प्रोडक्ट मैनेजर कैसे बनें?

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प्रोडक्ट मैनेजर

प्रोडक्ट मैनेजर ऑर्गेनाइजेशन में प्रोडक्ट्स के विकास के कार्य देखते हैं। प्रोडक्ट मैनेजर किसी प्रोडक्ट (फिजिकल और डिजिटल दोनों प्रोडक्ट) के पीछे की व्यावसायिक रणनीति के लिए जिम्मेदार होते हैं, वह प्रोडक्ट की कार्यात्मक आवश्यकताओं को निर्दिष्ट (स्पैसिफाई) करते हैं, और आमतौर पर सुविधाओं के लॉन्च का प्रबंधन करते हैं। वे कई अन्य कार्यों (जैसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डेटा वैज्ञानिक और प्रोडक्ट डिजाइनर) द्वारा किए गए कार्यों की एन्ड-टू-एन्ड समीक्षा करते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि प्रोडक्ट मैनेजर कैसे बनें।

टॉपिक प्रोजेक्ट मैनेजर
स्किल्स कम्युनिकेशन स्किल, प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल, लीडरशिप स्किल आदि
स्वीकृत परीक्षाएं GRE, GMAT, IELTS या TOEFL
प्रोजेक्ट मैनेजर के प्रकार -टेक्निकल प्रोडक्शन मैनेजर
-डायरेक्टर ऑफ प्रोडक्ट मैनेजर
-वी पी ऑफ प्रोडक्ट
-चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर
एकेडमिक कैलेंडर सेमेस्टर वाइज
कोर्सेज -सर्टिफिकेट कोर्स
-डिप्लोमा
-यूजी
-पीजी
कोर्सेज मोड ऑनलाइन और ऑफलाइन

प्रोडक्ट मैनेजर कौन होते हैं?

प्रोडक्ट मैनेजर एक कंपनी में काम करने वाला वह व्यक्ति है जो कंपनी की ब्रांडिंग और प्रोडक्शन से संबंधित कार्य करता है। इसके तहत प्रोडक्ट प्लैनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइनिंग, क्रिएशन, रिसर्च, पैकेजिंग, लेबलिंग, प्राइसिंग और मार्केटिंग जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। प्रोडक्ट मैनेजर एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक भूमिका है। प्रोडक्ट मैनेजर आमतौर पर उन कंपनियों में पाए जाते हैं जो ग्राहक या आंतरिक उपयोग के लिए प्रोडक्ट या रिसर्च का निर्माण करतें हैं। 

प्रोडक्ट मैनेजर के काम

प्रोडक्ट मैनेजमेंट काफी डिमांडिंग कैरियर ऑप्शन है। इस फील्ड में 12 वीं या ग्रेजुएशन के बाद कैरियर बनाया जा सकता है। इसमें आप एमबीए से लेकर डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा जैसे कोर्स कर प्रोजेक्ट मैनेजर बनने का सपना पूरा कर सकते हैं। एमबीए की अवधि 2 बर्ष और डिप्लोमा तथा पीजी डिप्लोमा 1 से 2 साल तक के होते हैं।

  • एक प्रोडक्ट मैनेजर सिर्फ प्रोडक्ट को मैनेज ही नहीं करते वे मार्केट की जरूरत को समझते हुए एक अच्छे प्रोडक्ट और एक एवरेज प्रोडक्ट में अंतर करते हैं। वे पैसे से सही प्रोडक्ट बनाना जानते हैं। 
  • एक अच्छा प्रोडक्ट मैनेजर अपने प्रोडक्ट को लेकर मौका कैसे ढूंढा जाए?, बाजार में अपने पैर ज़माने के लिए फोकस कहाँ और कितना किया जाए?, कौन सी चीज पहले की जाए? इन सब बातों का ध्यान रखते हैं। 
  • एक प्रोडक्ट मैनेजर फैक्ट्री से मार्केट तक कब, कैसे और क्या करना है? ये सब सोचता है। 
  • एक प्रोडक्ट मैनेजर का काम राइट यूजर या कस्टमर के लिए राइट प्रोडक्ट के जरिए राइट प्रॉब्लम को सॉल्व करना है।

प्रोडक्ट मैनेजर स्किल्स

प्रोजेक्ट मैनेजर में जो स्किल्स होने चाहिए वह नीचे दिए गए हैं- 

  • कम्युनिकेशन स्किल
  • समस्या को हल करने की स्किल
  • ऑब्जर्वेशनल स्किल
  • इन्नोवेटिव आइडिया
  • लीडरशिप
  • टाइम मैनेजमेंट
  • एनालिटिकल स्किल
  • मार्केटिंग स्किल्स
  • नेगोशिएटिंग स्किल

प्रोडक्ट मैनेजर के प्रकार

प्रोडक्ट मैनेजर कई प्रकार के होते हैं और इनका वेतन इनके पोजीशन के अनुसार अलग-अलग होता हैं। प्रोडक्ट मैनेजर के कुछ प्रकार नीचे दिए गए हैं-

  • टेक्निकल प्रोडक्शन मैनेजर
  • डेटा/एनालिटिक्स प्रोडक्ट मैनेजर
  • प्रोडक्ट मार्केटिंग मैनेजर
  • ग्रोथ प्रोडक्ट मैनेजर
  • असोसिएट प्रोडक्ट मैनेजर
  • सीनियर प्रोडक्ट मैनेजर
  • प्रोडक्ट लीड
  • ग्रुप प्रोडक्ट मैनेजर
  • डायरेक्टर ऑफ प्रोडक्ट मैनेजर
  • चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर

12वीं के बाद प्रोडक्ट मैनेजर कैसे बनें?

प्रोडक्ट मैनेजर बनने के लिए कुछ स्टेप बाय स्टेप गाइड दिए गए हैं-

  • स्टेप 1 साइंस या कॉमर्स विषय से 12वीं की पढ़ाई करें – विद्यार्थी को अपने स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद 12वीं में साइंस या कॉमर्स विषय का चुनाव करना चाहिए। इस विषय के माध्यम से उन्हें 12वीं बोर्ड की परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी करनी चाहिए।
  • स्टेप 2 बैचलर्स डिग्री पूरी करें – प्रोजेक्ट मैनेजर बनने के लिए जरूरी है कि पहले संबंधित विषय से बैचलर्स की डिग्री प्राप्त करें। बैचलर डिग्री पूरी करने में आमतौर पर 3 साल का वक्त लगता है, इस बीच आप एक अच्छा प्रोजेक्ट मैनेजर बनने के लिए अपनी स्किल्स और नॉलेज को बढ़ा सकते हैं।
  • स्टेप 3 एक्सपीरियंस हासिल करें- एक विद्यार्थी के रूप में अनुभव हासिल करने के लिए विद्यार्थी पार्ट टाइम जॉब या इंटर्नशिप कर सकते हैं। 
  • स्टेप 4 मास्टर्स डिग्री प्राप्त करने के बारे में सोचना – विद्यार्थी को संबंधित विषय में मास्टर्स की डिग्री भी प्राप्त कर लेनी चाहिए क्योंकि यह डिग्री उनके सीवी को और महत्वपूर्ण बना देता है। प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में अच्छी सैलरी वाली जॉब दिलाने में सहायता करता है।

प्रोडक्ट मैनेजर बनाने के लिए कोर्सेज

प्रोजेक्ट मैनेजर बनने के लिए या प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के द्वारा अपना करियर बनाने के लिए नीचे कुछ कोर्सेज बताए जा रहे हैं। जिसकी पढ़ाई करके आप एक अच्छे प्रोजेक्ट मैनेजर बन सकते हैं-

  • ऑनलाइन पोर्टल की मदद से प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का सर्टिफिकेट कोर्स किया जा सकता है।
  • BBA
  • BBM
  • BE/ B Tech in Production Engineering
  • MBA Product Management
  • Diploma in Project Management
  • MBA in Brand Management
  • PG Diploma in product Management
  • PG Diploma in Brand Management
  • Diploma in Product Management
  • PG Diploma in Product and Operations Management
  • PG Diploma in Product and Material Management
  • BTech in Production and Industrial Engineering

आप AI Course Finder की मदद से अपनी प्रोफाइल के अनुसार सही यूनिवर्सिटी और अपनी पसंद का कोर्स चुन सकते हैं।

प्रोडक्ट मैनेजमेंट ऑनलाइन कोर्स

प्रोडक्ट मैनेजर के लिए फॉरेन कॉलेज

फॉरेन कॉलेज की लिस्ट नीचे दी गई है-

आप UniConnect के जरिए विश्व के पहले और सबसे बड़े ऑनलाइन विश्वविद्यालय मेले का हिस्सा बनने का मौका पा सकते हैं, जहाँ आप अपनी पसंद के विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि से सीधा संपर्क कर सकेंगे।

प्रोडक्ट मैनेजर के लिए भारतीय कॉलेज

भारतीय कॉलेज की लिस्ट नीचे दी गई है-

  • इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोडक्ट लीडरशिप, बेंगलुरु
  • एमिटी यूनिवर्सिटी गुड़गांव
  • इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, जयपुर
  • राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बेंगलुरु
  • आईआईटीटी इंस्टीट्यूट चंडीगढ़
  • एमएम इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट मौलाना अंबाला
  • संघवी अकैडमी इंदौर

प्रोडक्ट मैनेजर के लिए योग्यता

प्रोडक्ट मैनेजर के लिए योग्यता इस प्रकार है:

  • प्रोजेक्ट मैनेजर बनने के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बैचलर्स की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए।
  • प्रोजेक्ट मैनेजर बनने के लिए विद्यार्थी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई साइंस, कॉमर्स या बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के क्षेत्र से भी कर सकते हैं।
  • प्रोजेक्ट मैनेजर का कोर्स प्रदान करने वाले अधिकांश संस्थानों के अनुसार, यूजी पाठ्यक्रम में आवेदन करने के लिए 50% अंक अनिवार्य है हालांकि, आरक्षित वर्ग के छात्रों के प्रवेश के लिए कोई न्यूनतम अंक मानदंड नहीं है।
  • विदेश में पढ़ने के लिए इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट जैसे IELTS, TOEFL, PTE के अंक आवश्यक है।
  • यूएसए में आवेदन करने के लिए बैचलर डिग्री में मैथ और इंग्लिश कोर सब्जेक्ट में होना चाहिए। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आप Leverage Edu विशेषज्ञों की मदद लें सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया

प्रोडक्ट मैनेजर बनने के लिए आवेदन प्रक्रिया नीचे दी गई है-

  • सबसे पहले अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट में जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • यूनिवर्सिटी की वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  • फिर वेबसाइट में साइन इन के बाद अपने चुने हुए कोर्स का चयन करें जिसे आप करना चाहते हैं।
  • अब शैक्षिक योग्यता, वर्ग आदि के साथ आवेदन फॉर्म भरें।
  • इसके बाद आवेदन फॉर्म जमा करें और आवश्यक आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
  • यदि एडमिशन, प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा के अंको के आधार पर आपका चयन किया जाएगा और लिस्ट जारी की जाएगी।

आवश्यक दस्तावेज

आवश्यक दस्तावेजों की लिस्ट इस प्रकार है:

  • GRE या GMAT टेस्ट स्कोर
  • IELTS या TOEFL टेस्ट स्कोर
  • ए लेवल रिक्वायरमेंट
  • इंटरनेशनल बैकलॉरेट

आप Leverage Live की मदद से IELTS/ TOEFL/ GMAT/ GRE/ SAT/ ACT जैसे एग्जाम की तैयारी कर सकते हैं। लाइव डेमो के लिए अभी Leverage Live पर अपना फ्री डेमो बुक करें। 

प्रोडक्ट मैनेजर के लिए स्कोप

प्रोजेक्ट मैनेजर के कोर्स को पूरा करने के बाद, एक छात्र को नौकरी के कई अवसर मिल सकते हैं। हालाँकि, इस क्षेत्र में उपलब्ध अधिकांश नौकरियां निजी क्षेत्र में हैं। एक उम्मीदवार को शुरुआत में प्रोजेक्ट मैनेजर या अन्य संबंधित पद की भूमिका मिल सकती है। यहां कुछ क्षेत्र दिए गए हैं, जहां एक उम्मीदवार को नौकरी मिल सकती है:

  • मैन्युफैक्चरिंग 
  • फाइनेंस 
  • मार्केट रिसर्च 
  • सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री 
  • हॉस्पिटैलिटी 
  • एडवरटाइजिंग 
  • ई-कॉमर्स फील्ड 
  • पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स फॉर्म 
  • फूड मैन्युफैक्चरिंग फर्म 
  • ऑटोमोबाइल फॉर्म 
  • होम प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरर

प्रोडक्ट मैनेजर की सैलरी

यूके में प्रोडक्ट मैनेजर की सालाना एवरेज सैलरी GBP 57,555 (INR 57.55 लाख) और अमेरिका में USD 1.13 लाख (INR 85.08 लाख) है। Glassdoor के मुताबिक भारत में प्रोडक्ट मैनेजर को मिलने वाली सैलरी इस प्रकार हैं:

सालाना एवरेज सैलरी

ऑर्गेनाइजेशन सालाना एवरेज सैलरी (INR)
सरकारी 5 लाख रुपए
निजी 4.5-7.5 लाख रुपए

एक्सपीरियंस वाइज

एक्सपीरियंस सैलरी (सालाना/INR)
फ्रेशर 3-4 लाख
एक्सपीरियंस्ड 9-12 लाख

FAQs

भारत में एक प्रोडक्ट मैनेजर को दिया जाने वाला औसत वेतन कितना है?

एक प्रोडक्ट मैनेजर का औसत वेतनमान INR 3.50 लाख–7.50 लाख प्रति वर्ष के बीच होता है। हालांकि अनुभवी प्रोडक्ट मैनेजर सालाना INR 12 लाख से ज्यादा कमाते हैं।

क्या ऑटोमोबाइल उद्योग उत्पादन प्रबंधक को नियुक्त करता है?

हां, ऑटोमोबाइल उद्योग की एक उत्पादन लाइन है जिसके लिए मैनेजर बहुत आवश्यक हैं। वे पूरे साल के लिए प्रोडक्ट मैनेजर को हायर करते हैं।

प्रोडक्ट मैनेजर से कुछ संबंधित करियर क्या हैं?

प्रोडक्ट मैनेजमेंट से संबंधित करियर जैसे प्रोडक्शन मैनेजर, वेयरहाउस मैनेजर, लॉजिस्टिक्स मैनेजर, प्रोग्राम मैनेजर, बिजनेस कंसल्टेंट आदि हैं।

प्रोडक्ट मैनेजर का काम क्या होता है?

प्रोडक्ट मैनेजर का कार्य ब्रांडिंग और प्रोडक्शन से जुड़ा होता है। यह मैनेजमेंट के अन्तगर्त ही आता है। इसमें प्रोडक्ट क्रिएशन, प्लानिंग, रिसर्च, डिजाइनिंग, मैनुफैक्चरिंग, प्राइसिंग, पैकेजिंग, लेवलिंग, ब्रांडिंग, सेल्स एंड मार्केटिंग जैसे सभी प्रोसेस शामिल होती हैं।

आशा करते हैं कि आपको प्रोडक्ट मैनेजर कैसे बनें से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त हुई होगी। एक प्रोजेक्ट मैनेजर क्या होता है? कैसे बन सकते हैं? यदि आप विदेश में प्रोडक्ट मैनेजमेंट कोर्स करना चाहते हैं तो आप हमारे Leverage Edu एक्सपर्ट्स से 1800 572 000 पर कॉल कर आज ही 30 मिनट का फ्री सेशन बुक कीजिए।

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