एमएससी जियोलॉजी कैसे करें?

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जियोलॉजी एक पृथ्वी विज्ञान है जिसमें चट्टानों और परतों  का अध्ययन शामिल है। इसमें यह सीखने को मिलता है कि चट्टानों और परतें पृथ्वी की रचना कैसे करते हैं और प्राकृतिक प्रक्रियाओं के कारण वे समय के साथ कैसे बदलते हैं। इसमें किसी ग्रह और उसके प्राकृतिक उपग्रहों के ठोस भौतिक गुणों का अध्ययन भी शामिल है। जियोलॉजी व्यापक करियर के अवसरों से भरा है। इसके लिए मास्टर्स करके और अधिक जॉब के अवसर मिलते हैं। इसलिए यह ब्लॉग आपको एमएससी जियोलॉजी के बारे में सभी जानकारियां प्रदान करेगा। 

कोर्स एमएससी जियोलॉजी
फ़ुल फॉर्म मास्टर्स ऑफ़ साइंस इन जियोलॉजी
अवधि 2 साल
एडमिशन प्रोसेस मेरिट/एंट्रेंस एग्जाम के आधार
लेवल पोस्ट ग्रेजुएशन
औसत फ़ीस लगभग INR 25,000-1,08,000

एमएससी जियोलॉजी क्या है? 

एमएससी जियोलॉजी दो साल का पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कोर्स है। जो इस क्षेत्र के व्यापक पहलुओं और इसके परस्पर जुड़े विषयों जैसे पेलियोन्टोलॉजी, जियोग्राफी, एंथ्रोपोलॉजी आदि को शामिल करता है। जियोलॉजी में मास्टर ऑफ़ साइंस प्रीहिस्टोरिक टाइम्स से पृथ्वी की विभिन्न परतों के अध्ययन को शामिल करता है। समकालीन समय के लिए, यह पूरे वर्षों के विकास का भी एसेसमेंट करता है। यह छात्रों को वातावरण की विविध प्रक्रियाओं और जीवन के विकास में समझ प्रदान करता है। इसके साथ ही आप मिनरलोजी, जियोकेमेस्ट्री, पेट्रोलॉजी आदि जैसे विषयों के बारे में भी इसमें पढ़ते हैं। 

एमएससी जियोलॉजी क्यों करें? 

एमएससी जियोलॉजी आपको क्यों करनी चाहिए इसके लिए कुछ पॉइंट्स नीचे दिए गए हैं:

  • इस कोर्स में छात्रों को ठोस पृथ्वी से संबंधित पृथ्वी विज्ञान का अध्ययन करने को मिलेगा। साथ ही जानने को मिलेगा कि किन चट्टानों की रचना की गई है और वह प्रक्रिया जिसके द्वारा वे समय के साथ बदलते हैं।
  • एमएससी जियोलॉजी कोर्स में किसी भी स्थलीय ग्रह या प्राकृतिक उपग्रह जैसे मंगल या चंद्रमा की ठोस विशेषताओं का अध्ययन भी शामिल है।
  • यह कोर्स यह समझने और सीखने से संबंधित है कि पृथ्वी की पूरी प्रणाली कैसे अपना काम करती है। इसमें भू-आकृतियां, विभिन्न प्रक्रियाएं, घटक और इतिहास शामिल हैं।
  • यह कोर्स छात्रों को बिजनेस, कानून, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में करियर के लिए तैयार करता है।
  • छात्रों को अपने क्षेत्र में रिसर्च कार्य करने का भी अवसर मिलता है। 
  • यह जियोलॉजी के बारे में डीप नॉलेज प्रदान करता है। 

स्किल्स

एमएससी जियोलॉजी में करियर बनाने के लिए डिग्री के साथ कुछ स्किल्स का होना जरूरी है। जिनमें से महत्वपूर्ण यहां दी गई हैं:

  • एक्सीलेंट एनालिटिकल स्किल
  • बेसिक इंजीनियरिंग प्रिंसिपल को समझने की क्षमता
  • जियोलॉजिकल एंड नेचुरल इन्वायरमेंट को समझने के लिए रुचि
  • मैपिंग टेक्निक
  • फ्लैक्सिबिलिटी एंड वर्सेटिलिटी
  • पेशेंस 
  • अच्छी साइंटिफिक एंड टेक्निकल स्किल्स
  • अच्छी ऑब्जर्वेशन स्किल
  • स्ट्रांग स्पोकन एंड रिटन कम्युनिकेशन स्किल

सिलेबस

एमएससी जियोलॉजी कई महत्वपूर्ण विषय और टॉपिक को कोर्स में शामिल करती है। एमएससी जियोलॉजी का सामान्य सिलेबस सेमेस्टर वाइज नीचे दिया गया है:

सेमेस्टर I सेमेस्टर II
जियोकेमेस्ट्री सेडीमेंटरी पेट्रोलॉजी 
मिनरलॉजी, क्रिस्टल ऑप्टिक्स & एक्स-रे क्रिस्टलोग्राफ़ी  जियोमॉर्फोलॉजी, रिमोट सेंसिंग 
पैलीअन्टालॉजी   माइनिंग जियोलॉजी 
जियोकेमिकल थर्मोडायनेमिक्स   मेटामॉर्फिक पेट्रोलॉजी 
लैब प्रैक्टिकल  लैब प्रैक्टिकल 
फ़ील्डवर्क 
सेमेस्टर III सेमेस्टर IV
सॉलिड अर्थ एंड एक्सप्लोरेशन जियोफिसिक्स  मिनरल फ्यूल रिसोर्सेज 
स्टैटिस्टिकल मेथड्स इन जियोलोजी इकोनॉमिक जियोलोजी 
ओरे पेट्रोलॉजी जियोलॉजिस्ट एंड जियोकेमिकल प्रोस्पेक्टिंग 
इंजीनियरिंग & ग्राउंडवॉटर जियोलोजी   स्ट्रैटीग्राफी एंड इंडियन जियोलॉजी 
इलेक्टिव प्रोजेक्ट के लिए 

मिनरोलॉजी

मिनरोलॉजी, जियोलॉजी का एक उप-क्षेत्र है, जो खनिजों, उनके रसायन विज्ञान, क्रिस्टल संरचना और इसके भौतिक गुणों का अध्ययन करता है। इसमें खनिजों की उत्पत्ति, उनके भौगोलिक वितरण और उनके उपयोग की प्रक्रियाएं भी शामिल हैं। जियोलॉजी के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में, मिनरोलॉजी यह पता लगाता है कि खनिजों का उपयोग विभिन्न रूपों जैसे अयस्क, उर्वरक आदि में कैसे किया जाता है। ये अयस्क विभिन्न महत्वपूर्ण धातुओं जैसे लोहा, एल्यूमीनियम आदि के असंसाधित रूप हैं और इनमें से कुछ अयस्क जैसे चूना पत्थर और ग्रेनाइट का उपयोग किया जाता है। निर्माण सामग्री के रूप में। खनिज विज्ञान इन खनिजों का विश्लेषण उनके मूल गुणों और विभिन्न उद्योगों में उनके उपयोग की पहचान करने के लिए करता है।

पेट्रोलॉजी

जियोलॉजी के मूलभूत विषयों में से एक- पेट्रोलॉजी चट्टानों का अध्ययन है और उनका निर्माण कैसे हुआ। यह विषय तीन उप-क्षेत्रों का गठन करता है, अर्थात आग्नेय, अवसादी और कायापलट। चट्टानों की संरचना और बनावट का अध्ययन करने और उनकी उत्पत्ति के बारे में अधिक जानने के लिए पेट्रोलॉजी भू-रसायन और भूभौतिकी के तरीकों का उपयोग करती है। यह क्षेत्र भूविज्ञान का एक महत्वपूर्ण विभाजन है क्योंकि चट्टानें पृथ्वी की मूल परतों का निर्माण करती हैं और सूक्ष्म दृष्टिकोण से पृथ्वी का निर्माण करने वाले तत्वों की समझ का अभिन्न अंग हैं। 

इकोनॉमिक जियोलॉजी

इकोनॉमिक जियोलॉजी पृथ्वी के खनिजों का अध्ययन है जिनका उपयोग अक्सर औद्योगिक और आर्थिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है। इन सामग्रियों में धातु, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, कोयला आदि शामिल हैं। इकोनॉमिक जियोलॉजी अध्ययन का एक व्यावहारिक क्षेत्र है और जियोलॉजी का एक महत्वपूर्ण उप-क्षेत्र है। इकोनॉमिक जियोलॉजी के विषय में गहराई से जाने पर, आप खनिज इंजीनियरों, पर्यावरण वैज्ञानिकों, संरक्षणवादियों आदि जैसे विविध कैरियर की संभावनाओं का पता लगा सकते हैं।

एमएससी जियोलॉजी के दौरान शामिल अन्य विषय

एमएससी जियोलॉजी के दौरान शामिल अन्य विषय इस प्रकार है:

  • जियोकेमिस्ट्री
  • जियोफिजिक्स
  • हाइड्रोज्योलोजी
  • जियो-टेक्टोनिक्स
  • क्रिस्टलोग्राफी
  • नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट

टॉप विदेशी यूनिवर्सिटीज़ 

एमएससी जियोलॉजी के लिए टॉप विदेशी यूनिवर्सिटीज़ इस प्रकार हैं:

टॉप भारतीय यूनिवर्सिटीज़

एमएससी जियोलॉजी के लिए टॉप भारतीय यूनिवर्सिटीज़ इस प्रकार हैं:

  • BHU, वाराणसी
  • SPPU, पुणे
  • MGU, कोट्टायम
  • बनस्थली विद्यापीठ, जयपुर
  • मुंबई यूनिवर्सिटी, मुंबई
  • मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी, उदयपुर
  • प्रेसिडेंसी कॉलेज, कोलकाता
  • गॉसनर कॉलेज, रांची
  • देवगिरी यूनिवर्सिटी, कोलकाता
  • सेंट जेवियर्स कॉलेज

योग्यता 

एमएससी जियोलॉजी के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया नीचे दिया गया है। ध्यान दें कि प्रवेश मानदंड कॉलेज से कॉलेज में भिन्न हो सकता है।

  • उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से जियोलॉजी में ग्रेजुएशन की डिग्री या विज्ञान स्ट्रीम में समकक्ष डिग्री होनी चाहिए।
  • छात्र ने हाई स्कूल में अनिवार्य विषय के रूप में जियोलॉजी का अध्ययन किया हो और गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री या बायोलॉजी में से किन्हीं दो विषयों का अध्ययन किया हो।
  • उम्मीदवार को आवश्यक कट-ऑफ के साथ प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ-साथ कम से कम 60% या उससे अधिक प्रतिशत प्राप्त करना होगा।
  • विदेश के लिए इंग्लिश प्रोफिशिएंसी टेस्ट जैसे IELTS, TOEFL, PTE के स्कोर
  • SAT/ACT और GMAT/GRE स्कोर की मांग की जा सकती है। 
  • कई यूनिवर्सिटीज़ मेरिट के आधार पर एडमिशन लेती हैं जबकि कुछ प्रवेश परीक्षा के आधार पर एडमिशन लेती हैं इसलिए आपको उसे पास करने के आवश्यता हो सकती है। 

आवेदन प्रक्रिया

विदेश के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया इस प्रकार है–

  • आपकी आवेदन प्रक्रिया का फर्स्ट स्टेप सही कोर्स चुनना है, जिसके लिए आप AI Course Finder की सहायता लेकर अपने पसंदीदा कोर्सेज को शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं। 
  • एक्सपर्ट्स से कॉन्टैक्ट के पश्चात वे कॉमन डैशबोर्ड प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई विश्वविद्यालयों की आपकी आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे। 
  • अगला कदम अपने सभी दस्तावेजों जैसे SOP, निबंध (essay), सर्टिफिकेट्स और LOR और आवश्यक टेस्ट स्कोर जैसे IELTS, TOEFL, SAT, ACT आदि को इकट्ठा करना और सुव्यवस्थित करना है। 
  • यदि आपने अभी तक अपनी IELTS, TOEFL, PTE, GMAT, GRE आदि परीक्षा के लिए तैयारी नहीं की है, जो निश्चित रूप से विदेश में अध्ययन करने का एक महत्वपूर्ण कारक है, तो आप Leverage Live कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। ये कक्षाएं आपको अपने टेस्ट में उच्च स्कोर प्राप्त करने का एक महत्त्वपूर्ण कारक साबित हो सकती हैं।
  • आपका एप्लीकेशन और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद, एक्सपर्ट्स आवास, छात्र वीज़ा और छात्रवृत्ति / छात्र लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे । 
  • अब आपके प्रस्ताव पत्र की प्रतीक्षा करने का समय है जिसमें लगभग 4-6 सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। ऑफर लेटर आने के बाद उसे स्वीकार करके आवश्यक सेमेस्टर शुल्क का भुगतान करना आपकी आवेदन प्रक्रिया का अंतिम चरण है। 

भारत के विश्वविद्यालयों में आवेदन प्रक्रिया, इस प्रकार है–

  • सबसे पहले अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट में जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • यूनिवर्सिटी की वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  • फिर वेबसाइट में साइन इन के बाद अपने चुने हुए कोर्स का चयन करें जिसे आप करना चाहते हैं।
  • अब शैक्षिक योग्यता, वर्ग आदि के साथ आवेदन फॉर्म भरें।
  • इसके बाद आवेदन फॉर्म जमा करें और आवश्यक आवेदन शुल्क का भुगतान करें। 
  • यदि एडमिशन, प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा के अंको के आधार पर आपका चयन किया जाएगा और लिस्ट जारी की जाएगी।

आवश्यक दस्तावेज़  

कुछ जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट नीचे दी गई हैं–

प्रवेश परीक्षा

एमएससी जियोलॉजी के लिए कई यूनिवर्सिटीज़ प्रवेश परीक्षा का आयोजन करती हैं। जिनमें से कुछ यहां दी गई हैं:

  • BHU PET
  • MRNAT
  • AUCET
  • DUET
  • JNUEE
  • IPU CET 
  • OUCET 
  • BITSAT
  • SAT/ACT (विदेश के लिए) 
  • GMAT या GRE (विदेश के लिए) 
  • IELTS, TOEFL, PTE (विदेश के लिए) 

जियोलॉजी के लिए बुक्स

जियोलॉजी के लिए कुछ बुक्स की लिस्ट नीचे दी गई है:

करियर स्कोप

एमएससी जियोलॉजी के बाद आप उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं अर्थात् पीएचडी कर सकते हैं। या फिर कई टॉप रिक्रूटिंग कंपनीज़ हैं जो एमएससी जियोलॉजी ग्रेजुएट्स को अच्छी सैलरी वाली नौकरी प्रदान करती हैं। वहाँ आप काम कर सकते हैं। माइनिंग इंडस्ट्री, ऑयल एंड गैस इंडस्ट्री, पेट्रोलियम एंड जेम्स इंडस्ट्री आदि में सेक्टर्स में काम कर सकते हैं। कुछ टॉप रिक्रूटिंग कंपनीज़ की लिस्ट नीचे दी गई है:

  • Reliance Industries
  • Schlumberger
  • Oil and Natural Gas
  • Shell
  • Wipro
  • Cairn Energy India
  • Hindustan Zinc Limited आदि। 

जॉब प्रोफाइल और सैलरी

एमएससी जियोलॉजी ग्रेजुएट्स के लिए टॉप जॉब प्रोफ़ाइल उनकी सैलरी के साथ नीचे दी गई हैं:

जॉब प्रोफ़ाइल अनुमानित सालाना सैलरी (Payscale के अनुसार) 
जियोलॉजिस्ट  INR 1.54 लाख-10 लाख
जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स (GIS) एनालिस्ट  INR 1.86 लाख-7.05 लाख
असिस्टेंट मैनेजर INR 4.01 लाख-20 लाख
कंटेंट राइटर INR 76 हजार-2.36 लाख
डाटा इंजीनियर INR 1.50 लाख-8.52 लाख
इनसाइड सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव  INR 1.78 लाख-5.32 लाख

FAQs

एमएससी जियोलॉजी क्या है? 

एमएससी जियोलॉजी दो साल का पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कोर्स है। जो इस क्षेत्र के व्यापक पहलुओं और इसके परस्पर जुड़े विषयों जैसे पेलियोन्टोलॉजी, जियोग्राफी, एंथ्रोपोलॉजी आदि को शामिल करता है। जियोलॉजी में मास्टर ऑफ़ साइंस प्रीहिस्टोरिक टाइम्स से पृथ्वी की विभिन्न परतों के अध्ययन को शामिल करता है। समकालीन समय के लिए, यह पूरे वर्षों के विकास का भी एसेसमेंट करता है। यह छात्रों को वातावरण की विविध प्रक्रियाओं और जीवन के विकास में समझ प्रदान करता है। इसके साथ ही आप मिनरलोजी, जियोकेमेस्ट्री पेट्रोलॉजी आदि जैसे विषयों के बारे में भी इसमें पढ़ते हैं।

एमएससी जियोलॉजी कोर्स कितने साल का होता है? 

एमएससी जियोलॉजी कोर्स 2 साल का पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स है। 

एमएससी जियोलॉजी ग्रेजुएट्स किस क्षेत्र में काम कर सकते हैं? 

माइनिंग इंडस्ट्री, ऑयल एंड गैस इंडस्ट्री, पेट्रोलियम एंड जेम्स इंडस्ट्री आदि में सेक्टर्स में काम कर सकते हैं।

एमएससी जियोलॉजी के लिए टॉप रिक्रूटिंग कंपनीज कौनसी हैं? 

कुछ टॉप रिक्रूटिंग कंपनीज की लिस्ट नीचे दी गई है:
1. Reliance Industries
2. Schlumberger
3. Oil and Natural Gas
4. Shell
5. Wipro
6. Cairn Energy India
7. Hindustan Zinc Limited आदि। 

उम्मीद है, एमएससी जियोलॉजी कोर्स से संबंधित सभी जानकारियां आपको इस ब्लॉग में मिल गई होंगी। यदि आप विदेश में एमएससी जियोलॉजी कोर्स करना चाहते हैं तो 1800572000 पर कॉल करके Leverage Edu एक्सपर्ट्स के साथ 30 मिनट का फ्री सेशन बुक करें। 

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