Hindi Class 12 Syllabus

Rating:
4
(7)
Hindi Class 12

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कोरोनोवायरस महामारी के कारण हुए समय की क्षतिपूर्ति के लिए कक्षा 12 सिलेबस को घटाकर 30% तक कर दिया है। यह लेख आपको हिंदी के लिए नए और कम किए गए सीबीएसई कक्षा 12 के पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी प्रदान करेगा।सीबीएसई कक्षा 12 हिंदी कोर पाठ्यक्रम का कार्यक्रम , जैसा कि आप अच्छी तरह से जानते हैं कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पास इसका पाठ्यक्रम है, और वे इसे छात्रों के लाभ के लिए आगे बदलने के लिए सर्वोच्च अधिकार रखते हैं। इस ब्लॉग में Hindi Syllabus Class 12 AND Important Questions बारे में संपूर्ण जानकारियां दी जाएगी।  छात्रा एग्जाम की तैयारी के साथ Hindi Syllabus Class 12 And Important Questions की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

Table of contents

सीबीएसई कक्षा 9 गणित पाठ्यक्रम

मंडल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE)
स्थापना वर्ष 1962
सिलेबस वर्ष 2021-22
कक्षा १२
विषय हिंदी

सीबीएसई कक्षा 12 हिंदी कोर पाठ्यक्रम 2021-22

हिंदी (आधार) (कोड सं. 302) कक्षा 11वीं-12वीं (2021 22 )

दसवीं कक्षा तक हिंदी का अध्ययन करने वाला विद्यार्थी समझते हुए पढ़ने व सुनने के साथ-साथ हिंदी में सोचने और उसे मौखिक एवं लिखित रूप में व्यक्त कर पाने की सामान्य दक्षता अर्जित कर चुका होता है। उच्चतर माध्यमिक स्तर पर आने के बाद इन सभीदक्षताओं को सामान्य से ऊपर उस स्तर तक ले जाने की आवश्यकता होती है, जहाँ भाषा का प्रयोग भिन्न-भिन्न व्यवहार क्षेत्रों की मांगों के अनुरूप किया जा सके। आधार पाठ्यक्रम, साहित्यिक बोध के साथ-साथ भाषाई दक्षता के विकास को ज्यादा महत्त्व देता है। यह पाठ्यक्रम उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगा, जो आगे विश्वविद्यालय में अध्ययन करते हुए हिंदी को एक विषय के रूप में पढ़ेंगे या विज्ञान / सामाजिक विज्ञान के किसी विषय को हिंदी माध्यम से पढ़ना चाहेंगे। यह उनके लिए भी उपयोगी साबित होगा, जो उच्चतर माध्यमिक स्तर की शिक्षा के बाद किसी तरह के रोजगार में लग जाएंगे। वहाँ कामकाजी हिंदी का आधारभूत अध्ययन काम आएगा। जिन विद्यार्थियों की रुचि जनसंचार माध्यमों में होगी, उनके लिए यह पाठ्यक्रम एक आरंभिक पृष्ठभूमि निर्मित करेगा। इसके साथ ही यह पाठ्यक्रम सामान्य रूप से तरह-तरह के साहित्य के साथ विद्यार्थियों के संबंध को सहज बनाएगा। विद्यार्थी भाषिक अभिव्यक्ति के सूक्ष्म एवं जटिल रूपों से परिचित हो सकेंगे। वे यथार्थ को अपने विचारों में व्यवस्थित करने के साधन के तौर पर भाषा का अधिक सार्थक उपयोग कर पाएँगे और उनमें जीवन के प्रति मानवीय संवेदना एवं सम्यक् दृष्टि का विकास हो सकेगा।

सीबीएसई कक्षा 9 अंग्रेजी पाठ्यक्रम

उद्देश्य

  • संप्रेषण के माध्यम और विधाओं के लिए उपयुक्त भाषा प्रयोग की इतनी क्षमता उनमें आ चुकी होगी कि वे स्वयं इससे जुड़े उच्चतर पाठ्यक्रमों को समझ सकेंगे।
  • भाषा के अंदर सक्रिय सत्ता संबंध की समझ।
  • सृजनात्मक साहित्य की समझ और आलोचनात्मक दृष्टि का विकास।
  • विद्यार्थियों के भीतर सभी प्रकार की विविधताओं धर्म, जाति, लिंग, क्षेत्र एवं भाषा संबंधी) के प्रति सकारात्मक एवं विवेकपूर्ण रवैये का विकास।
  •  पठन-सामग्री को भिन्न-भिन्न कोणों से अलग-अलग सामाजिक, सांस्कृतिक चिंताओं के परिप्रेक्ष्य में देखने का अभ्यास करवाना तथा आलोचनात्मक दृष्टि का विकास करना। 
  •  विद्यार्थी में स्तरीय साहित्य की समझ और उसका आनंद उठाने की क्षमता तथा साहित्य को श्रेष्ठ बनाने वाले तत्वों की संवेदना का विकास।
  • विभिन्न ज्ञानानुशासनों के विमर्श की भाषा के रूप में हिंदी की विशिष्ट प्रकृति और उसकी क्षमताओका बोध।
  •  कामकाजी हिंदी के उपयोग के कौशल का विकास।
  • जनसंचार माध्यमों (प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक) में प्रयुक्त हिंदी की प्रकृति से परिचय और इन माध्यमों की आवश्यकता के अनुरूप मौखिक एवं लिखित अभिव्यक्ति का विकास ।
  • विद्यार्थी में किसी भी अपरिचित विषय से संबंधित प्रासंगिक जानकारी के स्रोतों का अनुसंधान और व्यवस्थित ढंग से उनकी मौखिक और लिखित प्रस्तुति की क्षमता का विकास।

सीबीएसई कक्षा 9 विज्ञान पाठ्यक्रम

शिक्षण युक्तियाँ

  • कुछ बाते इस स्तर पर हिंदी शिक्षण के लक्ष्यों के संदर्भ में सामान्य रूप से कही जा सकती है। एक तो यह है कि कक्षा में दबाव एवं तनाव मुक्त माहौल होने की स्थिति में ही ये लक्ष्य हासिल किए जा सकते है। चूँकि इस पाठ्यक्रम में तैयारशुदा उत्तरो को कठस्थ कर लेने की कोई अपेक्षा नहीं है, इसलिए विषय को समझने और उस समझ के आधार पर उत्तर को शब्दबद्ध करने की योग्यता विकसित करना ही शिक्षक का काम है। इस योग्यता के विकास के लिए कक्षा में विद्यार्थियों और शिक्षिका के बीच निर्वाध सवाद जरूरी है। विद्यार्थी अपनी शंकाओ और उलझनों को जितना ही अधिक व्यक्त करेंगे, उतनी ही ज़्यादा स्पष्टता उनमें आ पाएगी।
  •  भाषाकी कक्षा से समाज में मौजूद विभिन्न प्रकार के द्वदों पर बातचीत का मंच बनाना चाहिए। उदाहरण के लिए संविधान में किसी शब्द विशेष के प्रयोग पर निषेध को चर्चा का विषय बनाया जा सकता है। यह समझ जरूरी है कि विद्यार्थियों को सिर्फ सकारात्मक पाठ देने से काम नहीं चलेगा बल्कि उन्हें समझाकर भाषिक यथार्थ का सीधे सामना करवाने वाले पाठों से परिचय होना जरूरी है।
  • शकाओ और उलझनों को रखने के अलावा भी कक्षा में विद्यार्थियों को अधिक से अधिक बोलने के लिए प्रेरित किया जाना जरूरी है। उन्हें यह अहसास कराया जाना चाहिए कि वे पठित सामग्री पर राय देने का अधिकार और ज्ञान रखते है। उनकी राय को प्राथमिकता देने और उसे बेहतर तरीके से पुनः प्रस्तुत करने की अध्यापकीय शैली यहाँ बहुत उपयोगी होगी।
  • विद्यार्थियों को संवाद में शामिल करने के लिए यह भी जरूरी होगा कि उन्हें एक नामहीन समूह न मानकर अलग-अलग व्यक्तियों के रूप में जहमियत दी जाए। शिक्षकों को अक्सर एक कुशल संयोजक की भूमिका में स्वयं देखना होगा जो किसी भी इच्छुक व्यक्ति को संवाद का भागीदार बनने से वंचित नहीं रखते, उसके कच्चे-पक्के वक्तव्य को मानक भाषा-शैली में डाल कर उसे एक आभा दे देते हैं और मौन को अभिव्यंजना मान बैठे लोगों को मुखर होने पर बाध्य कर देते हैं। 
  • अप्रत्याशित विषयों पर चितन तथा उसकी मौखिक व लिखित अभिव्यक्ति की योग्यता का विकास शिक्षकों के सचेत प्रयास से ही संभव है। इसके लिए शिक्षको को एक निश्चित अंतराल पर नए नए विषय प्रस्तावित कर उनपर लिखने तथा संभाषण करने के लिए पूरी कक्षा को प्रेरित करना होगा। यह अभ्यास ऐसा है, जिसमें विषयों की कोई सीमा तय नहीं की जा सकती। विषय की असीम संभावना के बीच शिक्षक यह सुनिश्चित कर सकते है कि उसके विद्यार्थी किसी संकलन या कुंजी से तैयारशूदा सामग्री को उतार भर न ले तैयार शुदा सामग्री के लोभ से बाध्यतावश ही सही मुक्ति पाकर विद्यार्थी नये तरीके से सोचने और उसे शब्दबद्ध करने के लिए तैयार होगे। मौखिक अभिव्यक्ति पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि भविष्य में साक्षात्कार संगोष्ठी जैसे मौको पर यही योग्यता विद्यार्थी के काम आती है। इसके अभ्यास के सिलसिले में शिक्षकों को उचित हावभाव, मानक उच्चारण, पॉज, बलाघात हाजिरजवाबी इत्यादि पर खास बल देना होगा।
  • काव्य की भाषा के मर्म से विद्यार्थी का परिचय कराने के लिए जरूरी होगा कि किताबों में आए काव्याशी की लयबद्ध प्रस्तुतियों के ऑडियो वीडियो कैसेट तैयार किए जाए। अगर आसानी से कोई गायक गायिका मिले तो कक्षा में मध्यकालीन साहित्य के शिक्षण में उससे मदद ली जानी चाहिए। 
  • एन सी ई आर टी मानव संसाधन विकास मंत्रालय के विभिन्न संगठनो तथा स्वतंत्र निर्माताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए कार्यक्रम / ई-सामग्री वृत्तचित्रों और सिनेमा को शिक्षण सामग्री के तौर पर इस्तेमाल करने की जरूरत है। इनके प्रदर्शन के क्रम में इन पर लगातार बातचीत के जरिए सिनेमा के माध्यम से भाषा के प्रयोग की विशिष्टता की पहचान कराई जा सकती है और हिंदी की अलग-अलग छटा दिखाई जा सकती है। विद्यार्थियों को स्तरीय परीक्षा करने को भी कहा जा सकता है।
  • कक्षा में सिर्फ एक पाठ्यपुस्तक की उपस्थिति से बेहतर यह है कि शिक्षक के हाथ में तरह-तरह की पाठ्यसामग्री को विद्यार्थी देख सके और शिक्षक उनका कक्षा में अलग-अलग मौकों पर इस्तेमाल कर सके।
  •  भाषा लगातार ग्रहण करने की क्रिया में बनती है, इसे प्रदर्शित करने का एक तरीका यह भी है कि शिक्षक खुद यह सिखा सके कि वे भी शब्दकोश साहित्यकोश संदर्भग्रंथ की लगातार मदद ले रहे हैं। इससे विद्यार्थियों में इसका इस्तेमाल करने को लेकर तत्परता बढ़ेगी। अनुमान के आधार पर निकटतम अर्थ तक पहुँचकर संतुष्ट होने की जगह वे सही अर्थ की खोज करने के लिए प्रेरित होंगे। इससे शब्दों की अलग-अलग रंगत का पता चलेगा और उनमें संवेदनशीलता बढ़ेगी। वे शब्दों के बारीक अंतर के प्रति और सजग हो पाएँगे।
  • कक्षा अध्यापन के पूरक कार्य के रूप में सेमिनार ट्यूटोरियल कार्य समस्या समाधान कार्य समूहचर्चा परियोजनाकार्य, स्वाध्याय आदि पर बल दिया जाना चाहिए। पाठ्यक्रम में जनसंचार माध्यमों से संबंधित अशो को देखते हुए यह जरूरी है कि समय-समय पर इन माध्यमों से जुड़े व्यक्तियों और विशेषज्ञों को भी विद्यालय में बुलाया जाए तथा उनकी देख-रेख में कार्यशालाएँ आयोजित की जाए। 
  • भिन्न क्षमता वाले विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त शिक्षण सामग्री का इस्तेमाल किया जाए तथा उन्हें किसी भी प्रकार से अन्य विद्यार्थियों से कमतर या अलग न समझा जाए। 
  • कक्षा में शिक्षक को हर प्रकार की विविधताओं (लिग जाति धर्म, वर्ग आदि) के प्रति सकारात्मक और संवेदनशील वातावरण निर्मित करना चाहिए।

सीबीएसई कक्षा 9 भूगोल पाठ्यक्रम

श्रवण तथा वाचन परीक्षा हेतु दिशा-निर्देश

श्रवण (सुनना) (5 अक)

वर्णित या पठित सामग्री को सुनकर अर्थग्रहण करना, वार्तालाप करना, वाद-विवाद भाषण, कवितापाठ आदि को सुनकर समझना मूल्यांकन करना और अभिव्यक्ति के ढंग को समझना।

वाचन (बोलना) (5 अंक)

भाषण, सस्वर कविता-पाठ, वार्तालाप और उसकी औपचारिकता कार्यक्रम प्रस्तुति कथा-कहानी अथवा घटना सुनाना परिचय देना, भावानुकूल संवाद-वाचन।

Class 9 Maths Solutions डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

टिप्पणी  

वार्तालाप की दक्षताओं का मूल्यांकन निरंतरता के आधार पर परीक्षा के समय ही होगा। निर्धारित 10 अको में से 5 श्रवण (सुनना) कौशल के मूल्यांकन के लिए और 5 वाचन (बोलना) कौशल के मूल्यांकन के लिए होंगे।

वाचन (बोलना) एवं श्रवण (सुनना) कौशल का मूल्यांकन

  • परीक्षक किसी प्रासंगिक विषय पर एक अनुच्छेद का स्पष्ट वाचन करेगा। अनुच्छेद तथ्यात्मक या सुझावात्मक हो सकता है। अनुच्छेद लगभग 250 शब्दों का होना चाहिए।

               या 

  • परीक्षक 2-3 मिनट का श्रव्य अंश (ऑडियो क्लिप) सुनवाएगा अंश रोचक होना चाहिए। कथ्य घटना पूर्ण एवं स्पष्ट होनी चाहिए। वाचक का उच्चारण शुद्ध, स्पष्ट एवं विराम चिह्नों के उचित प्रयोग सहित होना चाहिए।
  • परीक्षार्थी ध्यानपूर्वक परीक्षक / ऑडियो क्लिप को सुनने के पश्चात परीक्षक द्वारा पूछे गए प्रश्नों का अपनी समझ से मौखिक उत्तर देंगे। (1×5=5)
  • किसी निर्धारित विषय पर बोलना : जिससे विद्यार्थी अपने व्यक्तिगत अनुभवों का प्रत्यास्मरण कर सके।
  • कोई कहानी सुनाना या किसी घटना का वर्णन करना।
  • परिचय देना।

( स्व परिवार वातावरण वस्तु व्यक्ति पर्यावरण कवि / लेखक आदि)

10 वीं कक्षा का सिलेबस हटा दिया गया

परीक्षकों के लिए अनुदेश

  • परीक्षण से पूर्व परीक्षार्थी को तैयारी के लिए कुछ समय दिया जाए।
  • विवरणात्मक भाषा में वर्तमान काल का प्रयोग अपेक्षित है।
  • निर्धारित विषय परीक्षार्थी के अनुभव जगत के हो। 
  • जब परीक्षार्थी बोलना आरंभ करे तो परीक्षक कम से कम हस्तक्षेप करे।

कौशलों के अंतरण का मूल्यांकन

(इस बात का निश्चय करना कि क्या विद्यार्थी में श्रवण और वाचन की निम्नलिखित योग्यताएँ है)

क्र. श्रवण (सुनना) वाचन (बोलना)
1 परिचित संदर्भ में प्रयुक्त शब्दों और पदों को समझने की सामान्य योग्यता है। 1 केवल अलग-अलग शब्दों और पदों के प्रयोग की योग्यता प्रदर्शित करता है।
2 छोटे सुसंबद्ध कथनों को परिचित सदभों में समझने की योग्यता है। 2 परिचित संदर्भों में केवल छोटे संबद्ध कथनों का सीमित राखला से प्रयोग करता है।
3 परिचित या अपरिचित दोनों संदर्भों में कथित सूचना को स्पष्ट समझने की योग्यता है। 3 अपेक्षाकृत दीर्घ भाषण में जटिल कथनों के प्रयोग की योग्यता प्रदर्शित करता है।
4 दीर्घ कथनों की श्रृंखला को पर्याप्त शुद्धता से समझने के ढंग और निष्कर्ष निकाल सकने की योग्यता है। 4 अपरिचित स्थितियों में विचारों को तार्किक ढंगसे संगठित कर धाराप्रवाह रूप में प्रस्तुत करता है।
5 जटिल कथनों के विचार बिंदुओं को समझने की  योग्यता प्रदर्शित करने की क्षमता है। 5 उद्देश्य और श्रता के लिए उपयुक्त शैली को अपना सकता है।

समाजशास्त्र नमूना पत्र कक्षा 12

परियोजना कार्य कुल अंक 10
विषय वस्तु 5 अक
भाषा एवं प्रस्तुति 3 अंक
शोध एवं मौलिकता 2 अंक

सीबीएसई कक्षा 10 नमूना पत्रों

अनुभाग मंगलवार के साथ पाठ्यक्रम एक विस्तृत नजर डालें

खंड अ ( वस्तु परक प्रश्न)
अपठित गद्यांश – 18 marks
A) दो अपठित गद्यांश शो में से कोई एक गद्यांश करना होगा 
1 अंक * 10 प्रश्न = 10  marks
B) दो अपठित पद्यांश में से कोई भी एक पद्यांश करना होगा 
1 अंक * 8 प्रश्न = 8 marks

कार्यालयपी हिंदी और रचनात्मक लेखन = 5 marks
A)अभिव्यक्ति और माध्यम पुस्तक से बहुविकल्पआत्मक प्रश्न
1 अंक * 5  प्रश्न = 5 marks

पाठ्यपुस्तक अंतरा भाग 2 = 10 marks
A) पठित काव्यांश
1 अंक * 5 प्रश्न = 5 marks

B) पठित गद्यांश
1 अंक * 5 प्रश्न = 5 marks
अनुपूरक पाठ्यपुस्तक अंतराल भाग 2 = 7 marks
पठित पाठों = 7 marks
खंड ब  वर्णनात्मक प्रश्न = 40 marks
कार्यालय हिंदी और रचनात्मक लेखन – 20 marks

A) रचनात्मक लेखन  = 5 marks
B)औपचारिक पत्रलेखन = 5 marks
C)कविता / कहानी / नाटक  पर आधारित दो लघु उत्तरीय प्रश्न = 5 marks
D)समाचार लेखन / पिक्चर लेकर/ आलेख लेखन पर आधारित  दो लघु उत्तरीय प्रश्न = 5 marks

पाठ्यपुस्तक अंतर भाग 2 – 20 marks
A)काव्य खंड पर आधारित तीन प्रश्न मे से कोई दो प्रश्नों के उत्तर लिखो
3 अंक * 5 प्रश्न= 6 marks
B)काव्य खंड पर आधारित तीन प्रश्न मेरे से कोई दो प्रश्नों के उत्तर लिखो
2 अंक * 2 प्रश्न = 4 marks
C)गद्य खंड पर आधारित तीन प्रश्न मेरे से कोई दो प्रश्नों के उत्तर लिखो 
3 अंक * 2 प्रश्न = 6 marks
D)गद्य खंड पर आधारित तीन प्रश्नों में से कोई दो प्रश्न लिखो
2 अंक * 2 प्रश्न = 4 marks
कुल अंक = 80 
A)श्रवण कथा वाचन = 10 marks
B)परियोजना कार्य = 10 marks
कुल अंक = 100 marks

पैर कक्षा 10 के बिना पैरों के निशान

 निम्नलिखित  हटा दिया गए हैं

काव्य खंड

 A) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

  • गीत खाने दो मुझे
  • सरोज स्मृति

B) सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय 

  • यह दीप अकेला
  • मैंने देखा एक बूंद

C) केदारनाथ सिंह

  • बनारस
  • दिशा

D) केशवदास

E) धनानंद

गद्य खंड

A) ब्रजमोहन व्यास – कच्चा चिट्ठा
B)भीष्मा साहनी – गांधी नेहरू और यासर अराफात
C)रामविलास शर्मा यथासमै रोचते विश्वम
D)हजारी प्रसाद द्विवेदी कुटज

कक्षा 10 हिंदी नमूना पत्रों

कक्षा 12 हिंदी कोर परीक्षा पैटर्न 2021-22

No. विषय वस्तु Total
1 अपठित गद्य 16
2 रचनात्मक लेखन 20
3 पाठ्य अंक
आरोह भाग 2 – 32 अंकवितान भाग 2 – 12 अंक
44
4 श्रवण और श्लोक – 10परियोजना – 10 20
5 कुल 100

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान नमूना पत्रों

सीबीएसई कक्षा 12 हिंदी वैकल्पिक पाठ्यक्रम 2021-22

हिंदी (ऐच्छिक) कोड संख्या 002 कक्षा 11वीं 12वीं (2021-22)

प्रस्तावना

उच्चतर माध्यमिक स्तर में प्रवेश लेने वाला विद्यार्थी पहली बार सामान्य शिक्षा से विशेष अनुशासन की शिक्षा की ओर उन्मुख होता है। दस वर्षों में विद्यार्थी भाषा के कौमाता से परिचित हो जाता है। भाषा और साहित्य के स्तर पर उसका दायरा अब घर पास पड़ोस, स्कूल प्रांत और देश से होता हुआ मेरे-धीरे विश्व तक फैल जाता है। वह इस उम्र में पहुँच चुका है कि देश को सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं पर विचार-विमर्श कर सके, एक जिम्मेदार नागरिक की तरह अपनी जिम्मेदारियों को समझ सके तथा देश और खुद को सही दिशा दे सकने में भाषा की ताकत को पहचान सके ऐसे दृढ भाषिक और वैचारिक आधार के साथ जब विद्यार्थी आता है तो उसे विमर्श की भाषा के रूप में हिंदी की व्यापक समझ और प्रयोग में दक्ष बनाना सबसे पहलाउद्देश्य होगा। किशोरावस्था से युवावस्था के इस नाजुक मोड़ पर किसी भी विषय का चुनाव करते समय बच्चे और उनके अभिभावक इस बात को लेकर सबसे अधिक चिंतित रहते हैं कि चयनित विषय उनके भविष्य और जीविका के अवसरों में मदद करेगा कि नहीं। इस उम्र के विद्यार्थियों में चिंतन और निर्णय करने की प्रवृत्ति भी प्रबत होती है। इसी आधार पर वे अपने मानसिक, सामाजिक, बौद्धिक और भाषिक विकास के प्रति भी सचेत होते हैं और अपने भावी अध्ययन की दिशा तय करते हैं। इस स्तर पर ऐच्छिक हिंदी का अध्ययन एक सृजनात्मक साहित्यिक, सांस्कृतिक और विभिन्न प्रयुक्तियों की भाषा के रूप में होगा। इस बात पर भी बल दिया जाएगा कि निरंतर विकसित होती हिंदी के अखिल भारतीय स्वरूप से बच्चे का रिश्ता बन सके।

इस स्तर पर विद्यार्थियों में भाषा के लिखित प्रयोग के साथ-साथ उसके मौखिक प्रयोग की कुशलता और दक्षता का विकास भी जरूरी है। प्रयास यह भी होगा कि विद्यार्थी अपने बिखरे हुए विचारों और भावों की सहज और मौलिक अभिव्यक्ति की क्षमता हासिल कर सकें।

भोली कक्षा १०

इस पाठ्यक्रम के अध्ययन से

  1. विद्यार्थी अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुरूप साहित्य का गहन और विशेष अध्ययन जारी रख सकेंगे।
  2.  विश्वविद्यालय स्तर पर निर्धारित हिंदी साहित्य से संबंधित पाठ्यक्रम के साथ सहज संबंध स्थापित कर सकेंगे।
  3. लेखन कौशल के व्यावहारिक और सुजनात्मक रूपों की अभिव्यक्ति में सक्षम हो सकेंगे।
  4.  रोजगार के किसी भी क्षेत्र में जाने पर भाषा का प्रयोग प्रभावी ढंग से कर सकेंगे। 
  5. यह पाठ्यक्रम विद्यार्थी को जनसंचार तथा प्रकाशन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता व्यक्त करने का अवसर प्रदान कर सकता है।

कक्षा 12 अंग्रेजी नमूना पत्रों

Hindi Class 12 उद्देश्य

  • सृजनात्मक साहित्य की सराहना उसका आनंद उठाना और उसके प्रति सृजनात्मक और आलोचनात्मक दृष्टि का विकास करना।
  • साहित्य की विविध विधाओं कविता, कहानी, निबंध आदि), महत्त्वपूर्ण कवियों और रचनाकारी प्रमुख धाराओं और पीलियों का परिचय करवाना।
  • भाषा की सृजनाबाक बारीकियों और व्यावहारिक प्रयोगों का बोध तथा संदर्भ और समय के अनुसार प्रभावशाली ढंग से उसकी मौखिक और लिखित अभिव्यक्ति करना। 
  • विभिन्न ज्ञानानुशाचनों के विमर्श की भाषा के रूप में हिंदी की विशिष्ट प्रकृति एवं क्षमता का बोध करवाना।
  • साहित्य की प्रभावशाली क्षमता का उपयोग करते हुए सभी प्रकार की विविधताओं (धर्म, जाति, लिंग, वर्ग, भाषा आदि) एवं अंतरों के प्रति सकारात्मक और संवेदनशील व्यवहार का विकास करना।
  • देश-विदेश में प्रचलित हिंदी के रूपों से परिचित करवाना।
  • संचार माध्यमों (प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक) में प्रयुक्त हिंदी की प्रकृति से अवगत करवाना और नवीन विधियों के प्रयोग की क्षमता का विकास करना।
  • साहित्य की व्यापक धारा के बीच रखकर विशिष्ट रचनाओं का विश्लेषण और विवेचन करने की क्षमता हासिल करना।
  •  विपरीत परिस्थितियों में भी भाषा का प्रयोग शांति के साथ करना।
  • अमूर्त विषयों पर प्रयुक्त भाषा का विकास और कल्पनाशीलता और मौलिक चिंतन के लिए प्रयोग करना।

द मेकिंग ऑफ़ अ साइंटिस्ट क्लास 10

Hindi Class 12 शिक्षण युक्तियाँ

इन कक्षाओं में उचित वातावरण निर्माण में अध्यापकों की भूमिका सदैव उत्प्रेरक एवं सहायक की होनी चाहिए। उनको भाषा और साहित्य की पढ़ाई में इस बात पर ध्यान देने की जरूरत होगी कि

  • कक्षा का वातावरण संवादात्मक हो ताकि अध्यापक विद्यार्थी और पुस्तक तीनों के बीच एक रिश्ता बन सके।
  • बच्चों को स्वतंत्र रूप से बोलने लिखने और पढ़ने दिया जाए और फिर उनसे होने वाली भूलों की पहचान करवा कर अध्यापक अपनी पढ़ाने की शैली में परिवर्तन करे।
  •  ऐसे शिक्षण बिंदुओं की पहचान की जाए, जिससे कक्षा में विद्यार्थी की सक्रिय भागीदारी रहे और अध्यापक भी उनका साथी बना रहे।
  • भिन्न क्षमता वाले विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त शिक्षण सामग्री का उपयोग किया जाए तथा किसी भी प्रकार से उन्हें अन्य विद्यार्थियों से कमतर या अलग न समझा जाए।
  • कक्षा में अध्यापक को हर प्रकार की विविधताओं संवेदनशील वातावरण निर्मित करना चाहिए। लिंग, धर्म, जाति, वर्ग आदि) के प्रति सकारात्मक और सृजनात्मकता के अभ्यास के लिए विद्यार्थी से साल में कम से कम दो रचनाएँ लिखवाई जाएँ।

स्वतंत्रता कक्षा 10 के लिए एक लंबी सैर

श्रवण तथा वाचन परीक्षा हेतु दिशा निर्देश

श्रवण ( सुनना) (5 अंक)

 वर्णित या पठित सामग्री को सुनकर अर्थग्रहण करना, वार्तालाप करना, वाद विवाद, भाषण, कवितापाठ आदि को सुनकर समझना, मूल्यांकन करना और अभिव्यक्ति के ढंग को समझना। 

वाचन (बोलना) (5अंक) 

भाषण, सस्वर कविता-पाठ, वार्तालाप और उसकी औपचारिकता, कार्यक्रम प्रस्तुति कथा कहानी अथवा घटना सुनाना परिचय देना, भावानुकूल संवाद वाचना ।

Hindi Class 12 टिप्पणी 

वार्तालाप की दक्षताओं का मूल्यांकन निरंतरता के आधार पर परीक्षा के समय ही होगा। निर्धारित 10 अंकों में से 5 श्रवण (सुनना) कौशल के मूल्यांकन के लिए और 5 वाचन (बोलना) कौशल के मूल्यांकन के लिए होंगे।

श्रवण (सुनना) एवं वाचन (बोलना) कौशल का मूल्यांकन

  • परीक्षक किसी प्रासंगिक विषय पर एक अनुच्छेद का स्पष्ट वाचन करेगा। अनुच्छेद तथ्यात्मक या सुझावात्मक हो सकता है। अनुच्छेद लगभग 250 शब्दों का होना चाहिए।

                                या

परीक्षक 2-3 मिनट का श्रव्य अंश (ऑडियो क्लिप) सुनवाएगा। अश रोचक होना चाहिए। कथ्य / घटना पूर्ण एवं स्पष्ट होनी चाहिए। वाचक का उच्चारण शुद्ध स्पष्ट एवं विराम चिह्नों के उचित प्रयोग सहित होना चाहिए। 

  •  परीक्षार्थी ध्यानपूर्वक परीक्षक / ऑडियो क्लिप को सुनने के पश्चात परीक्षक द्वारा पूछे गए प्रश्नों का अपनी समझ से मौखिक उत्तर देंगे।
  •  किसी निर्धारित विषय पर बोलना जिससे विद्यार्थी अपने व्यक्तिगत अनुभवों का प्रत्यास्मरण कर सकें।
  • कोई कहानी सुनाना या किसी घटना का वर्णन करना। 
  • परिचय देना ( स्व / परिवार / वातावरण / वस्तु / व्यक्ति पर्यावरण / कवि / लेखक आदि)

क्लास 10 मैथ्स सैंपल पेपर्स

Hindi Class 12 परीक्षकों के लिए अनुदेश

  •  परीक्षण से पूर्व परीक्षार्थी को तैयारी के लिए कुछ समय दिया जाए।
  • विवरणात्मक भाषा में वर्तमान काल का प्रयोग अपेक्षित है। 
  • निर्धारित विषय परीक्षार्थी के अनुभव-जगत के हो।
  • जब परीक्षार्थी बोलना आरंभ करे तो परीक्षक कम से कम हस्तक्षेप करें।

10 वीं के बाद कैरियर काउंसलिंग की आवश्यकता

कौशलों के अंतरण का मूल्यांकन

(इस बात का निश्चय करना कि क्या विद्यार्थी में श्रवण और वाचन की निम्नलिखित योग्यताएँ हैं)

श्रवण (सुनना) वाचन (बोलना)
1 परिचित संदर्भ में प्रयुक्त शब्दों और पदों को समझने की सामान्य योग्यता है। 1 केवल अलग अलग शब्दों और पदों के प्रयोगयोग्यता प्रदर्शित करता है।
2 छोटे सुसंबद्ध कथनों को परिचित संदर्भ में समझने की योग्यता है। 2 परिचित संदर्भों में केवल छोटे सुसंबद्ध कथनों कासीमित शुद्धता से प्रयोग करता है।
3 परिचित या अपरिचित दोनों संदर्भ में कथित सूचना को स्पष्ट समझने की योग्यता है। 3 अपेक्षाकृत दीर्घ भाषण में अधिक जटिल कथनों के प्रयोग की योग्यता प्रदर्शित करता है।
4 दीर्घ कथनों की श्रृंखला को पर्याप्त शुद्धता से  समझने के ढंग और निष्कर्ष निकाल सकने की योग्यता है। 4 अपरिचित स्थितियों में विचारों को तार्किक ढंग से संगठित कर धारा प्रवाह रूप में प्रस्तुत करता है।
5 जटिल कथनों के विचार बिंदुओं को समझने की  योग्यता प्रदर्शित करने की क्षमता है। वह उद्देश्य के अनुकूल सुनने की कुशलता प्रदर्शित करता है। 5 उद्देश्य और श्रोता के लिए उपयुक्त शैली को अपना सकता है, ऐसा करते समय वह केवल मामूली गलतियाँ करता है।

12 वीं विज्ञान के बाद प्रवेश परीक्षा

परियोजना कार्य  कुल अंक 10
विषय वस्तु 5 अंक
भाषा एवं प्रस्तुती 3 अंक
शोध एवं मौलिकता 2 अंक
  •  हिंदी भाषा और साहित्य से जुड़े विविध विषयों/विद्याओं/साहित्यकारों / समकालीन लेखन/वादों/ भाषा के तकनीकी पक्ष प्रभाव / अनुप्रयोग/साहित्य के सामाजिक संदर्भोएवं जीवन-मूल्य संबंधी प्रभावों आदि पर परियोजना कार्य दिए जाने चाहिए।
  •  सत्र के प्रारंभ में ही विद्यार्थी को विषय चुनने का अवसर मिले ताकि उसे शोध तैयारी और लेखन के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

कक्षा 12 के लिए अर्थशास्त्र परियोजना

श्रवण वाचन कौशल एवं परियोजना कार्य का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आंतरिक परीक्षक द्वारा ही किया जाएगा।

हिंदी  ऐचिछक कोड नं  002 कक्षा बारहवीं 2021 -22 परीक्षा भार विभाजन

खंड अ ( वस्तुपरक प्रश्न )

  1. अपठित गद्यांश – 18 marks

A) दो अपठित गद्यांश में से कोई भी एक पद्यांश करना होगा

1 अंक * 10 प्रश्न = 10 marks

B)दो अपठित पद्यांश में से कोई भी एक पद्यांश करना होगा 

1 अंक * 8 प्रश्न = 8 marks

  1. कार्यालयी हिंदी और रचनात्मक लेखन =05 marks

अभिव्यक्ति और मध्यम पुस्तक से बहु विकल्पात्मक प्रश्न 

1 अंक * 5 प्रश्न = 5 marks

  1. पाठ्यपुस्तक अंतरा भाग 2 = 10 marks

A) पठित काव्यांश

 1 अंक * 5 प्रश्न = 5 marks

B) पठित गद्यांश

1 अंक * 5 प्रश्न = 5 marks

  1. अनुपूरक पाठ्यपुस्तक अंतराल भाग 2 = 7  marks

पठित पाठो 

1 अंक * 7  प्रश्न = 7 marks

खंड ब

5) कार्यालयी  हिंदी और रचनात्मक लेखन – 20 marks

A) रचनात्मक लेखन

5 अंक * 1 प्रश्नों = 5 marks

B)पत्रलेखन

5 अंक * 1 प्रश्न = 5 marks

C)कविता कहानी नाटक पर आधारित दो लघु उत्तरीय प्रश्न = 5 marks

D) समाचार लेखन / फीचर लेखन / आलेख लेखन पर आधारित दो लघु उत्तरीय प्रश्न= 5 marks

6) पाठ्यपुस्तक अंतरा भाग 2 = 20 marks

A)काव्य खंड पर आधारित 3 प्रश्नों में से कोई दो प्रश्नों के उत्तर लिखिए

3 अंक * 2 प्रश्न = 6 marks

B)काव्या खंड पर आधारित 3 प्रश्नों में से कोई दो प्रश्नों के उत्तर लिखिए

2 अंक * 2 प्रश्न = 4 marks

C)गद्य खंड पर आधारित इन प्रश्नों में से कोई दो प्रश्नों के उत्तर लिखिए

3 अंक * 2 प्रश्न = 6 marks

D)गद्य खंड पर आधारित तीन प्रश्नों में से कोई दो प्रश्नों के उत्तर लिखिए 

2 अंक * 2 प्रश्न = 4 marks

7)A)श्रवण तथा वाचन = 10 marks

B)परियोजना कार्य = 10 marks

कुल अंक  = 100 marks

सीबीएसई कक्षा 12 के सिलेबस को हटा दिया गया

Hindi Class 12 प्रस्तावित पुस्तकें

  1. अंतरा भाग 2
    एनसीईआरटी नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित नवीनतम संस्करण
  1. अंतराल भाग-2
    एनसीईआरटी  नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित नवीनतम संस्करण
  1. अभिव्यक्ति और मध्यम
    एनसीईआरटी  नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित नवीनतम संस्करण

कक्षा 12 जीवविज्ञान नमूना पेपर

Hindi Syllabus Class 12 CBSE 2020-21 Deleted मेंं निम्नलिखित पाठ हटा दिए गए हैं

काव्य खंड

  1. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला  – बादल राग
  2. हरिवंश राय बच्चन  – आत्म परिचय
  3. आलोक धनवा –  पतंग
  4. कुंवर नारायण  – बात सीधी थी पर
  5. उमाशंकर जोशी –
  •  छोटा मेरा खेत 
  • बगुलों के पास

गद्य खंड

  1. विष्णु खरे  – चार्ली चैप्लिन यानी हम सब
  2. हजारी प्रसाद द्विवेदी  – शिरीष के फूल

आशा करते हैं कि आपको Hindi class 12 syllabus का ब्लॉग अच्छा लगा होगा। जितना हो सके अपने दोस्तों और बाकी सब को शेयर करें ताकि वह भी Hindi class 12 syllabus  लाभ उठा सकें और  उसकी जानकारी प्राप्त कर सके और अपने लक्ष्य को पूरा कर सकें। हमारे Leverage Edu में आपको ऐसे कई प्रकार के ब्लॉग मिलेंगे जहां आप अलग-अलग विषय की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ।अगर आपको किसी भी प्रकार के सवाल में दिक्कत हो रही हो तो हमारी विशेषज्ञ आपकी सहायता भी करेंगे।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

10,000+ students realised their study abroad dream with us. Take the first step today.

+91
Talk to an expert for FREE

You May Also Like

Bajar Darshan
Read More

Bajar Darshan Class 12 NCERT Solutions

बाजार दर्शन’ (Bajar Darshan) श्री जैनेंद्र कुमार द्वारा रचित एक महत्त्वपूर्ण निबंध है जिसमें गहन वैचारिकता और साहित्य…
आर्ट्स सब्जेक्ट
Read More

आर्ट्स सब्जेक्ट

दसवीं के बाद आप कुछ रचनात्मक करना चाहते हैं तो आर्ट्स स्ट्रीम आप के लिए ही है। 11वीं…