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उत्तर: गोपियाँ कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम और निष्ठा रखती थीं। वे उन्हें केवल ईश्वर नहीं, बल्कि अपने प्रियतम, जीवन का आधार और एकमात्र अवलम्ब मानती थीं। जब उन्होंने कृष्ण द्वारा भेजा गया योग-संदेश सुना, जिसमें वैराग्य, ज्ञान और विरक्ति की बातें थीं, तो वे अत्यंत हताश और व्यथित हो उठीं। यह संदेश उनके प्रेम की भावना के विपरीत था। उन्हें लगा कि अब कृष्ण उनसे पूर्णतः विरक्त हो चुके हैं। अपने प्रेम के टूटने और जीवन के अवलम्ब के छूटने की पीड़ा ने उन्हें कातर, असहाय और शोकाकुल बना दिया।
अन्य प्रश्न
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