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उत्तर – ‘नाहीं परत कही’ में गोपियाँ इस कारण अपनी व्यथा किसी से नहीं कह पा रही हैं क्योंकि उनकी पीड़ा इतनी गहन और भावनात्मक है कि उसे कोई समझ नहीं सकता। वे जानती हैं कि उद्धव ज्ञानमार्गी हैं, जो तर्क और उपदेश की भाषा समझते हैं, जबकि गोपियों की पीड़ा प्रेम और भावना की भाषा में है। इस अंतर के कारण वे अपनी विरह-व्यथा व्यक्त करने में असमर्थ हैं और उनका दुख मन में ही रह जाता है।
अन्य प्रश्न
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