकॉम बैंकिंग और इंश्योरेंस
  •  बीकॉम इंश्योरेंस मैनेजमेंट
  •  बीकॉम पर्यटन और यात्रा प्रबंधन
  •  बीकॉम बिजनेस इकोनॉमिक्स
  •  बीकॉम बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन
  •  बीकॉम कंप्यूटर एप्लीकेशन
  •  बीकॉम कॉर्पोरेट सेक्रेटरीशिप
  •  बीकॉम ई-कॉमर्स
  •  बीकॉम फाइनेंशियल मैनेजमेंट
  •  बीकॉम फाइनेंशियल एकाउंटिंग
  •  बीकॉम फॉरेन ट्रेड मैनेजमेंट
  •  बीकॉम प्रोफेशनल
  •  बीकॉम मैनेजमेंट स्टडीज
  •  बीकॉम स्टेटिस्टिक्स
  •  बीकॉम सप्लाई चेन मैनेजमेंट
  •  बीकॉम टैक्स प्रोसेस एंड प्रैक्टिस
  •  बीकॉम टैक्सेशन
  •  बीकॉम कैपिटल मार्केट
  •  बीकॉम कंप्यूटर साइंस
  •  बीकॉम अकाउंटिंग

उपर्युक्त प्रकारों में से कुछ ही बीकॉम विशेषज्ञताएं जैसे बीकॉम जनरल, बैंकिंग, फाइनेंस, अकाउंटेंसी, ऑनर्स, इकोनॉमिक्स आदि कुछ लोकप्रिय बीकॉम कोर्स हैं।

बीकॉम और बीकॉम ऑनर्स कोर्स के बीच अंतर

बी कॉम और बी कॉम ऑनर्स दोनों ही ज्यादातर चीजों में समान हैं, भले ही दोनों अलग-अलग कोर्स हैं। नीचे दोनों में मुख्य अंतर टेबल में दिए गए हैं-

फीचर B Com (Hons.) B Com
अवधि 3 वर्ष 3 वर्ष
कोर्स उद्देश्य यह कोर्स उन छात्रों के लिए है जो फाइनेंस, अकाउंटेंसी और टैक्सेशन में अपना करियर बनाना चाहते हैं। बी कॉम प्रोग्राम का निर्माण बिज़नेस मैनेजमेंट और उद्यमिता के क्षेत्र में एक छात्र के कौशल और ज्ञान को बढ़ाने के लिए किया गया है।
योग्यता गणित के साथ 10+2 में 50% से अधिक गणित के साथ 10+2 में 50% से अधिक
जॉब अवसर बी कॉम की तुलना में बी कॉम बेहतर नौकरी के अवसर प्रदान करता है। हालांकि बी कॉम के बाद नौकरी के कई अवसर हैं, लेकिन एक छात्र के एमबीए करने के बाद एक अच्छी नौकरी पाने की संभावना काफी बेहतर होती है।
जॉब प्रोफाइल्स -अकाउंटेंट
-अकाउंट एग्जीक्यूटिव
-ऑपरेशन्स मैनेजर
CA
फाइनेंशियल एनालिस्ट
-सेल्स एग्जीक्यूटिव
-ऑफिस एग्जीक्यूटिव
-रिसर्च असिस्टेंट
-असिस्टेंट मैनेजर

बीकॉम में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

बीकॉम में कितने सब्जेक्ट होते हैं इसकी जानकारी आपको नीचे दिया जा रहा है-

  • बिजनेस लॉ
  • बुकिपिंग
  • इकोनॉमिक्स
  • बैंकिंग
  • टैक्स
  • इंग्लिश
  • मैथ्स
  • इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी

बीकॉम कितने साल का होता है?

बीकॉम 3 वर्ष का होता है और इन 3 वर्ष में कुल 6 सेमेस्टर होते हैं।

बीकॉम में कितने सेमेस्टर होते हैं?

बीकॉम में पूरे 6 सेमेस्टर होते हैं और इन 6 सेमेस्टर में आपको अलग-अलग तरह के विषय को पढ़ना होता है जिनमें से पहला और दूसरे सेमेस्टर में आपको लगभग एक ही तरह के विषय को पढ़ना होता है लेकिन दूसरे सेमेस्टर में आपको पहले सेमेस्टर के मुकाबले उच्च स्तर की पढ़ाई होती है। 

पहला सेमेस्टर का सिलेबस

बीकॉम के फर्स्ट ईयर में बच्चों के कौशल विकास और नींव पर ध्यान दिया जाता है और इसके अंतर्गत आपको 6 विषय को पढ़ना होता है इन छह विषय में से चार विषय जरूरी है और बाकी के दो विषय भाषा के हैं जोकि एडिशनल विषय है‌। 

  • अंग्रेजी और व्यवसाय 
  • संचार अंतःविषय ई-कॉमर्स
  • व्यावसायिक अर्थशास्त्र 
  • निगमित लेखांकन 
  • व्यापार कानून
  • मानव संसाधन प्रबंधन 
  • पर्यावरण, सड़क 

दूसरा सेमेस्टर का सिलेबस

बीकॉम के दूसरे सेमेस्टर में पहले सेमेस्टर से मिलता-जुलता विषय आपको पढ़ाई जाएंगे लेकिन यह पहले सेमेस्टर से एडवांस होंगे।

  • अंग्रेजी और व्यवसाय 
  • संचार अंतःविषय ई-कॉमर्स
  • व्यावसायिक अर्थशास्त्र 
  • निगमित लेखांकन 
  • व्यापार कानून 
  • मानव संसाधन प्रबंधन 
  • पर्यावरण, सड़क 

तीसरे सेमेस्टर का सिलेबस

तीसरे सेमेस्टर में इन सब विषय के साथ-साथ आपको माइक्रो इकोनॉमिक्स और कॉरपोरेटेड अकाउंटिंग भी पढ़ाया जाएगा।

  • बिज़नेस मैथमेटिक्स और स्टेटिस्टिक्स
  • बैंकिंग और इंश्योरेंस
  • इनडायरेक्ट टैक्स 
  • इंटरडिस्कप्लिनरी इश्यूज इन इंडियन कॉमर्स
  • कॉस्ट एकाउंटिंग
  • कंपनी लॉ

चौथे सेमेस्टर का सिलेबस

बीकॉम के चौथे सेमेस्टर में पढ़ाई दो समूह में होती है पहले समूह में कुल 7 विषय होते हैं तथा दूसरे समूह में दो विषय होते हैं और इन दोनों समूहों के विषय को आपको पढ़ना होगा।

  • ऑडिट और सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस
  • कॉस्ट मैनेजमेंट
  • मार्केटिंग मैनेजमेंट
  • क्वांटिटेटिव टेक्निक्स और मेथड्स
  • इंटरडिस्कप्लिनरी सिक्योरिटी एनालिसिस एंड पोर्टफोलियो मैनेजमेंट
  • एडवांस्ड एकाउंटिंग

पांचवे सेमेस्टर का सिलेबस

बीकॉम के पांचवें सेमेस्टर में कुल 6 जरूरी विषय होते हैं और उनमें से पांच विषय सबके लिए एक ही है तथा एक विषय ऑप्शनल है विकल्प में आप अपने से कोई भी एक विशेष चुन सकते हैं।

  • प्रोडक्शन और ऑपरेशन मैनेजमेंट
  • एंटरप्रेन्योरशिप और स्माल बिज़नेस
  • फाइनेंशियल मार्केट्स और सर्विसेज
  • इनकम टैक्स लॉ  
  • मैनेजमेंट प्रोडक्शन
  • भारतीय अर्थव्यवस्था 

छठवें सेमेस्टर का सिलेबस

बीकॉम के से सेमेस्टर में भी आपको कुल 6 विषय को पढ़ना होगा और इन से विषय में से पांच विषय सबके लिए एक ही है तथा एक विषय ऑप्शनल है और इन ऑप्शनल विषय में आप ऑप्शनल के चार विषय में से कोई भी विषय पढ़ सकते हैं।

  • सामाजिक और व्यावसायिक नैतिकता
  • आपरेशनल रिसर्च
  • भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रीय पहलू
  • प्रत्यक्ष कर कानून
  • वित्तीय प्रबंधन
  • वित्तीय रिपोर्टिंग में मुद्दे 

आप AI Course Finder की मदद से अपने पसंद के कोर्सेज और उससे सम्बंधित टॉप यूनिवर्सिटी का चयन कर सकते हैं।

बीकॉम इंटीग्रेटेड कोर्सेज

एकीकृत पाठ्यक्रम आमतौर पर 3+2 साल के पैटर्न का पालन करते हैं, जिसमें स्नातक और मास्टर (कानून पाठ्यक्रमों को छोड़कर) शामिल हैं।  इसलिए, 12 वीं के बाद एक एकीकृत पाठ्यक्रम का अनुसरण करने से आपकी डिग्री के बाद प्रवेश के बारे में चिंता के बोझ को दूर करने में मदद मिलती है और आपको अपनी विशेषज्ञता पहले से चुनने में मदद मिलती है।  इसके द्वारा, आप अपनी इच्छित विशिष्ट रेखा के लिए अपने प्रयासों को सहेजते हैं और एक स्पष्ट लक्ष्य रखते हैं।  साथ ही, स्नातक की अवधि या एकीकृत पाठ्यक्रम के पहले तीन वर्षों के दौरान, आपके पास अपने ज्ञान के दायरे को व्यापक बनाने के लिए अधिक जोखिम और अवसर होंगे।  इस प्रकार, यह आपको दोनों दुनिया के सर्वश्रेष्ठ प्रदान करता है।

एकीकृत पाठ्यक्रम का नाम पात्रता अवधि
एकीकृत बी.कॉम+एलएल.बी 10+2 व्यापार; 
प्रवेश परीक्षा जैसे CLAT या निजी
5 साल
एकीकृत बीकॉम+सीआईएमए (चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एकाउंटेंट्स) 10+2 
प्रवेश परीक्षा (विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित)
5 साल
एकीकृत बीबीए+एमबीए 10+2 
प्रवेश परीक्षा (विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित)
4-5 साल
इंटीग्रेटेड बीकॉम+एसीसीए (एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड सर्टिफाइड अकाउंटेंट्स) 10+2 
प्रवेश परीक्षा (विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित)
3-4 साल
एकीकृत बी कॉम+सीएमए (प्रमाणित प्रबंधन लेखाकार) 10+2 
प्रवेश परीक्षा (विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित)
3-6 साल

बीकॉम के लिए प्रसिद्ध विदेशी विश्वविद्यालय

बीकॉम के लिए प्रसिद्ध विदेशी विश्वविद्यालयों की लिस्ट नीचे दी गई है-

बीकॉम के लिए भारतीय विश्वविद्यालय

भारत के अंदर ऐसे बहुत सारे विश्वविद्यालय है, जहां बी कॉम की पढ़ाई बहुत अच्छे से होती हैं। लेकिन दाखिला मिलना आसान नहीं होता। यहां किसी भी छात्र को दाखिला परीक्षा के बाद ही मिलता है। यदि कोई विद्यार्थी यह चाहता है कि उसका एडमिशन एक अच्छे कॉलेज में हो तो एंट्रेंस एग्जाम देना ही पड़ेगा। यदि वह प्रवेश परीक्षा को पास नहीं कर पाता है तो फिर उसे दाखिला नहीं मिलता है आइए जानते हैं बी कॉम के लिए प्रसिद्ध भारतीय विश्वविद्यालय कौन-कौन से है:-

  • श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स – न्यू दिल्ली
  • लोयोला कॉलेज, चेन्नई
  • जैन यूनिवर्सिटी – बेंगलुरू
  • चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी – चंडीगढ़
  • एन आई एम एस यूनिवर्सिटी – जयपुर
  • हंसराज कॉलेज – न्यू दिल्ली
  • निजाम कॉलेज -हैदराबाद
  • प्रेसीडेंसी कॉलेज, बेंगलुरु
  • बीबीडी यूनिवर्सिटी – लखनऊ
  • यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान – जयपुर
  • लखनऊ यूनिवर्सिटी – लखनऊ
  • यूनिवर्सिटी आफ कालीकट मल्लपुरम
  • गार्डन सिटी यूनिवर्सिटी – बैंगलोर
  • यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई, मुंबई
  • बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी
  • क्रिस्ट यूनिवर्सिटी
  • पंजाब यूनिवर्सिटी
  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी

आप UniConnect के जरिए विश्व के पहले और सबसे बड़े ऑनलाइन विश्वविद्यालय मेले का हिस्सा बनने का मौका पा सकते हैं, जहाँ आप अपनी पसंद के विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि से सीधा संपर्क कर सकेंगे।

बीकॉम के लिए योग्यता

जब भी हम किसी कोर्स में दाखिला लेना चाहते है तो उससे पहले हमें उसके बारे में यह पता होना चाहिए कि उसके लिए हम योग्य हैं। आइए जानते है बी कॉम करने के लिए कितनी योग्यता की आवश्यकता होनी चाहिए –

  • अगर आप बी कॉम में दाखिला लेना चाहते है तो उसके लिए आपको किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 11th और 12th कॉमर्स विषय में पास करना आवश्यक होता है।
  • 12th में कम से कम 50% अंक प्राप्त होने चाहिए
  • बी कॉम के लिए किसी भी कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए कट ऑफ मार्क्स लाना अनिवार्य होता है।
  • भारत में बी कॉम कोर्स कोर्स के लिए कुछ कॉलेज अपनी प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करते हैं। (जैसे PU CET, CUCET और BHU PET आदि) जिसके आधार पर छात्रों का चयन किया जाता है। विदेश के कुछ यूनिवर्सिटी के लिए ACT, SAT आदि के स्कोर जरूरी होते हैं।
  • विदेश में ऊपर दी गई आवश्यकताओं के साथ IELTS या TOEFL टेस्ट स्कोर ज़रूरी होते हैं।
  • साथ ही विदेशी यूनिवर्सिटी में आवेदन के लिए SOP, LOR और CV/Resume तथा पोर्टफोलियो की भी ज़रूरत होती है।

क्या आप IELTS/TOEFL/SAT/GRE में अच्छे अंक प्राप्त करना चाहते हैं? आज ही इन परीक्षाओं की बेहतरीन तैयारी के लिए Leverage Live पर रजिस्टर करें और अच्छे अंक प्राप्त करें।

विदेशी विश्वविद्यालय के लिए आवेदन प्रक्रिया

कैंडिडेट को आवदेन करने के लिए नीचे दी गई प्रक्रिया को पूरा करना होगा-

  • आपकी आवेदन प्रक्रिया का फर्स्ट स्टेप सही कोर्स चुनना है, जिसके लिए आप हमारे AI Course Finder की सहायता लेकर अपने पसंदीदा कोर्सेज को शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं। 
  • Leverage Edu एक्सपर्ट्स से कॉन्टैक्ट के पश्चात वे हमारे कॉमन डैशबोर्ड प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई विश्वविद्यालयों की आपकी आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे। 
  • अगला कदम अपने सभी दस्तावेजों जैसे SOP, निबंध (essay), सर्टिफिकेट्स और LOR और आवश्यक टेस्ट स्कोर जैसे IELTS, TOEFL, SAT, ACT आदि को इकट्ठा करना और सुव्यवस्थित करना है। 
  • यदि आपने अभी तक अपनी IELTS, TOEFL, PTE, GMAT, GRE आदि परीक्षा के लिए तैयारी नहीं की है, जो निश्चित रूप से विदेश में अध्ययन करने का एक महत्वपूर्ण कारक है, तो आप हमारी Leverage Live कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। ये कक्षाएं आपको अपने टेस्ट में उच्च स्कोर प्राप्त करने का एक महत्त्वपूर्ण कारक साबित हो सकती हैं।
  • आपका एप्लीकेशन और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद, एक्सपर्ट्स आवास, छात्र वीजा और छात्रवृत्ति / छात्र लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे । 
  • अब आपके प्रस्ताव पत्र की प्रतीक्षा करने का समय है जिसमें लगभग 4-6 सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। ऑफर लेटर आने के बाद उसे स्वीकार करके आवश्यक सेमेस्टर शुल्क का भुगतान करना आपकी आवेदन प्रक्रिया का अंतिम चरण है।

आवदेन प्रक्रिया से सम्बन्धित जानकारी और मदद के लिए Leverage Edu के एक्सपर्ट्स से 1800572000 पर संपर्क करें।

आवश्यक दस्तावेज़

विदेशी विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने के लिए नीचे दिए गए दस्तवेज़ होने आवश्यक हैं-

छात्र वीजा पाने के लिए भी हमारे Leverage Edu विशेषज्ञ आपकी हर सम्भव मदद करेंगे।

भारत में आवेदन प्रक्रिया

भारतीय यूनिवर्सिटीज द्वारा आवेदन प्रक्रिया नीचे मौजूद है-

  • सबसे पहले अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट में जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • यूनिवर्सिटी की वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  • फिर वेबसाइट में साइन इन के बाद अपने चुने हुए कोर्स का चयन करें जिसे आप करना चाहते हैं।
  • अब शैक्षिक योग्यता, वर्ग आदि के साथ आवेदन फॉर्म भरें।
  • इसके बाद आवेदन फॉर्म जमा करें और आवश्यक आवेदन शुल्क का भुगतान करें। 
  • यदि एडमिशन, प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा के अंको के आधार पर आपका चयन किया जाएगा और लिस्ट जारी की जाएगी। 

करियर स्कोप

बी कॉम करने के बाद कोई भी विद्यार्थी आसानी से प्राइवेट और सरकारी सेक्टरों में जॉब कर सकता है। बी कॉम करने के बाद निम्नलिखित पदों पर नौकरी कर सकते हैं- 

  • बिजनेस कंसलटेंट
  • अकाउंटेंट
  • जूनियर अकाउंटेंट
  • अकाउंट मैनेजर
  • अकाउंट एक्जीक्यूटिव
  • कंसलटेंट
  • ह्यूमन रिसोर्स मैनेजर 

इसके अतिरिक्त और भी विभिन्न प्रकार की नौकरियां बी कॉम करने के बाद आपको मिल सकती है।

जॉब प्रोफाइल और सैलरी

बी कॉम करने के बाद जब आप किसी प्राइवेट या सरकारी सेक्टर में नौकरी करते हैं तो वहां पर आपका वेतन इस बात पर डिपेंड करता है की वहां आपको कौन सा पद काम करने को मिला हैं। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें यदि आप अपने काम को अच्छे से करे तो आप काफी पैसे कमा सकते है, बीकॉम करने के बाद 15,000-30,000 रुपए तक हर महीने में कमा सकते है।इसके अलावा यदि आप प्रवेश परीक्षा देने के बाद किसी ऊंचे पद पर आसीन हो जाते है तो आप लाखों रुपए कमा सकते हैं।

प्राइवेट सेक्टर जॉब

बी कॉम करने के बाद आपको विभिन्न क्षेत्रों में बहुत सारी नौकरियों के अवसर मिल सकते है आप अपना करियर कॉमर्स, अकाउंटिंग, फाइनेंस, बीमा, बैंकिंग आदि में आसानी से बना सकते है।

गवर्नमेंट सेक्टर जॉब

यदि आप बी कॉम का कोर्स करने के बाद किसी गवर्नमेंट सेक्टर में काम करना चाहते है तो उसके लिए आप बैंकिंग रेलवे, पुलिस फोर्स, इनकम टैक्स ऑफिसर, और सिविल सर्विसेस जैसे परीक्षाओं की तैयारी करके ऊंचे पदों पर नौकरी कर सकते हैं।

टॉप रिक्रूटर्स

 बी कॉम ग्रेजुएट्स के लिए टॉप रिक्रूटर्स हैं-

  • Ernest and Young
  • TFC
  • LIC
  • New India Assurance
  • Bajaj Allianz
  • United India Insurance
  • HDFC Life
  • Kotak Life
  • Max Bupa
  • State Bank Of India
  • Punjab National Bank
  • ICICI Bank
  • City Bank
  • PricewaterhouseCoopers
  • RBS
  • Deloitte
  • IndusInd Bank
  • KPMG

FAQs

किस प्रकार का बी कॉम सबसे अच्छा है?

किसी विशेष प्रकार के बीकॉम कोर्स को बेस्ट का टैग देना मुश्किल है।  हर प्रकार का बीकॉम अपने पेशेवरों और विपक्षों के सेट के साथ आता है।  हालांकि, सबसे लोकप्रिय बीकॉम विशेषज्ञताएं बीकॉम (अर्थशास्त्र), बीकॉम (लेखा और वित्त), बीकॉम (बैंकिंग और बीमा), बीकॉम (मार्केटिंग) हैं।

कौन सा बी कॉम कोर्स आसान है?

इस प्रश्न का सबसे अच्छा उत्तर यह होगा कि यह उम्मीदवारों पर निर्भर करता है। मान लीजिए कि किसी उम्मीदवार की मार्केटिंग में रुचि है, तो उसे अकाउंटिंग और फाइनेंस में बीकॉम की तुलना में बीकॉम मार्केटिंग कोर्स का अध्ययन करना बहुत आसान लगेगा।

 बी कॉम के क्या फायदे हैं?

बीकॉम की डिग्री उम्मीदवारों को प्रबंधन, संगठनात्मक संरचनाओं और कई अन्य विषयों से संबंधित विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला के बारे में कौशल विकसित करने की अनुमति देगी।  पाठ्यक्रम एमबीए, सीए, सीएस, आदि जैसे विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की नींव के रूप में कार्य कर सकता है।

बी कॉम कितने साल का होता है

बी कॉम 3 वर्ष का होता है और इन 3 वर्ष में कुल 6 सेमेस्टर होते हैं।

हम आशा करते हैं कि अब आप जान गए होंगे कि बी कॉम क्या है और इससे संबंधित सारी जानकारी आपको इस ब्लॉग में मिल गई होंगी। अगर आप विदेश में बीकॉम करना चाहते हैं और साथ ही एक उचित मार्गदर्शन चाहते हैं तो आज ही 1800 572 000 पर कॉल करके हमारे Leverage Edu के एक्सपर्ट्स के साथ 30 मिनट का फ्री सेशन बुक कीजिए।

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