उत्तर: इस प्रश्न का सही उत्तर C है। राजस्थान के उदयपुर (Udaipur) शहर को ‘झीलों की नगरी’ (Jhilo Ki Nagri) के नाम से जाना जाता है। यह राजस्थान का एक खूबसूरत और ऐतिहासिक शहर है। उदयपुर मेवाड़ साम्राज्य की राजधानी रहा है और इसका समृद्ध इतिहास और विरासत है। वहीं यह शहर अपनी शानदार झीलों, ऐतिहासिक किले, संग्रहालयों, प्राकृतिक स्थानों, उद्यानों, स्थापत्य मंदिरों, रंगीन संस्कृति और राजपूत युग के भव्य महलों के लिए जाना जाता है।
उदयपुर शहर के बारे में
उदयपुर की स्थापना सन 1559 में राजपूतों के सिसोदिया वंश के महाराणा उदय सिंह द्वितीय (Udai Singh II) ने की थी, जब चित्तौड़गढ़ पर अकबर द्वारा घेराबंदी किए जाने के बाद उन्होंने अपनी राजधानी चित्तौड़गढ़ शहर से उदयपुर स्थानांतरित कर दी थी। इसके बाद सन 1818 में यह शहर एक ब्रिटिश रियासत बन गया और उसके बाद 1947 में भारत के स्वतंत्र होने पर मेवाड़ प्रांत राजस्थान का हिस्सा बन गया।
क्यों कहा जाता है उदयपुर को ‘झीलों की नगरी’
उदयपुर शहर में मुख्यतः पांच प्रमुख झीलें हैं। इन झीलों के अलावा, उदयपुर में कई अन्य छोटी झीले और तालाब भी हैं, जिसके कारण उदयपुर शहर को ‘झीलों की नगरी’ कहा जाता है। उदयपुर की प्रमुख झीलें इस प्रकार हैं;-
- फतेह सागर झील – (Fateh Sagar Lake)
- पिछोला झील – (Lake Pichola)
- स्वरूप सागर झील – (Swaroop Sagar)
- रंगसागर – (Rangsagar)
- दूध तलाई झील (Dudh Talai Lake)
यह भी पढ़ें

One app for all your study abroad needs

2,00,000+ students realized their study abroad dream with us. Take the first step today.