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उत्तर: गोपियों ने अपनी तुलना गुड़ से चिपकी रहने वाली चींटियों से की है। वे कहती हैं कि जिस प्रकार चींटियाँ गुड़ के मधुर स्वाद के आकर्षण में लिपटकर अपना जीवन त्याग देती हैं, उसी प्रकार वे भी कृष्ण के प्रेम में पूर्ण रूप से आसक्त हो चुकी हैं। कृष्ण के प्रति उनका प्रेम इतना गहरा है कि वे उनसे अलग होने की कल्पना भी नहीं कर सकतीं, चाहे इसका परिणाम दुख या मृत्यु ही क्यों न हो। यह तुलना गोपियों के निष्काम, समर्पित और आत्मविसर्जित प्रेम को दर्शाती है।
अन्य प्रश्न
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