राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित फर्स्ट ग्रेड स्कूल लेक्चरर (प्रवक्ता) परीक्षा राजस्थान के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित की जाती है। इस परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले उम्मीदवारों को आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड सिलेबस और परीक्षा पैटर्न को स्पष्ट रूप से समझना आवश्यक होता है। फर्स्ट ग्रेड परीक्षा का सिलेबस दो अनिवार्य प्रश्नपत्रों में विभाजित होता है, जिसमें पेपर-1 जनरल स्टडीज और पेपर-2 संबंधित विषय के लिए होता है। इसलिए उम्मीदवारों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक पेपर में कौन-से विषय पूछे जाते हैं और उनका वेटेज कितना है। इस लेख में आपके लिए RPSC फर्स्ट ग्रेड का विस्तृत सिलेबस, परीक्षा पैटर्न, महत्वपूर्ण बुक्स और तैयारी से जुड़ी उपयोगी जानकारी दी गई है।
| संस्था का नाम | राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) |
| वैकेंसी | फर्स्ट ग्रेड टीचर |
| योग्यता | संबंधित विषय में PG और B.Ed./योग्य शिक्षक प्रशिक्षण (जैसे UGC/स्टेट नॉर्म्स) |
| आयु सीमा | 21 से 40 वर्ष |
| सैलरी | 7वें CPC के अनुसार स्केल/पे ग्रेड + भत्तों के आधार पर निर्धारित होगा |
| ऑफिशियल वेबसाइट | rpsc.rajasthan.gov.in |
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आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड क्या है?
आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड राजस्थान स्टेट में फर्स्ट ग्रेड लेवल पर विभिन्न पोस्ट्स पर उम्मीदवारों की भर्ती के लिए आरपीएससी द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा है। आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड परीक्षा का उपयोग राजस्थान के शिक्षा विभाग में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के लिए स्कूल लेक्चरर (स्कूल लेक्चरर / लेक्चरर स्कूल एजुकेशन) पदों पर भर्ती के लिए किया जाता है।
आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड में चयन प्रक्रिया आमतौर पर लिखित परीक्षा और आयोग द्वारा निर्धारित अन्य चरणों के आधार पर होती है। इन परीक्षाओं का पाठ्यक्रम विशिष्ट भूमिका और विषय क्षेत्र के आधार पर भिन्न हो सकता है, और उम्मीदवारों को इन पदों के लिए प्रतिस्पर्धा करने के लिए तदनुसार तैयारी करने की आवश्यकता होती है।
आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड सिलेबस
यहाँ आपकी सहायता के लिए आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड सिलेबस की विस्तृत जानकारी दी गई है –
मैथमेटिक्स
पार्ट 1 – (सीनियर सेकेंडरी स्टैंडर्ड)
- सेट्स, रिलेशंस एंड फंक्शंस
- लिमिट, कंटिन्यूटी एंड डिफरेंशियबिलिटी
- कंपलेक्स एंड वेक्टर अलजेब्रा
- डिफरेंशियल कैलकुलस
- इंटीग्रल कैलकुलस
- डिफरेंशियल इक्वेशंस
- परम्यूटेशंस एंड कांबिनेशंस
- बिनोमियल थ्योरम
- मैट्रिक्स
- डिटर्मिननेंट
- टू डाइमेंशनल ज्योमेट्री
- एप्लीकेशंस का डेरिवेटिव्स एंड इंटीग्रल
- स्टैटिसटिक्स
पार्ट 2 – (ग्रेजुएशन स्टैंडर्ड)
- ग्रुप थिअरी
- नॉरमल सुबग्रुप एंड रिंग्स
- थ्योरी ऑफ़ इक्वेशंस
- कैलकुलस
- एडवांस्ड कैलकुलस
- कॉम्प्लेक्स एनालिसिस
- ऑर्डिनरी एंड पार्शियल डिफरेंशियल इक्वेशंस
- थ्री डाइमेंशनल ज्योमेट्री
- स्टैटिक्स
- डायनॉमिक्स
पार्ट 3 – (पोस्ट ग्रेजुएशन स्टैंडर्ड)
- लिनियर अलजेब्रा एंड मेट्रिक स्पेस
- इंटीग्रल ट्रांसफॉर्म्स एंड स्पेशल फंक्शंस
- डिफरेंशियल ज्योमेट्री एंड टेंसर्स
- न्यूमेरिकल एनालिसिस
- ऑप्टिमाइजेशन टेक्निक
पार्ट 4 – (एजुकेशन साइकोलॉजी, पेडागोजी टीचिंग लर्निंग मटेरियल उसे ऑफ़ कंप्यूटर्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी इन टीचिंग लर्निंग)
- इंपोर्टेंस ऑफ़ साइकोलॉजी इन टीचिंग लर्निंग
- डेवलपमेंट ऑफ़ लर्नर
- टीचिंग लर्निंग
- मैनेजिंग एडसलेंट लर्नर
- इंस्ट्रक्शन स्ट्रैटेजिस फॉर एडसलेंट लर्नर
- आईसीटी पेडागोजी इंटीग्रेशन
हिंदी
खण्ड-1 (उच्च माध्यमिक स्तर)
- उपयुक्त गद्य :- • ज्ञान, अर्थगणित, आधारित प्रश्न ख. उपयुक्त पद्य :- ज्ञान, अर्थगणित, समालोचना आधारित प्रश्न
- व्यावहारिक लेखन
(i) कार्यालयी लेखन औपचारिक पत्र टिप्पण, अनुस्मारक, अर्ध-सरकारी पत्र, प्रेस विज्ञप्ति, परिपत्र, कार्यसूची, कार्यवृत्त
(ii) स्ववृत्त (बायोडाटा) आवेदन पत्र लेखन
(iii) शब्दकोश एवं साहित्यकोश, एवं रचना उपयोग-पद्धति
(iv) व्याकरण का सामान्य ज्ञान- संधि, समास, उपसर्ग, प्रत्यय, विलोम शब्द शुद्धि वाक्य शुद्धि, शब्द-युग्म, वाक्यांश के लिए एक शब्द अनेकार्थी शब्द
- जन-संचार माध्यमों के लिए लेखन
(i) जनसंचार के प्रमुख माध्यम एवं तत्सम्बन्धी लेख
- सृजनात्मक लेखन
(i) कविता, कहानी, नाटक, डायरी, रेडियो नाटक, विषयगत लेखन
- ‘अन्तरा भाग-2 एवं आरोह भाग-2 पुस्तकों में संकलित कविताओं पर काव्य सौन्दर्य- केन्द्रित
- अन्तरा भाग 2 एवं आरोह भाग-2 पुस्तकों में संकलित गद्य रचनाओं पर विषय-वस्तु, विचार, संवेदना और भाषा पर केन्द्रित प्रश्न ।
- ‘अन्तराल’ भाग-2 तथा वितान भाग-2 पुस्तकों में संकलित रचनाओं पर विषय-वस्तु एवं युग चेतना पर केन्द्रित प्रश्न ।
खंड 2 (ग्रेजुएशन स्तर)
हिन्दी साहित्य का इतिहास:
(1) हिन्दी साहित्य का इतिहास- इतिहास-लेखन की पद्धतियाँ, इतिहास-लेखक
- हिन्दी साहित्य का आरम्भ काल विभाजन और नामकरण, आदिकाल के अध्ययन की प्रमुख समस्याएँ- भाषा और प्रामाणिकता से संबंधित समस्याएँ।
- आदिकाल की प्रमुख प्रवृत्तियाँ, रचनाकार एवं प्रमुख रचनाओं का परिचय
(2) भक्ति आन्दोलन का उदय, विकास और दार्शनिक पृष्ठभूमि
- संत काव्य- विशेषताएँ प्रमुख कवि एवं रचनाएँ
- सूफी काव्य- विशेषताएँ, प्रमुख कवि एवं रचनाएँ
- रामभक्ति काव्य- विशेषताएँ प्रमुख कवि एवं रचनाएँ
- कृष्ण भक्ति काव्य विशेषताएँ प्रमुख कवि एवं रचनाएँ
- रीतिकाव्य- रीति से तात्पर्य, मुख्य काव्यधाराएँ रीतिबद्ध रीतिसिद्ध एवं रीतिमुक्त काव्य की विशेषताएँ,
- रचनाकार एवं रचनाओं का परिचय
(3) हिन्दी नवजागरण, भारतेन्दु तथा भारतेन्दु मण्डल के साहित्यकार
- महावीर प्रसाद द्विवेदी और उनका युग
- छायावाद के प्रमुख कवि एवं रचनाएँ
- प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नई कविता और समकालीन कविता
(4) हिन्दी गद्य का उद्भव और विकास
- हिन्दी – उपन्यास का आरम्भ और विकास- प्रेमचन्द पूर्व प्रेमचंदयुगीन तथा प्रेमचंदोत्तर
- उपन्यास की प्रमुख प्रवृतियाँ
- हिन्दी – निबंध का निबंध एवं विकास, प्रमुख निबंधकार
- हिंदी कहानी का आरंभ एवं विकास, प्रमुख कहानीकार हिंदी नाटक का आरंभ एवं विकास, प्रमुख नाटककार
- हिन्दी गद्य की अन्य विधाएँ आत्मकथा, जीवनी, संस्मरण, रेखाचित्र तथा रिपोर्ताज
- काव्यशास्त्र
- शब्द शक्ति अभिधा, लक्षणा, व्यंजना
- अलंकार यमक, श्लेष, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, संशय, भ्रान्तिमान, दृष्टांत, उदाहरण, व्यतिरेक, प्रतीप, विरोधाभास, आरक्षिति, विभावना, अन्योक्ति, वक्रोक्ति अर्थान्तरन्यास, व्यजस्तुति, मानवीकरण।
- छंद – दोहा, चौपाई, सोरठा, रोला, उल्लाला गीतिका, हरिगीतिका, कवित्त, सवैया, छप्पय, कुण्डलिया, मंदाक्रान्ता, वंशस्थ, वसंततिलका, मालिनी, द्रुतविलम्बित बरवै
- काव्य गुण माधुर्य, ओज और प्रसाद।
- काव्य-रस – रस का स्वरूप, रसावयव-विभाव, अनुभाव, संचारी भाव, विभिन्न रसों के लक्षण, उदाहरण
- अन्य बिम्ब, प्रतीक, मिथक, कल्पना
खंड- III पोस्ट ग्रेजुएट स्तर
- काव्य के लक्षण, काव्य के प्रयोजन एवं काव्य के हेतु
- रसनिष्पत्ति, साधारणीकरण एवं ध्वनि-सिद्धान्त ग. अरस्तू का अनुकरण सिद्धान्त एवं लॉजाइनस का उदात्त तत्त्व
- खण्ड IV (शैक्षिक मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र, शिक्षण-अधिगम सामग्री कम्प्यूटर एवं सूचना तकनीकी का शिक्षण-अधिगम में उपयोग )
1. शिक्षण-अधिगम में मनोविज्ञान का महत्व-
- अधिगमकर्ता
- शिक्षक
- शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया
- विद्यालय प्रभावशीलता
2. अधिगमकर्ता का विकास किशोर अधिगमकर्ता में
- संज्ञानात्मक, शारीरिक, सामाजिक संवेगात्मक एवं नैतिक विकास के प्रतिमान एवं
- वैशिष्ट्य (विशेषताएँ)।
3. शिक्षण-अधिगम :
- उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए व्यवहारवादी, संज्ञानवादी और निर्मितिवादी
- (रचनावादी) सम्प्रत्यय अधिगम के सिद्धांत निहित निहितार्थ।
- किशोर अधिगमकर्ता की अधिगमकर्ता की अधिगम विशेषताएँ एवं इनके शिक्षण के लिए
- निहितार्थ।
4. किशोर -अधिगमकर्ता प्रबंधन
- मानसिक स्वास्थ्य एवं समायोजन समस्याओं का सम्प्रत्यय
- किशोर के मानसिक स्वास्थ्य के लिए संवेगात्मक बुद्धि एवं इसके निहितार्थ ।
- किशोर के मानसिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित (परिपोषित) करने की मार्गदर्शक प्रविधियों का
5. किशोर अधिगमकर्ता के लिए अनुदेशनात्मक व्यूहरचनाएँ:
- सम्प्रेषण कौशल एवं इसके उपयोग।
- शिक्षण की अवधि में शिक्षण-अधिगम सामग्री का आयोजन एवं उपयोग
- शिक्षण प्रतिमान अग्रिम संगठन, वैज्ञानिक-पृच्छा सूचना, प्रक्रम
- सहकारी अधिगम
- शिक्षण- आधारित निर्मितिवादी सिद्धान्त
6. सूचना सम्प्रेषण प्रौद्योगिकी शिक्षाशास्त्र समाकलन :
- सूचना सम्प्रेषण प्रौद्योगिकी का सम्प्रत्यय
- हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर का सम्प्रत्यय
- प्रणाली- उपगाम से अनुदेशन
- कम्प्यूटर सहायता प्राप्त अधिगम कम्प्यूटर सहायता प्राप्त अनुदेशन
- आई.सी.टी. शिक्षाशास्त्र समाकलन को प्रभावित करने वाले कारक
नोट: यह सिलेबस आरपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट से लिया गया है, जिसमें बदलाव संभव है।
आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड एग्जाम के लिए एग्जाम पैटर्न
आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड एग्जाम पेपर 1 और पेपर 2 के एग्जाम पैटर्न को निम्नलिखित तालिका के माध्यम से सरलता से समझा जा सकता है;
पेपर 1 के लिए एग्जाम पैटर्न
आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड एग्जाम के पेपर 1 की समयावधि 1 घंटा 30 मिनट होती है। इसमें 150 अंकों के लिए 75 प्रश्नों को पूछा जाता है। आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड एग्जाम के पेपर 1 का पैटर्न नीचे टेबल में दिया गया है –
| विषय | प्रश्न | अंक |
| हिस्ट्री ऑफ राजस्थान एंड इंडिया | 15 | 30 |
| मेंटल एबिलिटी, स्टेटिस्टिक्स, मैथमेटिक्स, हिंदी, इंग्लिश | 10 | 20 |
| करेंट अफेयर्स | 20 | 40 |
| जनरल साइंस, इंडियन पॉलिटी, जियोग्राफी ऑफ़ राजस्थान | 15 | 30 |
| एजुकेशन मैनेजमेंट, एजुकेशन सिनेरियो | 15 | 30 |
| कुल | 75 | 150 |
पेपर 2 के लिए एग्जाम पैटर्न
आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड एग्जाम के पेपर 1 की समयावधि 1 घंटा 30 मिनट होती है। इसमें 300 अंकों के लिए 150 प्रश्नों को पूछा जाता है। आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड एग्जाम के पेपर 2 का पैटर्न नीचे टेबल में दिया गया है –
| विषय | प्रश्न | अंक |
| वरिष्ठ माध्यमिक स्तर में संबंधित विषय का ज्ञान | 55 | 110 |
| बेचलर स्तर पर संबंधित विषय का ज्ञान | 55 | 110 |
| पोस्ट ग्रेजुएट में संबंधित विषय का ज्ञान | 10 | 20 |
| एजुकेशन साइकोलॉजी, पेडगॉजी, टीचिंग लर्निंग मटेरियल उसे ऑफ़ कंप्यूटर एंड आईटी इन टीचिंग लर्निंग | 30 | 60 |
| कुल | 150 | 300 |
आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड एग्जाम की तैयारी के लिए बुक्स
नीचे हमने आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण किताबें और उनके विवरण दिए हैं। इन पुस्तकों की मदद से आप प्रत्येक विषय को गहराई से समझ सकते हैं और परीक्षा की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकते हैं।
| किताब का नाम | ऑथर/पब्लिशर का नाम | यहाँ से खरीदें |
| राजस्थान: भूगोल, अर्थव्यवस्था और राजनीति | एचडी सिंह | यहाँ से खरीदें |
| राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) प्रथम श्रेणी पेपर 1 परीक्षा अध्ययन सामग्री | टॉपर्सनोट्स | यहाँ से खरीदें |
| अरिहंत राजस्थान आरपीएससी ग्रेड 1 और 2 शिक्षक परीक्षा गाइड 2025 | अंकुर पारीक सर और गौरव पाराशर सर | यहाँ से खरीदें |
| आरपीएससी ग्रेड 1 प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगिता परीक्षा पेपर 2 रसायन विज्ञान | अरिहंत एक्सपर्ट्स | यहाँ से खरीदें |
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FAQs
आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड शिक्षक का वेतन आमतौर पर पे मैट्रिक्स लेवल-12 के अनुसार होता है। प्रारंभिक बेसिक पे लगभग INR 44,300 से शुरू होता है, जिसमें महंगाई भत्ता और अन्य भत्ते अलग से मिलते हैं।
आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड टीचर को स्कूल लेक्चरर भी कहा जाता है। यह शिक्षक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में 11वीं और 12वीं कक्षाओं को पढ़ाते हैं और इसके लिए किसी विषय में पोस्ट-ग्रेजुएशन होना आवश्यक होता है।
आयु सीमा आमतौर पर 21 से 40 वर्ष के बीच होती है, हालांकि सटीक आयु सीमा प्रत्येक भर्ती अधिसूचना में अलग-अलग हो सकती है। वहीं आरक्षित वर्गों को आयुसीमा में छूट दी जाएगी।
इस परीक्षा में कुल दो लिखित पेपर होते हैं। पहला पेपर सामान्य विषयों पर आधारित होता है, जबकि दूसरा पेपर अभ्यर्थी के वैकल्पिक विषय से संबंधित होता है। दोनों पेपरों के अंक मिलाकर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाती है।
आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड शिक्षक परीक्षा का सिलेबस मुख्य रूप से दो भागों में होता है। पहले पेपर में सामान्य ज्ञान, शिक्षा मनोविज्ञान और शिक्षण से जुड़े विषय आते हैं। दूसरे पेपर में अभ्यर्थी के चुने हुए विषय से संबंधित विस्तृत पाठ्यक्रम पूछा जाता है।
उम्मीद है कि इस ब्लॉग में दिया आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड सिलेबस आपकी एग्जाम की तैयारी में मदद करेगा। ऐसे ही अन्य भारतीय परीक्षाओं से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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2 comments
mujhe kase मैनेज karna h
जन्नती जी, माफ़ कीजिए आपका कमेंट थोड़ा स्पष्ट नहीं है। कृपया थोड़ा और विस्तार से बताएं, ताकि हम आपकी बेहतर सहायता कर सकें। धन्यवाद! 😊