बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग क्या है और कैसे करें?

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इंजीनियरिंग अपने आप में एक काफी बड़ी फील्ड है जिसमें हर प्रकार की टेक्नोलॉजी के लिए अलग श्रेणी मौजूद है। आपकी समझ के लिए बतादें कि इंजीनियरिंग सिर्फ पॉप्युलर करियर स्ट्रीम्स जैसे सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग आदि के बारे में नहीं हैं। कुछ ऐसी भी श्रेणियां हैं जो नॉलेज से भरपूर है लेकिन शायद उतनी प्रसिद्ध नहीं। उनमें से एक है मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग। इस ब्लॉग में हम मेटलर्जी इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री के बारे में जानेंगे। मुख्य रूप से आप कोर्स में मेटल्स और माइनिंगस के बारे में स्टडी करते हैं। बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के बारे में विस्तार से जानकारी के लिए इस ब्लॉग को आखिर तक पढ़ें। 

फुल फॉर्म  बैचलर ऑफ़ टेक्नोलॉजी मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग 
कोर्स लेवल  अंडरग्रेजुएट 
अवधि  चार साल 
एडमिशन प्रोसेस  एंट्रेंस एग्जाम बेस्ड या मेरिट बेस्ड(कुछ केसीज़ में)
टॉप रिक्रूटिंग कंपनीज़  Mishra Dhatu Nigam Limited, Hindalco Limited, Hindustan Copper Limited, Tata Iron & Steel Company, SAIL

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग क्या है?

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग एक चार साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स है जो छात्रों को मेटलर्जी के फंडामेंटल्स की डेप्थ नॉलेज देने में सक्षम है। यह कोर्स माइनिंग, एक्सट्रैक्शन, डिजाइनिंग और मेटल्स की प्रोसेसिंग की तरफ फोकस्ड है। बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग में साइंस एंड टेक्नोलॉजी की थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों का ज्ञान शामिल है जिसमें मेटल को हीट ट्रीटमेंट के साथ उसके फिजिकल करैक्टर को भी बदला जाता है। कैंडिडेट्स जो फिजिक्स और केमिस्ट्री के साथ क्रिटिकल एनालिटिकल स्किल्स में परफेक्ट हैं वो इस कोर्स में बेहतर परफॉर्म कर सकते हैं। मुख्य आस्पेक्ट्स जो इस कोर्स में कवर किए जाते हैं उसमें फिजिकल मेटलर्जी, स्टील मेकिंग, सॉलिड स्टेट फेज़ ट्रांसफॉर्मेशन प्रोसेस, फिजिक्स ऑफ़ मेटल्स आदि शामिल हैं।  

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग क्यों करें?

जो विद्यार्थी अपना करियर मेटालर्जिकल इंजीनियरिंग में बेहतर पैकेज के साथ बनाना चाहते हैं वह इस कोर्स को चुन सकते हैं-

  • बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के बाद कैंडिडेट को रेलवेज़, मेटलर्जिकल और केमिकल लैब्स, हार्डवेयर कंपनीज़, एयरलाइन्स, आयरन एंड स्टील कंपनीज़ आदि कंपनीज़ में नौकरीयों की वाइड रेंज मिलती है। 
  • बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त कैंडिडेट को मेटलर्जी इंजीनियर, मेटलर्जी प्रोडक्शन मैनेजर, वेल्डिंग इंजीनियर, प्रोजेक्ट इंजीनियर, अस्सिटेंट इंजीनियर, रिसर्च असिस्टेंट, मैंटनेंस इंजीनियर आदि प्रोफाइल्स में आराम से नौकरी मिल जाती है। 
  • मेटलर्जी में इंजीनियरिंग के बाद आप वेरियस रेप्यूटेड मेटलर्जी R&D डिपार्टमेंट्स और रिसर्च लैब्स में रिसर्च एक्टिविटीज परफॉर्म कर सकते हैं। इससे आपको आपकी रिलेटेड फील्ड में एडवांस्ड रिसर्च का मौका मिलता है। 
  • बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग की डिग्री के साथ आप टीचर या लेक्चरर के तौर पर भी अपने करियर में आगे बढ़ सकते हैं। 
  • इसके अलावा अगर आप आगे पढ़ाई करना चाहते हैं तो बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के बाद MTech, MBA कोर्सेज आपके लिए बेहतर ऑप्शन साबित हों सकते हैं। 
  • इस डिग्री के साथ आप चाहे तो सरकारी सेक्टर्स जैसे UPSC या IES जैसे एग्जामिनेशन की तरफ जाने का रास्ता भी चुन सकते हैं। 

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग सिलेबस 

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के सिलेबस में आप अपनी चुनी गई यूनिवर्सिटी के अनुसार बदलाव देख सकते हैं। इस चार साल की डिग्री को 8 सेमेस्टर में बांटा गया है। आइए बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के सिलेबस पर डालते हैं एक नज़र-

सेमेस्टर 1  सेमेस्टर 2 
केमिस्ट्री – I  केमिस्ट्री – II 
कंप्यूटर प्रोग्रामिंग  मैथमेटिक्स- IIN 
मैथमैटिक -IN  स्ट्रेंथ ऑफ़ मैटेरियल्स 
इंजीनियरिंग मैकेनिक्स  हीट इंजीनियरिंग 
फिज़िक्स – IA  फिजिक्स- IIA 
सेमेस्टर 3  सेमेस्टर 4 
फ्लूइड फ्लो एंड हीट ट्रांसफर  न्यूमेरिकल एनालिसिस 
जियोलॉजी एंड मिनरल्स बेनेफिसिएशन  मटेरियल साइंस 
इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी  थर्मोडाइनामिक्स ऑफ़ मैटेरियल्स 
मैथमेटिक्स – IIIN  टेस्टिंग ऑफ़ मैटेरियल्स 
इंजीनियरिंग साइंसेज कोर्स  फ्यूल्स एंड कंबस्शन 
सेमेस्टर 5  सेमेस्टर 6 
डेफोर्मेशन एंड फ्रैक्चर बिहेवियर ऑफ़ मैटेरियल्स  स्टील मेकिंग 
फिजिक्स मेटलर्जी – I  फाउंड्री मेटलर्जी 
आयरन मेकिंग  एक्सट्रैक्शन ऑफ़ नॉन फेरस मेटल्स 
केमिकल कैनेटीक्स एंड मॉस ट्रांसफर  सॉलिड स्टेट फेज ट्रांसफॉर्मेशन प्रोसेसेज़ 
इलेक्ट्रो-केमिस्ट्री एंड करोज़न  फिजिक्स ऑफ़ मेटल्स 
सेमेस्टर 7  सेमेस्टर 8 
अलॉय स्टील मेकिंग एंड फेरोएलोय  एक्स रे डिफ्रैक्शन 
मेटल वर्किंग प्रोसेसेज़  इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग इकोनॉमिक्स 
मटेरियल इंजीनियरिंग  मेटल जॉइनिंग एंड पाउडर मेटलर्जी 
इलेक्टिव I  इलेक्टिव II 
थ्योरी मेटलर्जिकल प्रोसेसेज  एडवांस्ड कैरेक्टराइजेशन 
लाइट मेटल्स एंड अलॉय  कोटिंग टेक्नोलॉजी 
कम्पोजिट मैटेरियल्स  नैनोस्ट्रक्चर्ड मैटेरियल्स 

विदेश में बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के लिए टॉप यूनिवर्सिटीज

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के लिए अब्रॉड की टॉप यूनिवर्सिटीज के नाम निम्नलिखित हैं-

भारत में बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के लिए टॉप कॉलेजेस  

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के लिए भारत के टॉप कॉलेजेस के नाम निम्नलिखित हैं-

  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली 
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, रूड़की 
  • बेंगाल इंजीनियरिंग कॉलेज 
  • नैशनल इंस्टियूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, तिरुचिरापल्ली 
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, वाराणसी 
  • बिरसा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, धनबाद 
  • कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, पुणे 
  • कोइम्बटोर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, कोइम्बटोर 
  • जैन यूनिवर्सिटी, बंगलोर 
  • नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, दुर्गापुर 

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के लुए योग्यताएं 

यदि आप बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में डिग्री प्राप्त करने के इच्छुक हैं, तो आपको अपने चुने हुए विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित योग्यताओं को पूरा करना होगा। ये आवश्यकताएं कोर्सेज के स्तर के अनुसार भिन्न होती हैं, जैसे बैचलर, मास्टर या डिप्लोमा। बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग में कोर्स के लिए कुछ सामान्य योग्यताएं इस प्रकार हैं:

  • बैचलर्स डिग्री प्रोग्राम के लिए ज़रुरी है कि उम्मीदवारों ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2(PCM) में कम से कम 55 % मार्क्स अर्जित किए हों।
  • कैंडिडेट्स जिन्होंने दसवीं के बाद मेटलर्जिकल में डिप्लोमा किया हिअ वे भी इस कोर्स को ऑप्ट कर सकते हैं।   
  • कुछ यूनिवर्सिटीज प्रवेश परीक्षा के आधार पर भी एडमिशन स्वीकार करतीं हैं।
  • विदेश की अधिकतर यूनिवर्सिटीज मास्टर्स कोर्सेज के लिए GRE स्कोर की मांग करते हैं।
  • साथ ही मास्टर्स में एडमिशन के लिए आपकी अंडरग्रेजुएट डिग्री में कम से कम 50 % मार्क्स का होना आवश्यक है। 
  • विदेश की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए IELTS या TOEFL टेस्ट स्कोर, अंग्रेजी प्रोफिशिएंसी के प्रमाण के रूप में ज़रूरी होते हैं।
  • विदेश यूनिवर्सिटीज में पढ़ने के लिए SOP, LOR, सीवी/रिज्यूमे और पोर्टफोलियो भी जमा करने की ज़रूरत होती है।

आवेदन प्रक्रिया 

विदेश के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • आपकी आवेदन प्रक्रिया का फर्स्ट स्टेप सही कोर्स चुनना है, जिसके लिए आप AI Course Finder की सहायता लेकर अपने पसंदीदा कोर्सेज को शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं। 
  • एक्सपर्ट्स से कॉन्टैक्ट के पश्चात वे कॉमन डैशबोर्ड प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई विश्वविद्यालयों की आपकी आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे। 
  • अगला कदम अपने सभी दस्तावेज़ों जैसे SOP, निबंध, सर्टिफिकेट्स और LOR और आवश्यक टैस्ट स्कोर जैसे IELTS, TOEFL, SAT, ACT आदि को इकट्ठा करना और सुव्यवस्थित करना है। 
  • यदि आपने अभी तक अपनी IELTS, TOEFL, PTE, GMAT, GRE आदि परीक्षा के लिए तैयारी नहीं की है, जो निश्चित रूप से विदेश में अध्ययन करने का एक महत्वपूर्ण कारक है, तो आप Leverage Live कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। ये कक्षाएं आपको अपने टेस्ट में उच्च स्कोर प्राप्त करने का एक महत्त्वपूर्ण कारक साबित हो सकती हैं।
  • आपका एप्लीकेशन और सभी आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने के बाद, एक्सपर्ट्स आवास, छात्र वीज़ा और छात्रवृत्ति/छात्र लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे । 
  • अब आपके प्रस्ताव पत्र की प्रतीक्षा करने का समय है जिसमें लगभग 4-6 सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। ऑफर लैटर आने के बाद उसे स्वीकार करके आवश्यक सेमेस्टर शुल्क का भुगतान करना आपकी आवेदन प्रक्रिया का अंतिम चरण है। 

भारत के विश्वविद्यालयों में आवेदन प्रक्रिया, इस प्रकार है:

  • सबसे पहले अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट में जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • यूनिवर्सिटी की वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूज़र नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  • फिर वेबसाइट में साइन इन के बाद अपने चुने हुए कोर्स का चयन करें जिसे आप करना चाहते हैं।
  • अब शैक्षिक योग्यता, वर्ग आदि के साथ आवेदन फॉर्म भरें।
  • इसके बाद आवेदन फॉर्म जमा करें और आवश्यक आवेदन शुल्क का भुगतान करें। 
  • यदि एडमिशन, प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा के अंको के आधार पर आपका चयन किया जाएगा और लिस्ट जारी की जाएगी।

आवश्यक दस्तावेज़  

कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ों की लिस्ट नीचे दी गई है–

प्रवेश परीक्षाएं 

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के लिए आवश्यक प्रवेश परीक्षाएं निम्नलिखित हैं-

करियर स्कोप 

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के बाद जो विद्यार्थी आगे पढ़ना चाहते हैं उसके लिए MTech और MBA एक बेहतर ऑप्शन साबित होंगे। अगर आप इंजीनियरिंग के साथ मैनेजमेंट में रूचि रखते है तो MBA आपने करियर में बेहतरीन उछाल ला सकता है। वहीँ अगर आप अपने ही क्षेत्र में बेहतर ज्ञान प्राप्त करना चाहते है तो MTech एक सही विकल्प साबित हो सकता है। इसी के साथ अगर आप अपनी बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंगके बाद नौकरी करने का निर्णय लेते हियँ तो आपके सामने कई ऑप्शंस आपको नज़र आएंगे। बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के बाद आपको निम्नलिखित एरिया में नौकरियां मिल सकती हैं-

  • रेलवेज़ 
  • मेटालर्जिकल एंड केमिकल लैब्स 
  • हार्डवेयर कंपनीज़ 
  • एयरलाइन्स 
  • आयरन एंड स्टील कंपनीज़ आदि 

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के लिए टॉप रिक्रूटर्स 

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के कैंडिडेट को निम्नलिखित कंपनीयां नौकरी प्रदान करने में सक्षम हैं :-

  • Larson’s Group
  • ISRO
  • DRDO
  • The Metal Powder Company Ltd
  • Hindustan Aeronautics Ltd
  • NALCO
  • Cable Corporation of India Ltd.
  • Utkal Mineral
  • Hindustan Copper Limited
  • Tata Steel
  • HCL
  • Jindal Steel
  • Steel Authority of India (SAIL)

जॉब प्रोफाइल्स एंड सैलरी

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के बाद मिलने वाली मोस्ट कॉमन और प्रसिद्ध जॉब प्रोफाइल्स और उनकी एवरेज सालरी नीचे दी गई है :-

जॉब प्रोफाइल्स  एवरेज सालाना सैलरी (INR)
प्रोजेक्ट इंजीनियर  3-4 लाख 
रिसर्च असिस्टेंट  3-4 लाख 
मेटालर्जी इंजीनियर  3-4 लाख 
प्रोजेक्ट मैनेजर  5-6 लाख 
असिस्टेंट इंजीनियर  5-6 लाख 

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के लिए आवश्यक सपोर्टिंग मटेरियल 

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के लिए सहायक किताबों के नाम निम्नलिखित हैं-

किताब का नाम  लेखक 
Engineering Materials and Metallurgy Seiji Katayama
Metallurgy of Welding Sindo Kou 
Physical Metallurgy Gregory N. Haidemenopoulos 
Introduction to the Thermodynamics of Materials David R. Gaskell and David E. Laughlin
Powder Metallurgy Technology Anish Upadhyaya and Gopal Shankar Upadhyaya
Industrial Maintenance and Mechatronics Shawn A. Ballee

FAQs 

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग क्या होता है?

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग एक चार साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स है जो छात्रों को मेटलर्जी के फंडामेंटल्स की डेप्थ नॉलेज देने में सक्षम है। यह कोर्स माइनिंग, एक्सट्रैक्शन, डिजाइनिंग और मेटल्स की प्रोसेसिंग की तरफ फोकस्ड है। बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग में साइंस एंड टेक्नोलॉजी की थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों का ज्ञान शामिल है जिसमें मेटल को हीट ट्रीटमेंट के साथ उसके फिजिकल करैक्टर को भी बदला जाता है। कैंडिडेट्स जो फिजिक्स और केमिस्ट्री के साथ क्रिटिकल एनालिटिकल स्किल्स में परफेक्ट हैं वो इस कोर्स में बेहतर परफॉर्म कर सकते हैं। मुख्य आस्पेक्ट्स जो इस कोर्स में कवर किए जाते हैं उसमें फिजिकल मेटलर्जी, स्टील मेकिंग, सॉलिड स्टेट फेज़ ट्रांसफॉर्मेशन प्रोसेस, फिजिक्स ऑफ़ मेटल्स आदि शामिल हैं।

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के कैंडिडेट के लिए टॉप रिक्रूटर्स कौन होंगे?

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के कैंडिडेट को निम्नलिखित कंपनीयां नौकरी प्रदान करने में सक्षम हैं-
1. Larson’s Group
2. ISRO
3. DRDO
4. The Metal Powder Company Ltd
5. Hindustan Aeronautics Ltd
6. NALCO
7. Cable Corporation of India Ltd.
8. Utkal Mineral
9. Hindustan Copper Limited
10. Tata Steel
11. HCL
12. Jindal Steel
13. Steel Authority of India (SAIL)

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग के लिए टॉप जॉब प्रोफाइल्स कौन सी हैं?

बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग में मोस्ट कॉमन और पॉपुलर जॉब्स निम्नलिखित हैं :-
1. प्रोजेक्ट मैनेजर 
2. रिसर्च असिस्टेंट 
3. मेटालर्जी इंजीनियर 
4. असिस्टेंट इंजीनियर

हम आशा करते हैं कि अब आप जान गए होंगे कि बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग कैसे करें? अगर आप बीटेक मेटलर्जी इंजीनियरिंग कोर्स करना चाहते हैं और साथ ही एक उचित मार्गदर्शन चाहते हैं तो आज ही 1800572000 पर कॉल करके हमारे Leverage Edu के एक्सपर्ट्स के साथ 30 मिनट का फ्री सेशन बुक कीजिए।

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