UPSC Mains Syllabus Hindi

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UPSC Mains Syllabus Hindi

यूपीएससी परीक्षा की मुख्य परीक्षा एक वर्णात्मक (Descriptive) पेपर है जिसमें विद्यार्थी की आंतरिक बोध (Inner Sense) की परीक्षा बड़े गहन रूप में ली जाती है। यह पेपर स्टूडेंट की असल क्षमता को उजागर करता है और सिविल सेवा परीक्षा के सभी चरणों में सबसे कठिन होता है। UPSC IAS Prelims परीक्षा को दो चरणों में आयोजित किया जाता है जिसमें प्रथम चरण GS I तथा दूसरे चरण को GS II या CSAT के नाम से भी जाना जाता है। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की भर्ती परीक्षा में प्रत्येक वर्ष लगभग 13 से 15 लाख उम्मीदवार आवेदन पत्र भरते हैं। चलिए जानते हैं UPSC Mains Syllabus Hindi के बारे में विस्तार से।

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UPSC mains Syllabus in Hindi 2021

UPSC Mains Syllabus Hindi में उम्मीदवारों को यूपीएससी सिलेबस 2021 को अच्छी तरह से पढ़ना चाहिए और परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए।

UPSC Mains Exam Pattern (in Hindi)

विषय Marks समय
पेपर   A भाषा 300 3 hours
पेपर  B अंग्रेजी 300 3 hours
पेपर-I:निबंध 250 3 hours
पेपर-II:समान्य अध्ययन-I 250 3 hours
पेपर-III:समान्य अध्ययन-II 250 3 hours
पेपर-IV:सामान्य अध्ययन-III 250 3 hours
पेपर-V:सामान्य अध्ययन-IV 250 3 hours
पेपर-VI:आपश्नल-I 250 3 hours
पेपर-VII:आपश्नल-II 250 3 hours

अनिवार्य योग्यता पेपर्स (Compulsory Qualifying Papers)

यूपीएससी के नए पैटर्न के अनुसार सिविल सेवा परीक्षा के लिए 2 अनिवार्य योग्यता पेपर्स होते है। इस प्रश्न पत्र का उद्देश्य अंग्रेजी तथा संबंधित भारतीय भाषा में अपने विचारों को स्पष्ट तथा सही रूप में प्रकट करना तथा गंभीर तर्कपूर्ण गद्य को पढ़ने और समझने में उम्मीदवार की योग्यता की परीक्षा करना है। UPSC Mains Syllabus Hindi में प्रश्न पत्रों का स्वरुप आमतौर पर निम्न प्रकार का होगा :

1.भारतीय भाषा/Indian Language
2.अँग्रेजी

Indian language syllabus

ज्यादातर भारतीय भाषा /indian language में नीचे बताए हुए विषय पर ही प्रश्न पूछे जाते हैं।

1.दिए गए पैसेज की समझ
2.सटीक (Precise) लेखन
3.उपयोग और शब्दावली (Usage and Terminology)
4.छोटा निबंध (Short Essay)
5.अंग्रेजी से भारतीय भाषा में अनुवाद (Translation) और उप-विपरीत

भारतीय भाषा/Indian language का पेपर सिर्फ क्वालीफाइंग होता है और यह पेपर हिंदी या इंग्लिश लैंग्वेज में लिया जाता है। भारतीय भाषा पेपर में अभ्यर्थी की समझने की योग्यता और पढ़ने की योग्यता का परिक्षण किया जाता है।

Note: भारतीय भाषा (Indian language ) पेपर सिर्फ क्वालीफाइंग होता है, भारतीय भाषा पेपर के मार्क्स मेरिट या रैंकिंग के लिए गिने नहीं जाते है।

Note: अंग्रेजी तथा भारतीय भाषाओं के प्रश्न पत्रों के उत्तर उम्मीदवारों को अंग्रेजी तथा संबंधित भारतीय भाषा में देने होंगे (अनुवाद को छोड़कर)।
Note: कुल मार्क्स(300) का 25% (75 marks) लाना अनिवार्य है नहीं तो बाकी प्रश्न पात्रों को चेक नहीं किया जायेगा।

English Syllabus

ज्यादातर इंग्लिश पेपर में नीचे बताए हुए विषय पर ही प्रश्न पूछे जाते हैं।

1.दिए हुए पैसेज की समझ
2.सटीक लेखन
3. उपयोग और शब्दावली
4. छोटा निबंध

UPSC Mains Syllabus Hindi में इस पेपर का मैन उद्देश यह है की अभ्यर्थी दिए गए पैसेज को कितना समझते हैं और उसे कैसे एक्सप्रेस करते है, इसका आकलन करना।

Note

  • इंग्लिश पेपर सिर्फ क्वालीफाइंग नेचर का होता है, इंग्लिश पेपर के मार्क्स मेरिट या रैंकिंग के लिए गिने नहीं जाते है।
  • कुल मार्क्स (300) का 25% (75) लाना अनिवार्य है नहीं तो बाकी प्रश्न पात्रों को चेक नहीं किया जायेगा।

सामान्य अध्ययन विषय/GENERAL STUDIES PAPER

हम आपको निम्नलिखित तरीकों से देंगे UPSC को क्रैक करने के लिए बारी-बारी से विषयोंं की सूची, जिससे आप आसानी से UPSC निकाल लेंगे।

प्रश्न -पत्र (I) – निबंध पेपर

  • उम्मीदवार को विविध विषयों पर निबंध लिखना होगा। उनसे अपेक्षा की जाएगी कि वे निबंध के विषय पर ही केंद्रित रहें तथा अपने विचारों को सुनियोजित रूप से व्यक्त करें और संक्षेप में लिखें। प्रभावी और सटीक अभिव्यक्ति के लिए अंक प्रदान किए जाएंगे। ज्यादातर निबंध पेपर में नीचे बताए हुए विषय पर ही प्रश्न पूछे जाते हैं।
  • अर्थव्यवस्था (Economy) / भारतीय और भारत विषय
  • भारतीय लोकतंत्र (Indian Democracy), समाज (Society), संस्कृति (Culture), मानसिकता
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे (International Issues)
  • उद्धरण आधारित / दार्शनिक (Quote Based / Philosophical)
  • विज्ञान और तकनीक (Science and Technology)

प्रश्न-पत्र (II) – सामान्य अध्ययन-I

UPSC Mains Syllabus Hindi में भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल और समाज आदि जैसे टॉपिक आते हैं।                            

  • भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य (Literature) और वास्तुकला (Architecture) के मुख्य पहलू शामिल होंगे।
  • 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्वपूर्ण घटनाएं, व्यक्तित्व, विषय।
  • स्वतंत्रता संग्राम (Freedom Struggle)- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।
  • स्वतंत्रता के पश्चात देश के अंदर एकीकरण (Integrity) और पुनर्गठन।
  • विश्व के इतिहास में 18वीं सदी की घटनाएं यथा औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution), विश्व युद्ध (World War), राष्ट्रीय सीमाओं का पुनः सीमांकन (Demarcation), उपनिवेशवाद (Colonialism) की समाप्ति, राजनीतिक दर्शनशास्त्र (Political Philosophy) जैसे साम्यवाद (Communism), पूंजीवाद (Capitalism), समाजवाद (Socialism) आदि शामिल होंगे, उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव।
  • भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएं , भारत की विविधता।
  • महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं सम्बद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएं और उनके रक्षोपाय।
  • भारतीय समाज पर भूमंडलीकरण (Globalization) का प्रभाव।
  • सामाजिक सशक्तिकरण (Social Empowerment), सम्प्रदायवाद (Communalism), क्षेत्रवाद (Regionalism) और धर्म-निरपेक्षता (Secularism)।
  • विश्व के भौतिक-भूगोल (Physical Geography) की मुख्य विशेषताएं।
  • विश्वभर के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए ), विश्व (भारत सहित ) के विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र के उद्योगों को स्थापित करने के लिए जिम्मेदार कारक।
  • भूकंप, सुनामी (Tsunami), ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात (Cyclone) आदि जैसी महत्वपूर्ण भू-भौतिकीय (Geophysical) घटनाएं, भूगोलीय विशेषताएँ और उनके स्थान- अति महत्वपूर्ण भूगोलीय विशेषताओं (जल-स्रोत और हिमावरण सहित) और वनस्पति एवं प्राणि-जगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव।

प्रश्न-पत्र(III) – सामान्य अध्ययन-II

  • शासन व्यवस्था, संविधान शासन-प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध। भारतीय संविधान-ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएं, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।
  • संघ (Federation) एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व , संघीय ढांचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियां, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण (Transfer) और उसकी चुनौतियां।
  • विभिन्न घटकों के बीच शक्तियों का पृथक्करण (Separation), विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थान।
  • भारतीय संवैधानिक योजना की अन्य देशों के साथ तुलना।
  • संसद और राज्य विधायिका (Legislature) – संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियां एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय।
  • कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह (Influencer Group) और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।
  • जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएं।
  • विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति और विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियां, कार्य और उत्तरदायित्व।
  • सांविधिक (Statutory), विनियामक (Regulatory) और विभिन्न अर्ध-न्यायिक निकाय।
  • सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन (Design) तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।
  • विकास प्रक्रिया तथा विकास उद्योग- गैर सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न समूहों और संघों, दानकर्ताओं, लोकोपकारी (Philanthropic) संस्थाओं, संस्थागत एवं अन्य पक्षों की भूमिका।
  • केन्द्र और राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं और इन योजनाओं का कार्य- निष्पादन, इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिए गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।
  • स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनो से संबन्धित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबन्धित विषय।
  • गरीबी और भूख से संबन्धित विषय।
  • शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएं, सीमाएं और संभावनाएं ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।
  • लोकतन्त्र में सिविल सेवाओं की भूमिका।
  • भारत एवं इसके पड़ोसी-संबंध।
  • द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संम्बंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
  • भारत के हितों, भारतीय परिदृश्य पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव ।
  • महत्वपूर्ण अन्तर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएं और मंच – उनकी संरचना , अधिदेश।

प्रश्न-पत्र(IV) – सामान्य अध्ययन-III

UPSC Mains Syllabus Hindi में प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता (Biodiversity), पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन आदि आते हैं।

  • भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोजगार से संम्बंधित विषय।
  • समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय।
  • सरकारी बजट।
  • मुख्य फसलें – देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न – सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली-कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबन्धित विषय और बाधाएं, किसानों की सहायता के लिए ई-प्रद्योगिकी (e-technology)।
  • प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष (Direct and Indirect) कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबन्धित विषय; जन वितरण प्रणाली (Public Distribution System)-उद्देश्य, कार्य, सीमाएं, सुधार; बफर स्टॉक (Buffer Stock) तथा खाद्य सुरक्षा (Food Safety System) संबंधी विषय; प्रोद्योगिकी मिशन; पशु-पालन संबंधी अर्थशास्त्र।
  • भारत मे खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग- कार्यक्षेत्र एवं महत्व, स्थान, ऊपरी और नीचे की अपेक्षाएं, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन।
  • भारत मे भूमि सुधार।
  • उदारीकरण (Liberalization) का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औधोगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव।
  • बुनियादी ढांचा : ऊर्जा, बंदरगाह (Port), सड़क, विमानपत्तन (Airport), रेलवे आदि।
  • निवेश मॉडल।
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी – विकास एवं अनुप्रयोग और रोजमर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव।
  • विज्ञान एवं प्रद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।
  • सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कम्प्युटर, रोबोटिक्स, नैनो-टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी (Biotechnology) और बौद्धिक सम्पदा (Intellectual Property) अधिकारों से संबन्धित विषयों के संबंध में जागरूकता।
  • संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।
  • आपदा और आपदा प्रबंधन (Disaster Management)।
  • विकास और फैलते उग्रवाद (Extremism) के बीच संबंध।
  • आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती उत्पन्न करने वाले शासन विरोधी तत्वों की भूमिका।
  • संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका , साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें , धन-शोधन और इसे रोकना।
  • सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियां एवं उनका प्रबंधन – संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध।
  • विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएं तथा उनके अधिदेश।

प्रश्न-पत्र (V) – सामान्य अध्ययन – IV

  • सामान्य अध्ययन पेपर – IV 2 sections में होते हैं, Section – A और “Section – B.सामान्य अध्ययन पेपर – IV में कूल 15 प्रश्न होते हैं, उनमे से 8 प्रश्न “Section – A में होते हैं और 7 प्रश्न Section – B पर आधारित होते हैं और “Section – B” में case study पर आधारित प्रश्न शामिल होते हैं और हर एक Section (Section – A और Section – B) 125 मार्क्स का होता है Gs- I, Gs – II, Gs- III की तरह इस पेपर में स्पेसिफिक वर्ड पैटर्न नहीं होता है, इस पेपर में हर एक प्रश्न के उत्तर के वर्ड्स कम या ज्यादा हो सकते है |इस प्रश्न-पत्र में ऐसे प्रश्न शामिल होगें जो सार्वजनिक जीवन में उम्मीदवारों की सत्यनिष्ठा, ईमानदारी से संबंधित विषयों के प्रति उनकी अभिवृत्ति तथा उनके दृष्टिकोण तथा समाज से आचार-व्यवहार में विभिन्न मुद्दों तथा सामने आने वाली समस्याओं के समाधान को लेकर उनकी मनोवृत्ति का परीक्षण करेंगे। इन आयामों का निर्धारण करने के लिए प्रश्न-पत्रों में किसी मामले के अध्ययन (केस स्टडी) का माध्यम भी चुना जा सकता है। मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों कवर किया जाएगा।
  • नीतिशास्त्र (Ethics) तथा मानवीय सह-संबंध (Human Correlations): मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र। मानवीय मूल्य-महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका ।
  • अभिवृत्ति (Aptitude): सारांश (कंटेन्ट), संरचना, वृत्ति; विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं संबंध; नैतिक और राजनितिक अभिरुचि; सामाजिक प्रभाव और धारणा ।
  • सिविल सेवा के लिए अभिरूचि तथा बुनियादी मूल्य, सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर-तरफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमजोर वर्गों के प्रति सहानभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना।
  • भावनात्मक समझः अवधारणाएँ तथा प्रशासन और शासन व्यवस्था में उनके उपयोग और प्रयोग।
  • भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।
  • लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।
  • शासन व्यवस्था में ईमानदारीः लोक सेवा की अवधारणा; शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ।
  •  उपर्युक्त विषयों पर मामला संबंधी अध्ययन (केस स्टडीज़)।
  •  वैकल्पिक विषय पेपर (Optional Subject Paper)

UPSC Mains Syllabus Hindi में इसमें दो पेपर होते हैं जो निम्न प्रकार है |

1.वैकल्पिक विषय पत्र – I और
2. वैकल्पिक विषय-पेपर – II]

वैकल्पिक विषय में [वैकल्पिक विषय-पेपर – I और वैकल्पिक विषय-पेपर- II] हर प्रश्न पत्र में “दो Sections और 8 प्रश्न होते है [“Section – A” (प्रश्न संख्या 1 पर प्रश्न संख्या 4) और “Section – B” (प्रश्न संख्या 5 प्रश्न संख्या 8)] अभ्‍यर्थी हर पेपर में से 5 प्रश्न अटेम्प्ट करने होते है, प्रश्न 1और प्रश्न 5 अनिवार्य प्रश्न होते है और प्रत्येक प्रश्न के लिए बराबर अंक होते हैं [50 अंक |

अभ्यर्थी को निचे दी हुए विषय में से कोई एक ऑप्शनल सब्जेट रखना करना होता है और अभ्यर्थी द्वारा सेलेक्ट किए हुए एक सब्जेक्ट के दो पेपर्स होते है (ऑप्शनल सब्जेट पेपर – I और ऑप्शनल सब्जेक्ट पेपर – II)

Check out: UPSC Syllabus in Hindi – कैसे करें सिविल सर्विस की तैयारी

List of Optional Subjects

1. कृषि (Agriculture)
2. पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान (Animal Husbandry and Veterinary Science)
3. मनुष्य जाती का विज्ञान (Anthropology)
4.वनस्पति विज्ञान (Botany)
5. रसायन विज्ञान (Chemistry)
6. नागरिक अभियांत्रिकी (Civil Engineering)
7. वाणिज्य और लेखाकर्म (Commerce and Accountancy)
8.अर्थशास्त्र (Economics)
9. विद्युतीय अभियांत्रिकी (Electrical Engineering)
10. भूगोल (Geography)
11. भूगर्भशास्त्र (Geology)
12. इतिहास (History)
13. कानून (Law)
14.प्रबंध ?(Management)
15 अंकशास्त्र (Mathematics)
16.यांत्रिक अभियांत्रिकी (Mechanic Engineering)
17.चिकित्सा विज्ञान (Medical Science)
18.दर्शनशास्त्र (Philosophy)
19.भौतिक विज्ञान (Physics)
20 राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध (Political and Science International Relations)
21. मनोविज्ञान (Psychology)
22.लोक प्रशासन (Public Administration)
23. समाजशास्त्र (Sociology)
24.आकड़े (सांख्यिकी) (Statistics)
25.प्राणी विज्ञान (Zoology)

Check out: भारत में लाइब्रेरी साइंस कॉलेज [Library Science Colleges in India]

आशा करते हैं कि UPSC Mains Syllabus Hindi  का ब्लॉग अच्छा लगा होगा। हमारे Leverage Edu में आपको ऐसे कई प्रकार के ब्लॉग मिलेंगे जहां आप अलग-अलग विषय की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ।

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