अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: निरोगी जीवन का राज़

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

 प्राचीन काल से ही योग पद्धति मनुष्य के जीवन में महत्वपूर्ण रही है। आप शरीर स्वस्थ हैं तो आपसे ज्यादा भाग्यशाली इंसान दुनिया में और कोई नहीं है। अगर आपका स्वास्थ अच्छा होगा तो आपका माइंड सेट भी अच्छा होगा उसके लिए रोज सुबह योग।स्वामी विवेकानंद ने कहा था क- “योग हीआयु में वृद्धि करता है ” कोरोना महामारी में ये बात सिद्ध होती नज़र आ रही है। योग को दैनिक जीवन चरिया में अपना कर  कोविड रिकवरी रेट में निरंतर  इजाफा हो रहा है।हर साल की तरह इस साल भी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) मनाया जाएग।  इस साल का अंतरराष्ट्रीय योग दिवस डिजिटल प्लेफॉर्म के माध्यम से मनाया जाएगा।  लोग 21 जून को सुबह 7 बजे योग दिवस समारोह में शामिल हो सकेंगे. आइए इस ब्लॉग इ माध्यम से जानते हैं कि इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस साल की थीम क्या है, कब से मनाया जा रहा है योग दिवस और 21 जून को ही क्यों मनाया जाता हैअंतरराष्ट्रीय योग दिवस। 

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योग का इतिहास

भागवत गीता और महाभारत के शांति पर्व (Shanti Parva) में भी योग के इतिहास के बारे में उल्लेख किया गया है। योग विद्या में शिव को प्रथम योगी या आदियोगी और प्रथम गुरु या आदि गुरु माना जाता है।  योग का उल्लेख वैदिक और उपनिषदिक विरासत, बौद्ध और जैन परंपराओं, दर्शन, महाभारत और रामायण के महाकाव्यों, शैवों, वैष्णवों  की परंपराओं में  है। वैदिक काल में सूर्य को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया था।श्री कृष्ण ने गीता में कहा है- “योग:कर्मसु कौशलम्”  अर्थात योग से ही कर्मों में कुशलता है।

योग के आठ अंग  

ऋषि महर्षि जिन्हे चरक सहिंता का रचनाकार माना जाता है । ऋषि महर्षि पतंजलि ने अपने योग सूत्रों के माध्यम से योग, तत्कालीन मौजूदा प्रथाओं और इसके संबंधित ज्ञान को व्यवस्थित और संहिताबद्ध किया। महर्षि के अनुसार –  “योगश्चित्तवृत्तिनिरोध:” यानी मन की इच्छाओं को संतुलित बनाना योग कहलाता है।

इन्होने योग को आठ भागों  में बांटा है जिसे अष्टांग योग कहते हैं।

  1. यम 
  2. नियम 
  3. आसन 
  4. प्राणायाम
  5. प्रतिहार 
  6. धारण 
  7. ध्यान 
  8. समाधि

चलिए इसके बारे में विस्तार पूर्वक बात करते है –

  1. यम- इसमें सत्य और अहिंसा का पालन करना, चोरी न करना, ब्रह्मचर्या का पालन और ज्यादा चीजों को इकटा करने से बचना शामिल है।
  2. नियम- ईश्वर की उपासना, स्वाध्याय, तप, संतोष और शौच महत्वपूर्ण माने गए हैं।
  3. आसन – स्थिर की अवस्था में बैठकर सुख की अनुभूति करने को आसन कहते हैं।
  4. प्राणायाम-सांस नियंत्रण की एक प्रक्रिया है जहाँ आप सचेत रूप से साँस लेते हैं और साँस छोड़ने के माध्यम से मन, शरीर और आत्मा को जोड़ते हैं। प्राणायाम का उद्देश्य शरीर में प्राण शक्ति को उत्प्रेरित, संचारित, नियंत्रित और संतुलित करना है।  
  5. प्रतिहार- हम बाहरी ताकतों से दूर रहने का प्रयास करते हैं और अपने भीतर की उत्तेजनाओं को बाहर की उत्तेजनाओं से दूर करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।इन्द्रियों को बाहरी विषयों से हटाकर आंतरिक विषयों में ध्यान लगाने को प्रत्याहार कहते हैं।  
  6. धारण-किसी एक लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना  सीखाती है। हमारा मन कई विचारों युक्त है। यह उन्हें नियंत्रित करने में सक्षम होने और और मन को शांत रखना सीखाती है। 
  7. ध्यान -ध्यान का तात्पर्य है, वर्तमान में जीना। वर्तमान में जीकर ही मन की परेशानियों को समाप्त किया जा सकता है । 
  8. समाधि- जो खुद के साथ परमात्मा की प्राप्ति और अन्य जीवित प्राणियों के साथ एकता की भावना से आती है। इस दौरान इंसान न देखता है , न सुगता है और न स्पर्श करता है। ये परम आनंद प्राप्त कराती है ।  

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योग क्या है? 

योग’ शब्द संस्कृत के ‘युज’ (Yuj) से लिया गया है। योग का मतलब है जोड़ना और समाधी। योग आत्मा को परमात्मा से मिलाता है , यह एक अत्याधमिक प्रक्रिया है। 

जब दिमाग चौकन्ना  होता है और आप वर्तमान में रहते हो तो  इसे को योग कहते हैं। लेकिन जब हमारा शरीर और  काम में लगा होता है तो  भविष्य की कल्पनायें कर रहा होता है। 

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21 जून को ही क्यों मनाते हैं अंतर्राष्ट्रीय  योग दिवस?

21 जून साल का सबसे बड़ा दिन होता है , उत्तरी  गोलार्ध पर सबसे ज्यादा सूर्य की रोशनी पड़ती है, जिसकी वजह से ये सबसे लंबा दिन होता है।। इस वजह से इस दिन को योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। 21 जून, 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र में भारत ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रख।  सभी देशों ने भी इसका समर्थन किया था। इसके बाद से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। 11 दिसंबर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस या विश्व योग दिवस माने की घोषणा की थी।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021और पिछले वर्षो की की थीम 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस वर्ष थीम THEME
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस थीम 2021 “कल्याण के लिए योग” Yoga for well-being
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस थीम 2020 “स्वास्थ्य के लिए योग – घर पर योग” Yoga at Home and Yoga with Family
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस थीम 2019 “क्लाइमेट एक्शन” Yoga For Climate action
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस थीम 2018 “शांति के लिए योग” Yoga for Peace
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस थीम 2017 “स्वास्थ्य के लिए योग” Yoga for Health
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस थीम 2016 “युवाओं को जोड़ें” Yoga for the achievement of the Sustainable Development Goals
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस थीम 2015 “सामंजस्य और शांति के लिये योग” Yoga for Harmony and Peace

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कुछ योग आसन

 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कुछ योग आसन हैं जिनको आप आसानी से कर सकते हैं।

  1. त्रिकोण आसन :त्रिकोण आसन कमर दर्द को दूर करने के लिए अच्छा योग्याभ्यास है।  यह मोटापा घटने में मदद करता है।  
  2. उत्तानपादासन-इस आसन से पैर में होने वाली सनसनाहट और दर्द की शिकायत दूर होती है। 
  3. सेतुबंधासन-ये आसान रीढ़की हड्डी को मजबूत बनाता है और पाचन प्रक्रिया में     भी सुधर लाता है  
  4. पश्चिमोतासना-  पश्चिमोतासना आसन का नियमित अभ्यास करने से मन शांत और तनाव से छुटकारा मिलता है।  

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर निबंध 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव सितंबर 2014 में भारतीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखा गया था। संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया।पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को दुनिया भर में धूम-धाम से मनाया गया  दिल्ली में यह  राजपथ में इसका आयोजन किया गया । इस दिन को मनाने के लिए हजारों लोग इस जगह  पर इक्कठा हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ दुनिया के कई नामचीन लोगों ने भी इस आयोजन में हिस्सा लिया और योग अभ्यास किया। 

 योग का उत्साह जारी रहा , दूसरे और तीसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में भी लोगों ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्तिथि दर्ज कराई। चंडीगढ़ में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की दूसरी वर्ष गाठ के अवसर पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। तीसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर लखनऊ में एक समान रूप से बड़ा आयोजन किया गया। हर  वर्ष भारत के अलग- अलग हिस्सों के साथ-साथ दुनिया भर में कई आयोजन किए जाते हैं।

कई योग आसन हैं जो अलग  स्तर पर काम करते हैं जो हमें एक शानदार जीवन जीने में मदद करते हैं। हमें इन सभी को उपयोग में लाना  चाहिए और उन लोगों को चुनना चाहिए जो वास्तव में हमारे लिए सही हैं। स्वस्थ जीवन शैली को प्राथमिकता देने वाले लोगों को नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए। योग को एक दिन समर्पित करने के पीछे का पूरा विचार यह है कि दुनिया को उन अजूबों को पहचानने में मदद मिले जो वह नियमित रूप से कर सकते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : Slogan For Yoga Day

योगा मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक बीमारी का इलाज करने के लिए सही और सटीक है।

स्वास्थ सबसे बड़ा उपहार हैं,संतोष सबसे बड़ा धन हैं,यह दोनों योग से ही मिलते हैं.

स्वंय को बदलो, जग बदलेगा। योग से सुखमय हर दिन खिलेगा।।

खुद से जुड़ने के लिए योग करे, विश्व से जुड़ने के लिए अन्तराष्ट्रीय योग दिवस मनाये।

भारत और विश्व को रोगमुक्त बनाये, आओ इसी प्रतिज्ञा के साथ योग दिवस मनाये।

जो करता योग, उसको नहीं छूता रोग।योगी बनो पवित्री बनो, जीवन को सार्थक बनाओ।।

योग है स्वास्थ्य के लिए क्रांति। नियमित योग से जीवन मे हो सुख शांति।।

सभ्यता से घायल लोगों के लिए, योग सबसे बड़ा मरहम है।

आशा करते हैं कि आपको अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का ब्लॉग अच्छा लगा होगा। जितना हो सके अपने दोस्तों और बाकी सब को शेयर करें ताकि वह भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस  लाभ उठा सकें और  उसकी जानकारी प्राप्त कर सके । हमारे Leverage Edu में आपको अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस जैसे कई प्रकार के ब्लॉग मिलेंगे जहां आप अलग-अलग विषय की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ।अगर आपको किसी भी प्रकार के सवाल में दिक्कत हो रही हो तो हमारी विशेषज्ञ आपकी सहायता भी करेंगे।

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