जानिए क्या है मॉडर्न हिस्ट्री?

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इतिहास हमारी ज़िन्दगी में बहुत मायने रखता है क्योंकि इतिहास की बदौलत ही हमारा आज मुमकिन हो सका है। आज जो है वह कल इतिहास ही कह लाएगा।। लेकिन इतिहास का अपना महत्व है। इतिहास की वजह से ही हमारा वजूद भी है। मॉडर्न हिस्ट्री को लेकर सभी इतिहासकारों और बुद्धिजीवियों में अलग अलग राय हैं। Modern history in Hindi का यह ब्लॉग आपको देगा भारत की मॉडर्न हिस्ट्री से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां। तो आइए, देते हैं आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी।

क्या है आधुनिक इतिहास?

भारत का इतिहास करीब 5,500 साल पहले तक का माना जा सकता है। आधुनिक भारतीय इतिहास को 1850 के बाद का इतिहास कहा जा सकता है। आधुनिक भारतीय इतिहास के एक बड़े हिस्से पर भारत में ब्रिटिश शासन का कब्जा था। Modern History in Hindi को मुगलों के भारत में आने से पहले से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के शासन काल तक को माना जा सकता है। सभी इतिहासकारों और बुद्धिजीवियों के अपने अलग तथ्य हैं कि आधुनिक भारतीय इतिहास भारत की आजादी पर खत्म हो जाता है। 

प्राचीन भारत

मानव के उदय से लेकर दसवीं सदी तक के भारत का इतिहास को प्राचीन भारत कहा जाता है। Modern History in Hindi में आप आगे जानेंगे प्राचीन भारत के बारे मेंI प्राचीन भारत के इतिहास की जानकारी के साधनों को दो भागों में बाँटा जा सकता है- 

  1. साहित्यिक साधन
  2. पुरातात्विक साधन (जो देशी और विदेशी दोनों हैं।)

साहित्यिक साधन दो प्रकार के हैं –

  1. धार्मिक साहित्य
  2. लौकिक साहित्य

धार्मिक साहित्य भी दो प्रकार के हैं 

  1. ब्राह्मण ग्रन्थ
  2. अब्राह्मण ग्रन्थ 

ब्राह्मण ग्रन्थ दो प्रकार के हैं – 

  1. श्रुति: जिसमें वेद, ब्राह्मण, उपनिषद इत्यादि आते हैं 
  2. स्मृति: जिसके अन्तर्गत रामायण, महाभारत, पुराण, स्मृतियाँ आदि आती हैं। 

लौकिक साहित्य भी चार प्रकार के हैं – 

  1. ऐतिहासिक साहित्य
  2. विदेशी विवरण
  3. जीवनी कल्पना प्रधान
  4. गल्प साहित्य

पुरातात्विक सामग्रियों को तीन भागों में बाँटा जा सकता है – 

  1. अभिलेख
  2. मुद्राएं
  3. भग्नावशेष स्मार

पाषाण युग

पाषाण युग, एक ऐसा काल था जब लोग पत्थरों पर निर्भर थे। पत्थर के औज़ार, पत्थर की गुफा ही उनके जीवन के प्रमुख आधार थे। यह मानव सभ्यता के आरंभिक काल में से है जब मानव आज की तरह विकसित नहीं था। इस काल में मानव प्राकृतिक आपदाओं से जूझता रहता था और शिकार तथा कन्द-मूल फल खाकर अपना गुजारता था। पाषाण युग के 2 भाग थे। पुरापाषाण युग और नवपाषाण युग ((6000 BC से 1000 BC))। पुरापाषाण युग को 3 भाग में बांटा जाता है – 

  • आरंभिक या निम्न पुरापाषाण युग (25,00,000 BC – 100,000 BC)
  • मध्य पुरापाषाण युग (1,00,000 BC – 40,000 BC)
  • उच्च पुरापाषाण युग (40,000 BC – 10,000 BC)

वैदिक साहित्य

वैदिक साहित्य भारत के इतिहास के साथ-साथ पूरे विश्व के लिए भी महत्वपूर्ण था। इसने मानव सभ्यता को सबसे ज़रूरी चीज़ वेदों के बारे में बताया था। आइए Modern History in Hindi में जानिए वेदों के नाम।

  1. ऋग्वेद
  2. यजुर्वेद
  3. सामवेद
  4. अथर्व वेद

कांस्य – युग और सिंधु घाटी सभ्यता

सिंधु घाटी सभ्यता 2500 BC से 1750 BC तक थी। इसमें मोहनजोदड़ो और हड़प्पा संस्कृति जैसी कई और अन्य अनगिनत सभ्यताएं भी थी। 

महापद्मनंद नंदमौर्य साम्राज्य

मौर्य राजवंश (322-185 BC) प्राचीन भारत का एक शक्तिशाली और गौरवपूर्ण राजवंश था। मौर्य राजवंश ने 137 वर्ष भारत में राज्य किया। इसकी स्थापना का श्रेय चन्द्रगुप्त मौर्य और उसके मन्त्री चाणक्य (कौटिल्य) को दिया जाता है।

मध्यकालीन भारत

Modern History in Hindi में मध्यकालीन को मध्ययुगीन भारत भी कहा जाता है, यह “प्राचीन भारत” और “आधुनिक भारत” के बीच का दौर था जो भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास की लंबी अवधि को दर्शाता है। यह काल छठी शताब्दी से लेकर सोलहवीं शताब्दी तक था। इसमें 2 भाग थे।

  • प्रारंभिक मध्ययुगीन काल (6-13वीं शताब्दी)
  • गत मध्यकालीन काल (13-16वीं शताब्दी)

प्रारंभिक मध्ययुगीन काल

इस दौर में कई राजवंश, वंश आदि हुए जिन्होंने पूरे भारत के अलग-अलग हिस्सों पर राज किया था। यह वह दौर था जब भारत को सोने की चिड़िया भी कहा जाता था। इस दौरान कई बड़े युद्ध भी हुए थे। यह काल 1526 में मुगल साम्राज्य की स्थापना के साथ समाप्त हो गया था।

गत मध्यकालीन काल

यह वह दौर था जब इस्लाम धर्म भारत में आया था और यहाँ इनके बीच और भारत के राजवंशों में अपने वर्चस्व को लेकर कई बड़े युद्ध भी हुए थे। दिल्ली सल्तनत और कई मुस्लिम वंशों की भरमार थी। इस बीच विदेशों से भी कई लोग आये थे, जिसमें से एक थे जिन्होंने भारत के लिए समुद्री रास्ते की खोज की थी, उनका नाम था वास्को डा गामा.

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मुगल साम्राज्य की स्थापना और राजपूत संघर्ष

भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना के साथ ही मध्यकालीन युग समाप्त हो गया था। मुगल साम्राज्य को भारत में बाबर ने स्थापित किया था। 1526 में हुए पानीपत के पहले युद्ध में बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराकर भारत में मुगल साम्राज्य को जड़ों तक मजबूत कर दिया था। 1527 में खानवा के युद्ध में बाबर ने वीर राणा सांगा को हरा दिया था जिससे उसने आधे भारत पर जीत हासिल कर ली थी। उसके बाद मुगल सम्राट अकबर का युद्ध वीर महाराणा प्रताप सिंह से हुआ था जिसमें अकबर ने वो युद्ध जीता था, इस युद्ध को सब हल्दीघाटी के युद्ध के नाम से जानते हैं। इसी तरह मुगलों मुगलों ने देश के कोने-कोने में लड़ाई की और जीते थे।

मुगलों के लालच में आकर उनके सामने वाले राजा उनसे सामने घुटने तक रहे थे वहीँ राजपूत अपने ही लोगों की गद्दारी से परेशानी में थे। जो खानवा और हल्दीघाटी का युद्ध आसानी से जीता जा सकता था वह अपनी सेना या अपने सहयोगियों की गद्दारी से वह हार गए थे, जिससे बाबर को भारत में मुगल साम्राज्य फ़ैलाने का मौका भी मिला था।

ईस्ट इंडिया कंपनी का भारत आना

ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना भारत में 31 दिसंबर 1600 को हुई थी। इसके आने इसे भारतीय आधुनिक इतिहास का प्रथम चरण कहा जा सकता है। पहले इसे जॉन कंपनी के नाम से जाना जाता था लेकिन बाद में यह ईस्ट इंडिया कंपनी कहलाई थी। जॉन वाट्स इस कम्पनी के फाउंडर थे और उन्होने हीइस कंपनी के लिए व्यापार करने की इजाजत, ब्रिटेन की महारानी से ली थी। 

ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना द्वारा ही आधुनिक भारतीय इतिहास की नींव रखी गई। आधुनिक भारतीय इतिहास में घटने वाले अन्य सभी घटनाक्रम ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापन पर ही आधारित हैं। ईस्ट इंडिया कंपनी जब भारत में आई थी उस समय मुगलों का राज था। उसके कई सालों बाद मुगलों और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच 1757 में प्लासी का युद्ध हुआ था जिसे अंग्रेज़ों ने आसानी जीता था। उसके बाद 1764 में बक्सर का युद्ध हुआ था जो अंग्रेज़ों और शुजाउद्दौला के बीच हुआ था जिसे अंग्रेज़ आसानी से जीते थे। Modern History in Hindi में ऐसे करके ईस्ट इंडिया कंपनी ने मुगलों को हाशिये पर धकेल कर पूरे भारत पर अपना राज़ कायम कर लिया था।

1857- भारत की आज़ादी का पहला विद्रोह

जब अंग्रेज़ों के जुल्म और नीतियां भारत के लोगों से सहन नहीं हुईं तो ब्रिटिश सेना के अंदर भारतीय सिपाहियों ने 1857 में नए कारतूस को लेकर अपना विद्रोह किया जो बाद में धीरे-धीरे भारत के लिए पहली आज़ादी की लड़ाई बनी, जिसकी डोर थी भारत के निडर स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडेय के हाथों में। उन्हें बाद में कई राजाओं का भी साथ मिला था। जिसमे तात्या टोपे का साथ भी मिला था। यह संग्राम आखिर में सफल न हो सका और अंग्रेज़ों ने इस विद्रोह को कुचल दिया था।

मुगल साम्राज्य का अंत

1857 की आज़ादी के विद्रोह के असफल होने से मुगल सम्राट बहादुर शाह ज़फर को अंग्रेज़ो ने सजा के रूप के रंगून (म्यांमार) भेज दिया था। यह इसलिए हुआ था क्योंकि बहादुर शाह ज़फर ने 1857 की आज़ादी के विद्रोह में अंग्रेज़ों का साथ नहीं दिया था। 1862 में उनकी किसी बीमारी की वजह से मौत हो गई थी। इसी के साथ ही भारत से मुगल साम्राज्य का अंत भी हो गया।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसम्बर 1885 को हुई थी। इसकी स्थापना की थी एलन ऑक्टेवियन ह्यूम ने जो एक ब्रिटिश अधिकारी थे। कांग्रेस देश की सबसे पहली राजनीतिक पार्टी भी है। कांग्रेस ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भी बहुत योगदान दिया था।

1947 – आज़ाद भारत

Modern History in Hindi
Source – The Indian Express

15 अगस्त 1947 को भारत ने एक अलग सुबह देखी थी। यह सुबह थी आज़ादी वाली सुबह। इस आज़ादी से भारत ब्रिटिश राज से पूरी तरह आज़ाद हो गया था। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भारत की आज़ादी की घोषणा की थी और उसके बाद वह देश के पहले प्रधानमंत्री भी बने थे।

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1962,1965 और 1971 के युद्ध

मॉडर्न हिस्ट्री की बात जब हो रही है तो 1962,1965 और 1971 के युद्धों का ज़िक्र होना स्वाभाविक है, इनकी जानकारी इस प्रकार है:

  • 1962 का युद्ध: भारत का युद्ध चीन से हुआ था, जिसे चीन ने जीता था। इस युद्ध में भारत की सेना ने बहुत ही बहादुरी से युद्ध किया था। भारत के युद्ध हरने की वजह सड़कों का निर्माण और आधुनिक हथियारों का न होना था।
  • 1965 का युद्ध: भारत और पाकिस्तान के बीच अगस्त–23 सितम्बर 1965 तक हुआ था। इसे भारत ने जीता था। इस युद्ध में दोनों देशों के कई हज़ार सैनिकों की मौत हुई थी, जो उस समय बहुत ज्यादा थी। इस युद्ध का मुख्य कारण था पाकिस्तान का ऑपरेशन जिब्राल्टर को अंजाम देना, जो भारत के हितों के खिलाफ था।
  • 1971 का युद्ध: पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में लोगों में पाकिस्तान के अत्याचारों को लेकर नाराज़गी थी जिससे वहां तनाव हो गया था। इस अत्याचार से निपटने के लिए पूर्वी पाकिस्तान में मुक्ति वाहिनी सेना बनी जिसे भारतीय सेना ने सहयोग दिया। ऐसे में यह युद्ध सीधे-सीधे पाकिस्तान बनाम भारत बन गया था। यह युद्ध भारत ने जीता था जिससे Bangladesh का जन्म हुआ था। इस युद्ध से भारतीय सेना को एक नया आयाम मिला था। 

1974 का परमाणु टेस्ट

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Source – Pinterest

ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा नाम से राजस्थान के पोखरण आर्मी बेस से भारत का पहला परमाणु बम परिक्षण हुआ था। यह परिक्षण पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी के प्रधानमंत्री रहते हुए हुआ था। इसकी क्षमता 12 किलो टन थी। सफल परिक्षण के बाद भारत एक परमाणु शक्ति देश बन गया था। 

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आधुनिक इतिहास के लिए बेस्ट पुस्तकें

Modern History in Hindi के बारे में पढ़ने के लिए आपको दुनिया की सबसे बेस्ट पुस्तकों की लिस्ट दी जा रही है जो आपके लिए आगे पढ़ाई या नॉलेज बढ़ाने में मदद करेंगी। बेस्ट पुस्तकों की लिस्ट इस प्रकार है:

बेस्ट पुस्तकें यहां से खरीदें
The Guns of August यहां से खरीदें
The Discovery of India यहां से खरीदें
The Diary Of a Young Girl यहां से खरीदें
A Brief History of Modern India (2018-2019) Session by Spectrum Book Rajiv Ahir यहां से खरीदें
The Cold War: A New History यहां से खरीदें

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भारत में लोकप्रिय मॉडर्न हिस्ट्री कोर्सेज

निम्नलिखित आपको भारत में लोकप्रिय मॉडर्न हिस्ट्री कोर्सेज की लिस्ट दी जा रही है जिनके बारे में आपको जानना ज़रूरी है। Modern History in Hindi के लिए नीचे कोर्स की टेबल दी गई है-

कोर्सेज अवधि
BA in History 3 वर्ष
MA in History 2 वर्ष
MPhil in History 2 वर्ष
PhD in History 2-4 वर्ष

आप AI Course Finder की मदद से भी अपनी रुचि के अनुसार कोर्सेज और यूनिवर्सिटीज का चयन कर सकते हैं।

दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज

Modern History in Hindi के लिए दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज की लिस्ट इस प्रकार है-

यूनिवर्सिटीज देश
हार्वर्ड विश्वविद्यालय अमेरिका
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय यूनाइटेड किंगडम
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय यूनाइटेड किंगडम
येल विश्वविद्यालय अमेरिका
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (एलएसई) यूनाइटेड किंगडम
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय अमेरिका
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले (यूसीबी) अमेरिका
कोलम्बिया विश्वविद्यालय अमेरिका
प्रिंसटन विश्वविद्यालय अमेरिका
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स (यूसीएलए) अमेरिका

Mega UniConnect, दुनिया का पहला और सबसे बड़ा यूनिवर्सिटी फेयर जहाँ आपको मिल सकता है स्टडी अब्रॉड रेप्रेज़ेंटेटिव्स से बात करने का मौका। 

भारत में मॉडर्न हिस्ट्री कोर्सेज के लिए यूनिवर्सिटीज

निम्नलिखित आपको भारत में लोकप्रिय मॉडर्न हिस्ट्री कोर्सेज के लिए यूनिवर्सिटीज की लिस्ट दी जा रही है जिनके बारे में आपको जानना ज़रूरी है। Modern History in Hindi के लिए नीचे यूनिवर्सिटीज की लिस्ट दी गई है-

  • जीसस एंड मैरी कॉलेज
  • एलएसआर
  • जामिया मिलिया इस्लामिया
  • इग्नू
  • जेएनयू
  • दिल्ली विश्वविद्यालय
  • एलपीयू
  • दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स
  • सामाजिक विज्ञान संकाय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय

Check out: जानिए भारत का इतिहास Indian History

FAQs

आधुनिक भारतीय इतिहास क्या है?

आधुनिक भारत का इतिहास स्पष्टतः दो भागों में बँटा है। 1857 का सैनिक विद्रोह अपने पीछे जिस पृष्ठभूमि को रखे हुए है वही पुस्तक के पहले भाग की विषय-वस्तु है। इसका आरम्भ डच, पुर्तगाली, अंग्रेजी, फ्रांसीसी-इन सभी विदेशियों के भारत-आगमन से होता है।

मॉडर्न हिस्ट्री कब से कब तक?

भारत के आधुनिक इतिहास का कार्यकाल (1757 से 1947 तक) तक माना गया है।

आधुनिक इतिहास लेखन क्या है?

भारत के इतिहास को आधुनिक रूप में लिखने की परम्परा देश में ईस्ट इण्डिया कम्पनी के शासन की स्थापना के साथ-साथ ही शुरू हो गई थी। कम्पनी के शासन काल में देश के राजनीतिक, सामाजिक, साहित्यिक, ऐतिहासिक, शैक्षिक, आर्थिक आदि क्षेत्रों में पाश्चात्य ढंग की नई-नई खोजें, व्याख्याएं और प्रक्रियाएं चालू हो गई थीं।

आधुनिक इतिहास के जनक कौन है?

वोलटेयिर को आधुनिक इतिहास लेखन का जनक कहा जाता है। आधुनिक युग में हुई घटनाओं के बारे में जानना ही आधुनिक इतिहास कहलाता है जिसके बारे में वोलटेयिर ने सर्वप्रथम बतलाया इसलिए उन्हें आधुनिक इतिहास का पिता (Father of Modern History) कहा जाता है।

Modern History in Hindi के इस ब्लॉग ने यकीनन आपको मॉडर्न हिस्ट्री से रूबरू करवा दिया होगा। यदि आप विदेश में जाकर हिस्ट्री कोर्सेज करना चाहते हैं तो आप आज ही हमारे Leverage Edu एक्सपर्ट्स से सलाह ले सकते हैं, वे आपको एक उचित मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। 30 मिनट का फ्री सेशन बुक करने के लिए हमें 1800 572 000 पर कॉल करें।

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