Mahatma Gandhi Essay in Hindi

Rating:
4.3
(197)
Mahatma Gandhi Essay in Hindi

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी भारत के ही नहीं बल्कि संसार के महान पुरुष थे। वे आज के इस युग की महान विभूति थे। महात्मा गाँधी जी सत्य और अहिंसा के अनन्य पुजारी थे और अहिंसा के प्रयोग से उन्होंने सालों से गुलाम भारत वर्ष को परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त करवाया था। विश्व में यह एकमात्र उदाहरण है कि गाँधी जी के सत्याग्रह के समक्ष अंग्रेजों को भी झुकना पड़ा।यह ब्लॉग आपको 100 शब्दों, 300 शब्दों और 500 शब्दों में महात्मा गांधी पर निबंधों (Mahatma Gandhi essay in Hindi) के उदाहरण देगा।

महात्मा गांधी पर निबंध कैसे लिखें? (How to Write an Essay on Mahatma Gandhi?)

Mahatma Gandhi essay in hindi
छवि स्रोत: Nature

महात्मा गांधी पर निबंध लिखने के लिए, आपको उनके बारे में निम्नलिखित विवरणों का उल्लेख करना होगा।

  • प्रस्तावना
  • जन्म स्थान
  • शिक्षा
  • देश के लिए योग
  • आजादी के लिए निभाया कर्तव्य
  • मृत्यु
  • उपसंहार

महात्मा गांधी पर निबंध 100 words (Mahatma Gandhi essay in 100 words)

02 ओक्टोबर 1869 गुजरात के पोरबंदर गाँव में मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म हुआ था।गांधीजी ने भारत की स्वतंत्रा का काफी अहम योगदान था।गांधीजी हमेशा अहिंसा के रास्ते पर चलते  थे, वे लोगों से आशा करते थे की वे भी अहिंसा का रास्ता अपनाये।1930 दांडी यात्रा करके नमक सत्याग्रह किया था।लोग गाँधीजी को प्यार से बापू कहते है।गांधीजी ने अपनी वकालत की पढ़ाई लंदन से पूरी की थी।बापू हिंसा के खिलाफ थे। बापू अंग्रेजों के लिए काफी बड़ी मुश्किल बने हुए थे।आजादी में बापू के योगदान के कारण उन्हे राष्ट्रपिता का ओहदा दिया गया।बापू हमेशा साधारण सा जीवन जीते थे, वे चरखा चलाकर कर सूत बनाते थे और उसी से बनी धोती पहना करते थे।

महात्मा गांधी पर निबंध 300 words (Mahatma Gandhi Essay in Hindi in 300 words)

“अहिंसा परमो धर्मः” के सिद्धांत को नींव बना कर, विभिन्न आंदोलनों के माध्यम से महात्मा गाँधी ने देश को गुलामी के जंजीर से आजाद कराया। वह अच्छे राजनीतिज्ञ के साथ बहुत अच्छे वक्ता भी थे। उनके द्वारा बोले गए वचनों को आज भी लोगों द्वारा दोहराया जाता है।

महात्मा गाँधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ। इनके पिता का नाम करमचंद गाँधी तथा माता का नाम पुतलीबाई था। महात्मा गाँधी के पिता कठियावाड़ के छोटे से रियासत (पोरबंदर) के दिवान थे। आस्था में लीन माता और उस क्षेत्र के जैन धर्म के परंपराओं के कारण गाँधी जी के जीवन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा। जैसे की आत्मा की शुद्धि के लिए उपवास करना आदि। 13 वर्ष की आयु में गाँधी जी का विवाह कस्तूरबा से करवां दिया गया था।

 बचपन से ही गांधी जी को पढ़ाई में मन नहीं लगता था । इनकी प्रारंभिक शिक्षा पोरबंदर से संपंन हुई, हाईस्कूल की परिक्षा इन्होंने राजकोट से दिया। और मैट्रीक के लिए इन्हें अहमदाबाद भेज दिया गया। बाद में वकालत इन्होंने लंदन से संपन्न किया।महात्मा गाँधी का शिक्षा में योगदान महात्मा गाँधी का यह मानना था भारतीय शिक्षा सरकार के नहीं अपितु समाज के अधिन है। इसलिए महात्मा गाँधी भारतीय शिक्षा को ‘द ब्यूटिफुल ट्री’ कहा करते थे। शिक्षा के क्षेत्र में उनका विशेष योगदान रहा। भारत का हर नागरिक शिक्षित हो यही उनकी इच्छा थी। गाँधी जी का मूल मंत्र ‘शोषण विहिन समाज की स्थापना’ करना था।

7 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा मिलनी चाहिए।शिक्षा का माध्यम मातृभाषा हो।साक्षरता को शिक्षा नहीं कहा जा सकता।शिक्षा बालक के मानवीय गुणों का विकास करता है। गांधीजी को बचपन में लोग मन बुद्धि समझते थे। पर आगे चल कर इन्होंने भारतीय शिक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

महात्मा गांधी पर निबंध – 400 Words (Mahatma Gandhi Essay in Hindi in 300 words)

परिचय

देश की आजादी में मूलभूत भूमिका निभाने वाले तथा सभी को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाने वाले बापू को सर्वप्रथम बापू कहकर, राजवैद्य जीवराम कालिदास ने 1915 में संबोधित किया। आज दशकों बाद भी संसार उन्हें बापू के नाम से पुकारता हैं।

महात्मा गाँधी द्वारा किये गये आंदोलन

असहयोग आंदोलन

जलियांवाला बाग नरसंहार से गाँधी जी को यह ज्ञात हो गया था की ब्रिटिश सरकार से न्याय की अपेक्षा करना व्यर्थ है। अतः उन्होंने सितंबर 1920 से फरवरी 1922 के मध्य भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन चलाया। लाखों भारतीय के सहयोग मिलने से यह आंदोलन अत्यधिक सफल रहा। और इससे ब्रिटिश सरकार को भारी झटका लगा।

नमक सत्याग्रह

12 मार्च 1930 से साबरमती आश्रम (अहमदाबाद में स्थित स्थान) से दांडी गांव तक 24 दिनों का पैदल मार्च निकाला गया। यह आंदोलन ब्रिटिश सरकार के नमक पर एकाधिकार के खिलाफ छेड़ा गया। गाँधी जी द्वारा किये गए आंदोलनों में यह सर्वाधिक महत्वपूर्ण आंदोलन था।

दलित आंदोलन

गाँधी जी द्वारा 1932 में अखिल भारतीय छुआछूत विरोधी लीग की स्थापना हुई और उन्होंने छुआछूत विरोधी आंदोलन की शुरूआत 8 मई 1933 में की।

भारत छोड़ो आंदोलन

ब्रिटिश साम्राज्य से भारत को तुरंत आजाद करने के लिए महात्मा गाँधी द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस के मुम्बई अधिवेशन से द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 8 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन आरम्भ किया गया।

चंपारण सत्याग्रह

ब्रिटिश ज़मींदार गरीब किसानो से अत्यधिक कम मूल्य पर जबरन नील की खेती करा रहे थे। इससे किसानों में भूखे मरने की स्थिति पैदा हो गई थी। यह आंदोलन बिहार के चंपारण जिले से 1917 में प्रारंभ किया गया। और यह उनकी भारत में पहली राजनैतिक जीत थी।

निष्कर्ष

महात्मा गाँधी के शब्दों में “कुछ ऐसा जीवन जियो जैसे की तुम कल मरने वाले हो, कुछ ऐसा सीखो जिससे कि तुम हमेशा के लिए जीने वाले”। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी इन्हीं सिद्धान्तों पर जीवन व्यतीत करते हुए भारत की आजादी के लिए ब्रिटिस साम्राज्य के खिलाफ अनेक आंदोलन लड़े।

महात्मा गांधी पर निबंध 500 words (Mahatma Gandhi Essay in Hindi in 500 Words)

2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में गांधी जी का जन्म हुआ था। भारत को स्वतंत्रता दिलवाने में उन्होंने एहम भूमिका निभायी थी। 2 अक्तूबर को हम उन्ही की याद में गाँधी जयंती मनाते है। वह सत्य के पुजारी थे। गांधीजी का सम्पूर्ण नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था। वे सत्य के पुजारी थे । उनके पिता का नाम करमचंद उत्तमचंद गाँधी था और वह राजकोट के दीवान रह चुके थे। गाँधी जी की माता का नाम पुतलीबाई था और वह धर्मिक विचाओं और नियमों का पालन करती थी। कस्तूरबा गांधी उनकी पत्नी का नाम था वह उनसे 6 माह बड़ी थी। कस्तूरबा और गांधी जी के पिता मित्र थे इसलिए उन्होंने अपनी दोस्ती को रिश्तेदारी में बदल दी। कस्तूरबा गाँधी ने हर आंदोलन में गांधी जी का सहयोग दिया था।
उन्होंने अपनी शिक्षा पोरबंदर में की थी फिर माध्यमिक परीक्षा के लिए राजकोट गए थे। फिर वह इंग्लैंड अपने वकालत की आगे की पढ़ाई पूरी करने के लिए इंग्लैंड चले गए। गाँधी जी ने 1891 में अपनी वकालत की शिक्षा पूरी की। लेकिन किसी कारण वश उन्हें अपने कानूनी केस के सिलसिले में दक्षिण अफ्रीका जाना पड़ा। वहां जाकर उन्होंने रंग के चलते हो रहे भेद -भाव को महसूस किया और उसके खिलाफ अपनी आवाज़ उठाने की सोची। वहां के गोरे लोग काले लोगों पर ज़ुल्म ढाते थे और उनके साथ दुर्व्यवहार करते थे।

भारत वापस आने के बाद उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को तानाशाह का जवाब देने के लिए और अपने लिखे समाज को एकजुट करने के बारे में सोचा। इसी दौरान उन्होंने कई आंदोलन किये जिसके लिए वे कई बार जेल भी जा चुके थे। गाँधी जी ने बिहार के चम्पारण जिले में जाकर किसानो पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की। यह आंदोलन उन्होंने जमींदार और अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़ी थी।एक बार गाँधीजी को स्वयं एक गोरे ने ट्रेन से उठाकर बाहर फेंक दिया क्योंकि  उस श्रेणी में केवल गोरे यात्रा करना अपना अधिकार समझते थे परंतु गांधी जी उस श्रेणी में सवार कर रहे थे।
गाँधीजी ने तभी से प्रण लिया कि वह काले लोगों और भारतीयों के लिए संघर्ष करेंगे । उन्होंने वहाँ रहने वाले भारतीयों के जीवन सुधार के लिए कई आन्दोलन किये । दक्षिण अफ्रीका में आन्दोलन के दौरान उन्हें सत्य और अहिंसा का महत्त्व समझ में आया ।जब वह भारत वापस आए तब उन्होंने वही स्थिति यहीं पर देख जो वह दक्षिण अफ्रीका में देखकर आए थे । 1920 में उन्होंने सविनय अवज्ञा आन्दोलन चलाया और अंग्रेजों को ललकारा । 1930 में उन्होंने असहयोग आन्दोलन की स्थापना की और 1942 में भारत उन्होंने अंग्रेजों से भारत छोड़ने का आह्वान किया ।अपने इन आन्दोलन के दौरान वह कई बार जेल गए । 
हमारा भारत1947 में आजाद हुआ पर दु:खू की बात यह है की नाथुरम गोडसे नामक व्यक्ति ने 30 जनवरी 1948 को गोली मारकर महात्मा गाँधी की हत्या कर दी जब वह संध्या प्रार्थना के लिए जा रहे थे ।

Mahatma Gandhi Quotes in Hindi

Mahatma Gandhi Essay in Hindi
Source – Republic World

Mahatma Gandhi Essay in Hindi में हम आपके सामने ला रहे हैं महात्मा गाँधी के कुछ अनमोल विचार जो आपको एक ज़िन्दगी जीने का एक नया मतलब दे देंगे। जानते हैं कौन से हैं वह Quotes

  1. “एक कायर प्यार का प्रदर्शन करने में असमर्थ होता है, प्रेम बहादुरों का विशेषाधिकार है।”
  2. “मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है। सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन।”
  3. “किसी चीज में यकीन करना और उसे ना जीना बेईमानी है।”
  4. “राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना देश की उन्नति के लिए आवश्यक है।”
  5. “पृथ्वी सभी मनुष्यों की ज़रुरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन लालच पूरी करने के लिए नहीं।”
  6. “प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है और फिर भी हम जिसकी कल्पना कर सकते हैं उसमे सबसे नम्र है।”
  7. “एक राष्ट्र की संस्कृति उसमे रहने वाले लोगों के दिलों में और आत्मा में रहती है।”
  8. “जहाँ प्रेम है वहां जीवन है।”
  9. “सत्य बिना जन समर्थन के भी खड़ा रहता है, वह आत्मनिर्भर है।” 
  10. “एक धर्म जो व्यावहारिक मामलों के कोई दिलचस्पी नहीं लेता है और उन्हें हल करने में कोई मदद नहीं करता है वह कोई धर्म नहीं है।”

रोचक तथ्य

Mahatma Gandhi Essay in Hindi
Source – The Atlantic

Mahatma Gandhi Essay in Hindi में हम आपके सामने ला रहे हैं महात्मा गाँधी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य। जानते हैं कौन से हैं वह रोचक तथ्य।

  1. महात्मा गांधी की मातृ-भाषा गुजराती थी।
  2. महात्मा गांधी ने राजकोट के अल्फ्रेड हाई स्कूल से पढ़ाई की थी।
  3. महात्मा गांधी के जन्मदिन 2 अक्टूबर को ही अंतरराष्ट्रीय अंहिसा दिवस (International Day of Non-Violence) के रूप मे विश्वभर में मनाया जाता है।
  4. वह अपने माता-पिता के सबसे छोटी संतान थे उनके दो भाई और एक बहन थी।
  5. माधव देसाई, गांधी जी के निजी सचिव थे।
  6. महात्मा गांधी की हत्या बिरला भवन के बगीचे में हुई थी।
  7. महात्मा गांधी और प्रसिध्द लेखक Leo Tolstoy के बीच लगातार पत्र व्यवहार होता था।
  8. महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका के सत्याग्रह संघर्ष के दोरान, जोहांसबर्ग से 21 मील दूर एक 1100 एकड़ की छोटी सी कालोनी, टॉलस्टॉय फार्म स्थापित की थी।
  9. महात्मा गांधी का जन्म शुक्रवार को हुआ था, भारत को स्वतंत्रता भी शुक्रवार को ही मिली थी तथा महात्मा गांधी की हत्या भी शुक्रवार को ही हुई थी।
  10. महात्मा गांधी के पास नकली दांतों का एक सेट हमेशा मौजूद रहता था।

हमें उम्मीद है कि इस ब्लॉग ने आपको यह समझने में मदद की कि महात्मा गांधी पर हिंदी में निबंध कैसे लिखें। Leverage Edu पर इस तरह के और दिलचस्प पठन के लिए बने रहेंI अगर आपको यह ब्लॉग पसंद आया हो तो हमें Facebook, Instagram और Quora पर फॉलो करें।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

10,000+ students realised their study abroad dream with us. Take the first step today.

+91
Talk to an expert for FREE

You May Also Like