एमएससी एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में कैसे बनाएं करियर?

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एमएससी एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी या मास्टर ऑफ साइंस इन एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी दो साल का पोस्टग्रेजुएट कोर्स है। जिसमें फसल और प्लांट बायोटेक्नोलॉजी, फसल की उपज, पर्यावरणीय तनावों के लिए फसलों की कम संवेदनशीलता, पोषण गुणों में वृद्धि और बेहतर स्वाद, बनावट और भोजन की उपस्थिति, उर्वरकों, कीटनाशकों पर निर्भरता में कमी जैसे विषयों का अध्ययन शामिल है। एमएससी एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी के बारे में विस्तार से जानने के लिए यह ब्लॉग पूरा पढ़ें।

फ़ुल फॉर्मएमएससी एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी
प्रोग्राम लेवल मास्टर डिग्री 
अवधि2 साल
परीक्षा का प्रकारसेमेस्टर/वैश्विक 
एलिजिबिलिटी12वीं PCM/PCB विषय से 
एडमिशन प्रोसेसएंट्रेंस एग्जाम या मेरिट के आधार पर
औसत फीसINR 1-2 लाख

एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में एमएससी क्यों चुनें?

एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में एमएससी क्यों करनी चाहिए जानने के लिए नीचे दिए गए पॉइंट्स को पढ़ें:

  • यदि आपकी रूचि कृषि उत्पादन और प्रोसेसिंग के सभी क्षेत्रों में समस्याओं का समाधान करने की है तो यह कोर्स आपके लिए बेस्ट है।
  • इस कोर्स में फसलों, पशुधन, मत्स्य पालन और फॉरेस्ट्री में बायोटेक्नोलॉजी के उपयोग में सुधार के बारे में सिखाया जाता है।
  • आजकल ज्यादातर रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग किया जाता है जोकि हानिकारक है, एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में एमएससी में रासायनिक कीटनाशकों के कम से कम उपयोग के बारे में भी सिखाया जाता है।
  • आप इस कोर्स को करने के बाद हमारे पर्यावरण के लिए बेहतर कीट नियंत्रण प्रदान करने में नई विधियों और प्रगति के विकास में सहायता कर सकते हैं।
  • इस क्षेत्र में रोजगार के भी कई अवसर उपलब्ध हैं। जैसे- एप्लीकेशन सपोर्ट स्पेशलिस्ट, असिस्टेंट अकाउंट मैनेजर, एग्रीकल्चर स्पेशलिस्ट, फाइनेंशियल एकाउंटिंग मैनेजर, ह्यूमन रिसोर्स असिस्टेंट आदि। 

एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में एमएससी के लिए स्किल्स

एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में एमएससी के लिए डिग्री के साथ स्किल्स की भी जरूरत होती हैं जिनमें से कुछ यहाँ दी गई हैं:

  • बेसिक लाइफ स्किल्स
  • कम्युनिकेशन स्किल 
  • माइक्रोबायोलॉजी की बेसिक समझ
  • सेल बायोलॉजी टेक्निक के बारे में जानकारी
  • न्यूक्लिक एसिड तकनीकों में दक्षता

एमएससी एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी सिलेबस 

एमएससी एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी कोर्स सिलेबस के लिए टेबल नीचे दी गई है

सेमेस्टर-1 
Sr. No.विषय 
1एनालिटिकल टेक्निक्स 
2बायोकेमिस्ट्री 
3सेल एन्ड डेवलपमेंट बायोलॉजी 
4प्लांट एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी 
5पार्टिकल्स लैब I-बायोकेमिस्ट्री एंड एनालिटिकल टेक्निक्स लैब II-मॉलिक्यूलर, सेल एंड प्लांट बायोलॉजी 
सेमेस्टर-2
1जेनेटिक इंजीनियरिंग 
2जेनेटिक, गेनोमिक्स एंड प्रोटिओमिक्स 
3इम्म्यूनोलॉजी एन्ड मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स 
4माइक्रोबायोलॉजी एंड इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन 
5पार्टिकल्स लैब III-इम्म्यूनोलोजीलैब IV-माइक्रोबायोलॉजी लैब V-जेनेटिक इंजीनियरिंग 
सेमेस्टर
1बायोटिक एंड एबीओटिक स्ट्रेस बायोलॉजी 
2बायोइन्फरमेटिक्स एंड बायो कम्प्यूटेशन 
3IPR, बायो सेफ्टी एंड बायोडायवर्सिटी 
4मॉलिक्यूलर ब्रीडिंग 
5टिश्यू कल्चर एंड ट्रांसजेनिक टेक्नोलॉजिक्स 
6पार्टिकल्स लैब I-बायोइन्फरमेटिक्स, बायो कम्प्यूटेशन, बायोटिक एंड एबीओटिक स्ट्रेस बायोलॉजी लैब II-टिश्यू कल्चर एंड ट्रांसजेनिक टेक्नोलॉजीज एंड मॉलिक्यूलर ब्रीडिंग प्रोजेक्ट प्रपोजल प्रेजेंटेशन 
सेमेस्टर-4 
1वैकल्पिक विषय (कोई दो )एनिमल बायोटेक्नोलॉजी एंड नैनो बायोटेक्नोलॉजी बायो स्टेटिस्टिक्स एंड बायो-एंट्रेप्रेन्यूरशिप जिओइन्फोर्मेटिक एंड मॉलिक्यूलर विरोलॉजी इंडस्ट्रियल एंड फ़ूड बायोटेक्नोलॉजी प्लांट मेटाबॉलीट इंजीनियरिंग 
2थीसिस वर्क 

एमएससी एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी PDF

एमएससी एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी PDF

विश्व के टॉप विश्वविद्यालय

एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में एमएससी के लिए विश्व के टॉप विश्वविद्यालय इस प्रकार हैं:

भारत के टॉप विश्वविद्यालय

एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में बीएससी के लिए भारत के टॉप विश्वविद्यालय इस प्रकार हैं:

  • उड़ीसा यूनिवर्सिटी ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी – [OUAT]
  • श्रीमाथी देवकुंवर नानालाल भट्ट वैष्णव कॉलेज फॉर वुमन (इवनिंग)
  • कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी
  • असम एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी – [AAU]
  • स्वामी विवेकानंद यूनिवर्सिटी
  • कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर, कर्नाटक
  • लोकमंगल इंस्टिट्यूट ऑफ़ वर्सेटिलीन एजुकेशन
  • श्री शिवाजी कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी
  • के के वाघ कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी
  • के के वाघ एजुकेशन सोसाइटी

एमएससी एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी के लिए योग्यता 

एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में एमएससी के लिए कुछ सामान्य पात्रता मानदंड यहां दिए गए हैं:

  • इच्छुक छात्रों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 50% से अधिक से 10+2 फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों के साथ या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। 
  • इसके अलावा, कुछ बहुत ही प्रतिष्ठित कॉलेज और संस्थान डिग्री कोर्स में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं और कई मेरिट लिस्ट के आधार पर भी एडमिशन लेते हैं। 
  • विदेश में इस कोर्स को करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ इंग्लिश प्रोफिशिएंसी टेस्ट जैसे IELTS, TOEFL के अंक भी आवश्यक है।

आवेदन प्रक्रिया

विदेश के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया इस प्रकार है–

  • आपकी आवेदन प्रक्रिया का फर्स्ट स्टेप सही कोर्स चुनना है, जिसके लिए आप AI Course Finder की सहायता लेकर अपने पसंदीदा कोर्सेज को शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए आप Leverage Edu के एक्सपर्ट्स से 1800572000 पर सहायता ले सकते हैं।
  • एक्सपर्ट्स से कॉन्टैक्ट के पश्चात वे कॉमन डैशबोर्ड प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई विश्वविद्यालयों की आपकी आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे। 
  • अगला कदम अपने सभी दस्तावेजों जैसे SOP, निबंध, सर्टिफिकेट्स और LOR और आवश्यक टेस्ट स्कोर जैसे IELTS, TOEFL, SAT, ACT आदि को इकट्ठा करना और सुव्यवस्थित करना है। 
  • यदि आपने अभी तक अपनी IELTS, TOEFL, PTE, GMAT, GRE आदि परीक्षा के लिए तैयारी नहीं की है, जो निश्चित रूप से विदेश में अध्ययन करने का एक महत्वपूर्ण कारक है, तो आप Leverage Live कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। ये कक्षाएं आपको अपने टेस्ट में उच्च स्कोर प्राप्त करने का एक महत्त्वपूर्ण कारक साबित हो सकती हैं।
  • आपका एप्लीकेशन और सभी आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने के बाद, एक्सपर्ट्स आवास, छात्र वीजा और छात्रवृत्ति/छात्र लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करेंगे । 
  • अब आपके प्रस्ताव पत्र की प्रतीक्षा करने का समय है जिसमें लगभग 4-6 सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। ऑफर लेटर आने के बाद उसे स्वीकार करके आवश्यक सेमेस्टर शुल्क का भुगतान करना आपकी आवेदन प्रक्रिया का अंतिम चरण है। 

भारत के विश्वविद्यालयों में आवेदन प्रक्रिया, इस प्रकार है–

  • सबसे पहले अपनी चुनी हुई यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट में जाकर रजिस्ट्रेशन करें।
  • यूनिवर्सिटी की वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
  • फिर वेबसाइट में साइन इन के बाद अपने चुने हुए कोर्स का चयन करें जिसे आप करना चाहते हैं।
  • अब शैक्षिक योग्यता, वर्ग आदि के साथ आवेदन फॉर्म भरें।
  • इसके बाद आवेदन फॉर्म जमा करें और आवश्यक आवेदन शुल्क का भुगतान करें। 
  • यदि एडमिशन, प्रवेश परीक्षा पर आधारित है तो पहले प्रवेश परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और फिर रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रतीक्षा करें। प्रवेश परीक्षा के अंको के आधार पर आपका चयन किया जाएगा और लिस्ट जारी की जाएगी।

आवश्यक दस्तावेज़ 

कुछ जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट नीचे दी गई हैं–

एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी बेस्ट बुक्स

एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी की कुछ बुक्स यहाँ हैं:-

एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में बीएससी के बाद करियर और वेतन

एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में बीएससी के बाद आप उच्च शिक्षा भी प्राप्त कर सकते हैं जैसे मास्टर्स, डॉक्टरल कोर्स आदि या फिर आप अच्छी सैलरी वाली नौकरी भी कर सकते हैं। यहाँ कुछ जॉब प्रोफ़ाइल और Payscale के अनुसार उनकी सैलरी दी गई है:

जॉब प्रोफ़ाइलसालाना सैलरी
एप्लीकेशन सपोर्ट स्पेशलिस्टINR 3.03-10 लाख
असिस्टेंट अकाउंट मैनेजरINR 2.94-6.94 लाख
एग्रीकल्चर स्पेशलिस्टINR 91 हजार-10 लाख
फाइनेंसियल एकाउंटिंग मैनेजरINR 2.99-20 लाख
ह्यूमन रिसोर्स असिस्टेंटINR 1.45-6.96 लाख

FAQs 

एमएससी एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी कोर्स की अवधि क्या है? 

इस कोर्स की अवधि 2 साल है। 

एमएससी एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी कोर्स में किसके बारे में पढ़ाया जाता है? 

यह एक एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में मास्टर डिग्री कोर्स है। जिसमें फसल और प्लांट बायोटेक्नोलॉजी, फसल की उपज, पर्यावरणीय तनावों के लिए फसलों की कम संवेदनशीलता, पोषण गुणों में वृद्धि और बेहतर स्वाद, बनावट और भोजन की उपस्थिति, उर्वरकों, कीटनाशकों पर निर्भरता में कमी जैसे विषयों का अध्ययन शामिल है।

क्या एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में मास्टर्स के बाद पीएचडी कर सकते हैं? 

हाँ, एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में मास्टर्स के बाद पीएचडी करके रिसर्च में अपना करियर बना सकते हैं। 

उम्मीद है, एमएससी एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी के बारे में सभी जानकारियां आपको मिल गई होंगी। यदि आप इस कोर्स को विदेश में करना चाहते हैं तो 1800 572 000 पर कॉल करके Leverage Edu एक्सपर्ट्स के साथ 30 मिनट का फ्री सेशन बुक करें। 

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