आइये जाने खनिज क्या है?

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खनिज क्या है

पृथ्वी में कई प्रकार के खनिज पाए जाते हैं। भारत में विभिन्न प्रकार की जैव विविधता पाई जाती है इन्हीं जैव विविधता पूर्ण भूगर्भिक संरचना के कारण यह विभिन्न प्रकार के खनिज संसाधनों से संपन्न है। यहाँ पर भारी मात्रा में बहुमूल्य खनिज क्या है पाए जाते हैं। हम हमारे दैनिक जीवन में धातु से बनी विभिन्न प्रकार की वस्तुओं का उपयोग करते हैं।हमारे आज के ब्लॉग खनिज क्या है में हम खनिजों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे और खनिजों से जुड़े हर तथ्य जैसे खनिज क्या है, इसके प्रकार क्या है, खनिजों का क्या महत्व आदि को बड़े ही आसान शब्दों में समझने का प्रयास करेंगे तो आइए शुरू करते हैं और जानते हैं कि खनिज क्या है। 

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खनिज क्या है? 

खनिज,हमारे जीवन के अति अनिवार्य भागों में से एक होता है, लगभग हर वह चीज जो हम इस्तेमाल करते हैं चाहे एक छोटी सुई हो या एक बड़ी इमारत या फिर एक बड़ा जहाज आदि सभी चीजें खनिजों से मिलकर बने हैं। 

रेलवे लाइन,औजार, मशीन, कार, बस, रेलगाड़ियां आदि आदि भी खनिज से ही मिलकर बनी होती है तथा पृथ्वी के भूगर्भ से प्राप्त ऊर्जा के संसाधनों द्वारा संचालित होती है। 

यहां तक कि हम जो भोजन ग्रहण करते हैं उसमें भी खनिज होते हैं। मनुष्य ने विकास की सभी अवस्थाओं में अपनी जीविका तथा सजावट, त्योहारों पर धार्मिक अनुष्ठानों के लिए खनिजों का प्रयोग किया है। 

खनिज की परिभाषा

भू वैज्ञानिकों के अनुसार खनिज एक प्राकृतिक रूप से विद्यमान समरूप तत्व है जिसकी एक निश्चित आंतरिक संरचना होती है खनिज प्रकृति में अनेक रूपों में पाया जाता है जिसमें हीरा सबसे कठोर और चूना सबसे नरम होता है। 
“वह क्रिस्टलीय पदार्थ, जो भौगोलिक परिस्थितियों के परिणामस्वरूप बनते हैं खनिज कहलाते हैं।”
खनिज ऐसे भौतिक पदार्थ होते हैं जो पृथ्वी के भूगर्भ से खोद कर निकाले जाते हैं। 
लोहा, अभ्रक, कोयला, बॉक्साइट, नमक, जस्ता, चूना पत्थर आदि मुख्य खनिज पदार्थों के उदाहरण है। 

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खनिज के प्रकार

प्राकृतिक रूप से प्राप्त खनिज निम्नलिखित तीन प्रकार का होता है-

  • धात्विक खनिज
  • अधात्विक खनिज 
  • ऊर्जा खनिज
  1. धात्विक खनिज: जब खुदाई की जाती है तो पृथ्वी में से निकलने वाले पदार्थों में कई तरह की अशुद्धियां होती है। विभिन्न प्रकार की प्रक्रियाओं द्वारा खनिज लवण को दूर किया जाता है इसके पश्चात हमें जो खनिज प्राप्त होता है वह शुद्ध खनिज होता है और उसे धात्विक खनिज कहते हैं।

धात्विक खनिज के प्रकार
लौह धातु:     लौह अयस्क मैंगनीज निकल कोबाल्ट आदि। 
अलौह धातु:   तांबा, लेड ,टिन, बॉक्साइड । 
बहुमूल्य खनिज:   सोना, चांदी, Platinum आदि। 

  1. अधात्विक खनिज: वे खनिज अयस्क जिनको खुदाई में से निकाला जाता है और शुद्ध करने के बाद अधातु प्राप्त की जाती है,उन खनिज पदार्थों को अधात्विक खनिज कहा जाता है। 
    धात्विक खनिजों के उदाहरण 
    ग्रेनाइट, सल्फर, लवण, पोटाश, अभ्रक संगमरमर चूना पत्थर बलुआ पत्थर आदि। 
  1. ऊर्जा खनिज: 
    जिन खनिज पदार्थों से ऊर्जा की प्राप्ति होती है ऊर्जा खनिज कहलाते हैं। 
    ऊर्जा खनिज के उदाहरण कोयला पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस। 

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खनिज कैसे बनते हैं?

खनिज शब्द का अर्थ होता है खान से उत्पन्न। इसे अंग्रेजी में Mineral कहा जाता है। खनिज ऐसे भौतिक पदार्थ होते हैं जो खान से खोदकर निकाले जाते हैं। अभी तक हमने खनिज क्या होते हैं खनिजों के प्रकार आदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर ली है अब हम जानते हैं कि खनिज बनते कैसे हैं। खनिजों का बनना अन्य प्रकार से होता है खनिजों के बनने में ऊष्मा दाग तथा जल मुख्य रूप से भाग लेते हैं। यहाँ कुछ प्रकार बताए गए हैं जिनसे खनिज बनते हैं-

  1. मैग्मा का crystallization:  पृथ्वी के अंदर उपस्थित मैग्मा अनेक तत्व जैसे ऑक्साइड एवं सिलिकेट के रूपों में विद्यमान होता है। जब मैग्मा ठंडा होता है तो अनेक यौगिक खनिजों के रूप में क्रिस्टलीय हो जाते है और इस प्रकार खनिज निक्षेपों(समूह मे जमाना) को जन्म देते हैं इस प्रकार के मुख्य  खनिजों के उदाहरण हीरा, मोनेटाइज, क्रोमाइट है। 
  2. ऊर्ध्वपातन (Sublimation) : पृथ्वी के अंदर  ऊष्मा की अधिकता होने के कारण अनेक वाष्पशील मिश्रण गैस में बदल जाते हैं। जब ये गैस शीतल भागों में पहुँच जाती है तो तो द्रव अवस्था में आये बिना ही सीधे ठोस रूप ले लेती है। इस प्रकार के खनिज मुख्यतः ज्वालामुखी के समीप अथवा जमीन के पास पाए जाते हैं। 
  3. आसवन(Distillation): जब किसी द्रव में घुलनशील फोर्स अशुद्धियां भूली हुई होती है तो इस प्रक्रिया को काम में लिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि समुद्र के तलहटी में स्थित छोटे जीवों के काय विच्छेद के पश्चात तेल उत्पन्न होता है जो आसुत होता है और इस प्रकार आसवन द्वारा निर्मित वाष्प पेट्रोल में बदल जाती है अथवा कभी-कभी प्राकृतिक गैस भी उत्पन्न करती है। 
  4. वाष्पयन एवं अति संतृप्तिकरण(Vaporisation and Supersaturation) : खनिज बनने की प्रक्रिया के दौरान अनेक लवण जल में घुल जाते हैं और इस प्रकार लवण, जल के लवण तथा झीलों को उत्पन्न करते हैं।लवण जल का, वाष्पन द्वारा लवणों का अवशोषण होता है इस प्रकार लवण निक्षेप अस्तित्व में आते हैं इसके अतिरिक्त कभी-कभी संतृप्त स्थिति आ जाने पर घुले हुए पदार्थों के क्रिस्टल पृथक अलग जाते हैं। 
  5. गैसों, द्रवों एवं ठोसों की पारस्परिक अभिक्रिया: जब दो विभिन्न गैसें पृथ्वी के अंदर से निकलकर धरातल तक पहुँचती हैं तथा परस्पर अभिक्रिया करती हैं तो अनेक यौगिक उत्पन्न होते है।फलस्वरूप कुछ खनिज अवक्षिप्त हो जाते हैं। कभी ये गैसें ठोस पदार्थ से अभिक्रिया कर खनिजों को उत्पन्न करती हैं। यह क्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अनेक खनिज सिलिकेट, ऑक्साइड तथा सल्फाइड के रूप में इसी क्रिया द्वारा निर्मित होते हैं। यह क्रिया अत्यंत सामान्य है, जिसने अनेक धात्विक निक्षेपों को उत्पन्न किया है।
  6. जीवाणुओं (bacteria) द्वारा अवक्षेपण: कुछ विशेष प्रकार के जीवाणुओं में विलयनों से खनिजों को अलग करने की क्षमता होती है। जैसे कुछ जीवाणु लौह को अलग करते हैं। ये जीवाणु विभिन्न प्रकार के होते हैं तथा विभिन्न प्रकार के निक्षेपों का निर्माण करते है। 
  7. कोलाइडी निक्षेपण (Colloidal Deposition): वे खनिज जो जल में अविलेय हैं, अधिक मात्रा में कोलाइडी विलयनों में परिवर्तित हो जाते हैं तथा जब इनसे कोई विद्युद्विश्लेष्य (electrolyte) मिलता है तब ये विलयन अवक्षेप देते हैं। इस प्रकार कोई भी धातु अलग की जा सकती है। कभी कभी अवक्षेपण के पश्चात अवक्षिप्त खनिज क्रिस्टलीय हो जाते हैं, किंतु अन्य दशाओं में ऐसा नहीं होता।
  8. ऋतुक्षरण प्रक्रम (Weathering Process): यह ऋतुक्षरण चट्टानों के अपक्षय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है उसी प्रकार जो विलयन बनते हैं उनमें लौह, मैंगनीज तथा दूसरे यौगिक हो सकते हैं। ये यौगिक, विलयनों द्वारा सागर में ले जाए जाते हैं और वहीं वे अवक्षिप्त हो जाते हैं। ऋतुक्षरण या तो पूर्ववर्ती (pre-existing) शिलाओं से अथवा पूर्ववर्ती खनिज निक्षेपों से हो सकता है। तलीय जल,शिलाओं के साधारण अवयवों को विलीन कर लेता है और अवशिष्ट भाग को मूल विकिरित खनिजों से समृद्ध करता है। इनमें कई अयस्क निक्षेप, अवशिष्ट उत्पाद के रूप में पाए जाते हैं, जैसे बॉक्साइट। कुछ शिलाएँ, जैसे ग्रेनाइट, वियोजन (disintegration) के पश्चात् कायनाइट जैसे खनिजों को उत्पन्न करती हैं।
  9. उपरूपांतरण (Metamorphism): कुछ निक्षेप पूर्ववर्ती तलछटों के उप-रूपांतरणों द्वारा निर्मित होते हैं। उदाहरण के लिए, चूना पत्थर संगमरमर को तथा कुछ मृत्तिका और सिलिका निक्षेप सिलिमनाइट को उत्पन्न करते हैं।

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खनिजों का वर्गीकरण

खनिजों को निम्नलिखित 7 वर्गों में बांटा गया है जो निम्नानुसार है- 

  • ऑक्साइड वर्ग
  • सिलिकेट वर्ग 
  • कार्बोनेट वर्ग 
  • सल्फेट वर्ग
  • हैलाइड वर्ग 
  • सल्फाइड वर्ग 
  • फास्फेट वर्ग

खनिज के उपयोग

खनिज एक प्राकृतिक रूप से उपस्थित समरूप तत्व है जिसकी एक निश्चित आंतरिक संरचना होती है इसके साथ ही खनिजों के कई उपयोग भी होते हैं ।आइए आप जानते हैं की उपयोगिता क्या होती है-

  1. प्रत्येक चीज या वस्तु जिसका हम उपयोग करते हैं एक छोटी सुई से लेकर एक बड़ी इमारत तक या फिर एक बड़ा हवाई जहाज आदि सभी खनिज से मिलकर बने होते हैं। 
  2. खनिजों के निर्यात से राष्ट्र विदेशी मुद्रा कमाते हैं। 
  3. खनिज जैसे कोयला तथा पेट्रोलियम उर्जा के मुख्य स्रोत हैं।
  4. खनिजों के खनन तथा निष्कर्षण से लोगों को रोजगार प्रदान किया जाता है। 

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खनिजों का महत्व क्या है?

  • खनिज पदार्थ हमारे लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आधुनिक औद्योगिक उन्नति का आधार खनिज पदार्थ ही हैं। 
  • कारखानों में लगी मशीनें, पानी पर तैरते विशाल जहाज, ऊँची इमारतें, विभिन्न प्रकार की धातुओं से बनी वस्तुएं खनिज पदार्थों की देन है। 
  • देश की औद्योगिक विकास का आधार खनिज पदार्थ है।
  • यदि मनुष्य के पास धातु और खनिज पदार्थ नहीं होते तो, आज औद्योगिक उत्पादन और विकास बहुत कम होता।
  • खनिज लाभकारी समूह ने लौह, गैर-लौह अयस्कों, औद्योगिक और सामरिक खनिजों, कोयले और खदान / औद्योगिक कचरे के लिए प्रक्रिया के विकास पर ध्यान केंद्रित किया है।
  • पिछले छह दशकों के दौरान, स्वदेशी और विदेशी अयस्क और खनिज नमूनों की एक बड़ी विविधता के लाभ पर व्यवस्थित अनुसंधान के बाद 900 से अधिक आर एंड डी अध्ययन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। 
  • अध्ययन के आधार पर बड़ी संख्या में वाणिज्यिक लाभकारी संयंत्रों को चालू किया गया है और समूह को खनिज आधारित उद्योगों को सहायता देना जारी रखा गया है।

खनिजों के भौतिक गुण क्या होते हैं? 

एक खनिज प्राकृतिक मूल का एक अकार्बनिक ठोस पर्दाथ है जिसमें एक बहुत ही विशेष आंतरिक परमाणु संरचना और एक परिभाषित रासायनिक संरचना होती है। खनिजों में कई विशेषताएं और भौतिक गुण हैं जिससे वो पहचाने जाते हैं कुछ महत्वपूर्ण गुणों के बारे में बताया गया है-

  • आदत:
    प्रकृति में उत्तम क्रिस्टल दुर्लभ होते हैं क्रिस्टल में विकसित होने वाले चेहरे क्रिस्टल को बढ़ाने के लिए उपलब्ध स्थान पर निर्भर करते हैं। इन सामान्य रूपों से समरूपता स्पष्ट रूप से स्पष्ट नहीं हो सकती है। 
  • रंग:
    अधिकांश खनिजों में एक विशिष्ट रंग होता है जिसका उपयोग उनकी  पहचान के लिए किया जा सकता है। अपारदर्शी खनिजों में रंग अधिक सुसंगत होता है इसलिए इन खनिजों से जुड़े रंगों के बारे में  सीखना खनिजों की पहचान में बहुत उपयोगी हो सकते है। 
  • पट्टी: 
    लाइन का रंग से गहरा संबंध है, लेकिन यह एक अलग गुण है क्योंकि खनिज का रंग रेखा के रंग से अलग हो सकता है। लाइन वास्तव में एक खनिज पाउडर का रंग है जिसे Strip कहा जाता है क्योंकि स्ट्रिप को Test करने का उचित तरीका एक खनिज को अनजाने में सफेद चीनी मिट्टी के बरतन पर रगड़ना है और उसके पीछे छोडे गए “Strip” के रंग की जांच करना है।
  • कठोरता:
    यह अपेक्षाकृत चिकनी और ताजी सतह पर घर्षण प्रतिरोध के रूप में प्रदर्शित होता है। यह अयस्क में Bound की ताकत का एक अप्रत्यक्ष उपाय है।
  • चमक:
    चमक खनिजों की संपत्ति है जो बताती है कि एक खनिज की सतह प्रकाश को कितना दर्शा सकती है। एक खनिज की चमक खनिज सतह का निरीक्षण करने के लिए उपयोग की जाने वाली प्रकाश की चमक से प्रभावित होती है। 

खनिज और अयस्क में क्या अंतर है? 

अयस्क वे खनिज है जिससे धातु निकालना आसान और आर्थिक रूप से फायदेमंद होता है तथा अयस्क की निश्चित संरचना होती है।

खनिज अयस्क
उन प्राकृतिक पदार्थों को खनिज कहते हैं जिनमें धातुओं के गुण पाए जाते हैं।  जिन खनिजों से धातुएं लाभदायक तथा सुविधा पूर्वक प्राप्त की जा सकती है उन्हें अयस्क कहते हैं। 
कुछ खनिजों में धातु की प्रतिशत मात्रा पर्याप्त होती है जबकि अन्य खनिजों में धातु की प्रतिशत मात्रा बहुत कम होती है।  सभी अयस्कों में धातु की प्रतिशत मात्रा पर्याप्त होती है। 
कुछ खनिजों में अशुद्धियां होती है जो धातु के निष्कर्षण में बाधा डालती है।  अयस्कों में किसी भी प्रकार की अशुद्धियां नहीं होती है। 
सभी खनिजों को धातु निष्कर्षण के लिए प्रयुक्त नहीं किया जा सकता अर्थात सभी खनिज अयस्क नहीं होते हैं।  सभी अयस्कों को धातु निष्कर्षण के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है। 

भारत के किन-किन स्थानों पर खनिज पाए जाते हैं?

भारत वैसे तो खनिजों का देश है। भारत के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग प्रकार के खनिज प्रचुर मात्रा मे पाए जाते हैं आज हम हमारे इस ब्लॉग में उन सभी राज्यों की जानकारी दे रहे हैं जहां पर खनिज अधिकता मे पाए जाते हैं। 

खनिज / धातु राज्य
प्राकृतिक गैस असम
कच्चा तेल राजस्थान
सेंधा नमक हिमाचल प्रदेश
कोरन्डम (रूबी, नीलमणि का स्रोत) महाराष्ट्र
सोना कर्नाटक
तांबा अयस्क मध्य प्रदेश
हीरा मध्य प्रदेश
बरीटीस,  अभ्रक आंध्र प्रदेश
चूना पत्थर, अदह आंध्र प्रदेश
क्वार्ट्ज, जिप्सम राजस्थान
कैल्साइट (संगमरमर के स्रोत) राजस्थान
लीड एंड जिंक राजस्थान
मैंगनीज,  कच्चा लोहा ओडिशा
क्रोमाइट (क्रोमियम अयस्क) ओडिशा
बॉक्साइट (अल्युमीनियम अयस्क) ओडिशा
कोयला झारखंड

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खनिजों के उदाहरण

यहां उदाहरण दिए गए हैं जो आपको अवधारणा को गहराई से समझने में मदद करेंगे। हम कई रूपों में खनिजों से घिरे हुए हैं। खनिजों के उदाहरण देखें:

  • खनिजों में सोना, हीरे, सेंधा नमक और ग्रेफाइट शामिल हैं जिनका उपयोग पेंसिल लेड बनाने के लिए किया जाता है
  • सोडियम क्लोराइड खनिज है जो टेबल नमक बनाता है क्योंकि यह छोटे क्यूब्स के आकार के क्रिस्टल में होता है, इसकी एक संगठित संरचना होती है
  • क्वार्ट्ज, जिसे सिलिकॉन डाइऑक्साइड भी कहा जाता है, एक अन्य सामान्य खनिज है। इसके क्रिस्टल का हेक्सागोनल आकार अद्वितीय है। कोयला एक कार्बन-आधारित सामग्री है जिसे सबसे पहले जीवित प्राणियों ने प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के माध्यम से ग्रहण किया था
  • चूना पत्थर एक प्रकार की चट्टान है जो केवल एक खनिज से बनी होती है: कैल्शियम कार्बोनेट। पृथ्वी पर उनकी उत्पत्ति के आधार पर आग्नेय, अवसादी और कायांतरित चट्टानों को तीन प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है

भोजन में खनिज

क्या आप जानते हैं कि हमारे खाद्य पदार्थ विभिन्न विटामिन और खनिजों से भरपूर होते हैं? खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले कुछ खनिज इस प्रकार हैं:

कैल्शियम 

जब आपकी हड्डियों की बात आती है, तो कैल्शियम सबसे महत्वपूर्ण मैक्रो मिनरल है। यह खनिज मजबूत हड्डियों के विकास में योगदान देता है, जिससे आप सीधे खड़े होने और गेम जीतने वाले गोल को स्कोर करने जैसे कार्य कर सकते हैं। यह मजबूत, स्वस्थ दांतों के विकास में भी मदद करता है, जो स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों को चबाने के लिए आवश्यक होते हैं।

  • दूध, पनीर और दही डेयरी उत्पादों के उदाहरण हैं
  • पत्तेदार हरी सब्जियां, जैसे ब्रोकली, डिब्बाबंद सामन, और हड्डियों के साथ सार्डिन

Iron

फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के बाकी हिस्सों में स्थानांतरित करने के लिए शरीर को आयरन की आवश्यकता होती है। स्वस्थ और जिंदा रहने के लिए आपके पूरे शरीर को ऑक्सीजन की जरूरत होती है। आयरन लाल रक्त कोशिकाओं के घटक हीमोग्लोबिन के संश्लेषण में मदद करता है जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन का परिवहन करता है।

  • मांस
  • फलियां
  • टूना और सामन
  • सूखे मेवे जैसे किशमिश
  • अंडे
  • छिलके के साथ बेक्ड आलू 

पोटैशियम

आपकी मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज के लिए पोटेशियम आवश्यक है।

  • संतरे जैसे खट्टे फल
  • कम वसा वाला दूध और दही
  • केले
  • टमाटर
  • छिलकों के साथ आलू और शकरकंद
  • जस्ता

जिंक

जिंक आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए फायदेमंद है, जो कि बीमारियों और संक्रमणों के खिलाफ आपके शरीर की रक्षा प्रणाली है। यह कोशिका वृद्धि को भी बढ़ावा देता है और कट जैसे घावों को भरने में मदद करता है।

  • फलियां, जैसे सेम, विभाजित मटर, और दाल
  • मेवा, जैसे काजू, बादाम, और मूंगफली
  • बीफ, पोर्क और डार्क मीट चिकन

FAQs

Q.1 भारत में सबसे ज्यादा कौन सा खनिज पाया जाता है?

Answer: अभ्रक भारत में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला खनिज है तथा यह एक बहुउपयोगी खनिज है जो आग्नेय एवं कायांतरित चट्टानों में खण्डों के रूप में पाया जाता है। अभ्रक के उत्पादन में भारत का विश्व में प्रथम स्थान है।

Q.2  खनिज कितने प्रकार के होते है? 

Answer:  खनिज तीन प्रकार के होते हैं- धात्विक, अधात्विक और ऊर्जा खनिज। 

Q.3  मनुष्य के लिए उपयोगी खनिज तत्व क्या है?

Answer:  आहारीय खनिज वे खनिज होते हैं, जो आहार के साथ शरीर को मिलते हैं एवं  शरीर के पोषण हेतु सहायक होते हैं।  शरीर के लिए पांच महत्त्वपूर्ण तत्त्व कैल्शियम, मैग्नेशियम, फ़ास्फ़ोरस, पोटाशियम और सोडियम अत्यावश्वक होते हैं।

Q.4  भारत में खनिज उत्पादन में समृद्ध राज्य कौन सा है?

Answer: भारत में सबसे अधिक खनिज उत्पादन में समृद्ध राज्य निम्नलिखित है- ओडिशा, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं झारखंड हैं।

Q.5  भारत का सबसे बड़ा लौह उत्पादक राज्य कौन है?

Answer: भारत के सर्वाधिक लौह अयस्क उत्पादन वाले राज्य क्रमशः 
ओड़िशा
कर्नाटक
झारखंड

Q 6. खनिज क्या हैं?

उत्तर। खनिज पदार्थ हैं जो ग्रह पर प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं। वे रॉक ब्लॉक एक साथ रख रहे हैं। खनिज एक क्रिस्टल संरचना के साथ अकार्बनिक ठोस होते हैं जो प्राकृतिक रूप से भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं द्वारा उत्पन्न होते हैं। खनिज विज्ञान खनिजों का अध्ययन है।

Q 7. खनिजों के क्या लाभ हैं?

उत्तर। खनिज, जैसे विटामिन, आपके शरीर के विकास, विकास और रखरखाव में सहायता करते हैं। मजबूत हड्डियों के निर्माण और तंत्रिका तंत्र के विकास सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए शरीर द्वारा खनिजों का उपयोग किया जाता है। हार्मोन के उत्पादन और नियमित दिल की धड़कन को बनाए रखने के लिए कुछ खनिजों की भी आवश्यकता होती है।

Q 8. चार खनिज विज्ञान स्रोत क्या हैं?

उत्तर। ऑक्सीजन, सिलिकॉन, तांबा, लोहा, कैल्शियम, सोडियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम तत्व पृथ्वी की पपड़ी में लगभग 99 प्रतिशत खनिज बनाते हैं। क्वार्ट्ज, फेल्डस्पार, बॉक्साइट, कोबाल्ट, तालक और पाइराइट सभी सामान्य खनिज हैं। 

Q 9. मानव शरीर में कौन-सा खनिज सर्वाधिक पाया जाता है?

उत्तर। मानव शरीर में कैल्शियम एक आवश्यक खनिज है, जो शरीर के कुल वजन का 1.5 से 2% होता है। एक वयस्क मानव के शरीर में लगभग 1,200 ग्राम कैल्शियम होता है, जिसमें हड्डियों का लगभग पूरा हिस्सा होता है।

Q 10. क्या नमक को खनिज माना जाता है?

उत्तर। नमक, जिसे अक्सर क्रिस्टलीय खनिज के रूप में अपने प्राकृतिक रूप में सेंधा नमक या हलाइट के रूप में जाना जाता है, एक खनिज है जिसमें मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड (NaCl) होता है, जो कि लवण के व्यापक वर्ग से संबंधित एक रासायनिक यौगिक है। समुद्री जल में बड़ी मात्रा में नमक होता है, जो प्रमुख खनिज तत्व है।

हमारा आज का ब्लॉग खनिज क्या है जिसमें हमने देखा कि खनिज किस काम आता है। उम्मीद है कि आपको हमारा यह ब्लॉग पसंद आया होगा। साथ ही इस ब्लॉग को अपने दोस्तों के साथ भी जरूर Share करें तक वे भी जानकारी का लाभ ले सके। अगर आप विदेश में पढ़ाई करने के लिए इच्छूक है तो आप हमारे Leverage Edu के एक्सपर्ट से सपंर्क कर सकते हैं।

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