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इस प्रश्न का सही उत्तर ऑप्शन A है। हिंदी व्याकरण में प्रत्यय के मुख्यतः दो भेद माने जाते हैं, कृत् प्रत्यय और तद्धित प्रत्यय। जबकि संस्कृत में प्रत्यय के तीन भेद होते हैं।
प्रत्यय किसे कहते हैं?
किसी भी धातु या शब्द के पश्चात जुड़ने वाले शब्दांशों को प्रत्यय (Pratyay) कहा जाता है। आसान भाषा में कहें तो प्रत्यय वे शब्द होते हैं, जो दूसरे शब्दों के अंत में जुड़कर, अपनी प्रकृति के अनुसार, शब्द के अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं।
प्रत्यय के कितने भेद होते हैं?
हिंदी व्याकरण में प्रत्यय के मुख्यतः दो भेद माने जाते हैं जबकि संस्कृत व्याकरण में प्रत्यय के तीन भेद होते हैं:-
- कृत् प्रत्यय – जिन प्रत्ययों को धातुओं में जोड़कर संज्ञा, विशेषण या अव्यय आदि पद बनाए जाते हैं उन्हें कृत् प्रत्यय कहते हैं। कृत् प्रत्यय सात प्रकार के होते हैं।
- तद्धित प्रत्यय – वहीं संज्ञा शब्दों में जुड़ने वाले प्रत्ययों को तद्धित प्रत्यय कहते हैं। तद्धित प्रत्यय के नौ भेद होते हैं।
- स्त्री प्रत्यय – पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाने के लिए शब्दों में प्रयुक्त होने वाले प्रत्ययों को स्त्री प्रत्यय कहते हैं।
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