रेडियोलॉजिस्ट वह विशेषज्ञ डॉक्टर होता है, जो एक्स-रे, सीटी स्कैन, MRI और अल्ट्रासाउंड जैसी इमेजिंग तकनीकों के जरिए शरीर के अंदर की समस्याओं को समझता है और सही बीमारी का पता लगाने में मदद करता है। कैंसर, हड्डियों के फ्रैक्चर, अंदरूनी चोट या दिमाग और अन्य अंगों से जुड़ी गंभीर स्थितियों के निदान में इनकी भूमिका बेहद अहम होती है। आज के समय में रेडियोलॉजी को मेडिकल क्षेत्र का एक स्थिर और सम्मानजनक करियर माना जाता है, लेकिन यहाँ तक पहुँचने का रास्ता आसान नहीं होता। अगर आप जानना चाहते हैं कि रेडियोलॉजिस्ट कैसे बनें, तो यह लेख आपके लिए है।
This Blog Includes:
- रेडियोलॉजिस्ट कौन होता है?
- रेडियोलॉजिस्ट कैसे बनें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
- रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए आवश्यक योग्यता
- रेडियोलॉजिस्ट के लिए प्रमुख भर्ती करने वाले संस्थान
- रेडियोलॉजिस्ट बनने के बाद प्रमुख जॉब प्रोफाइल
- रेडियोलॉजिस्ट की अनुमानित वार्षिक सैलरी
- रेडियोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिक टेक्नोलॉजिस्ट के बीच अंतर
- FAQs
रेडियोलॉजिस्ट कौन होता है?
रेडियोलॉजिस्ट वे चिकित्सक होते हैं जो आधुनिक तकनीक और इमेजिंग टेस्ट जैसे एक्स-रे, MRI, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड की मदद से बीमारियों की पहचान (निदान) में सहायता करते हैं। इनका मुख्य कार्य रोगों, चोटों या किसी असामान्य स्थिति का पता लगाना और उनकी रिपोर्ट तैयार करना होता है, जिसके आधार पर आगे का उपचार निर्धारित किया जाता है। आज के समय में रेडियोलॉजी हेल्थकेयर सिस्टम का एक महत्वपूर्ण अंग है, इसलिए यह प्रोफेशन छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
रेडियोलॉजिस्ट कैसे बनें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
भारत में रेडियोलॉजिस्ट बनने की प्रक्रिया के कुछ प्रमुख चरण इस प्रकार हैं:
स्टेप 1: साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास करें
रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए सबसे पहले आपको किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) विषयों के साथ न्यूनतम 55% अंकों से उत्तीर्ण करना होता है। इसके बाद MBBS कोर्स में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET UG परीक्षा पास करना अनिवार्य है।
स्टेप 2: MBBS की डिग्री पूरी करें
MBBS का 5.5 वर्ष का कोर्स पूरा करने के बाद ही रेडियोलॉजी में स्पेशलाइजेशन प्राप्त करने का अवसर मिलता है। इसके बाद आप MD रेडियोलॉजी या DNB रेडियोलॉजी में एडमिशन ले सकते हैं।
स्टेप 3: रेडियोलॉजी में MD या DNB करें
रेडियोलॉजी में डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (MD) या डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (DNB) रेडियोलॉजी कोर्स करने के लिए आपको पहले ‘आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड’ (NBEMS) द्वारा आयोजित NEET PG परीक्षा पास करनी होती है। इसके बाद ही आप भारत के मान्यता प्राप्त मेडिकल संस्थानों में इस कोर्स में एडमिशन के लिए पात्र होते हैं।
स्टेप 4: मेडिकल लाइसेंस प्राप्त करें
MBBS और रेडियोलॉजी में MD या DNB जैसे स्नातकोत्तर प्रोग्राम करने के बाद आपको राज्य चिकित्सा परिषद या राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) में पंजीकरण के पश्चात ही मेडिकल प्रैक्टिस के लिए वैध लाइसेंस प्राप्त होता है, जो एक पेशेवर रेडियोलॉजिस्ट के रूप में कार्य करने की अनुमति देता है। ध्यान रखें कि भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए किसी अलग लाइसेंसिंग परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाता है।
यह भी पढ़ें – लैब टेक्नीशियन कैसे बनें?
रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए आवश्यक योग्यता
रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए आपको कुछ आवश्यक योग्यताओं को पूरा करना होगा, जैसे:
- 12वीं (PCB) में न्यूनतम योग्यता: सबसे पहले आपको किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) विषयों के साथ न्यूनतम 55% अंकों से पास करना होता है।
- NEET UG परीक्षा उत्तीर्ण करना: इसके बाद MBBS कोर्स में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय स्तर की NEET-UG परीक्षा पास करना जरूरी है।
- MBBS डिग्री कंप्लीट करें: आपको मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज से 4.5 वर्ष की पढ़ाई + 1 वर्ष की इंटर्नशिप पूरी करनी होती है।
- NEET PG क्वालिफाई करना: रेडियोलॉजी में स्पेशलाइजेशन (PG) के लिए NBEMS द्वारा आयोजित NEET PG परीक्षा पास करना अनिवार्य है।
- MD या DNB रेडियोलॉजी के मेडिकल रजिस्ट्रेशन करें: MD या DNB (रेडियोलॉजी) की 3 वर्षीय डिग्री पूरी करने के बाद राज्य चिकित्सा परिषद व NMC में पंजीकरण कराना आवश्यक है, तभी आप लाइसेंस प्राप्त रेडियोलॉजिस्ट बन सकते हैं।
यह भी पढ़ें – डर्मेटोलॉजिस्ट कैसे बनें?
रेडियोलॉजिस्ट के लिए प्रमुख भर्ती करने वाले संस्थान
रेडियोलॉजिस्ट के लिए शीर्ष नियोक्ता की सूची इस प्रकार है:
- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली
- भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), नई दिल्ली
- राज्य सरकार के अस्पताल
- आर्मी अस्पताल
- फोर्टिस हेल्थकेयर
- नारायण स्वास्थ्य
- सह्याद्रि अस्पताल
- मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल
- डॉ. लाल पैथलैब्स
रेडियोलॉजिस्ट बनने के बाद प्रमुख जॉब प्रोफाइल
रेडियोलॉजिस्ट के रूप में आप सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों, डायग्नोस्टिक इमेजिंग सेंटरों तथा पैथोलॉजी लैब में नीचे दिए गए पदों पर अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं:
- ऑन्कोलॉजी रेडियोलॉजिस्ट
- डायग्नोस्टिक रेडियोलॉजिस्ट
- इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट
- कंसल्टेंट रेडियोलॉजिस्ट
- टेलीराडियोलॉजिस्ट
- न्यूरोरेडियोलॉजिस्ट
- पेडियाट्रिक रेडियोलॉजिस्ट
रेडियोलॉजिस्ट की अनुमानित वार्षिक सैलरी
रेडियोलॉजिस्ट बनने के बाद सैलरी आपके कार्यक्षेत्र, एक्सपीरियंस, सरकारी तथा प्राइवेट सेक्टर व शहर के अनुसार भिन्न हो सकती है। AmbitionBox के अनुसार एक रेडियोलॉजिस्ट की वार्षिक सैलरी INR 21.9 लाख – INR 32.5 लाख के बीच होती है। हालांकि एक्सपीरियंस बढ़ने पर सैलरी में इजाफा भी होता है।
यह भी पढ़ें – डर्मेटोलॉजिस्ट कैसे बनें?
रेडियोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिक टेक्नोलॉजिस्ट के बीच अंतर
रेडियोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिक टेक्नोलॉजिस्ट के बीच प्रमुख अंतर इस प्रकार है:
| तुलना का आधार | रेडियोलॉजिस्ट | रेडियोलॉजिक टेक्नोलॉजिस्ट |
| कार्य का प्रकार | यह मेडिकल डॉक्टर होता है जो X-Ray, CT Scan, MRI जैसी रिपोर्ट्स को पढ़कर बीमारी का पता लगाता है। | यह मशीनें चलाने वाला हेल्थकेयर प्रोफेशनल होता है जो X-Ray, CT, MRI की इमेज तैयार करता है। |
| शिक्षा योग्यता | MBBS के बाद 3 साल का MD Radiology या DNB Radiology। | 12वीं साइंस के बाद B.Sc Radiology, BRT, या Diploma in Radiology। |
| जिम्मेदारियाँ | डायग्नोसिस करना, रिपोर्ट बनाना। | मशीन सेट-अप, मरीज की पोज़िशनिंग, इमेज क्वालिटी चेक करना। |
| कौशल | मेडिकल नॉलेज, एनालिटिकल स्किल, जटिल रिपोर्ट समझने की क्षमता। | टेक्निकल स्किल, मशीन हैंडलिंग, पेशेंट केयर। |
| कार्य स्थान | हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज, डायग्नोस्टिक सेंटर। | हॉस्पिटल, क्लिनिक, इमेजिंग सेंटर्स। |
FAQs
भारत में रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए MBBS में प्रवेश हेतु NEET UG उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।
रेडियोलॉजिस्ट बनने के लिए 12वीं (PCB) के बाद NEET UG पास कर MBBS (5.5 वर्ष) करना और फिर NEET PG के माध्यम से MD या DNB (रेडियोलॉजी) करना अनिवार्य होता है।
भारत में रेडियोलॉजिस्ट बनने की कुल अवधि लगभग 8.5 वर्ष होती है, जिसमें MBBS (5.5 वर्ष, इंटर्नशिप सहित) और उसके बाद MD व DNB रेडियोलॉजी (3 वर्ष) शामिल हैं।
स्पेशलिस्ट डॉक्टर बनने के बाद रेडियोलॉजिस्ट खुद का जांच केंद्र खोल सकता है। इसके लिए मेडिकल पंजीकरण, मशीनों की अनुमति और सरकारी नियमों का पालन जरूरी होता है।
रेडियोलॉजी एक चिकित्सा शाखा है जिसमें शरीर के अंदर की बीमारियों, चोटों और असामान्यताओं का पता लगाने के लिए एक्स-रे, CT स्कैन, MRI और अल्ट्रासाउंड जैसी इमेजिंग तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
हमें आशा है कि आप इस लेख में जान पाए होंगे कि रेडियोलॉजिस्ट कैसे बनें। ऐसे ही करियर से संबंधित अन्य लेख पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ जुड़े रहें।

One app for all your study abroad needs



60,000+ students trusted us with their dreams. Take the first step today!