कार्ल मार्क्स की पुस्तकों के नाम क्या हैं? यहां देखें पूरी लिस्ट

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कार्ल मार्क्स की पुस्तकों के नाम

कार्ल मार्क्स जर्मन दार्शनिक, अर्थशास्त्री, इतिहासकार, राजनीतिक सिद्धांतकार, समाजशास्त्री, पत्रकार और वैज्ञानिक समाजवाद के प्रणेता थे। वह आर्थिक और राजनीतिक सामाजिक परिवर्तन की आवश्यकता को पहचानने वाले और इस दिशा में प्रयासों की मांग करने वाले पहले व्यक्ति बने और वे समाजवाद के माध्यम से आर्थिक विकास को समझते थे। उन्होंने उस समय की धार्मिक और सामाजिक विचारधाराओं का विरोध किया और समाजवादी विचार की नींव रखी। उनके जीवन और विचारों से प्रभावित होकर अब तक अनेक पुस्तकें लिखी जा चुकी हैं। जिसके बारे में स्टूडेंट्स को पता होना चाहिए। इसलिए आज के इस ब्लॉग में हम कार्ल मार्क्स की पुस्तकों के नाम क्या है के बारे में जानेंगे। 

कार्ल मार्क्स कौन थे?

कार्ल मार्क्स का जन्म प्रशिया के राइन प्रांत के ट्रियर नगर में 5 मई, 1818 को हुआ था। मार्क्स के पिता एक वकील थे एवं उनकी प्रारंभिक शिक्षा एक स्थानीय स्कूल जिमनेजियम में पूरी हुई। जिसके बाद बोन विश्वविद्यालय से उन्होंने कानून की शिक्षा प्राप्त की। तत्पश्चात् बर्लिन विश्वविद्यालय से दर्शन एवं इतिहास का अध्ययन किया और जेना विश्वविद्यालय से उन्होंने डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त की।

कार्ल मार्क्स एक जर्मन दार्शनिक, अर्थशास्त्री, इतिहासकार और पत्रकार थे जो एक कट्टरपंथी राजनीतिक सिद्धांतकार और समाजवादी क्रांतिकारी के रूप में अपने काम के लिए जाने जाते हैं। साथी सिद्धांतकार और परोपकारी फ्रेडरिक एंगेल्स के सहयोग से मार्क्स ने 1848 में “द कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो” प्रकाशित किया, जो साम्यवाद का आधार बना। उनके लेखन का व्यापक रूप से अध्ययन किया जाता है और उन्होंने दशकों से क्रांतिकारी आंदोलनों और राजनीतिक शासनों को प्रभावित किया है, खासकर 20 वीं शताब्दी के दौरान।

यहाँ भी पढ़ें : कार्ल मार्क्स के विचार क्या हैं?

कार्ल मार्क्स की पुस्तकों के नाम

कार्ल मार्क्स की पुस्तकों के नाम यहाँ दिए गए हैं : 

  1. The Communist Manifesto
  2. Capital (Das Capital)
  3. Evening Hour
  4. The Holy Family
  5. Secret Diplomatic History of The Eighteenth Century 
  6. Economic and Philosophic Manuscripts of 1844
  7. The German Ideology
  8. साहित्य और कला
  9. Revolution und Kontre-Revolution in Deutschland (German Edition)
  10. Grundrisse: Foundations of the Critique of Political Economy
  11. Marxism, Anarchism, Communism
  12. Herr Vogt: A Spy in the Workers’ Movement
  13. Notes on Indian History (664-1858)
  14. A Contribution to the Critique of Political Economy
  15. Critique of the Gotha Program
  16. Eighteenth Brumaire of Louis Bonaparte
  17. Wage Labour and Capital
  18. The Poverty of Philosophy
  19. Portable Karl Marx
  20. The Civil War in France
  21. Value, Price, and Profit

यह भी पढ़ें : कार्ल मार्क्स के राजनीतिक विचार और उनके सिद्धांत 

संख्यापुस्तकेंलिंक
1The Communist Manifestoयहाँ से खरीदें 
2Capital (Das Capital)यहाँ से खरीदें 
3Evening Hourयहाँ से खरीदें 
4The Holy Familyयहाँ से खरीदें 
5Secret Diplomatic History of The Eighteenth Century यहाँ से खरीदें 
6Economic and Philosophic Manuscripts of 1844यहाँ से खरीदें 
7The German Ideologyयहाँ से खरीदें 
8साहित्य और कलायहाँ से खरीदें 
9Revolution und Kontre-Revolution in Deutschland (German Edition)यहाँ से खरीदें 
10Grundrisse: Foundations of the Critique of Political Economyयहाँ से खरीदें 
11 Marxism, Anarchism, Communismयहाँ से खरीदें 
12 Herr Vogt: A Spy in the Workers’ Movementयहाँ से खरीदें 
13 Notes on Indian History (664-1858)यहाँ से खरीदें
14 A Contribution to the Critique of Political Economyयहाँ से खरीदें
15 Critique of the Gotha Programयहाँ से खरीदें
16 Eighteenth Brumaire of Louis Bonaparteयहाँ से खरीदें
17 Wage Labour and Capitalयहाँ से खरीदें
18 The Poverty of Philosophyयहाँ से खरीदें
19 Portable Karl Marxयहाँ से खरीदें
20 The Civil War in Franceयहाँ से खरीदें
21 Value, Price, and Profitयहाँ से खरीदें

यह भी पढ़ें : जानिए कार्ल मार्क्स का जन्म कहां हुआ था और उनसे जुड़े रोचक तथ्य 

FAQs 

कार्ल मार्क्स का जन्म कब हुआ था?

कार्ल मार्क्स का जन्म 5 मई 1818 में हुआ था। 

कार्ल मार्क्स का निधन कब हुआ था?

कार्ल मार्क्स का जन्म 5 मई 1818 में हुआ था। 

कार्ल मार्क्स का पूरा नाम क्या था?

कार्ल मार्क्स का पूरा नाम पूरा नाम कार्ल हेनरिख मार्क्स था। 

कार्ल मार्क्स का कौन है?

कार्ल मार्क्स 19वीं शताब्दी के दौरान एक जर्मन दार्शनिक थे। उन्होंने मुख्य रूप से राजनीतिक दर्शन के क्षेत्र में काम किया और साम्यवाद के एक प्रसिद्ध वकील थे। 

कार्ल मार्क्स का राजनीतिक सिद्धांत क्या है?

कार्ल मार्क्स का राजनीतिक सिद्धांत द्वंदात्मक भौतिकवाद ओर आधारित है। 

आशा है कि इस ब्लाॅग में आपको कार्ल मार्क्स की पुस्तकों के नाम पता चले होंगी। इसी तरह के अन्य ट्रेंडिंग आर्टिकल्स पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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