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उत्तर: इस पद में गोपियों ने कृष्ण के व्यवहार पर व्यंग्य किया है। वे कहती हैं कि कृष्ण ने पहले लोगों को अन्याय से बचाया और मथुरा में राजा बनकर राजधर्म का पालन किया। ऐसे में उनसे यह अपेक्षा थी कि वे हमारे प्रति भी न्याय और प्रेम का व्यवहार करें। परन्तु अब कृष्ण ने योग-संदेश भेजकर गोपियों से प्रेम और स्नेह का त्याग करने को कहा, जो उनके लिए अन्याय और अनीति के समान है। इसलिए गोपियाँ व्यंग्य करती हैं कि जो अन्याय को खत्म करते थे, वे अब हमारे साथ अन्याय क्यों कर रहे हैं।
अन्य प्रश्न
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- ‘यह तौ ‘सूर’ तिनहिं लै सौंपौ, जिनके मन चकरी’ इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
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