UPTET का Syllabus क्या है?

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UPTET

“A teacher affects eternity, he can never tell where his influence stops” Henry Adams द्वारा कहे गए इस quote का अर्थ यह है कि– जब एक अच्छा शिक्षक किसी छात्र को प्रभावित करता है, तो वह छात्र उसे जीवन भर याद रखता है। दूसरे शब्दों में– एक अच्छे शिक्षक के द्वारा दिया गया ज्ञान छात्रों के स्कूली शिक्षा से लेकर जीवन के हर मोड़ पर उनके काम आता है। लाखों युवा शिक्षक बनने का सपना देखते हैं। ऐसे में योग्य छात्रों के चुनाव के लिए हर वर्ष कई परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है। भारत में ऐसी ही परीक्षाओं में से एक प्रमुख परीक्षा, UPTET है, जो Uttar Pradesh Basic Education Board (UPBEB) द्वारा राज्य स्तर पर आयोजित की जाती है। हर साल 15 लाख से भी अधिक युवा इस exam के लिए आवेदन करते हैं। यदि आप भी UPTET exam में appear होना चाहते हैं और इससे सम्बन्धित सारी जानकारी चाहते हैं तो यह ब्लॉग पूरा पढ़ें।

Exam UPTET (Uttar Pradesh Teacher Eligibility Test)
Organizing Body Exam Regulatory Authority Uttar Pradesh(Uttar Pradesh Basic Education Board)
Level State
Exam Mode Offline
Validity 5 साल
Frequency एक साल में एक बार
Duration 150 मिनट
total number of questions 150
Types of Questions MCQ
Negative Marking 0
Limits General- 60% (150 में से 90)
SC/ST/OBC- 55% (150 में से 82)
Language Hindi और English
Official Website http://updeled.gov.in

UPTET क्या है? 

उत्तर प्रदेश में स्कूलों के लिए primary (कक्षा IV) और upper primary level (VI-VIII) के लिए शिक्षकों को नियुक्त करने के लिए UPTET exam का आयोजन साल में एक बार किया जाता है। हर साल 15 लाख से अधिक छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं। UPTET की दो अलग-अलग shift हैंं।

UPTET certificate सरकारी स्कूलों में teaching profile के लिए आवेदन करने वालों के लिए आवश्यक है। यदि आप UP में निजी स्कूलों के लिए आवेदन करने की योजना बना रहे हैं तो भी यह certificate फायदेमंद साबित हो सकता है। 2021 में, लगभग 16 लाख से अधिक आवेदकों ने इस परीक्षा के लिए नामांकन किया है।

UPTET ka Syllabus Eligibility Criteria

नीचे UPTET के लिए कुछ प्रमुख eligibility requirements के बारे में बताया गया है:

  • उम्मीदवार की आयु 18-35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार के पास किसी भी विषय में bachelors degree होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार India/Nepal/Tibet/Bhutan का नागरिक होना चाहिए।
  • Rehabilitation Council of India (RCI) से B.Ed./ B.Ed. Special Education।

UPTET 2022 Applicantion Process

UPTET 2022 परीक्षा के लिए application process कुछ इस प्रकार है:

  • Students को official website पर अपना registration कराना होगा।
  • System generated registration number और password नोट कर लें।
  • फिर वर्ष 2022 के लिए अपना UPTET आवेदन भरें और submit करें।
  • आवश्यक आवेदन शुल्क का भुगतान online करें।

परीक्षा के लिए आवेदन शुल्क के बारे में नीचे table में बताया गया है:

Category एक पेपर के लिए UPTET आवेदन शुल्क (INR)
General और OBC 600
SC और ST 400
विकलांग व्यक्ति (PWD) 100

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UPTET ka Syllabus Exam Pattern

यहां क्रमशः Paper 1 और Paper 2 के लिए UPTET 2021 का exam pattern दिया गया है:

Paper 1 के लिए Exam Pattern (कक्षा IV)

UPTET Subject प्रश्नों की संख्या Mark
Child Development और Pedagogy 30 30
Mathematics 30 30
Language- I (Hindi) 30 30
Language II (English/Urdu/Sanskrit) 30 30
Environmental Studies 30 30
Total 150 150

Paper 2 के लिए Exam Pattern (कक्षा VI-VIII)

UPTET Subject प्रश्नों की संख्या Mark
Language- I (Hindi) 30 30
Language- II (English/Urdu/Sanskrit) 30 30
Child Development और Pedagogy 30 30
Math और Science (गणित और विज्ञान शिक्षक के लिए) 
या
सामाजिक अध्ययन (सामाजिक अध्ययन / सामाजिक विज्ञान शिक्षक के लिए)
या
उपरोक्त में से कोई भी किसी अन्य विषय के शिक्षक के लिए
60 60
Total 150 150

UPTET ka Selection Process

आवेदन से चयन तक, UPTET उत्तीर्ण करने की प्रक्रिया सरल है। यहां हमने परीक्षा की चयन प्रक्रिया के तीन प्रमुख चरणों को सूचीबद्ध किया है:

  1. परीक्षा के लिए उपस्थित होना।
  2. परीक्षा के बाद, UPBEB कटऑफ के साथ-साथ परिणाम भी घोषित करेगा। यदि आपने UPTET पास कर लिया है, तो आपको एक योग्य उम्मीदवार घोषित किया जाएगा।
  3. फिर, आपको एक पात्रता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा जिसके साथ आप अपनी वांछित शिक्षण नौकरी के लिए आवेदन करना शुरू कर सकते हैं। 

Hindi for Competitive Exams

UPTET ka Syllabus के लिए महत्वपूर्ण पुस्तकें

  1. हिमांशी सिंह द्वारा पिछले वर्ष के पेपर के साथ बाल विकास और शिक्षाशास्त्र
  2. CTET के लिए एक संपूर्ण संसाधन: संदीप कुमार द्वारा बाल विकास और शिक्षाशास्त्र
  3. आरएस अग्रवाल द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मात्रात्मक योग्यता
  4. UPTET उत्तर प्रदेश शिक्षक पत्र परीक्षा पेपर- II (कक्षा VI-VIII) अरिहंत प्रकाशन द्वारा
  5. पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) सीटीईटी और टीईटी परीक्षा के लिए गोलपोस्ट,   डीटी संपादकीय द्वारा पेपर – I
  6. अंशिका द्वारा  UPTET / CTET शिक्षक पात्रता परीक्षा पर्यावरण अध्ययन (पर्यावरण अध्ययन)
  7. सीटीईटी के लिए एक संपूर्ण संसाधन: गीता साहनी द्वारा अंग्रेजी और शिक्षाशास्त्र भाषा १
  8. 15 अभ्यास सेट सीटीईटी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा पेपर- II सामाजिक अध्ययन / विज्ञान
  9. भारद्वाज अकादमी और एडुकोमिक के विशेषज्ञ संकाय द्वारा कक्षा I से VIII पेपर I और II के लिए हिंदी भाषा सीटीईटी और टीईटी की अध्ययन सामग्री
  10. हिंदी भाषा और साहित्य का वास्तुनिष्ठ इतिहास पूरी किताब सरस्वती पांडे द्वारा

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UPTET ka Syllabus Paper 1

I. बाल विकास और शिक्षण विधियां [30 प्रश्न]

(क) बाल विकास (कक्षा 1 से 5, 6 से 11 आयु समूह के लिए प्रासंगिक) [15 प्रश्न]

  • विकास की अवधारणा तथा अधिगम के साथ उसका सम्बन्ध
  • बालकों के विकास के सिद्धांत
  • आनुवांशिकता और पर्यावरण का प्रभाव
  • सामाजिकीकरण प्रक्रियाएं: सामाजिक विश्व और बालक (शिक्षक, अभिभावक और मित्रगण)
  • पाइगेट, कोलबर्ग और वायगोट्स्की: निर्माण और विवेचित संदर्श
  • बाल-केन्द्रित और प्रगामी शिक्षा की अवधारणाएं
  • बौद्धिकता के निर्माण का विवेचित संदर्श
  • बहु-आयामी बौद्धिकता
  • भाषा और चिंतन समाज निर्माण के रूप में लिंग: लिंग भूमिकाएं. लिंग-पूर्वाग्रह और शैक्षणिक व्यवहार
  • शिक्षार्थियों के मध्य वैयक्तिक विभेद, भाषा, जाति, लिंग, समुदाय, धर्म आदि की विविधता पर आधारित विभेदों को समझाना
  • अधिगम के लिए मूल्यांकन और अधिगम का मूल्यांकन के बीच अंतर, विद्यालय आधारित मूल्यांकन,
  • सतत एवं व्यापक मूल्यांकन: संदर्श और व्यवहार
  • शिक्षार्थियों की तैयारी के स्तर के मूल्यांकन के लिए; कक्षा में शिक्षण और विवेचित चिंतन के लिए तथा शिक्षार्थी की उपलब्धि के लिए उपयुक्त प्रश्न तैयार करना।

(ख) समावेशी शिक्षा की अवधारणा तथा विशेष आवश्यकता वाले बालकों को समझना 5 प्रश्न

• गैर-लाभप्राप्त और अवसर-वंचित शिक्षार्थियों सहित विभिन्न पृश्ठभूमियों से आए शिक्षणार्थियों की आवश्यकताओं को समझना।
• अधिगम संबंधी समस्याएं, कठिनाई वाले बालकों की आवश्यकताओं को समझना।
• मेधावी, सृजनशील, विशिष्ट प्रतिभावान शिक्षणार्थियों की आवश्यकताओं को समझना।।

(ग) अधिगम और अध्यापन [10 प्रश्न]

• बालक किस प्रकार सोचते और सीखते हैं, बालक विद्यालय प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में कैसे और क्यों असफल होते हैं।
• अधिगम और अध्यापन की बुनियादी प्रक्रियाएं, बालकों की अधिगम कार्यनीतियां सामाजिक क्रियाकलाप के रूप में अधिगमः अधिगम के सामाजिक संदर्भ ।
• एक समस्या समाधानकर्ता और एक वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में बालक।
• बालकों में अधिगम की वैकल्पिक संकल्पना, अधिगम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरणों के रूप में बालक की त्रुटियों को समझना। बोध और संवेदनाएं प्रेरणा और अधिगम
• अधिगम में योगदान देने वाले कारक – निजी एवं पर्यावरणीय।।

॥. भाषा I [30 प्रश्न]

(क) भाषा बोधगम्यता [15 प्रश्न]

अनदेखे अनुच्छेदों को पढ़ना – दो अनुच्छेद एक गद्य अथवा नाटक और एक कविता जिसमें बोधगम्यता, निष्कर्ष, व्याकरण और मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न होंगे (गद्य अनुच्छेद साहित्यिक, वैज्ञानिक, वर्णनात्मक अथवा तर्कमूलक हो सकता है)

(ख) भाषा विकास का अध्यापन [15 प्रश्न]

• अधिगम और अर्जन भाषा अध्यापन के सिद्धांत
• सुनने और बोलने की भूमिकाः भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं। मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की। भूमिका पर निर्णायक संदर्श । एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां; भाषा की कठिनाईयां, त्रुटियां और विकार
• भाषा कौशल
• भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना
• अध्यापन – अधिगम सामग्रियां: पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन
• उपचारात्मक अध्यापन

III. भाषा -॥ [30 प्रश्न]

(क) बोधगम्यता [15 प्रश्न]

दो अनदेखे गद्य अनुच्छेद (तर्कमूलक अथवा साहित्यिक अथवा वर्णनात्मक अथवा वैज्ञानिक) जिनमें बोधगम्यता, निष्कर्ष, व्याकरण और मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न होंगे।

(ख) भाषा विकास का अध्यापन [5 प्रश्न]

• अधिगम और अर्जन भाषा अध्यापन के सिद्धांत
• सुनने और बोलने की भूमिका; भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं।
• मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श
• एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां: भाषा की कठिनाइयां, त्रुटियां और विकार भाषा कौशल भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना
• अध्यापन अधिगम सामग्री पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन
• उपचारात्मक अध्यापन

IV. गणित

(क) विषय-वस्तु

• ज्यामिति
• आकार और स्थानिक समझ
• हमारे चारों ओर विद्यमान ठोस पदार्थ
• संख्याएं
• जोड़ना और घटाना
• गुणा करना
• विभाजन
• मापन
• भार
• समय परिमाण
• आंकड़ा प्रबंधन
• पैटर्न
• राशि

(ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे [15 प्रश्न]

• गणितीय/तार्किक चिंतन की प्रकृति, बालक के चिंतन एवं तर्कशक्ति पैटर्नी तथा अर्थ निकालने और अधिगम की कार्यनीतियों को समझना
• पाठ्यचर्या में गणित का स्थान
• गणित की भाषा
• सामुदायिक गणित
• औपचारिक एवं अनौपचारिक पद्धतियों के माध्यम से मूल्यांकन
• शिक्षण की समस्याएं
• त्रुटि विश्लेषण तथा अधिगम एवं अध्यापन के प्रासंगिक पहलू
• नैदानिक एवं उपचारात्मक शिक्षण

V. पर्यावरणीय अध्ययन

(क) विषय-वस्तु [15 प्रश्न]

1. परिवार और मित्र
1.1 संबंध
1.2 कार्य और खेल
1.3 पशु
1.4 पौधे
2. भोजन
3. आश्रय
4. पानी
5. भ्रमण
6. वे चीजें जो हम बनाते और करते हैं

(ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे [15 प्रश्न]

• पर्यावरणीय अध्ययन की अवधारणा और व्याप्ति
• पर्यावरणीय अध्ययन का महत्व, एकीकृत पर्यावरणीय अध्ययन
• पर्यावरणीय अध्ययन एवं पर्यावरणीय शिक्षा
• अधिगम सिद्धांत
• विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की व्याप्ति और संबंध
• अवधारणा प्रस्तुत करने के दृष्टिकोण
• क्रियाकलाप
• प्रयोग/व्यावहारिक कार्य चर्चा
• सतत् व्यापक मूल्यांकन
• शिक्षण सामग्री/उपकरण
• समस्याएं

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UPTET ka Syllabus Paper 2

पेपर ।। (कक्षा VI से VI॥ के लिए) उच्च प्राथमिक स्तर [30 प्रश्न]

I. बाल विकास और अध्यापन [30 प्रश्न]

(क) बाल विकास (कक्षा 6 से 8, 11 से 14 आयु समूह के लिए प्रासंगिक) [15 प्रश्न]

• विकास की अवस्था तथा अधिगम से उसका संबंध
• बालक के विकास के सिद्धांत ।
• आनुवांशिकता और पर्यावरण का प्रभाव सामाजिकीकरण दबाव: सामाजिक विश्व और बालक (शिक्षक, अभिभावक और मित्रगण)
• पाइगेट, कोलबर्ग और वायगोट्स्की : निर्माण और विवेचित संदर्श
• बाल-केन्द्रित और प्रगामी शिक्षा की अवधारणाएं
• बौद्धिकता के निर्माण का विवेचित संदर्श
• बहु-आयामी बौद्धिकता
• भाषा और चिंतन
• समाज निर्माण के रूप में लिंग: लिंग भूमिकाएं. लिंग-पूर्वाग्रह और शैक्षणिक व्यवहार शिक्षार्थियों के मध्य वैयक्तिक विभेद, भाषा, जाति, लिंग, समुदाय, धर्म आदि की विविधता पर आधारित विभेदों को समझना।
• अधिगम के लिए मूल्यांकन और अधिगम के मूल्यांकन के बीच अंतर, विद्यालय आधारित मूल्यांकन, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन : संदर्श और व्यवहार
• शिक्षार्थियों की तैयारी के स्तर के मूल्यांकन के लिए, कक्षा में शिक्षण और विवेचित चिंतन के लिए तथा शिक्षार्थी की उपलब्धि के लिए उपयुक्त प्रश्न तैयार करना।

॥. भाषा I [30 प्रश्न]

(क) भाषा बोधगम्यता [15 प्रश्न]

अनदेखे अनुच्छेदों को पढ़ना – दो अनुच्छेद एक गद्य अथवा नाटक और एक कविता जिसमें बोधगम्यता, निष्कर्ष, व्याकरण और मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न होंगे (गद्य अनुच्छेद साहित्यिक, वैज्ञानिक, वर्णनात्मक अथवा तर्कमूलक हो सकता है)

(ख) भाषा विकास का अध्यापन [15 प्रश्न]

• अधिगम अर्जन |
• भाषा अध्यापन के सिद्धांत
• सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं। मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर विवेचित संदर्श
• एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां: भाषा की कठिनाइयां, त्रुटियां और विकार
• भाषा कौशल
• भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना : बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखन
• अध्यापन – अधिगम सामग्रियां: पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन
• उपचारात्मक अध्यापन

III. (क) गणित एवं विज्ञान [60 प्रश्न]

(i) गणित [30 प्रश्न]

(क) विषय-वस्तु [20 प्रश्न]

• अंक प्रणाली ।

(i) अंकों को समझना
(ii) अंकों के साथ खेलना
(iii) पूर्ण अंक
(iv) नकारात्मक अंक और पूर्णाक
(v) भिन्न

• बीजगणित

(i) बीजगणित का परिचय
(ii) समानुपात और अनुपात

• ज्यामिति

(i) मूलभूत ज्यामितिक विचार (2-डी)
(i) बुनियादी आकारों को समझना
(iii) सममिति ।
(iv) निर्माण (सीधे किनारे वाले मापक, कोणमापक, परकार का प्रयोग करते हुए)

• क्षेत्रमिति

(i) आंकड़ा प्रबंधन

(ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे [10 प्रश्न]

• गणितीय/तार्किक चिंतन की प्रकृति
• पाठ्यचर्या में गणित का स्थान
• गणित की भाषा
• सामुदायिक गणित
• मूल्यांकन
• उपचारात्मक शिक्षण
• शिक्षण की समस्याएं

(IV) विज्ञान [30 प्रश्न]

(क) विषय-वस्तु [20 प्रश्न]

• भोजन
• भोजन के स्रोत
• भोजन के घटक
• भोजन को साफ करना
• सामग्री
• दैनिक उपयोग की सामग्री
• जीवित प्राणियों की दुनिया
• चीजें, लोगों और विचारों को स्थानांतरित करना
• चीज़ें कैसे काम करती है
• इलेक्ट्रिक सर्किट
• चुंबक
• प्राकृतिक घटना
• प्राकृतिक संसाधन

(ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे [10 प्रश्न]

  • विज्ञान की प्रकृति और संरचना
  • प्राकृतिक विज्ञान/लक्ष्य और उद्देश्य
  • विज्ञान को समझना और उसकी सराहना करना
  • दृष्टिकोण/एकीकृत दृष्टिकोण प्रेक्षण/प्रयोग/अन्वेषण (विज्ञान की पद्धति)
  • अभिनवता
  • पाठ्यचर्या सामग्री/सहायता-सामग्री
  • मूल्यांकन – संज्ञात्मक/मनोप्रेरक/प्रभावन
  • समस्याएं
  • उपचारात्मक शिक्षण

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UPTET ka Syllabus पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या UPTET का syllabus हर साल बदलता है और इसे कौन निर्धारित करता है?

नहीं, UPTET का syllabus हर साल नहीं बदलता। पाठ्यक्रम Uttar Pradesh Basic Education Board (UPBEB) द्वारा निर्धारित किया जाता है।

UPTET परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?

UPTET परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न या MCQ पूछे जाते हैं।

UPTET 2022 की तैयारी के लिए कितने विषयों की तैयारी की आवश्यकता है?

UPTET पेपर 1 में बाल विकास और शिक्षाशास्त्र, हिंदी, अंग्रेजी / उर्दू / संस्कृत, गणित और पर्यावरण अध्ययन जैसे पांच विषय हैं। UPTET पेपर 2 में, बाल विकास और शिक्षाशास्त्र, हिंदी, अंग्रेजी / उर्दू / संस्कृत, गणित और विज्ञान या सामाजिक अध्ययन जैसे 4 विषय हैं।

हम आशा करते हैं कि आपको UPTET ka Syllabus से related सारी जानकारी ब्लॉग में मिल गई होगी। यदि आप विदेश में पढ़ना चाहते हैं तो आज ही 1800572000 पर कॉल करें और हमारे Leverage Edu के experts के साथ फ्री सेशन बुक कीजिए और एक बेहतरीन guidance पाइए।

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