भारत और कनाडा में हुआ दूसरा कोंसुलर डायलॉग, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर की गई चर्चा

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भारत और कनाडा में हुआ दूसरा कोंसुलर डायलॉग

14 नवंबर 2022 को भारत और कनाडा का दूसरा कोंसुलर डायलॉग रखा गया। यह डिस्कशन मुख्य रूप से कोंसुलर को इम्प्रूव करने, वीज़ा और म्युचुअल लीगल असिस्टेंस कोऑपरेशन और लोगों के बीच कॉन्टेक्ट्स को मज़बूत करने के बारे में थी। 

इस कोंसुलर डायलॉग में, भारतीयों की तरफ से वीज़ा से जुड़े मुद्दों पर ज़ोर दिया गया जिसमें भारतीयों के लिए कनाडा वीज़ा/वर्क परमिट/पीआर में आने वाली दुविधाओं, परेशानियों और डिले को चर्चा में लाया गया। इसके साथ साथ इंडियन स्टूडेंट्स द्वारा फेस किये जाने वाले इश्यूज़, इंडियंस की सिक्योरिटी, मैरिटल डिस्प्यूट्स और इमिग्रेशन से जुड़ी समस्याओं जैसे मुद्दों पर भी रौशनी डाली गई। 

जैसा कि हम जानते हैं कि भारतीयों की संख्या कनाडा में ज़्यादा मात्रा में मौजूद है इसके चलते दोनों पक्षों ने अपराधों के मामलों को न्यूनतम करने हेतु कानूनी सहायता को मज़बूत करने में सहमति जताई। 

डेलीगेशन का नेतृत्व भारत की और से जॉइंट सेक्रेटरी देवेश उत्तम द्वारा किया गया जबकि कनाडा की और से यह नेतृत्व ग्लोबल अफेयर्स कनाडा में स्थित साउथ एशिया ब्यूरो के डायरेक्टर जनरल मैरी लुइस हनन द्वारा किया गया था। 

मिनिस्ट्री और एक्सटर्नल अफेयर्स की रिलीज़ अनुसार डिस्कशन में माइग्रेशन और मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए जिसमें भारत की और से जॉइंट सेक्रेटरी ने बात को सबसे समक्ष रखा। दोनों ही पार्टी ने मुद्दों और परेशानियों को सुलझाने और आगे बढ़ने की और ध्यान केंद्रित करते हुए महतवपूर्ण सुझावों को भी एक दूसरे के समक्ष रखा। इसके साथ सिटिज़न सेंट्रिक इश्यूज़ को भी डिसकशन में लाया गया जिसमें वीज़ा में देरी की बात को महत्व देते हुए उससे जुड़े सुझाव सुझाए गए। 

अगला कोंसुलर डायलॉग अगले साल कनाडा में रखा जाएगा। वीज़ा पर डिले की बात की जाए तो देखा गया है कि न सिर्फ कनाडा वीज़ा लेकिन बाकी अन्य राज्यों के वीज़ा आने में भी देरी देखी गयी है। इन देशों में यूएस, यूके, यूरोप के नेशंस आदि शामिल हैं। ऐसा लगता है जैसे वीज़ा डिले वर्ल्डवाइड प्रॉब्लम है जिससे निपटना सभी राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है। 

एक्सपर्ट्स के अनुसार वीज़ा में डिले होने के 4 मुख्य कारण देखने को मिले है। जिसमें पहला है एम्बेसी में स्टाफ की कमी, दूसरा है टूरिस्ट वीज़ा रिक्वेस्ट में निरंतर बढ़ोतरी, स्टूडेंट का बैकलॉग और प्रोफेशनल वीज़ा की रिक्वेस्ट और वीज़ा से जुड़ी पॉलिसीस में कुछ राज्यों में भारी सख्ताई। 

हम उम्मीद करते है कि कनाडा और भारत के बीच इस चर्चा का परिणाम हमें जल्द ही देखने को मिलेगा। साथ ही, वीज़ा से जुड़ी समस्याओं को जल्द ही सुलझाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी जिससे न सिर्फ कनाडा और भारत के बीच की दिक्कतों का निवारण होगा बल्कि बाकी राज्यों में वीज़ा की परेशानियों में भी सुधार देखन को मिलेंगे।

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