भाव स्पष्ट कीजिए - रूपांतर है सूरज की किरणों का, सिमटा हुआ संकोच है हवा की थिरकन का!
Read More
कवि इस पंक्ति के माध्यम से प्रकृति की सूक्ष्म सुंदरता और उसके भीतर छिपी ऊर्जा को सामने लाता…
कवि ने फसल को हज़ार-हज़ार खेतों की मिट्टी का गुण-धर्म कहा है
Read More
(क) मिट्टी के गुण-धर्म को आप किस तरह परिभाषित करेंगे?मिट्टी का गुण-धर्म केवल उसकी भौतिक बनावट तक सीमित…
भाव स्पष्ट कीजिए
Read More
(i) छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात। उत्तर: इस पंक्ति में कवि यह कहना चाहता है…
मुसकान और क्रोध भिन्न-भिन्न भाव हैं। इनकी उपस्थिति से बने वातावरण की भिन्नता का चित्रण कीजिए
Read More
उत्तर: मुसकान और क्रोध दोनों ही मनुष्य के भाव हैं, लेकिन इनका प्रभाव वातावरण पर बिल्कुल अलग होता…
कविता की किन-किन पंक्तियों को पढ़कर या धारणा पुष्ट होती है
Read More
उत्तर: कविता में कवि अपने मन के दुख, पीड़ा, असफलता और संवेदनशीलता को सीधे शब्दों में कहने के…
उत्साह कविता में ऐसे कौन कौन से शब्द है जिनमें नाद - सौंदर्य मौजूद है
Read More
उत्तर: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कविता “उत्साह” में नाद-सौंदर्य का अत्यंत प्रभावशाली प्रयोग देखने को मिलता है। नाद-सौंदर्य…
कवि ने जो सुख का स्वप्न देखा था उसे किस रूप में अपनी कविता में अभिव्यक्त किया है
Read More
उत्तर: जयशंकर प्रसाद जी ने अपनी कविता ‘आत्मकथ्य’ में बताया है कि उनके जीवन में सुख का जो…
‘आत्मकथ्य’ कविता की काव्यभाषा की विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए
Read More
उत्तर: ‘आत्मकथ्य’ जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित एक ऐसी कविता है जो न केवल अपनी भावनाओं के लिए, बल्कि…