ये हैं फाइनेंशियल मैनेजमेंट के लिए बेस्ट किताबें

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फाइनेंशियल मैनेजमेंट को एक संगठन में क्षेत्र या कार्य के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो लाभप्रदता, एक्सपेंसेस, नकदी और क्रेडिट से संबंधित है, ताकि “संगठन के पास अपने उद्देश्य को यथासंभव संतोषजनक ढंग से पूरा करने का साधन हो सके;”। फाइनेंशियल मैनेजमेंट (FM) विशेष प्रोफेशनल्स होते हैं जो सीधे सीनियर मैनेजमेंट को रिपोर्ट करते हैं, अक्सर वित्तीय निदेशक (FD); फ़ंक्शन को ‘स्टाफ’ के रूप में देखा जाता है। वित्तीय प्रबंधन आमतौर पर अल्पकालिक कार्यशील पूंजी प्रबंधन से संबंधित होता है, जो वर्तमान परिसंपत्तियों (एसेट्स) और वर्तमान देनदारियों (लायबिलिटीज़) पर ध्यान केंद्रित करता है, और अक्सर विदेशी मुद्रा और प्रोडक्ट साइकिल में उतार-चढ़ाव का प्रबंधन करता है। चलिए जानते हैं financial management books in Hindi के बारे में।

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फाइनेंशियल मैनेजमेंट क्या होता है? 

financial management books in Hindi

फाइनेंशियल मैनेजमेंट में सबसे अहम वित्त (फाइनेंस) के मैनेजमेंट से लेकर उसके जमाव तथा उपयोग से संबंधित सभी चीजों का ध्यान रखना होता है। इसमें मैनेजमेंट करने वाले व्यक्ति को उन सभी चीजों की प्लानिंग करनी होती है जो कि वित्त से जुड़े होते हैं। किसी खर्चे का पूर्वानुमान तथा भविष्य में वित्त के इस्तेमाल की प्लानिंग करना ही फाइनेंशियल मैनेजमेंट कहलाता है।

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फाइनेंशियल मैनेजमेंट के महत्व

फाइनेंशियल मैनेजमेंट के महत्व नीचे दिए गए हैं:

  • संस्था के लिए फाइनेंशियल योजना बनाना।
  • संस्था में हो रही आवक (इनवर्ड) और आए पैसों को सही से संभालना और सही तरीके से संस्था के फायदे के लिए इस्तेमाल करना।
  • संस्था के महत्वपूर्ण मैनेजमेंट निर्णय लेने में मदद करना।
  • संस्था को लाभप्रदता (प्रॉफिटेबिलिटी) में सुधार करने में मदद करता है।
  • संस्था के समग्र मूल्य को बढ़ाने में मदद रूप होता है।
  • संस्था को आर्थिक तरीके से स्थिर करना।

किसी भी संस्था की फाइनेंशियल रिपोर्ट इस बात पर निर्भर है की वह संस्था अपने मैनेजमेंट निर्णय कैसे लेती है। किसी भी संस्था अपने मैनेजमेंट के कुछ मुद्दों को गंभीरता से लेने पड़ते है  उस मुद्दे को ध्यान में रख के उसे अलग अलग प्रकार दिए गए है।

जानिए कितने प्रकार के होते हैं फ़ाइनेंशियल कोर्सेज

आप अपनी 10+2 क्लास उत्तीर्ण करने के बाद फाइनेंशल मैनेजमेंट कोर्सेज कर सकते हैं. अगर आप अंडरग्रेजुएट कोर्सेज करने के लिए अपना बहुत ज्यादा समय खर्च नहीं करना चाहते हैं तो आप डिप्लोमा कोर्सेज कर सकते हैं. हालांकि, अगर आप कायर स्टडीज प्राप्त करना चाहते हैं तो आपके लिए अंडरग्रेजुएट कोर्स में एड मिशन लेना काफी बढ़िया निर्णय साबित होगा. फाइनेंशल मैनेजमेंट के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के कोर्सेज का विवरण आपकी सहूलियत के लिए नीचे दिया जा रहा है:

  • डिप्लोमा कोर्सेज: छात्र 10+2 क्लास पास करने के तुरंत बाद डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं. इस कोर्स की अवधि 1 वर्ष है।
  • अंडरग्रेजुएट कोर्सेज: फाइनेंशल मैनेजमेंट में अंडरग्रेजुएट कोर्स की अवधि 3 वर्ष होती है. फाइनेंशल मैनेजमेंट में अंडरग्रेजुएट कोर्स को बीबी डिग्री के तौर पर जाना जाता है।
  • पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज: फाइनेंशल मैनेजमेंट में पोस्टग्रेजुएट कोर्स की अवधि 2 वर्ष होती है. इस डिग्री को आमतौर पर फाइनेंशल मैनेजमेंट मेंMA/MBA की डिग्री के नाम दिया गया है।
  • डॉक्टोरल कोर्सेज: आप किसी संबद्ध विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद फाइनेंशल मैनेजमेंट में डॉक्टोरल कोर्स अर्थात डॉक्टरेट ऑफ़ फिलोसोफी (PhD) की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं. डॉक्टोरल कोर्स की अवधि 3-4 वर्ष है।

आप AI Course Finder की मदद से अपने पसंद के कोर्सेज और उससे सम्बंधित टॉप यूनिवर्सिटी का चयन कर सकते हैं।

फाइनेंशियल मैनेजमेंट की बुक लिस्ट

फाइनेंशियल मैनेजमेंट में सब्जेक्ट अनुसार किताबों की लिस्ट निम्नलिखित है :-

  • वित्तीय प्रबंधन
  • वित्तीय नियोजन
  • पूंजीकरण
  • पूंजी बजटिंग
  • पूंजी की लागत
  • लीवरेज विश्लेषण
  • पूंजी ढांचा या संरचना (आशय एवं योजना)
  • पूंजी ढांचा (सिद्धांत एवं निर्धारक तत्व)
  • लाभांश नीति
  • कार्यशील पूंजी का प्रबंधन
  • कार्यशीनकद मैनेजमेंट (देय बिलों के प्रबंधन सहित)
  • ल पूंजी का अर्थ प्रबन्धन (फैक्टरिंग सहित)
  • प्राप्य मैनेजमेंट
  • स्टॉक मैनेजमेंट

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फाइनेंशियल मैनेजमेंट के लिए योग्यता

Financial management books in Hindi के लिए योग्यता नीचे दी गई है-

डिप्लोमा लेवल

  • आप 10+2 क्लास उत्तीर्ण करने के बाद फाइनेंशल मैनेजमेंट में डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं।
  • इस डिप्लोमा लेवल कोर्स में फाइनेंशल मार्केट्स, कॉरपोरेट फ़ाइनेंसर और बिज़नेस करने के लिए जरूरी फ़िक्स और वर्किंग कैपिटल के बारे में बेसिक डिटेल्स शामिल होते हैं।

अंडरग्रेजुएट लेवल

  • अंडरग्रेजुएट लेवल कोर्स में भी आप अपनी 10+2 क्लास किसी भी विषय में उत्तीर्ण करने के बाद एड मिशन ले सकते हैं।
  • आमतौर पर जिन स्टूडेंट्स ने 12वीं क्लास कॉनर्स विषय सहित उत्तीर्ण की होती है, उन्हें एडमिशन में वरीयता (प्रेफरेंस) दी जाती है‌।
  • विदेश में पढ़ने के लिए इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट जैसे IELTS, TOEFL के अंक होने ज़रूरी हैं।

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सर्वश्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन पुस्तकें

Financial Management Books in Hindi की तैयारी करने के लिए नीचे बुक्स के नाम दिए गए हैं:

किताब का नाम यहां से खरीदें
MCO-7 वित्तीय प्रबंधन हिंदी माध्यम में (हिंदी) यहां से खरीदें
साहित्य भवन बीएचयू बी कॉम (ऑनर्स) / वित्तीय बाजार प्रबंधन स्नातक प्रवेश पुस्तक हिंदी में यहां से खरीदें
वित्तीय प्रबंधन यहां से खरीदें
सार्वजनिक बजट और वित्तीय प्रबंधन की मूल बातें यहां से खरीदें
वित्तीय प्रबंधन के लिए अर्थशास्त्री गाइड (द्वितीय संस्करण) यहां से खरीदें
वित्तीय प्रबंधन: सिद्धांत और अभ्यास १५ वां संस्करण यहां से खरीदें
जब जीनियस फेल हो गया यहां से खरीदें
व्यवहारिक निवेश की छोटी किताब यहां से खरीदें
वित्तीय प्रबंधन (Financial Management) यहां से खरीदें
Elements of Financial Management (वित्तीय प्रबंध के तत्व) यहां से खरीदें
वित्तीय प्रबंधन और अंतर्राष्ट्रीय वित्त यहां से खरीदें
लेखा और वित्तीय प्रबंधन यहां से खरीदें
वित्तीय प्रबंधन, कृषि सहकारी समितियों में प्रबंधन प्रशिक्षण के लिए सामग्री यहां से खरीदें
व्यापार विस्तार, संयोजन और अधिग्रहण का वित्तीय प्रबंधन यहां से खरीदें
लघु-सामुदायिक उपयोगिताओं के लिए वित्तीय प्रबंधन की मूल बातें यहां से खरीदें
वित्तीय प्रबंधन का अवलोकन यहां से खरीदें

MBA के लिए फाइनेंशियल मैनेजमेंट की किताबें

Financial Management Books in Hindi जानने के साथ-साथ MBA के लिए फाइनेंशियल मैनेजमेंट की लिस्ट इस प्रकार है:

किताब का नाम यहां से खरीदें
एमबीए के लिए वित्तीय प्रबंधन यहां से खरीदें
वित्तीय जोखिम प्रबंधन, एमबीए III-सेम (वित्त) वैकल्पिक- I, (2016-17) (ओयू) सीबीसीएस पाठ्यक्रम, नवीनतम 2022 संस्करण के अनुसार यहां से खरीदें
इग्नू के लिए गलीबाबा सेल्फ हेल्प बुक – MS-46 – MBA यहां से खरीदें
वित्तीय प्रबंधन एमबीए II-SEM R19 यहां से खरीदें
चित्रा क्वेश्चन बैंक फॉर एमबीए फाइनेंशियल प्लानिंग एंड टैक्स मैनेजमेंट (MBA-FM 02) सेमेस्टर 3 यहां से खरीदें

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फ़ाइनेंसर मैनेजर के लिए कुछ टॉप ब्रांड

Financial Management में करियर तथा फ़ाइनेंसर के डोमेन में स्पेशलाइजेशन करने वाले कैंडिडेट्स के लिए आजकल जॉन के ढेरों अवसर मौजूद हैं। चाहे वह कोई फर्म हो या कोई कंपनी या फिर, बैंक, सरकारी विभाग और एजेंसी, एजुकेशन इंस्टिट्यूशन्स आदि ही क्यों न हों, भक्त सभी इंस्टिट्यूशन्स में फ़ाइनेंसर डोमेन से संबद्ध प्रोफेशनल के लिए अत्यधिक जॉन ऑप्शन्स मौजूद हैं। इसलिए यहां ‘brandfinance.com’ द्वारा दी गई रैंकिंग के अनुसार फाइनेंशल शील्ड में सबसे ख़ास इंडियन ब्रांड की एक लिस्ट पेश है।आप इस लिस्ट में से अपने लिए एक बेहतरीन ब्रांड चुन सकते हैं।

  • State Bank Of India
  • LIC
  • ICICI Bank
  • HDFC bank
  • Kotak Mahindra Bank
  • IDBI Bank
  • camera bank
  • Union Bank of India
  • Indian Overseas Bank
  • Central Bank Of India
  • FBI Capital Markets Limited
  • Bajaj Capital Limited
  • DSP Merrill Lynch Ltd.
  • L&T Financiers Ltd.
  • Karvy Group

फाइनेंशियल मैनेजमेंट के लिए प्लानिंग करें 

बिज़नस मैनेजमेंट को लेकर हाल ही में आई रिपोर्ट के अनुसार स्टार्टअप अपनी स्ट्रेटेजी को फोलो नहीं करते हैं।फाइनेंसियल मैनेजमेंट में प्लानिंग का अहम रोल होता है। इसलिए नियमानुसार अपने बिज़नस में फाइनेंसियल स्ट्रेटेजी का न केवल रिव्यु करें बल्कि यह जानने की कोशिश करें आखिर किस प्रकार के प्लानिंग की जरुरत है जिससे कि आपका फाइनेंसियल ग्राफ को प्रभावित हो रहा है। और क्या वह प्लानिंग  आपके टारगेट को हासिल करने के लिए काफी या इसमें बदलाव की जरूरत है?

प्रवेश परीक्षाएं

चाहे वह कोई पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट हो या फिर कोई प्रोफेशनल इंस्टिट्यूट, किसी भी इंस्टिट्यूट से प्रोफेशनल डिग्री कोर्स करने के लिए और अपने पसंदीदा इंस्टिट्यूट में एड मिशन लेने के लिए छात्र को हमेशा एंट्रेंस एग्जाम पास करना पड़ता है. किसी फाइनेंशल मैनेजमेंट कोर्स में एड मिशन लेने में आपकी मदद करने के लिए यहां सभी एंट्रेंस एग्जाम्स की लिस्ट इस प्रकार है:

डिप्लोमा लेवल

डिप्लोमा कोर्सेज में एड मिशन लेने के लिए, आप स्टेट लेवल के पॉलिटेक्निक्स में सप्लाई कर सकते हैं क्योंकि ये पॉलिटेक्निक्स प्रत्येक राज्य में एंट्रेंस एग्जाम कंडक्ट करते हैं ताकि इंडस्ट्री-लेडी प्रोफेशनल तैयार किये जा सकें.

अंडरग्रेजुएट लेवल

  • DU JAT
  • IPMAT
  • NPAT
  • Symbiosis Entrance Test (ST)
  • AIMA UGAT
  • GGSIPU CET BBA

पोस्टग्रेजुएट लेवल

  • CAT
  • AIMA-MAT
  • XAT
  • IIFT
  • SNAP
  • NMAT by GMAC
  • CMAT
  • IBSAT
  • MICAT
  • MAH – MBA / MMS CET

डॉक्टोरल लेवल

  • Research Management Aptitude Test (R-Chat)
  • Symbiosis University PhD Entrance Exam
  • UGC NET
  • XIMB-RAT (Research Aptitude Test)
  • I IIT Delhi PhD Ed Mission Test
  • Faculty of Management Studies (SMS), Delhi University PhD Entrance Test
  • Aligarh Muslim University PhD Entrance Exam
  • Indira Gandhi National Open University (IGNOU) Entrance Exam

FAQs

फाइनेंशियल मैनेजमेंट क्या होता है?

फाइनेंशियल मैनेजमेंट में सबसे अहम वित्त (फाइनेंस) के मैनेजमेंट से लेकर उसके जमाव तथा उपयोग से संबंधित सभी चीजों का ध्यान रखना होता है। इसमें मैनेजमेंट करने वाले व्यक्ति को उन सभी चीजों की प्लानिंग करनी होती है जो कि वित्त से जुड़े होते हैं। किसी खर्चे का पूर्वानुमान तथा भविष्य में वित्त के इस्तेमाल की प्लानिंग करना ही फाइनेंशियल मैनेजमेंट कहलाता है।

फाइनेंशियल मैनेजमेंट कोर्स करने के बाद नौकरी देने वाली टॉप कंपनियां कौन सी हैं?

फाइनेंशियल मैनेजमेंट कोर्स करने के बाद नौकरी देने वाली टॉप कंपनियों के नाम इस प्रकार हैं: State Bank Of India, LIC, ICICI Bank, HDFC bank, Kotak Mahindra Bank, IDBI Bank आदि।

फाइनेंशियल मैनेजमेंट करने के लिए किन-किन जिम्मेदारियों का होना आवश्यक है?

1. संस्था के लिए फाइनेंशियल योजना बनाना।
2. संस्था में हो रही आवक और आए हुए पैसों का सही से संभालना और सही तरीके से संस्था के फायदे के लिए 3. इस्तेमाल करना।
4. संस्था के महत्वपूर्ण मैनेजमेंट निर्णय लेने में मदद करना।
5. संस्था को लाभप्रदता में सुधार करने में मदद करता है।

आशा करते हैं कि Financial Management Books in Hindi से आपको जानकारी मिली होगी। यदि आप विदेश में पढ़ना चाहते हैं तो हमारे Leverage Edu के एक्सपर्ट्स के साथ 30 मिनट का फ्री सेशन बुक कीजिए।

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2 comments
    1. हमारे लेखन को सराहने के लिए आपका बहुत-बहुत आभार। इसी तरह के और आकर्षक ब्लॉग पढ़ने के लिए हमारी साइट पर बने रहें।

    1. हमारे लेखन को सराहने के लिए आपका बहुत-बहुत आभार। इसी तरह के और आकर्षक ब्लॉग पढ़ने के लिए हमारी साइट पर बने रहें।

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