सर्वनाम: परिभाषा, भेद, उदाहरण और नियम

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सर्वनाम

भाषा को सही और प्रभावी तरीके से समझने के लिए हिंदी व्याकरण के प्रमुख अंगों का ज्ञान आवश्यक होता है, जिनमें सर्वनाम एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सर्वनाम वह शब्द है जो संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किया जाता है, ताकि वाक्य में बार-बार एक ही नाम दोहराने की आवश्यकता न पड़े। उदाहरण के लिए – मैं, तुम, वह, यह, हम, कोई आदि सर्वनाम शब्द हैं। इनका प्रयोग करने से हमारी बात आसान और स्पष्ट हो जाती है। इस लेख में आपके लिए सर्वनाम की परिभाषा, इसके भेद, उदाहरण और प्रयोग को विस्तार से समझाया गया है।

सर्वनाम किसे कहते हैं?

सर्वनाम वे शब्द होते हैं जो संज्ञा की जगह पर प्रयोग किए जाते हैं। इनका इस्तेमाल तब किया जाता है जब हमें बार-बार नाम नहीं दोहराना होता। इससे वाक्य छोटा और सरल बनता है। जैसे – रीना पढ़ाई कर रही है। वह बहुत मेहनती है। यहाँ ‘रीना’ की जगह ‘वह’ सर्वनाम है।

सर्वनाम के भेद

सर्वनाम के मुख्य रूप से 6 प्रकार के होते हैं, जो सर्वनाम के भेद के नाम से जाना जाता है। प्रत्येक का अपना अलग अर्थ और प्रयोग होता है। आइए इन्हें विस्तार से समझते हैं:

पुरुषवाचक सर्वनाम

पुरुषवाचक सर्वनाम वे सर्वनाम हैं जो बोलने वाले (प्रथम पुरुष), सुनने वाले (मध्यम पुरुष) और जिसके बारे में बात हो रही है (अन्य पुरुष) को दर्शाते हैं। इनमें मैं, हम, तुम, आप, वह, वे आदि आते हैं। पहला पुरुष वह होता है जो बोल रहा है (जैसे– मैं, हम), दूसरा पुरुष वह जिससे बात की जा रही है (जैसे– तुम, आप), और तीसरा पुरुष वह होता है जिसके बारे में बताया जा रहा है (जैसे– वह, वे)। ये सर्वनाम वार्तालाप को सरल बनाते हैं और हर बार नाम दोहराने से बचाते हैं। उदाहरण– ‘राम कहता है कि वह पढ़ाई करेगा।’ यहाँ ‘वह’ तीसरे पुरुष का सर्वनाम है।

उदाहरण:

  • मैं बाजार जा रहा हूँ।
  • हम नाच रहे हैं।
  • तुम कहाँ रहते हो?
  • आप के क्या हाल हैं?
  • तू बहुत अच्छा इंसान है।
  • वह मेरा केवल दोस्त नहीं, बल्कि भाई है।
  • यह मेरा गिटार है।
  • वे स्कूल से आ गए हैं।
  • हम लोग मिलकर हर चुनौती का सामना करेंगे।
  • तुम लोग ध्यान से सुना करो।

निजवाचक सर्वनाम

निजवाचक सर्वनाम का प्रयोग तब होता है जब व्यक्ति स्वयं पर बल देना चाहता है। इनमें स्वयं, अपना, अपने आप, खुद जैसे शब्द आते हैं। इनका प्रयोग यह बताने के लिए किया जाता है कि कार्य व्यक्ति ने अपने लिए ही किया है। उदाहरण– ‘मैंने अपना काम स्वयं किया।’ यहाँ ‘स्वयं’ और ‘अपना’ निजवाचक सर्वनाम हैं। इन सर्वनामों का प्रयोग वाक्य में कर्ता द्वारा स्वयं किए गए कार्य को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।

उदाहरण:

  • मैं अपने आप खाना बना लूंगा।
  • उसने स्वयं ऐस काम किया।
  • तुम ज़रा अपना ध्यान रखना सीख लो।
  • वह अपने आप हँसने लगा।
  • मैंने अपना होमवर्क पूरा किया।
  • बच्चे अपने आप खेल रहे हैं।
  • उसने स्वयं निर्णय लिया।
  • हम अपने देश से प्रेम करते हैं।
  • तुम एक दिन अपने आप समझ जाओगे।
  • आखिरकार उसने अपना घर बना ही लिया।

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निश्चयवाचक सर्वनाम

निश्चयवाचक सर्वनाम से किसी वस्तु, व्यक्ति या बात की स्पष्टता और निश्चितता प्रकट होती है। इनमें ‘यही’, ‘वही’, ‘यह’, ‘वह’ जैसे शब्द आते हैं जो किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु की ओर संकेत करते हैं। उदाहरण– ‘यही वह किताब है जिसकी मुझे तलाश थी।” यहाँ ‘यही’ और ‘वही’ निश्चयवाचक सर्वनाम हैं। ये सर्वनाम संचार में स्पष्टता और दृढ़ता लाते हैं।

उदाहरण:

  • यह मेरा घर है।
  • वह लड़का नेक इंसान है।
  • यही सही रास्ता है।
  • अब केवल वही मेरा दोस्त है।
  • यह एक अच्छी किताब है।
  • वह एक प्राचीन मंदिर है।
  • यही बात सही है।
  • वही लड़की टॉपर है।
  • यह फूल सुंदर है।
  • वह कार नई है।

निश्चयवाचक सर्वनाम के भेद

निश्चयवाचक सर्वनाम मुख्य रूप से 2 प्रकार के होते हैं, जिन्हें निश्चयवाचक सर्वनाम के भेद के रूप में जाना जाता है, जिनकी जानकारी इस प्रकार है –

  1. निकटवर्ती निश्चयवाचक सर्वनाम: जो सर्वनाम पास या निकट की वस्तु/व्यक्ति की ओर संकेत करते हैं, उन्हें निकटवर्ती निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। इसके प्रमुख शब्द – यह, ये और इस हैं। उदाहरण – ‘यह मेरा बैग है।’ और ‘ये मेरे दोस्त हैं।’
  2. दूरवर्ती निश्चयवाचक सर्वनाम: जो सर्वनाम दूर स्थित वस्तु या व्यक्ति की ओर संकेत करते हैं, उन्हें दूरवर्ती निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। इसके प्रमुख शब्द – वह, वे और उस हैं। उदाहरण – ‘वह मेरा घर है।’ और ‘वे बच्चे खेल रहे हैं।’

अनिश्चयवाचक सर्वनाम

अनिश्चयवाचक सर्वनाम ऐसे शब्द हैं जिनसे किसी वस्तु या व्यक्ति का निश्चित बोध नहीं होता। इनमें कोई, कुछ, कोई भी, कोई नहीं, किसी का आदि शब्द आते हैं। उदाहरण– ‘किसी ने दरवाज़ा खटखटाया।’ यहाँ ‘किसी’ से यह पता नहीं चलता कि दरवाज़ा किसने खटखटाया। ये सर्वनाम तब उपयोगी होते हैं जब बोलने वाला व्यक्ति अस्पष्ट या सामान्य रूप से बात करना चाहता है।

उदाहरण:

  • कोई तो दरवाजे पर है।
  • सुनो, मुझे कुछ कहना है।
  • किसी ने मेरा बैग छुपाया।
  • यहाँ कोई नहीं है।
  • उसने कुछ खाया ही नहीं।
  • किसी को तो बुलाओ।
  • कोई तो मदद करो।
  • मुझे कुछ समझ नहीं आया।
  • किसी का फोन आया था।
  • कोई रास्ता जरूर निकल जाएगा।

प्रश्नवाचक सर्वनाम

प्रश्नवाचक सर्वनाम वे हैं जिनका प्रयोग प्रश्न पूछने के लिए किया जाता है। इनमें कौन, क्या, किसने, किसका जैसे शब्द आते हैं। इन सर्वनामों का उपयोग जानकारी प्राप्त करने के लिए होता है। उदाहरण– ‘कौन दरवाज़े पर आया है?’ यहाँ ‘कौन’ प्रश्नवाचक सर्वनाम है। बातचीत में प्रश्नवाचक सर्वनाम बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये संवाद को आगे बढ़ाते हैं और उत्तर की अपेक्षा करते हैं।

उदाहरण:

  • कौन आया है?
  • तुम क्या कर रहे हो?
  • किसने यह काम किया?
  • तुम किसको बुला रहे हो?
  • क्या यह सही है?
  • कौन तुम्हारा दोस्त है?
  • किसका बैग है?
  • किससे बात कर रहे हो?
  • क्या तुम तैयार हो?
  • कौन जीतेगा?

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संबंध-वाचक सर्वनाम

संबंध-सूचक सर्वनाम वे शब्द हैं जो वाक्य में संबंध व्यक्त करते हैं। इनमें जो, सो, जिस, जिसका, जिन्हें आदि शब्द आते हैं। इनका प्रयोग दो वाक्यों या उपवाक्यों को जोड़ने और उनमें संबंध स्पष्ट करने के लिए होता है। उदाहरण- ‘जो मेहनत करता है, वह सफल होता है।’ यहाँ ‘जो’ संबंधवाचक सर्वनाम है।

उदाहरण:

  • जो मेहनत करता है, सफलता उसे ही मिलता है।
  • जिसने सालों-साल तक मेहनत की, आज वही जीता।
  • जिसका घर बड़ा है, वह अमीर है।
  • जिसे तुम जानते हो, वह मेरी मां का भतीजा है।
  • जो आएगा, उसे इनाम मिलेगा।
  • जिसने पढ़ाई की, वह पास हुआ।
  • जिसका नाम रोहित है, वह यहाँ है।
  • जिसे बुलाया गया, वह आया।
  • जो सच बोलता है, वही महान है।
  • जिसका काम अच्छा है, उसे पुरस्कार मिलेगा।

सर्वनाम से जुड़े सामान्य नियम

सर्वनाम का सही प्रयोग करने के लिए कुछ आसान नियम हैं, जिन्हें जानना हर विद्यार्थी के लिए बहुत जरूरी है।

  • सर्वनाम का प्रयोग पुरुष (प्रथम, मध्यम, अन्य) और संख्या (एकवचन, बहुवचन) के अनुसार करें।
  • सर्वनाम का संदर्भ हमेशा स्पष्ट होना चाहिए। उदाहरण: उसने किताब पढ़ी। (यह पता होना चाहिए कि ‘उसने’ किसका मतलब है।)
  • निजवाचक सर्वनाम का प्रयोग तब करें जब कार्य स्वयं द्वारा किया गया हो। उदाहरण: मैंने स्वयं अपना कमरा सजाया।
  • संबंधवाचक सर्वनाम का प्रयोग वाक्यों के बीच संबंध स्पष्ट करने के लिए करें। उदाहरण: यह वही किताब है जो मैंने पढ़ी थी।
  • प्रश्न पूछते समय प्रश्नवाचक सर्वनाम का प्रयोग करें। उदाहरण: कौन आया? किसने यह किया?
  • अनिश्चयवाचक सर्वनाम का प्रयोग तब करें जब किसी व्यक्ति या वस्तु का पता निश्चित न हो। उदाहरण: कोई दरवाज़े पर खड़ा है। कुछ लोग पार्क में खेल रहे हैं।
  • सर्वनाम का सही प्रयोग वाक्यों को छोटा, सरल और प्रवाहपूर्ण बनाता है। उदाहरण: रमेश स्कूल गया। वह पढ़ाई कर रहा है।

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FAQs

सर्वनाम की परिभाषा क्या है?

संज्ञा के स्थान पर आने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं, जैसे: तुम, हम, आप, उसका, आदि I सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर आता है। आसान भाषा में कहें तो ‘सर्वनाम’ शब्द का अर्थ है, वह शब्द जो सभी नामों (संज्ञाओं) के स्थान पर प्रयुक्त हो सके।

सर्वनाम के 6 भेद कौन से हैं?

सामान्यतः हिंदी व्याकरण में सर्वनाम के 6 प्रमुख भेद बताए जाते हैं, हालांकि विभिन्न पुस्तकों में इनकी संख्या और वर्गीकरण में थोड़ा अंतर हो सकता है।

1. पुरुषवाचक सर्वनाम
2. निश्चयवाचक सर्वनाम
3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम
4. प्रश्नवाचक सर्वनाम
5. संबंधवाचक सर्वनाम
6. निजवाचक सर्वनाम

सर्वनाम को इंग्लिश में क्या कहते हैं?

सर्वनाम को इंग्लिश में Pronoun कहते हैं।

आशा है कि इस लेख में आप सर्वनाम के बारे में जान पाए होंगे, साथ ही इससे संबंधित जानकारी आपको पसंद आई होगी। इसी प्रकार के स्कूली एजुकेशन से संबंधित पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

5 comments
    1. धन्यवाद, आतिफ़ जी हमें खुशी है कि आपको हमारे ब्लॉग में दी गई जानकारी उपयोगी लगी। यदि आपके पास कोई और प्रश्न हो या भविष्य में हम किसी और विषय पर जानकारी प्रदान कर सकें, तो कृपया हमें बताएं। हम आपकी सहायता करने के लिए हमेशा तैयार हैं।

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