PGDM कोर्स क्या है? जानिए योग्यता, फीस, एडमिशन प्रक्रिया और करियर ऑप्शन

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PGDM कोर्स

पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (PGDM) एक दो वर्षीय इंडस्ट्री-फोकस्ड मैनेजमेंट प्रोग्राम है, जो छात्रों को मैनेजमेंट और बिजनेस ऑपरेशंस की प्रैक्टिकल नॉलेज प्रदान करता है। यह कोर्स AICTE से मान्यता प्राप्त ऑटोनॉमस संस्थानों द्वारा संचालित किया जाता है और इसे MBA के समकक्ष माना जाता है। PGDM का उद्देश्य छात्रों को कॉर्पोरेट क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना होता है, जिसमें फाइनेंस, मार्केटिंग, HR जैसे स्पेशलाइजेशन ऑप्शन मिलते हैं। यह कोर्स विशेष रूप से उन छात्रों के लिए उपयुक्त है जो मैनेजमेंट फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं। इस लेख में छात्रों के लिए PGDM कोर्स की पूरी जानकारी दी गई है।

कोर्सपोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (PGDM)
कोर्स लेवलपोस्टग्रेजुएट लेवल 
कोर्स ड्यूरेशन2 वर्ष 
मान्यता अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE)
कोर्स एलिजिबिलिटीकिसी भी स्ट्रीम में स्नातक डिग्री
एंट्रेंस परीक्षा TANCET, CAT, MAT, XAT, CMAT, SNAP, NMAT आदि। 
एडमिशन प्रोसेस MBA एंट्रेंस और GD-PI 
प्रमुख इंस्टिट्यूट और कॉलेज IIM अहमदाबाद, IIM बैंगलोर, IIM कोलकाता, IIFT, IMI, नई दिल्ली
जॉब प्रोफाइल ऑपरेशंस मैनेजर, सेल्स मैनेजर, प्रोजेक्ट मैनेजर, सप्लाई चेन मैनेजर व कंसल्टेंट आदि।  

पीजीडीएम कोर्स क्या है?

PGDM एक दो वर्षीय प्रोफेशनल मैनेजमेंट कोर्स है जिसे AICTE से मान्यता प्राप्त बिजनेस स्कूल और इंस्टिट्यूट संचालित करते हैं। बता दें कि किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद छात्र इसमें एडमिशन ले सकते हैं। पीजीडीएम में एडमिशन के लिए CAT (कॉमन एडमिशन टेस्ट), MAT (मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट), XAT (जेवियर एप्टीट्यूड टेस्ट), CMAT (कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट), SNAP जैसी प्रमुख मैनेजमेंट एंट्रेंस परीक्षाएं पास करनी अनिवार्य होती हैं।

पीजीडीएम कोर्स की ड्यूरेशन और स्ट्रक्चर

PGDM कोर्स संबंधित संस्थान के अनुसार 1 या 2 वर्ष का हो सकता है, हालांकि MBA के समकक्ष मान्यता के लिए इसका 2 वर्षीय होना आवश्यक है। क्या आप जानते हैं कि PGDM कोर्स का सिलेबस हर साल इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार अपडेट किया जाता है, जिससे छात्रों को प्रैक्टिकल और वर्तमान बिजनेस ट्रेंड की समझ मिलती है। इसमें छात्रों को मार्केटिंग, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्स, बिजनेस एनालिटिक्स, लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन, रिटेल, इवेंट मैनेजमेंट आदि में स्पेशलाइजेशन का ऑप्शन भी मिलता है।

पीजीडीएम कोर्स के लिए योग्यता

PGDM कोर्स में एडमिशन से पहले उम्मीदवारों को संस्थान-विशिष्ट एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया जांचने चाहिए, जिसकी जानकारी संबंधित संस्थान की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध होती है। नीचे PGDM कोर्स की अनिवार्य पात्रताएं दी गई हैं:

  • शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त संस्थान या यूनिवर्सिटी से किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन डिग्री आवश्यक है।
  • प्रवेश परीक्षाएं: PGDM में एडमिशन के लिए ATMA, NMAT, KMAT, SNAP, CAT, MAT, XAT, CMAT आदि राष्ट्रीय या संस्थान-स्तरीय MBA एंट्रेंस परीक्षाओं में वैध स्कोर आवश्यक है। कुछ संस्थान सीधे मेरिट बेस पर भी एडमिशन देते हैं।
  • सिलेक्शन प्रोसेस: एंट्रेंस परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को ग्रुप डिस्कशन (GD) और पर्सनल इंटरव्यू (PI) के लिए आमंत्रित किया जाता है, जिसमें कम्युनिकेशन, लीडरशिप और एनालिटिकल स्किल्स आंकी जाती हैं।
  • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और एडमिशन: सिलेक्शन के बाद उम्मीदवारों को शैक्षणिक प्रमाणपत्र, प्रवेश परीक्षा स्कोरकार्ड, फोटो, पहचान पत्र आदि आवश्यक डाक्यूमेंट्स के साथ फाइनल एडमिशन प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

पीजीडीएम कोर्स की फीस स्ट्रक्चर

पीजीडीएम कोर्स की फीस स्ट्रक्चर संस्थान के प्रकार पर निर्भर करती है। सरकारी संस्थानों में इसकी फीस अपेक्षाकृत कम होती है। वहीं, प्राइवेट या टॉप रैंक्ड बिजनेस-स्कूलों में यह फीस 5 लाख से 15 लाख रुपये या उससे अधिक भी हो सकती है। हालांकि योग्य छात्रों के लिए कई संस्थान मेरिट और नीड-बेस्ड स्कॉलरशिप ऑफर करते हैं।

PGDM एडमिशन प्रोसेस 2026

आप PGDM में एडमिशन के लिए सामान्य गाइड देख सकते हैं:

  • स्टेप 1: सबसे पहले यह तय करें कि आप किस कॉलेज या बी-स्कूल में PGDM कोर्स करना चाहते हैं। इसके लिए कॉलेज की रैंकिंग, फैकल्टी, प्लेसमेंट रिकॉर्ड और फीस स्ट्रक्चर देख सकते हैं। इसके साथ ही, जरूरी डॉक्यूमेंट्स जैसे शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और रिजल्ट कार्ड पहले से तैयार रखें।
  • स्टेप 2: चयनित कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ और एप्लीकेशन फॉर्म भरें। सभी व्यक्तिगत और शैक्षणिक विवरण सही-सही भरें। फॉर्म जमा करने के बाद आवश्यक फीस का भुगतान करें। कुछ कॉलेज ऑनलाइन भुगतान स्वीकार करते हैं, कुछ ऑफलाइन।
  • स्टेप 3: PGDM में एडमिशन के लिए सामान्यतः MBA एग्जाम जैसे CAT, MAT, XAT, ATMA आदि के स्कोर स्वीकार किए जाते हैं। इसलिए, समय पर इन एग्जामों की तैयारी करें और निर्धारित तारीख को परीक्षा में शामिल हों। अच्छे स्कोर से आपका कॉलेज में प्रवेश आसान हो जाता है।
  • स्टेप 4: एग्जाम के स्कोर के साथ, सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा करके एप्लीकेशन सबमिट करें। इसके बाद कॉलेज आमतौर पर पर्सनल इंटरव्यू (PI), ग्रुप डिस्कशन (GD) या रिटर्न एबिलिटी टेस्ट (WAT) आयोजित करता है।
  • स्टेप 5: अगर आपका चयन हो जाता है, तो ट्यूशन फीस जमा करके अपना एनरोलमेंट कन्फर्म करें। इसके बाद कॉलेज ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित करता है, जहां आप कैंपस, फैकल्टी और कोर्स स्ट्रक्चर से परिचित होते हैं। ओरिएंटेशन के बाद आपकी क्लास शुरू हो जाती है।

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पीजीडीएम कोर्स में स्पेशलाइजेशन

PGDM कोर्स में कई तरह के स्पेशलाइजेशन ऑप्शन उपलब्ध होते हैं, जिन्हें छात्र अपनी रुचि और करियर लक्ष्यों के अनुसार चुन सकते हैं। नीचे प्रमुख स्पेशलाइजेशन की सूची दी गई है:-

  • ह्यूमन रिसोर्स
  • सेल्स एंड मार्केटिंग
  • फाइनेंस
  • बिजनेस एनालिटिक्स
  • ऑपरेशन 
  • इंटरनेशनल बिजनेस
  • लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन
  • रिटेल
  • IT एंड सिस्टम
  • हेल्थकेयर एंड हॉस्पिटल

भारत में पीजीडीएम के टॉप कॉलेज

यहां भारत में PGDM कोर्स ऑफर करने वाले कुछ टॉप कॉलेजों की सूची दी गई है, जो छात्रों के लिए शिक्षा की गुणवत्ता, प्लेसमेंट और इंडस्ट्री एक्सपोजर के लिहाज से प्रमुख माने जाते हैं:-

कॉलेज/संस्थान का नामस्थानप्रवेश परीक्षाएँ
भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) अहमदाबाद (PGP प्रोग्राम)अहमदाबाद, गुजरातCAT
भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बैंगलोर (PGP प्रोग्राम)बैंगलोर, कर्नाटकCAT
भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) कलकत्ता (PGP प्रोग्राम)कोलकाता, पश्चिम बंगालCAT
IIT बॉम्बे (SJMSOM)मुंबई, महाराष्ट्रCAT
XLRI – जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंटजमशेदपुर, झारखंडXAT
भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) लखनऊलखनऊ, उत्तर प्रदेशCAT
IIM कोझिकोडकोझिकोड, केरलCAT
MDI (मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट)गुड़गांव, हरियाणाCAT, GMAT
SPJIMR (एस पी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च)मुंबई, महाराष्ट्रCAT, GMAT
IIT दिल्ली (DMS)नई दिल्ली, दिल्लीCAT

पीजीडीएम के बाद करियर विकल्प

पीजीडीएम कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों के पास करियर के कई बेहतर ऑप्शंस होते हैं। वे मल्टीनेशनल कंपनियों में मार्केटिंग, फाइनेंस, ऑपरेशंस, और HR जैसी फील्ड्स में मैनेजमेंट पदों पर कार्य कर सकते हैं। स्टार्टअप्स में भी मैनेजमेंट की भूमिका में तेजी से करियर ग्रोथ संभव है, जहां स्ट्रेटेजिक थिंकिंग और लीडरशिप की हाई डिमांड होती है। वहीं जो छात्र शिक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए पीएचडी या हायर स्टडी के रास्ते भी खुले होते हैं।

पीजीडीएम जॉब प्रोफाइल 

नीचे पीजीडीएम के बाद प्रमुख जॉब प्रोफाइल की सूची दी गई है:-

  • मार्केटिंग मैनेजर 
  • फाइनेंस मैनेजर 
  • ह्यूमन रिसोर्स मैनेजर 
  • बिजनेस एनालिस्ट 
  • ऑपरेशंस मैनेजर 
  • सेल्स मैनेजर 
  • प्रोजेक्ट मैनेजर 
  • सप्लाई चेन मैनेजर 
  • कंसल्टेंट 
  • इवेंट मैनेजर
  • डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर 
  • बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर 
  • रिटेल मैनेजर 
  • प्रोडक्ट मैनेजर 

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विदेश में पीजीडीएम की मान्यता

PGDM कोर्स, यदि AICTE से मान्यता प्राप्त और दो वर्षीय फुल-टाइम प्रोग्राम है, तो इसे कई देशों में MBA के समकक्ष माना जाता है। खासकर ‘वर्ल्ड एजुकेशन सर्विसेज’ (WES) जैसी एजेंसियां कनाडा और अमेरिका में एजुकेशनल क्रेडेंशियल्स का मूल्यांकन करती हैं। AICTE से मान्य PGDM को WES अक्सर मास्टर डिग्री के समकक्ष मनाता है, बशर्ते कोर्स की अवधि दो साल हो और एडमिशन प्रोसेस CAT/MAT जैसे एंट्रेंस टेस्ट के माध्यम से हुआ हो।

इससे छात्रों को विदेश में वर्क वीजा, PR और उच्च शिक्षा के लिए पात्रता मिलती है। हालांकि, मान्यता संस्थान की प्रतिष्ठा और कोर्स स्ट्रक्चर पर भी निर्भर करती है, इसलिए अप्लाई करने से पहले WES की ऑफिशियल वेबसाइट पर मान्यता चेक करना जरूरी है।

PGDM और MBA में अंतर 

PGDM और MBA दोनों पोस्टग्रेजुएट डिग्री हैं जो मैनेजमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप के बारे में सिखाती हैं। नीचे दी गई टेबल इन दोनों कोर्स के बीच के मुख्य अंतर को समझाने में मदद करती है:-

विवरण PGDMMBA
फुल फॉर्म पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंटमास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन 
योग्यता पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा ऑटोनॉमस संस्थानों या बी-स्कूलों द्वारा दिया जाता है।केंद्रीय और राज्य यूनिवर्सिटी द्वारा दी जाने वाली मास्टर डिग्री।
एफिलिएशनऑटोनॉमस इंस्टीट्यूट AICTE द्वारा सर्टिफाइड PGDM कोर्स ऑफर करते हैं, लेकिन करिकुलम और ग्रेडिंग इंस्टिट्यूट तय करता है।यूनिवर्सिटीज़ ये प्रोग्राम ऑफर करती हैं, जो संबंधित संस्थान और हायर एजुकेशन अथॉरिटीज़ के नियमों और मंज़ूरी के अधीन होते हैं।
ड्यूरेशन 1 से 2 वर्ष 2 वर्ष 
एडमिशन क्राइटेरिया एंट्रेंस एग्जाम + मेरिट एंट्रेंस एग्जाम + मेरिट 
करिकुलम फोकसइंडस्ट्री-ओरिएंटेड, अधिक प्रैक्टिकलथ्योरी और अकादमिक आधारित
मान्यताग्लोबल पहचान इंस्टिट्यूट की रेप्युटेशन पर निर्भर करती है।MBA डिग्रियां अक्सर दुनिया भर में पहचानी जाती हैं।
फीस स्ट्रक्चरआमतौर पर अधिक अपेक्षाकृत कम (सरकारी यूनिवर्सिटी में)
फ्लेक्सिबिलिटीकरिकुलम में अधिक फ्लेक्सिबिलिटीलिमिटेड फ्लेक्सिबिलिटी

FAQs

पीजीडीएम के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?

पीजीडीएम के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री और संबंधित मैनेजमेंट एंट्रेंस परीक्षा (जैसे CAT, MAT, XAT) में योग्य अंक होना अनिवार्य है।

क्या पीजीडीएम मास्टर्स के बराबर है?

अगर पीजीडीएम को AICTE द्वारा मान्यता प्राप्त दो वर्षीय कोर्स हो तो वह मास्टर्स के बराबर माना जाता है।

PGDM की अवधि कितनी होती है?

आमतौर पर यह एक दो वर्षीय फुल-टाइम कोर्स होता है, हालांकि कुछ संस्थान 1 वर्षीय फास्ट-ट्रैक कोर्स भी ऑफर करते हैं।

पीजीडीएम किसे करना चाहिए?

पीजीडीएम उन छात्रों को करना चाहिए जो बिजनेस मैनेजमेंट में प्रैक्टिकल नॉलेज और करियर ग्रोथ चाहते हैं।

PGDM और MBA में क्या अंतर है?

पीजीडीएम AICTE से मान्यता प्राप्त ऑटोनॉमस संस्थानों का डिप्लोमा कोर्स है, जबकि MBA विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किया जाने वाला डिग्री कोर्स है।

हमें उम्मीद है कि इस लेख में आपको PGDM कोर्स की सभी आवश्यक जानकारी मिल गई होगी। ऐसे ही अन्य कोर्स से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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