भारत में डेंटिस्ट (दंत चिकित्सक) बनना एक सम्मानजनक और स्थिर करियर विकल्प माना जाता है। हर साल NEET देने वाले कई छात्र MBBS में सीट न मिलने के बाद BDS को लेकर असमंजस में रहते हैं कि क्या यह करियर सही रहेगा, सैलरी कैसी होगी और क्या भविष्य सुरक्षित है। डेंटिस्ट न केवल दांत और मुँह की बीमारियों का इलाज करते हैं, बल्कि हेल्थकेयर सेक्टर में लंबे समय तक करियर बनाने का अवसर भी देते हैं। इस लेख में हम डेंटिस्ट बनने की पूरी प्रक्रिया, योग्यता, कोर्स, विदेश अवसर और सैलरी से जुड़ी जरूरी जानकारी को आसान भाषा में समझेंगे।
This Blog Includes:
डेंटिस्ट बनने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
डेंटिस्ट बनने के लिए कुछ महत्वपूर्ण चरणों का पालन करना जरूरी है। नीचे हमने इसे आसान और स्टेप-बाय-स्टेप तरीके से बताया है, ताकि आप पूरी प्रक्रिया को आसानी से समझ सकें।
स्टेप 1. 10वीं के बाद सही विषय चुनें
10वीं के बाद 11वीं और 12वीं में साइंस स्ट्रीम चुनना जरूरी है। इसमें मुख्य रूप से फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी यानी PCB विषय होना चाहिए। ये विषय NEET की परीक्षा देने और आगे डेंटल कोर्स में सफलता पाने के लिए जरूरी होते हैं।
- फिजिक्स: यह शरीर की संरचना, दवाओं और उपकरणों के विज्ञान को समझने में मदद करता है।
- केमिस्ट्री: दवाओं और बायोलॉजिकल प्रक्रियाओं की रासायनिक क्रियाओं को समझने में सहायक है।
- बायोलॉजी: यह मानव शरीर, जीव विज्ञान और रोगों के अध्ययन के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय है।
स्टेप 2. NEET की तैयारी
NEET भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्स में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। MBBS की तुलना में BDS के लिए NEET की कट-ऑफ आमतौर पर थोड़ी कम होती है, लेकिन फिर भी अच्छी रैंक के लिए नियमित और सही दिशा में तैयारी जरूरी है। कई छात्र पहले प्रयास में सफल नहीं हो पाते, इसलिए दोबारा तैयारी करने का विकल्प भी खुला रहता है। ऐसे में छात्रों को पुराने सालों के प्रश्न पत्र, मॉक टेस्ट और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
स्टेप 3. NEET-UG पास करें
NEET-UG में न्यूनतम अंक और कटऑफ पास करना जरूरी है।
- परीक्षा पास करने के बाद आप BDS कोर्स में एडमिशन के योग्य बन जाते हैं।
- NEET की रैंक और कटऑफ के आधार पर सरकारी और निजी डेंटल कॉलेजों में एडमिशन मिलता है।
स्टेप 4: BDS कोर्स और एडमिशन
- NEET पास करने के बाद आप BDS कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं।
- इस कोर्स में आपको 4 साल पढ़ाई और 1 साल इंटर्नशिप करनी होती है।
- इसमें एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री, पैथोलॉजी, ओरल हाइजीन, और डेंटल क्लिनिकल स्किल्स सिखाएं जाते हैं।
- इस कोर्स के दौरान आपको थ्योरी, प्रैक्टिकल और क्लिनिकल ट्रेनिंग मिलती है।
यह भी पढ़ें: एयर होस्टेस कोर्स लिस्ट: योग्यता, अवधि और करियर स्कोप
स्टेप 5. डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया या स्टेट डेंटल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराएँ
- BDS पूरा होने के बाद डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (DCI) या अपने राज्य की डेंटल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करें।
- रजिस्ट्रेशन के लिए आपको BDS की मार्कशीट, पासिंग सर्टिफिकेट,पहचान पत्र जमा करने होते हैं।
- फीस जमा करने के बाद आपका नाम डेंटल प्रोफेशनल की लिस्ट में दर्ज हो जाता है।
स्टेप 6. प्रैक्टिस शुरू करें या आगे पढ़ाई (MDS) करें
रजिस्ट्रेशन के बाद छात्र दो रास्तों में से एक चुन सकते हैं।
- MDS (Master of Dental Surgery) में एडमिशन लेना: MDS करने का विकल्प उन छात्रों के लिए बेहतर होता है जो किसी एक डेंटल स्पेशलाइजेशन में गहराई से काम करना चाहते हैं या भविष्य में टीचिंग, बड़े हॉस्पिटल या विदेश में अवसर देख रहे हैं।
- डेंटल क्लिनिक खोलकर प्रैक्टिस करना: वहीं, सीधे क्लिनिक शुरू करना तभी फायदेमंद होता है जब आपके पास शुरुआती निवेश, सही लोकेशन और धैर्य हो, क्योंकि पहले 1–2 साल आय सीमित रह सकती है। अनुभव बढ़ने के साथ दोनों ही विकल्पों में करियर ग्रोथ संभव है।
भारत के प्रमुख BDS कॉलेज
यहां कुछ ऐसे सरकारी कॉलेज हैं जो BDS कोर्स कराते हैं:
- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली
- मौलाना आजाद इंस्टिट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज, नई दिल्ली
- मणिपाल कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेज, मणिपाल (कर्नाटक)
- किंग जॉर्ज्स मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ
- सेवीथा डेंटल कॉलेज, चेन्नई
- राजा मोहन सिंह डेंटल कॉलेज, लुधियाना
- डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, कोलकाता
- एमएस रामैया डेंटल कॉलेज, बैंगलोर
- ड्र. डी. वाई. पाटिल डेंटल कॉलेज, पुणे
- कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज डेंटल विभाग, मणिपाल (कर्नाटक)
BDS कोर्स का खर्चा
इस कोर्स को करने के लिए आफ सरकारी और निजी दोनों कॉलेज चुन सकते हैं। जिनकी फीस निम्न प्रकार है:
सरकारी कॉलेज: यहां फीस लगभग 15,000 से 60,000 होती है।
निजी कॉलेज: यहां फीस 3 लाख से 10 लाख तक हो सकती है।
यह भी पढ़ें: BCA के बाद क्या करें? जानिए टॉप कोर्सेज और करियर ऑप्शंस
विदेश में करियर बनाने की प्रक्रिया
विदेश में डेंटिस्ट बनना भारत से थोड़ा अलग होता है। विदेश में डेंटिस्ट बनना संभव है, लेकिन प्रक्रिया लंबी और देश के अनुसार अलग-अलग होती है। अमेरिका में लाइसेंसिंग प्रक्रिया महंगी और समय लेने वाली होती है। यूके में ORE परीक्षा के लिए सीमित सीटें होती हैं, जिससे इंतजार बढ़ सकता है। ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में प्रक्रिया स्पष्ट है, लेकिन प्रतियोगिता अधिक रहती है। इसलिए विदेश जाने से पहले समय, खर्च और परीक्षा की तैयारी को समझना जरूरी है। विदेश में करियर बनाने के लिए आप निम्नलिखित मुख्य चरणों को फॉलो कर सकते हैं:
- सबसे पहले अपनी BDS/MDS डिग्री की मान्यता उस देश की डेंटल काउंसिल से करवाएँ।
- फिर लाइसेंसिंग एग्ज़ाम (जैसे INBDE (यूएसए), ORE (यूके), ADC (कनाडा/ऑस्ट्रेलिया) पास करें।
- पास होने के बाद आपको वर्क वीज़ा और परमिट प्राप्त करना होगा।
- इसके बाद आप डेंटल प्रैक्टिस या हॉस्पिटल/क्लिनिक में नौकरी शुरू कर सकते हैं।
- आप चाहें तो वहाँ MDS/स्पेशलाइजेशन या क्लिनिकल फ़ेलोशिप करके करियर बढ़ा सकते हैं।
- अंत में, विदेश में आपकी सैलरी और करियर ग्रोथ आपके अनुभव और स्पेशलाइजेशन पर निर्भर करेगा।
डेंटिस्ट की सैलरी, भत्ते और सुविधाएँ
भारत में शुरुआती डेंटिस्ट की सैलरी लगभग ₹20,000 से ₹50,000 प्रति माह हो सकती है। हालांकि, पहले कुछ वर्षों में आय अनुभव, शहर और कार्यस्थल पर काफी निर्भर करती है। मेट्रो शहरों में अवसर अधिक होते हैं, जबकि छोटे शहरों में क्लिनिक को समय लगता है। अनुभव और स्पेशलाइजेशन के साथ आय में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होती है। यह सैलरी आंकड़े अनुमानित हैं। वास्तविक सैलरी स्थान, अस्पताल/क्लिनिक और अनुभव के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
FAQs
डेंटिस्ट बनने के लिए कम से कम 12वीं कक्षा (PCB विषय) पास करना जरूरी है।
हाँ, भारत में BDS कोर्स में एडमिशन के लिए NEET-UG पास करना अनिवार्य है।
हाँ, विदेश में प्रैक्टिस करने के लिए लाइसेंसिंग एग्ज़ाम (जैसे NBDE, ORE, ADC) पास करना जरूरी है।
बीडीएस लगभग 5 साल का स्नातक कोर्स होता है। यह भारत में दंत चिकित्सा में काम करने के लिए मान्यता प्राप्त एकमात्र पेशेवर कोर्स है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद आप एक डेंटल डॉक्टर बन जाते है
इस कोर्स को करने के लिए सरकारी और प्राइवेट कॉलेज हैं, जहाँ आमतौर पर सरकारी कॉलेज की फीस 15,000 से 60,000 और निजी कॉलेजों में 3 लाख से 10 लाख या उससे अधिक हो सकती है।
IIRF रैंकिंग के अनुसार भारत में 300 से भी ज़्यादा डेंटल कॉलेज हैं, जहां से आप डेंटल सर्जरी की पढ़ाई कर सकते हैं।
हाँ, यदि आप हेल्थकेयर में लंबे समय तक करियर बनाना चाहते हैं और धीरे-धीरे ग्रोथ के लिए तैयार हैं, तो BDS एक व्यावहारिक विकल्प है।
हाँ, हॉस्पिटल, डेंटल चेन, रिसर्च और टीचिंग जैसे विकल्प उपलब्ध हैं।
यदि कॉलेज मान्यता प्राप्त है और आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग स्पष्ट है, तो प्राइवेट कॉलेज भी एक विकल्प हो सकता है।
डेंटिस्ट का करियर उन छात्रों के लिए उपयुक्त है जो मरीजों के साथ काम करना पसंद करते हैं और लंबी अवधि में स्थिर ग्रोथ चाहते हैं। यदि आप तुरंत ज्यादा कमाई की उम्मीद कर रहे हैं, तो शुरुआत में धैर्य रखना जरूरी होगा। अन्य करियर से संबंधित लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।
-
Nice Article.
-
हमारे लेख को सराहने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
-
Nice information
-
आपका आभार, ऐसे ही हमारी वेबसाइट पर बने रहिए।
-
-
-
One app for all your study abroad needs






60,000+ students trusted us with their dreams. Take the first step today!

4 comments
Nice Article.
हमारे लेख को सराहने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
Nice information
आपका आभार, ऐसे ही हमारी वेबसाइट पर बने रहिए।