प्रार्थना समाज के संस्थापक कौन थे?

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प्रार्थना समाज के संस्थापक कौन थे
(A) राजा राममोहन राय
(B) आत्माराम पांडुरंग
(C) महादेव गोविंद रानडे
(D) महर्षि दयानंद सरस्वती
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इस प्रश्न का सही उत्तर ऑप्शन B (आत्माराम पांडुरंग) है। ‘प्रार्थना समाज’ की स्थापना आत्माराम पांडुरंग ने 31 मार्च, 1867 को भारत में धार्मिक और सामाजिक सुधारों के उद्देश्य से की थी। बताना चाहेंगे प्रार्थना समाज का अर्थ है “ईश्वर की सच्ची प्रार्थना के लिए स्थापित किया गया समुदाय।” 

प्रार्थना समाज की स्थापना कब और किसने की?

प्रार्थना समाज की स्थापना आत्माराम पांडुरंग (Atmaram Pandurang) ने 31 मार्च, 1867 को महाराष्ट्र में की थी। वर्ष 1869 में इस संस्था के अध्यक्ष महादेव गोविंद रानडे बने थे। बता दें कि प्रार्थना समाज ने राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित ब्रह्म समाज से प्रेरणा ली और धार्मिक सामाजिक जीवन के स्वस्थ सुधार के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। वहीं धीरे-धीरे प्रार्थना समाज का विस्तार सातारा, पुणे, अहमदाबाद व अहमदनगर आदि स्थानों में भी हुआ। 

प्रार्थना समाज की विचारधारा 

प्रार्थना समाज के ईश्वर के प्रति विचार इस प्रकार हैं;-

  • भगवान इस ब्रह्मांड के निर्माता हैं। 
  • भगवान की आराधना से ही संसार में सुख प्राप्त हो सकता है। 
  • भगवान को अच्छे लगने वाले कार्यों को करना यही भगवान की सच्ची आराधना है। 
  • छवियों और अन्य निर्मित वस्तुओं की पूजा और प्रार्थना करना ईश्वरीय आराधना का सही तरीका नहीं है। 
  • ईश्वर स्वयं अवतार नहीं लेता है और न ही कोई ऐसी पुस्तक है जिसे स्वयं ईश्वर ने रची हो अथवा जो पूर्णतया दोष रहित हो। 

प्रार्थना समाज के कार्य 

प्रार्थना समाज के कार्य निम्नलिखित हैं;-

  • जातिभेद का विरोध 
  • साम्यवादी विचारधारा 
  • नारी जागरण 
  • अनिष्ठ रूढ़ि परंपराओं का विरोध 
  • जन शिक्षा और प्रौढ़ शिक्षा का प्रसार 
  • बालकाश्रम की स्थापना  

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