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उत्तर: C, इस प्रश्न का सही उत्तर है। विकृत स्वर मुख्यतः 5 प्रकार के होते हैं।
इस प्रश्न का विस्तृत उत्तर:
विकृत स्वर वे स्वर होते हैं, जो अपने स्थान से ऊपर या नीचे की तरफ गए जाते हैं। बता दें कि विकृत स्वर मुख्यतः दो प्रकार के स्वर होते हैं, जिनके नाम “तीव्र विकृत स्वर” और “कोमल विकृत स्वर” हैं।
- कोमल विकृत स्वर: ये ऐसे स्वर होते हैं जो अपने निश्चित स्थान से नीचे की तरफ गाए जाते हैं। इनकी संख्या चार होती है, जिनमें रे (ऋषभ), ग (गान्धार), ध (धैवत) और नि (निषाद) प्रमुख हैं।
- तीव्र विकृत स्वर: ये ऐसे स्वर होते हैं जो अपने निश्चित स्थान से ऊपर की तरफ गाए जाते हैं। इनकी संख्या एक होती है, जो म (मध्यम) है।
| स्वर | विकृति प्रकार |
| रे (ऋषभ) | कोमल |
| ग (गान्धार) | कोमल |
| म (मध्यम) | तीव्र |
| ध (धैवत) | कोमल |
| नि (निषाद) | कोमल |
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