ये है Financial Management की बेस्ट Books

Rating:
1
(1)
Financial Management Books in Hindi

Financial Management को एक संगठन में क्षेत्र या कार्य के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो लाभप्रदता, व्यय, नकदी और क्रेडिट से संबंधित है, ताकि “संगठन के पास अपने उद्देश्य को यथासंभव संतोषजनक ढंग से पूरा करने का साधन हो सके;” उत्तरार्द्ध को अक्सर स्टॉकहोल्डर्स के लिए फर्म के मूल्य को अधिकतम करने के रूप में परिभाषित किया जाता है।Financial Management (एफएम) विशेष पेशेवर हैं जो सीधे वरिष्ठ प्रबंधन को रिपोर्ट करते हैं, अक्सर वित्तीय निदेशक (एफडी); फ़ंक्शन को ‘स्टाफ’ के रूप में देखा जाता है, न कि ‘लाइन’ के रूप में।वित्तीय प्रबंधन आम तौर पर अल्पकालिक कार्यशील पूंजी प्रबंधन से संबंधित होता है, जो वर्तमान परिसंपत्तियों और वर्तमान देनदारियों पर ध्यान केंद्रित करता है, और अक्सर विदेशी मुद्रा और उत्पाद चक्रों में उतार-चढ़ाव का प्रबंधन करता है। चलिए जानते हैं Financial Management Books in Hindi के बारे में।

Check Out: इंटरव्यू की तैयारी कैसे करें

Financial Management क्या होता है 

 Financial Management में सबसे अहम् वित्  के प्रबंधन से लेकर उसके जमाव तथा इस्तेमाल से सम्बन्धित सभी चीजो का ध्यान रखना होता है |  इसमें मैनेजमेंट करने वाले व्यक्ति को उन सभी चीजो की प्लानिंग करनी होती है जो की वित् से जुड़े होते हैं | किसी खर्चे का प्र्वानुमान तथा भविष्य में वित् के इस्तेमाल की प्लानिंग करना ही Financial Management कहलाता है | इस प्रकार के मैनजमेंट पर फिलाहाल काफी ध्यान दिया जा रहा है क्योकि शायद मुझे लगता है यही एक समय हैं हालंकि इससे पहले भी Financial Management किया जा रहा होगा लेकिन वर्तमान  का Financial Management पहले से काफी अलग है |  दुनिया बदल रही है आज हर उस छोटे से छोटे  पहलु पर ध्यान दिया जा रहा है जो की बिज़नस के लिए प्लस पॉइंट हो | जैसा की आजकल ई कॉमर्स कंपनिया कर रही है |  इस बात को समझने के लिए आप मार्केटिंग से सम्बन्धित पोस्ट यहाँ पढ़ सकते हैं |

Check Out: 135+ Common Interview Questions in Hindi

Financial Management के लिए Eligibility Criteria

एडमिशन प्रोसेस में पहला कदम Eligibility Criteria है ।अगर आपको इस सेक्शन में उल्लिखित क्राइटेरिया के बारे में पूरी जानकारी मिल जाती है तो आप भक्त कोर्स के लिए बड़ी सरलता से सप्लाई कर सकते हैं। इसलिए, Financial Management कोर्स में सप्लाई करने के लिए ब्रेक लेवल के लिए निर्धारित Eligibility Criteria के बारे में आइ ये जानकारी प्राप्त करें:

डिप्लोमा लेवल

आप 10+2 क्लास पास करने के बाद फाइनेंशल मैनेजमेंट में डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। इस डिप्लोमा लेवल कोर्स में फाइनेंशल मार्केट्स, कॉरपोरेट फ़ाइनेंसर और बिज़नेस करने के लिए जरूरी फ़िक्स और वर्किंग कैपिटल के बारे में बेसिक डिटेल्स शामिल होते हैं।

अंडरग्रेजुएट लेवल

अंडरग्रेजुएट लेवल कोर्स में भी आप अपनी 10+2 क्लास किसी भी विषय में पास करने के बाद एड मिशन ले सकते हैं। आमतौर पर जिन स्टूडेंट्स ने 12वीं क्लास कॉनर्स विषय सहित पास की होती है, उन्हें एड मिशन में वरीयता दी जाती है‌। 

Check Out: ऐसे करे Bank Exams की तैयारी

जानिए कितने प्रकार के होते हैं फ़ाइनेंशियल कोर्सेज

आप अपनी 10+2 क्लास पास करने के बाद फाइनेंशल मैनेजमेंट कोर्सेज कर सकते हैं. अगर आप अंडरग्रेजुएट कोर्सेज करने के लिए अपना बहुत ज्यादा समय खर्च नहीं करना चाहते हैं तो आप डिप्लोमा कोर्सेज कर सकते हैं. हालांकि, अगर आप कायर स्टडीज प्राप्त करना चाहते हैं तो आपके लिए अंडरग्रेजुएट कोर्स में एड मिशन लेना काफी बढ़िया निर्णय साबित होगा. फाइनेंशल मैनेजमेंट के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के कोर्सेज का विवरण आपकी सहूलियत के लिए नीचे दिया जा रहा है:

Financial Management में डिप्लोमा कोर्सेज

छात्र 10+2 क्लास पास करने के तुरंत बाद डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं. इस कोर्स की अवधि 1 वर्ष है।

अंडरग्रेजुएट कोर्सेज Financial Management

फाइनेंशल मैनेजमेंट में अंडरग्रेजुएट कोर्स की अवधि 3 वर्ष होती है. फाइनेंशल मैनेजमेंट में अंडरग्रेजुएट कोर्स को बीबी डिग्री के तौर पर जाना जाता है।

Financial Management में पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज

फाइनेंशल मैनेजमेंट में पोस्टग्रेजुएट कोर्स की अवधि 2 वर्ष होती है. इस डिग्री को आमतौर पर फाइनेंशल मैनेजमेंट में एमए/ एमबीए की डिग्री के नाम दिया गया है।

Financial Management में डॉक्टोरल कोर्सेज

आप किसी संबद्ध विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद फाइनेंशल मैनेजमेंट में डॉक्टोरल कोर्स अर्थात डॉक्टरेट ऑफ़ फिलोसोफी (पीएचडी) की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं. डॉक्टोरल कोर्स की अवधि 3-4 वर्ष है.

Check Out: सबसे ज़्यादा तनख्वाह वाली सरकारी नौकरियाँ

कुछ कारण जिस से लगता है Financial Management  जरूरी है जैसे

  • संस्था के लिए Financial योजना बनाना
  • संस्था में हो रही आवक और आये हुए पैसो का सही से संभालना और सही तरी के से संस्था के फायदे के लिए इस्तेमाल करना
  • संस्था के महत्वपूर्ण Management निर्णय लेने में मदद करना
  • संस्था को लाभप्रदता में सुधार करने में मदद करता है
  • संस्था के समग्र मूल्य को बढ़ाने में मदद रूप होता है
  • संस्था को आर्थिक तरीके से स्थिर करना
  • यह कुछ मुद्दे है जिससे लगता है की Financial Management व्यवसाय में एक अहम हिस्सा है।

किसी भी संस्था की Management रिपोर्ट इस बात पर निर्भर है की वह संस्था अपने Management निर्णय कैसे लेती है। किसी भी संस्था अपने Management के कुछ मुद्दों को गंभीरता से लेने पड़ते है  उस मुद्दे को ध्यान में रख के उसे अलग अलग प्रकार दिए गए है।

15 सर्वश्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन पुस्तकें

  1. वित्तीय प्रबंधन Financial Management
  2. सार्वजनिक बजट और वित्तीय प्रबंधन की मूल बातें The Basics of Public Budgeting and Financial Management
  3. वित्तीय प्रबंधन के लिए अर्थशास्त्री गाइड (द्वितीय संस्करण) The Economist Guide to Financial Management (2nd Ed)
  4. वित्तीय प्रबंधन: सिद्धांत और अभ्यास १५वां संस्करण Financial Management: Theory & Practice 15th Edition
  5. जब जीनियस फेल हो गया When Genius Failed
  6. व्यवहारिक निवेश की छोटी किताब The Little Book of Behavioral Investing
  7. वित्तीय प्रबन्ध (Financial Management) – Hemvati Nandan Bahuguna Garhwal University
  8. Elements of Financial Management (वित्तीय प्रबंध के तत्व) by RBD Publisher
  9. Financial Management & International Finance
  10. Accounting and Financial Management
  11. Financial Management, material for management training in agricultural co-operatives
  12. A Course Material on Financial Management
  13. Financial management of business expansion, combination and acquisition
  14. The Basics of Financial Management for Small-community Utilities
  15. An Overview of Financial Management

Check Out: यूपीएससी की तैयारी कैसे करें

फ़ाइनेंसर मैनेजर के लिए कुछ टॉप ब्रांड

Financial Management में करियर तथा फ़ाइनेंसर के डोमेन में स्पेशलाइजेशन करने वाले कैंडिडेट्स के लिए आजकल जॉन के ढेरों अवसर मौजूद हैं। चाहे वह कोई फर्म हो या कोई कंपनी या फिर, बैंक, सरकारी विभाग और एजेंसी, एजुकेशन इंस्टिट्यूशन्स आदि ही क्यों न हों, भक्त सभी इंस्टिट्यूशन्स में फ़ाइनेंसर डोमेन से संबद्ध प्रोफेशनल के लिए अत्यधिक जॉन ऑप्शन्स मौजूद हैं। इसलिए यहां ‘ब्रांडफाइनेंस.कॉम’ द्वारा दी गई रैंकिंग के अनुसार फाइनेंशल शील्ड में सबसे ख़ास इंडियन ब्रांड की एक लिस्ट पेश है।आप इस लिस्ट में से अपने लिए एक बेहतरीन ब्रांड चुन सकते हैं।

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
  • एलआईसी
  • आईसीआईसीआई बैंक
  • एचडीएफसी बैंक
  • कोटक महिंद्रा बैंक
  • आईडीबीआई बैंक
  • कैमरा बैंक
  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
  • इंडियन ओवरसीज बैंक
  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
  • एफबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड
  • बजाज कैपिटल लिमिटेड
  • डीएसपी मेरिल लिंच लिमिटेड
  • एल एंड टी फ़ाइनेंसर लिमिटेड
  • कार्वी ग्रुप

Financial Management के लिए प्लानिंग करें 

बिज़नस मैनेजमेंट को लेकर हाल ही में आई रिपोर्ट के अनुसार स्टार्टअप अपनी स्ट्रेटेजी को फोलो नहीं करते हैं | फाइनेंसियल मैनेजमेंट में प्लानिंग का अहम् रोल होता है | इसलिए नियमानुसार अपने बिज़नस में फाइनेंसियल स्ट्रेटेजी का न केवल रिव्यु करें बल्कि यह जानने की कोशिश करें आखिर किस प्रकार के प्लानिंग की जरुरत है जिससे  की आपका फाइनेंसियल ग्राफ को प्रभावित हो रहा है | और क्या वह प्लानिंग  आपके टारगेट को अचीव करने के लिए काफी  या इसमें बदलाव की जरूरत है ?

Exam Entrance

चाहे वह कोई पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट हो या फिर कोई प्रोफेशनल इंस्टिट्यूट, किसी भी इंस्टिट्यूट से प्रोफेशनल डिग्री कोर्स करने के लिए और अपने पसंदीदा इंस्टिट्यूट में एड मिशन लेने के लिए छात्र को हमेशा एंट्रेंस एग्जाम पास करना पड़ता है. किसी फाइनेंशल मैनेजमेंट कोर्स में एड मिशन लेने में आपकी मदद करने के लिए यहां सभी एंट्रेंस एग्जाम्स की लिस्ट इस प्रकार है:

डिप्लोमा लेवल

डिप्लोमा कोर्सेज में एड मिशन लेने के लिए, आप स्टेट लेवल के पॉलिटेक्निक्स में सप्लाई कर सकते हैं क्योंकि ये पॉलिटेक्निक्स प्रत्येक राज्य में एंट्रेंस एग्जाम कंडक्ट करते हैं ताकि इंडस्ट्री-लेडी प्रोफेशनल तैयार किये जा सकें.

अंडरग्रेजुएट लेवल

  • डी यू जेएटी
  • आईपीएमएटी 2018
  • एनपीएटी 2018
  • सिम्बायोसिस एंट्रेंस टेस्ट (एसटी)
  • एआईएमए यूजीएटी 2018
  • जीजीएसआईपीयू सीईटी बीबीए 2018

पोस्टग्रेजुएट लेवल

  • सीएटी (कॉम एड मिशन टेस्ट)
  • एआईएमए-एमए टी (मैनेजमेंट एट्टीट्यूड टेस्ट)
  • एक्सएटी (जेवियर एट्टीट्यूड टेस्ट)
  • आईआईएफटी (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ फॉरेन ट्रेड)
  • एसएन एपी (सिम्बायोसिस नेशनल एट्टीट्यूड टेस्ट)
  • जीएमएसी द्वारा एनएमएटी
  • सीएमएटी (कॉम मैनेजमेंट एड मिशन टेस्ट)
  • आईबीएसएटी (आईबीएम एट्टीट्यूड टेस्ट)
  • एमआईसीएटी (एमआईसीए एड मिशन टेस्ट)
  • एमएएच – एमबीए/ एमएमएस सीईटी (महाराष्ट्र एमबीए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट)

डॉक्टोरल लेवल

  • रिसर्च मैनेजमेंट एट्टीट्यूड टेस्ट (आर-चैट)
  • सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम
  • यूजीसी नेट
  • एक्सआईएमबी-आरएटी (रिसर्च एप्टीट्यूड टेस्ट)
  • आई आईआईटी दिल्ली पीएचडी एड मिशन टेस्ट
  • फैकल्टी ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज (एसएमएस), दिल्ली यूनिवर्सिटी पीएचडी एंट्रेंस टेस्ट
  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम
  • इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) एंट्रेंस एग्जाम

आशा करते हैं कि Financial Management Books in Hindi  का ब्लॉग अच्छा लगा होगा। हमारे Leverage Edu में आपको ऐसे कई प्रकार के ब्लॉग मिलेंगे जहां आप अलग-अलग विषय की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

10,000+ students realised their study abroad dream with us. Take the first step today.

+91
Talk to an expert for FREE

You May Also Like

Ras Hindi Grammar
Read More

मियाँ नसीरुद्दीन Class 11 : पाठ का सारांश, प्रश्न उत्तर, MCQ

मियाँ नसीरुद्दीन शब्दचित्र हम-हशमत नामक संग्रह से लिया गया है। इसमें खानदानी नानबाई मियाँ नसीरुद्दीन के व्यक्तित्व, रुचियों…
Bajar Darshan
Read More

Bajar Darshan Class 12 NCERT Solutions

बाजार दर्शन’ (Bajar Darshan) श्री जैनेंद्र कुमार द्वारा रचित एक महत्त्वपूर्ण निबंध है जिसमें गहन वैचारिकता और साहित्य…
आर्ट्स सब्जेक्ट
Read More

आर्ट्स सब्जेक्ट

दसवीं के बाद आप कुछ रचनात्मक करना चाहते हैं तो आर्ट्स स्ट्रीम आप के लिए ही है। 11वीं…
Namak Ka Daroga
Read More

Namak Ka Daroga Class 11

यहाँ हम हिंदी कक्षा 11 “आरोह भाग- ” के पाठ-1 “Namak Ka Daroga Class″ कहानी के  के सार…