क्रिकेट में एक स्विचहिट शॉट होता है, जिसे आप आपनी ओरिजिनल साइड से हटकर दूसरी साइड की ओर शॉट खेलते हैं, ठीक वैसे ही ऑस्ट्रेलिया की एक टेनिस खिलाड़ी हैं एश्ले बार्टी। एश्ले बार्टी प्रोफेशनल टेनिस खिलाड़ी हैं जो बीच टेनिस के अपने शानदार करियर में ही क्रिकेट में स्विचहिट कर बैठीं। दोनों खेलों में अपना जलवा खूब बिखेरा और टेनिस में फिर विंबलडन भी जीता। हैं न दिलचस्प कहानी? तो आइए, एश्ले बार्टी के बारे में विस्तार से जानिए।
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बचपन से ही थी टेनिस की ललक
एश्ले बार्टी का जन्म 24 अप्रैल 1996 में ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड के इपस्विच शहर में हुआ था। इनके पिता का नाम रोबर्ट बार्टी है, जो क्वींसलैंड की स्टेट लाइब्रेरी में काम करते हैं। इनकी माँ का नाम जोज़ी बार्टी है, जो पेशे से एक रेडियोग्राफर हैं। एश्ले की 2 बड़ी बहन हैं, जिनका नाम सारा और एली है। एश्ले को बचपन से टेनिस का शौक था। बार्टी बचपन में नेटबॉल खेलती थीं, बाद में उन्होंने टेनिस के लिए नेटबॉल छोड़ दिया।
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ट्रेनिंग में भी अव्वल
एश्ले बार्टी का टेनिस के लिए जूनून देख उनका माता-पिता ने उन्हें टेनिस खेलने को प्रेरित किया। एश्ले ने अपने जूनियर कोच जिम जोइस के साथ खेलना शुरू किया, जब वह मात्र 4 वर्ष की थीं। जब एश्ले बार्टी 9 वर्ष की थीं वो अपने से 6 वर्ष बड़े लड़कों के साथ टेनिस की प्रैक्टिस करती थीं। जब एश्ले 12 बर्ष की हुईं, तब वह मेल व्यस्क प्लेयर्स के साथ खेलती थीं।
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करियर की धाकड़ शुरुआत
एश्ले बार्टी ने जूनियर टेनिस और प्रोफेशनल टेनिस में शुरू से अपना दबदबा कायम कर लिया था। बहुत ही कम उम्र में उन्होंने अपने करियर की जो शुरुआत की वह बहुत लाजवाब है। तो आइए, जानिए कैसा रहा उनका करियर –
जूनियर करियर
सिंगल्स और डबल्स मुकाबलों में एश्ले बार्टी इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन (ITF) में दूसरे रैंक पर थीं। एश्ले 2009 में 13 वर्ष की उम्र में ITF जूनियर सर्किट पर लो लेवल इवेंट खेलना शुरू किया और 14 वर्ष की उम्र से पहले ग्रेड 4 ऑस्ट्रेलियन इंटरनेशनल में अपना पहला खिताब जीता। एश्ले ने अपना पहला जूनियर ग्रैंड स्लैम इवेंट 2011 में ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेला था, जहाँ वह अपना पहला मैच लॉरेन डेविस से हार गई थी। एश्ले ने 15 साल की उम्र में विंबलडन में पहला और आखिरी जूनियर ग्रैंड स्लैम खिताब जीता था।
अंतरराष्ट्रीय करियर
एश्ले बार्टी ने 14 वर्ष की उम्र में पेशेवर करियर की शुरुआत अप्रैल 2010 को ITF के $25,000 के एक इवेंट मैच में की थी। हालांकि, एश्ले अपना पहला मैच करोलिना व्लोडार्ज़क से हार गईं थी। उन्होंने अपने पहला पेशेवर मुकाबला इंडोनेशिया की आयु फेनी दमयंती को हराकर जीता था। विंबलडन में गर्ल्स सिंगल्स खिताब के बाद, टेनिस ऑस्ट्रेलिया ने बार्टी को यूएस ओपन में क्वालीफाई करने के लिए वाइल्डकार्ड दिया था। बार्टी ने 2012 की शुरुआत में डब्ल्यूटीए टूर पर अपने सिंगल्स और डबल्स मुख्य ड्रॉ की शुरुआत की। उनका डबल्स डेब्यू ब्रिस्बेन इंटरनेशनल में हुआ, उस समय एश्ले मात्र 15 साल की थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलियन ओपन में ग्रैंड स्लैम के मुख्य ड्रॉ में डेब्यू किया जहां वह अपना पहला राउंड मैच हार गईं।
2013 में एश्ले ने मलेशियाई ओपन में अपने पहले दो डब्ल्यूटीए टूर-स्तरीय मैच जीते थे। बार्टी की 2013 की केवल दो अन्य टूर-लेवल सिंगल्स जीत ग्रैंड स्लैम में आई थी। उन्हें फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन में मुख्य ड्रॉ वाइल्डकार्ड से सम्मानित किया गया, जहां उन्होंने अपने पहले दौर के मैच जीते। एश्ले ने उस वर्ष कई और मुकाबले जीते। 2014 में एश्ले फ्रेंच ओपन और विंबलडन के क्वार्टरफाइनल तक पहुंची थी।
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टेनिस से ब्रेक, क्रिकेट की शुरुआत
2014 के युएस ओपन के बाद एश्ले बार्टी ने घोषणा कि वह प्रोफेशनल टेनिस से ब्रेक ले रहीं हैं। उन्होंने कहा कि वो एक सामान्य टीनएजर की तरह जीवन जीना चाहती हैं। 2015 की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम से मुलाकात के बाद उनकी रुचि प्रोफेशनल क्रिकेट की ओर बढ़ी। जब उन्होंने क्रिकेट में हाथ आजमाने का फैसला किया तब उनको प्रोफेशनल क्रिकेट खेलने का अनुभव नहीं था।
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बिग बैश लीग का सफ़र
एश्ले बार्टी ने 2015 में ऑस्ट्रेलिया की महिला बिग बैश लीग (WBBL) में खेलीं और उन्होंने ब्रिसबेन हीट का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने क्रिकेट में औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया था और केवल 10 ही टी20 मैच खेले। उनका महिला बीबीएल में हीट टीम के लिए सर्वाधिक स्कोर 39 रन का रहा। ब्रिसबेन हीट के बाद एश्ले क्वींसलैंड फायर टीम से भी खेलीं थी। 2016 में उन्होंने क्रिकेट छोड़ वापस प्रोफेशनल टेनिस में आने की घोषणा की।
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टेनिस में सेकंड इनिंग्स
क्रिकेट से वापसी कर के टेनिस कोर्ट में पुरानी लय हासिल करने में एश्ले बार्टी को तकरीबन एक साल का वक्त लग गया। 2 साल बाद एश्ले टेनिस में वापसी कर रहीं थी। 2017 में वो फ्रेंच ओपन में महिला एकल के फाइनल में पहुंचने में सफल हुईं और साल के अंत तक एकल और युगल दोनों में टॉप 20 में जगह बनाने में सफल हुईं। इसके बाद साल 2018 में उन्होंने विंबलडन का महिला युगल खिताब अपने नाम कर लिया। डबल्स में विंबलडन चैंपियन बनने के बाद एकल स्पर्धाओं में भी उनका उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया।
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पहली बार जीता एकल ग्रैंडस्लैम
2019 में एश्ले बार्टी ने ऑस्ट्रेलियन ओपन में दुनिया की तीन टॉप 15 रैंक खिलाड़ियों को मात दी, सिमोना हालेप भी इसमें शामिल थीं। बार्टी 10 साल बाद ऑस्ट्रेलियाई ओपन में महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई महिला बनीं। एश्ले पहली बार ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने में सफल हुईं। वो मार्गेट कोर्ट के बाद फ्रेंच ओपन का महिला एकल खिताब जीतने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बनी थीं। इस जीत के कुछ दिन बाद बार्टी दुनिया की नंबर एक महिला खिलाड़ी भी बन गईं।
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विबंलडन भी किया अपने नाम
विबंलडन जुलाई 2021 में एश्ले बार्टी ने 40 वर्ष बाद ऑस्ट्रेलिया को महिला एकल का विबंलडन खिताब भी दिला दिया। दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी एश्ले बार्टी ने महिला सिंगल्स के फाइनल में कैरोलिना प्लिस्कोवा को 6-3, 6-7, 6-3 से हराकर विम्बलडन टेनिस ग्रैंडस्लैम ट्रॉफी अपने नाम की थी। यह बार्टी का दूसरा ग्रैंडस्लैम खिताब भी है।
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